जल्द से जल्द अपना कद कैसे बढायें? How to Increase Height after in Hindi?

जल्द से जल्द अपना कद कैसे बढायें? How to Increase Height in Hindi?

जल्द से जल्द अपना कद कैसे बढायें? How to Increase Height after 18, 21, 25 in Hindi?

क्या आपका कद छोटा है?
क्या आप अपना कद बढ़ाना या ऊँचा करना चाहते हैं?

कद बढाने के बारे में बात करने से पहले में आपको कद से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बातें बताना चाहता हूँ। हर किसी व्यक्ति का कद उसके genetics से जुड़ा हुआ होता है यानिकी ऊँचे कद वाले माता-पिता के बच्चे ऊँचे होते हैं और कम कद वाले कद के माता पिता के बच्चे भी ज्यादातर कम कद के होते हैं।

लेकिंग ऐसा भी होता है की कुछ लोगों को कुछ बाहरी कारण से भी और अच्छा पौष्टिक आहार ना मिलने कि वजह से भी कम कद के मुश्किल को सहना पड़ता है। कद लम्बा तभी होता है जब किसी भी व्यक्ति के पैरों की हड्डियां लम्बी हों।

जैसे-जैसे कोई बच्चा बड़ा होता जाता है उसके पैरों कि हड्डी में विकास होते जाता है और वह नई हड्डियों को बना कर उनकी लम्बाई बाधा देता है। लड़कों को लगभग 20-21 वर्ष होने के बाद उनके हड्डियों का विकास बंद हो जाता है जबकि लड़कियों के शरीर कि हड्डियों का विकास उनके पहले मासिक धर्म के 2 साल बाद बंद हो जाता है।

जल्द से जल्द अपना कद कैसे बढायें? How to Increase Height after 18, 21, 25?

विश्व भर में लाखों करोड़ों लोग अपना कद बढ़ाना चाहते हैं जिसके लिए वो कई तरह के तरीकों को आज़मा रहे हैं। पर आज हम इस पोस्ट में कुछ बेहतरीन और सच्चे टिप्सआपको बताएँगे जो आपका कद बढाने के लिए बहुत मददगार साबित होंगे।

नोट : सबसे पहले अपने Doctor से मिलें और उनसे पता करें कि क्या अभी आपके हड्डियों का विकास और होना बाकी है या नहीं। यह सबसे ज्यादा ज़रूरी है। आपका डॉक्टर आपको कद बढाने के लिए सही health supplement  भी prescribe करेंगे।

चलिए आपको बताते हैं कुछ आसान तरीके जिससे की आप अपना कद ऊँचा कर सकते हैं –

1. स्वस्थ और पौष्टिक आहार Healthy and Nutritious diet

स्वस्थ और पौष्टिक आहार कद बढाने के लिए बहुत आवश्यक होता है। प्रोटीन युक्त भोजन मांशपेशियों को मजबूत बनांते हैं और ज्यादा फल और सब्जियों से शरीर को विटामिन और मिनरल्स मिलता है जिससे हड्डियों का विकास होता है।

हर दिन अच्छा कैलोरी युक्त भोजन करना बहुत आवश्यक होता है जिससे कि शरीर में हड्डियों का विकास अच्छे से हो सके। एक 18 साल के आयु के लड़के या लड़की को 1800-3200 कैलोरीज तक एक दिन में खाना चाहिए।

स्वस्थ और पौष्टिक खाना खाने के साथ-साथ यह ध्यान देना बहुत आवश्यक है कि खाना हमेशा समय पर खाएं।

2. खेल और व्यायाम में ध्यान दें Engage in Sports and Exercises

कई प्रकार के व्यायाम और खेल हैं जिनसे कद बढाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए कोई विशेष तो नहीं है पर आपको जिस भी प्रकार के शरीरिक व्यायाम पसंद हों आप कर सकते हैं। भले ही आप 18 के हों या 20 व्यायाम के माध्यम से आप अपने औसत कद से कुछ 1-2 इंच तो बढ़ा ही सकते हैं।

यह एक साधारण बात है कि आप जितना व्यायाम करोगे उतना आपका कद बढेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि ज्यादा व्यायाम से शरीर को ज्यादा कैलोरीज और पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है और जब कोई व्यक्ति पौषक चीजों का सेवन करता है तो विकास तो होना ही है।

व्यायाम से growth hormones में भी बढौतरी होती है जिससे शरीरी का विकास होता है।

तैरने से आपके पूरा शरीर का व्यायाम होता है और कम उम्र में तैरने से यह पाया गया है उन लोगों का कद अन्य लोगों से ज्यादा बेहतर होता है। हर दिन 2-3 घंटे और सप्ताह में कम से कम 4 दिन स्विमिंग व्यायाम करने से मांसपेशियों में खिंचाव आता है और हड्डियों का विकास अच्छे से होता है।

और भी कुछ महत्वपूर्ण व्यायाम जैसे बार्स में लटकने, पैरों की उँगलियों के बल पर शरीर को खींचने का व्यायाम, या skipping rope कि मदद से कूदने के व्यायाम कद लम्बा करने में बहुत मदद करते हैं।

3. अच्छी नींद सोयें Get Adequate Sleep

व्यायाम और खेलकूद के साथ अच्छी नींद सोना भी बहुत आवश्यक है। बहुत सारे शोधकर्ताओं ने पाया है कि 7-8 घंटे प्रतिदिन रात को सोने से शरीर का विकास अच्छे से होता है।

अच्छी नींद सोना बहुत आवश्यक होता है क्योंकि मनुष्य के शरीर का विकास तभी होता है जब वह आराम करता है। इसलिए प्रतिदिन रात को कम से कम 7 घंटे ज़रूर सोयें। अगर आपको अच्छी नींद नहीं आती है है तो अपने वातावरण को सोने अनुकूल बनायें और शांत जगह में जाएँ।

सोने से पहले गुन गुने या थोडा गर्म पानी से नहायें इससे अच्छी नींद आती है। अगर तब भी आपको नींद कि शिकायत हो तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

4. कैल्शियम , विटामिन डी तथा जिंक Get enough Calcium, Vitamin D and Zinc

कैल्शियम हड्डियों के लिए बहुत जरूरी होता है क्योंकि इससे हड्डी का विकास होता है। मक्खन, सोयाबीन, हरी सब्जियां, दूध से बने उत्पाद और दाल से शरीरी को कैल्शियम मिलता है।

विटामिन डी भी कैल्शियम कि तरह ही हड्डियों के विकास में बहुत उपयोगी होता है। मच्छी, मशरुम, दूध से बने उत्पाद, अंड्डा, आदि से शरीर को विटामिन डी मिलता है।

शरीरी के स्वस्थ विकास के लिए जिंक बहुत उपयोगी होता है। मटर, अंडा,चॉकलेट, आदि चीजों से शरीर को जिंक प्राप्त होता है।

5. सर्जरी Surgery

आज के आधुनिक युग में पैरों को लम्बा करने के लिए लोग सर्जरी भी करवा रहे हैं। इसमें पैरों के दोनों हड्डियों टिबिया और फिबुला को काट कर बिच में एक छोटा सा रोड फिट किया जाता है। यह एक लम्बा प्रोसीजर होता है और इसमें बहुत खर्चा भी होता है। इस सर्जरी में ज्यादा से ज्यादा ३ इंच तक कद बढाया जा सकता है।

हमने इस पोस्ट में कुछ आसान और असलियत के टिप्स दिए हैं जो तभी काम आते हैं अगर आपका कद किसी जेनेटिक कारण से ना छोटा हो। अगर आप अपना कद लम्बा करना चाहते हैं तो छोटी उम्र से ही अच्छा खाना, व्यायाम पर ध्यान दें।

यह पोस्ट मात्र रिफरेन्स के लिए है। डॉक्टर का सुझाव ही सबसे महत्वपूर्ण होता है इसलिए इन टिप्स को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर मिलें और सलाह लें।

कृत्रिम परिवेशी निषेचन / टेस्ट ट्यूब बेबी IVF – In Vitro Fertilization Treatment Details Hindi

2017 कृत्रिम परिवेशी निषेचन / टेस्ट ट्यूब बेबी IVF In Vitro Fertilization Treatment Details Hindi

2017 कृत्रिम परिवेशी निषेचन / टेस्ट ट्यूब बेबी IVF In Vitro Fertilization Treatment Details Hindi

IVF क्या है?
IVF के फायदे और नुक्सान?
टेस्ट ट्यूब बेबी क्या होता है?

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2017 कृत्रिम परिवेशी निषेचन / टेस्ट ट्यूब बेबी IVF In Vitro Fertilization Treatment Details Hindi

कृत्रिम परिवेशी निषेचन क्या है? What is In Vitro Fertilization Treatment in Hindi?

कृत्रिम परिवेशी निषेचन या इन विट्रो फर्टिलाइजेशन एक ऐसा आधुनिक ट्रीटमेंट है जिसमें पुरुषों के sperm और महिलाओं के eggs को शरीर से बाहर जोड़ा जाता है। बाद में उसे किसी महिला के गर्भाशय (uterus) में जोड़ दिया जाता है जो बाद में एक शिशु का रूप ले लेता है जिसके कारण वह महिला गर्भवती बनती है

कृत्रिम परिवेशी निषेचन किनके लिए मददगार साबित हुआ है? IVF Treatment is for Whom?

  • जिन महिलाओं का गर्भाशय कमज़ोर हो या उनके ovulation या eggs production में कुछ प्रॉब्लम हो तो वह IVF Treatment को अपना सकते हैं।
  • जिन महिलाओं के फैलोपियन ट्यूब में कोई रुकावट हो या रास्ता बंद हो।
  • अगर पुरुष का sperm count कम हो या sperm से जुडी कुछ प्रॉब्लम हो तो।
  • IVF वह सभी लोग अपना सकते हैं जिन्हें बांझपन (infertility) की प्रॉब्लम है।

आई भी एफ कैसे काम करता है? How IVF procedures done?

IVF एक Step by Step procedure है। आपको समझाने के लिए हमने इसको कुछ छोटे पॉइंट्स में बताया है।

  1. मासिक धर्म(Menstrual Cycle) के शुरू होने से 8-14 दिन पहले Gonadotropin दवाई दी जाती है जो एक प्रकार का दवाई है जिसकी मदद से अंडाशय(Ovaries) स्वस्थ और नए अंडे विकसित करता है।
  2. उसके बाद डॉक्टर जाँच करते हैं कि अंडाशय के किस भाग में eggs mature हैं।
  3. उसके बाद जब follicle तैयार हो जाते हैं एक इंजेक्शन लगाया जाता है जो eggs को fertilize होने के काबिल बनाते हैं।
  4. इस इंजेक्शन के 36 घंटों के बाद इन eggs को vagina के रास्ते से एक Ultrsound Probe के द्वारा follicles से निकल लिया जाता है। साधारण रूप से 15-18 eggs निकाले जाते हैं।
  5. एक embryologist इन eggs की जाँच करता है और उसे पुरुष के sperm के साथ मिला कर एक रात के लिए incubate कर के रखा जाता है।
  6. उसके 3 बाद कुछ eggs अच्छे से fertilize हो जाते हैं और 5 दिन में वो blastocysts बन जाते हैं जिनमें fluid भरा रहता है जो बच्चे और placenta के रूप में अलग होने लगता है।
  7. उसके बाद Embryologist उसमें से सबसे बेहतर embryo को चुन कर महिला के गर्भाशय में जोड़ देते हैं।
  8. उम्र और अच्छे से जाँच करने पर डॉक्टर 1-5 embryo महिला के गर्भाशय में रखते हैं।
  9. अगर सब कुछ सही तरीके से होता है तो वह महिला गर्भवती बन जाती है।

कृत्रिम परिवेशी निषेचन परिक्रिया में कितना समय लगता है? How long will IVF procedure takes?

कृत्रिम परिवेशी निषेचन या आई भी एफ की प्रक्रिया में 4-6 हफ्ते लगते हैं।

कृत्रिम परिवेशी निषेचन में सफलता की कितनी संभावना होती है? What’s the Success chances in IVF treatment?

40% संभावना34 या उसे कम आयु की महिलाएं
31% संभावना35-37 उम्र की महिलाएं
21% संभावना38-40 उम्र की महिलाएं
11% संभावना41-42 उम्र की महिलाएं
5% संभावना43 या उससे ज्यादा उम्र की महिलाएं

कृत्रिम परिवेशी निषेचन के फायदे और नुक्सान? Advantages and Disadvantages of IVF Treatment?

कृत्रिम परिवेशी निषेचन के फायदे Advantages of IVF Treatment

  1. जिन महिलाओं के गर्भाशय में कोई रोक या blockage है, कुछ को hormonal imbalance की problem है और उनके माँ बनने की आशा ना के बराबर है वह इस IVF तकनीक के माध्यम से अपने eggs और पुरुष के sperm की मदद से बच्चा पा सकते हैं।
  2. जिन माता-पिता को अधिक वर्ष हो चूका है और उन्हें बच्चे होने का संभावना ना दिख रहा हो वह भी IVF Treatment की मदद से अपने बच्चे पा सकते हैं।
  3. कुछ पुरुषों के sperm में problem होने के कारण couples infertility की मुश्किल से couples को भुगतना पड़ता है। ऐसे में IVF बहुत मददगार साबित हो चूका है।

कृत्रिम परिवेशी निषेचन के नुक्सान Disadvantages of IVF Treatment

  1. यह जरूरी नहीं है की IVF हमेशा सफल हो इसके Failure होने के भी 50-50% संभावना होते हैं।
  2. कभी-कभी इसमें साइड-इफ़ेक्ट जैसे ovarian hyper-stimulation syndrome (OHSS) होने की भी संभावना होती है।
  3. लगभग 20-30% IVF treatment में 2 या उससे ज्यादा बच्चे होते हैं।
  4. सबसे मुख्य बात IVF Treatment में बहुत ज्यादा पैसा खर्चा होता है। इसलिए IVF के लिए जाने से पहले इसके खर्चे के विषय में जानना बहुत जरूरी है।
  5. लोग उल्टा सीधा कहते हैं क्योंकि लोग अभी तक इस तकनीक को समझ नहीं पाए हैं।

भारत में कृत्रिम परिवेशी निषेचन में कितना खर्चा आता है? How Much IVF Treatment Cost in India?

IVF Treatment के खर्चे के बारे में बताने से पहले मैं आपको बताना चाहता हूँ की भारत में अन्य देशों के मुकाबले इसमें का खर्चा होता है। इसलिए धीरे-धीर कई देशों से लोग प्रति वर्ष लोग यहाँ आ रहे हैं।

भारत में अमरीका या अन्य पश्चिमी देशों के मुकाबले बहुत कम खर्च में IVF Treatment होता है जो एक अच्छी बात है। वैसे तो इसमें खर्च

अलग-अलग हॉस्पिटल में अलग-अलग प्रकार से है अगर साधारण रूप से सोचें तो खर्चा कुछ इस प्रकार से होता है  –

Basic IVF Treatment के Rates हैं –

एक IVF session के लिए लगभग 2,50,000 या इससे ज्यादा 5,00,000 तक भी जा सकता है।

Advanced IVF Treatment के Rates हैं –

IVF session के price के साथ-साथ ICSI के लिए 1,00,000-1,50,000 तक खर्चा हो सकता है। और FET (Frozen Embryo Transfer) procedure के लिए 1,20,000 तक खर्चा हो सकता है।

अश्वगंधा के फायदे और नुक्सान Ashwagandha Benefits Side Effects in Hindi

अश्वगंधा के फायदे और नुक्सान Ashwagandha Benefits Side Effects in Hindi

अश्वगंधा के फायदे और नुक्सान Ashwagandha Benefits Side Effects in Hindi

अश्वगंधा के लाभ व हानि क्या हैं?
पुरुषों के लिए अश्वगंधा के फायदे क्या हैं?
अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?
अश्वगंधा से शरीर पर होने वाले हानि क्या हैं?

अश्वगंधा क्या है? What is Ashwagandha?

अश्वगंधा (Ashwagandha) एक बहुत ही महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी है जिसे कई हजारों वर्षों से औषधि के रूप में उपयोग में लाया जा रहा है। यहाँ तक की इस आधुनिक काल में भी अश्वगंधा को बड़ी-बड़ी कंपनियां बेच रहे हैं।

अश्वगंधा को कई नामों से जाना जाता है जैसे Withania sominifera, Poison gooseberry, Indian ginseng या Winter cherry. यह जड़ी-बूटी खासकर सूखे क्षेत्रों में पाया जाता है जैसे उत्तर अफ्रीका तथा मध्य पूर्व भारत।

अश्वगंधा के बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ और कुछ दुष्प्रभाव भी हैं जिनके बारे में आज हमने इस पोस्ट में आपको बताया है। अश्वगंधा एक पूर्व भारतीय चिकित्सा प्रणाली है जिससे मनुष्य को चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत मदद मिली है। इसमें एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीऑक्सीडेंट जैसे लाभ भी हैं।

अश्वगंधा के विषय में पारंपरिक चीनी दवाईयों और आयुर्वेद में भी अच्छे से उल्लेख किया गया है।

अश्वगंधा के पौधे के विषय में कुछ बातें? About Indian Ginseng / Aswagandha Plant

  • अश्वगंधा का नाम दो शब्दों से जोड़ कर बनाया गया है – (अश्वा-घोडा और गंधा-गंध) यानि की घोड़े का गंध। इस जड़ी बूटी का गंध घोड़े के पसीने के जैसा होता है इसलिए इसका नाम अश्वगंधा रखा गया।
  • यह पौधा सूखे क्षेत्रों में उगता है।
  • यह समुद्र तल से 1500 मीटर तक की ऊंचाई के भीतर के जमीन पर उगता है।
  • अश्वगंधा को हजारों वर्षों से औषधि के रूप में उपयोग में लाया जा रहा है।
  • यहाँ तक की जापान के National Institute of Advanced Industrial Science and Technology ने अपने रिपोर्ट में यह कहा है कि कुछ हद तक अश्वगंधा कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने में भी रोक सकता है।

अश्वगंधा खाने का तरीका क्या है? How to take Ashwgandha?

अश्वगंधा का सेवन करने / या खाने के लिए नीचे दिए हुए जानकारी को पढ़ें –

  • अश्वगंधा के पाउडर / चूरन को आप चाहें तो दूध में मिला कर पी सकते हैं।। सबसे पहले 1/2 कप दूध को गरम कर लें और उसमें 1 छोटी चम्मच अश्वगंधा पाउडर, 1 छोटी चम्मच शहद मिलाकर, और 1/2 कप पानी मिलाकर धीमी आंच पर रखें। जब वह सभी मिलाकर एक कप के जितना हो जाये उसे ठंडा कर लें और पियें।
  • आप चाहें to अश्वगंधा के पाउडर को 10 मिनट तक पानी में उबल कर चाय के जैसे भी पी सकते हैं।

अश्वगंधा के फायदे और नुक्सान Ashwagandha Benefits Side Effects in Hindi

अश्वगंधा के फायदे Ashwgandha Benefits in Hindi

1. यह तनाव और चिंता दूर करता है It reduces Stress & Anxiety

बड़े-बड़े आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है की अश्वगंधा मनुष्य के दिमाग में उत्पन्न होने वाले तनाव और चिंता को दूर करता है। दिमाग में कोर्टिसोल हॉर्मोन (cortisol hormone) ही सभी चिंता का मुख्य कारण होता है। रिसर्च में पाया गया है कि 28 प्रतिशत तक दिमाग में stress कम कर देता है। साथ ही इसके इस्तेमाल से चिंता भी कम होती है और मन खुशनुमा रहता है।

2. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखता है Keeps Immune System Strong

अश्वगंधा के सेवन से प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) मजबूत और शरीर को स्वस्थ रखता है। इससे शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है और साथ ही इसमें कुछ मात्रा में मलेरिया-रोधी(antimalarial) और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं।

3. दुर्बलता को दूर करके शरीर को शक्ति प्रदान करता है Keeps away from Weakness & Provides Body Stamina

अश्वगंधा के नियमित इस्तेमाल से मांशपेशियों को ताकत मिलती है और शक्ति भी प्रदान करता है। इसका सही लाभ उठाने के लिए नियमिर रूप से इसका सेवन करना जरूरी है।

4. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण Anti-Inflammatory Properties

अश्वगंधा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए गए हैं जो शरीर में कई प्रकार के दर्द को दूर करता है। कई देशों के शोधकर्ताओं ने पाया की इसमें अल्कालॉयड और सपोनिंस की मात्रा बहुत अधिक होती है। यह कई प्रकार के दर्द और जकडन को दूर करता है।

5. एंटी-बैक्टीरियल गुण Antibacterial Properties

अश्वगंधा में एंटी-बैक्टीरियल गुण भी है जो बैक्टीरियल इन्फेक्शन को मनुष्य के शरीर से दूर करने की क्षमता रखता है। University of Allahabad in India के Centre for Biotechnology में कुछ रिसर्च के दौरान पाया गया है कि अश्वगंधा में अच्छे एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज भी पाए गए हैं। अश्वगंधा को मूत्रजनन, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, और श्वास नलिका के संक्रमण में उपयोगी पाया गया है।

6. दिमाग की शक्ति बढाता है Improve Memory Power

मन की चिंता और तनाव दूर करने के साथ-साथ यह दिमाग को ही तेज़ करता है। इसके नियमित लेने से दिमाग स्वस्थ रहता है और बिना किसी टेंशन के लम्बे समय तक आप काम कर सकते हैं। दूसरी चीज इसके खाने से दिमाग को शक्ति मिलती है और आप ज्यादा से ज्यादा चीजें ध्यान में रख पाएंगे। ऐसा नहीं है की आप अचानक ही बहुत कुछ अपने दिमाग में याद रखने लगेंगे पर इससे आपके दिमाग की याद रखने की शक्ति बढ़ जाएगी।

7. थायराइड ग्रंथि को सक्रीय करता है Stimulate Thyroid Gland

बहुत सारे लोगों को हाइपोथायरायडिज्म यानि की कम थाइरोइड की प्रॉब्लम होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनका थाइरोइड ग्रंथि अच्छे से सक्रीय रूप से कार्य नहीं करता है। यह पाया गया है कि अश्वगंधा के नियमित उपयोग से थाइरोइड ग्रंतियाँ उत्तेजित होती हैं और अच्छे से सक्रीय रूप से कार्य करती हैं।

8. पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन को बढाता है Increase Testosterone Hormone Level in Men

नियमित रूप से अश्वगंधा के उपयोग से स्वस्थ और अच्छे टेस्टोस्टेरोन की मात्र में ब्रुधि होती है। टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को सुरक्षित रूप से बढाने के लिए यह सबसे सुरक्षित रास्ता है। इससे थकावट और तनाव दूर होता है और सेक्स जीवन में सुधार आता है।

9. अच्छी नीदं प्रदान करता है Promotes Good Sleep

हर दिन के काम और इधर-उधर के टेंशन के बाद ज्यादातर लोगो को रात को नींद ना आने की शिकायत होती है। यानि की उन्हें insomnia की परेशानी होती है जिसका मुख्य कारण stress होता है। जैसे की हम पहले बात चुके हैं आपको कि अश्वगंधा तनाव और चिंता कम करने में बहुत मदद करता है इसलिए इसके इस्तेमाल से कम नींद आने वाले लोगों की शिकायत भी दूर होती है।

10. डायबिटीज के रोगियों के लिए उपयोगी Useful for Diabetic Patients

अश्वगंधा को बहुत ही पुराने समय से डायबिटीज के रोगियों के लिए बेहतरीन पाया गया है। खाना खाने से पहले अश्वगंधा का उपयोग , 4 हफ्तों तक करने पर डायबिटीज के रोगियों के सुगर लेवल में अच्छा कमी देखा गया है।

अश्वगंधा के नुक्सान Ashwgandha Side Effects in Hindi

वैसे तो अश्वगंधा पूरी तरीके से खाने के लिए सुरक्षित है। परन्तु इसके ज्यादा इस्तेमाल से कुछ प्रोब्लेम्स हो सकती हैं – जैसे

  • पेट में दर्द
  • उलटी
  • डायरिया

आशा करते हैं आपको यह पोस्ट “अश्वगंधा के फायदे और नुक्सान Ashwagandha Benefits Side Effects in Hindi” अच्छा लगा होगा।

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