फूल उत्पादन व्यापार Flower Production Business Benefits in Hindi

फूल उत्पादन व्यापार Flower Production Business Benefits in Hindi

आजकल फूलों की मांग बहुत अधिक है। गुलाब, गेंदा ,कारनेशन, ग्लेडीयोलस, जरबेरा, रजनीगंधा, एंथुरियम, डेहलिया, मोगरा, कॉसमॉस, गुलदाऊड़ी जैसे फूलों की मांग काफी होती है। आप भी इस रोजगार को अपनाकर लाभ कमा सकते हैं।

फूल उत्पादन व्यापार Flower Production Business Benefits in Hindi

फूलों की खेती के लिए आवश्यक बाते कुछ इस प्रकार हैं –

किस फसल की खेती करनी है?

सबसे पहले आपको यह पता करना है कि कौन सी फसल आप की जमीन को सूट करती है। किस फसल में कितना मुनाफा होता है। उदाहरण के लिए 1 एकड़ गुलाब की खेती करके 7 लाख रूपये तक कमा सकते हैं। गुलाब का पौधा एक बार लगाने पर 5 सालों तक फूल देता रहता है।

गुलाब, गेंदा, ,कारनेशन, ग्लेडीयोलस, जरबेरा, रजनीगंधा, एंथुरियम, डेहलिया, मोगरा, कॉसमॉस, गुलदाऊड़ी जैसे फूलों की मांग बहुत अधिक है। इसकी खेती करने से आपको अच्छा मुनाफा मिल सकता है। गेंदा का फूल साल के 12 महीना उपलब्ध रहता है।

इसलिए इसकी मांग भी बहुत अधिक है। पूजा में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। गेंदा से माला भी बनाई जाती है। इनका इस्तेमाल बहुत से कार्यक्रमों में होता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शादियो, नेताओं के स्वागत के लिए, दुल्हे की गाड़ी सजाने, वरमाला, मंदिरों में इसकी मांग बहुत अधिक होती है। इसके अलावा दीपवाली और अन्य त्योहारों में लोग गेंदे की बड़ी-बड़ी मालाएं बाजार से खरीदते है।

फूलों की प्रजातियों की जानकारी

फूलों की खेती करने के लिए आपको फूलों की प्रजातियों की जानकारी होनी चाहिए। कौन सी प्रजाति की फसल अच्छी होती है यह भी पता होना चाहिए। गेंदा की फसल के लिए अफ्रीकन और फ्रांसीसी गेंदा का उत्पादन करना चाहिए।

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इसमें अधिक मात्रा में फूल प्राप्त होता है। गुलाब के पौधे में नूरजहां और रानी साहिबा जैसी प्रजातियां ज्यादा फूलों का उत्पादन करती हैं। इसे बेचकर किसान मालामाल हो सकते हैं। गुलाब के फूलों की मांग बहुत अधिक है।

बहुत से आयुर्वेदिक उत्पाद गुलाब से बनाए जाते हैं। गुलाब जल का निर्माण भी गुलाब से किया जा सकता है। इसके अलावा इत्र (परफ्यूम) का निर्माण भी गुलाब से होता है।

बाजार में गुलाब की मांग बहुत अधिक है। वैलेंटाइन, डे मदर्स डे, शादियों समारोहों, जन्मदिन में इसकी बहुत मांग होती है। बहुत से किसान गुलाब की खेती करके हर महीना 40 50 हजार कमा लेते हैं।

जलवायु और मौसम

फूलों की खेती करनी चाहिए आपको पता होना चाहिए कि कौन से फूल की खेती किस मौसम में करनी है। बुवाई के समय के बारे में आपको पता होना चाहिए। किस फूल को कितनी मात्रा में पानी देना है, कैसे फूलों की निराई गुड़ाई भी करनी है ये पता होना चाहिये।

खरपतवार को बाहर करना होता है। फूलों के पेड़ बहुत नाजुक होते हैं इसलिए उनको सहारा देने के लिए बांस के खम्भे, डंडे वगैरा लगाकर पौधों की सहारा दिया जाता है। बहुत से फूलों को रस्सी से बांधना पड़ता है जिससे भी नीचे ना गिरें।

मिट्टी

फूलों की खेती के लिए मिट्टी का मुलायम, उर्वर और भुरभुरा होना बहुत आवश्यक है। सही समय पर पानी देना चाहिये। किस मिट्ठी में कौन से फूल की पैदावार अच्छी होती है यह पता होना चाहिये। जैसे गुलाब दोमट और बलुई दोनों प्रकार की मिट्ठी में आसानी से उगाया जा सकता है।

बीज

फूलों की खेती के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज लेना चाहिए जिससे फसल अच्छी हो। अनेक किसान फूलों को सुखाकर अपने बीज खुद बना लेते है।  

रोगों का निवारण

फूलों के पौधों में भी रोग लगते हैं जिससे बचने के लिए आवश्यक कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है। इसलिए आपको इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। फूलों का उत्पादन करने वाले किसानों से आप इस तरह की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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फसल से फूल तोड़ना

फूल तोड़ने के समय वातावरण में नमी होना चाहिए और धूप कम से कम रहे। यदि धूप में फूल तोड़े जाएंगे तो वे बहुत जल्दी सूख जाएंगे और नष्ट हो जाएंगे।

इसलिए अधिकतर किसान सुबह के समय ही फूल तोड़ लेते हैं। एक एकड़ में 30 कुंटल तक गेंदे के फूलों का उत्पादन होता है जिसे बेचकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

टूटे हुए फूलों का भंडारण

फसल से फूल तोड़ने के बाद उसका भंडारण शीतग्रह (कोल्ड स्टोर) में करना चाहिए जहां का तापमान 0 से 1.6 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए.

फूलों की मार्केटिंग

फूलों को आप दुकानों पर बेच सकते हैं। इनकी मांग बहुत अधिक होती है। यह  तुरंत ही बिक जाता है। इसके अलावा आप फूलों के बुके (गुलदस्ते) बनाकर भी ऊंची कीमत पर बेच सकते हैं। इसके लिए आपको फूल बांधने की कला सीखनी होगी।

शादी, समारोह, पार्टिस में भी आप फूलों की सप्लाई कर सकते हैं। शादियों में मंडप, जयमाल स्टेज सजाकर बहुत अच्छी आमदनी कर सकते हैं। आजकल तो एक मंडप, जयमाल स्टेज को फूल से सजाने का 5000 से 10000 रूपये तक लग जाता है।

फूलों की मार्केटिंग बहुत तरह से होती है। कई बार किसान अपनी फसल को ठेकेदारों को बेच देते हैं। वे आकर फूल तोड़ते हैं और उनको बाजार ले जाते हैं।

भारत में फूलों की खेती की संभावनाएं

वर्ष 2013- 14 में भारत ने 455 करोड रुपए के फूलों का निर्यात किया। हमारे देश के फूलों की मांग संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, कनाडा, नीदरलैंड, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में बहुत है ।

भारत में होने वाले फूलों के कुल व्यापार का 50% तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के किसान उगाते हैं। दिल्ली में फूलों की सबसे बड़ी मंडी है। भारत में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल प्रमुख रूप से फूलों का उत्पादन करते हैं।

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