प्रदुषण पर 10 वाक्य (लाइन्स) 10 Lines on Pollution in Hindi

आज के इस लेख में हमने प्रदुषण पर 10 वाक्य (लाइन्स) प्रस्तुत किया है 10 Lines on Pollution in Hindi.

प्रदुषण के विषय में 10 लाइन जिनसे आप इसके विषय में आसानी से जान सकते हैं –

1. प्रदुषण की समस्या हमारे विश्व की सबसे बड़ी समस्या है। जिस कारण हमारा जीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। यह प्रदुषण हमारे जीवन का काल बन चुका है। प्रदुषण कई प्रकार के होते है जैसे जल प्रदुषण, ध्वनि प्रदुषण, वायु प्रदुषण, भूमि प्रदुषण आदि

Air Pollution (Pixabay)

2. वायु प्रदुषण से आशय है, जो प्रदुषण हमारे वातावरण में चारों ओर फैला हुआ है जैसे हमारे यातायात के साधन जिनसे बहुत ही खतरनाक गैसे निकलती है, जो हमारे लिये बहुत ही हानिकारक होती है जिनसे हमें कई प्रकार की साँस लेवा बिमारियाँ हो सकती है जो हमारे लिये जानलेवा हो सकती है।

3. रेफ्रिजरेटर और हमारे घरों में उपयोग होने वाले एयरकंडीशन से निकलने वाली CFC गैस से हमारी पृथ्वी की रक्षा करने वाली ओजोन परत का बहुत नुकशान हो रहा है और इस परत का छेद बढ़ता ही जा रहा है।

Noise Pollution

4. धवनि प्रदुषण भी विश्व में एक समस्या का कारण बना हुआ है। आजकल के समय में शांति और सुकून तो जैसे खो ही गया है लोगों के घरों से आने वाली आवाज़ और शादी पार्टियों से जो कौतुहल निकलता वो तो हमारे कानों के लिए नुकशानदायक है। आजकल बच्चे दिनभर अपने कानों में हैडफ़ोन्स लगाकर गाने सुनते है टीवी देखते है, जो कि हमारे कानों के परदे में खराबी पैदा कर सकता है।

5. जल प्रदुषण से हमारा तात्पर्य है, जो गंदगी हम अपने प्राकृतिक जल स्त्रोत में बढ़ाते जा रहे है जिसके कारण हम कल पीने के पानी के लिये भी तरस जायेंगे। नदियों के जल में हम अपने घरों की गंदगी डाल देते है, जिससे यह पानी अब पीने योग्य नहीं बच पा रहे है।

Soil Pollution

6. हम जल में प्लास्टिक की वस्तुये भी डाल देते है जिससे नदियों में आज इतनी प्लास्टिक बढ़ चुकी है कि लगता है पानी में कोई छोटी बड़ी नाव चारों तरफ तैर रही है हम आज भी चाहे तो इस प्रदुषण को कम कर सकते है इसके लिये सबको मिलकर एक कदम उठाना है, जिससे आसानी से हम जल प्रदुषण को रोक सकते है।

इसे भी पढ़ें -  बटलर कमेटी का इतिहास - 1927 History of Butler Committee in Hindi

7. अब हमारे विश्व में प्लास्टिक भी एक प्रदुषण की जहग ले चुका है क्यों कि घरों में हम ज्यादातर चीजे प्लास्टिक की बनी उपयोग करते है क्योंकि यह सस्ती भी मिलती है और हम अपनी ज़रूरत अनुसार इससे बने सामान आसानी से उपयोग कर सकते है जिस कारण प्लास्टिक प्रदुषण भी बढ़ता जा रहा है। इसको इधर उधर फेकने की अपेक्षा हमें इसे रीसायकल के लिये अपने घर में रखना चाहिये और जब बहुत सारा प्लास्टिक इकठ्ठा हो जाये तो इसे रिसायकल करने वाले सेंटर में देना चाहिये इससे प्लास्टिक प्रदुषण से बचा जा सकता है।

8. मृदा के भौतिक,रासायनिक, या जैविक गुणों में जो अवांछनीय परिवर्तन होता है जो कि हमारी भूमि के लिये नुकशानदायक होता है जो हमारी मिट्टी की उर्वरकता को कम करता है इसप्रकार के प्रदुषण को भूमि प्रदुषण के नाम से जाना जाता है।

9. भूमि प्रदूषक के रूप में हानिकारक पदार्थ है जैसे कि कैडमियम,कीटनाशक,रासायनिक उर्वरक, जहरीली घास आदि मिट्टी को प्रदूषित बनाती है इन सब से दूरी बनाकर हम इसके प्रदुषण को रोक सकते है।

10. प्रदुषण की समस्या बढ़ने का सबसे पहला कदम मानव ने ही उठाया था और अब यह समस्या विश्व में अब इतनी बढ़ चुकी है कि यह एक विकराल रूप ले चुकी है इसका समाधान जल्दी न किया गया और मानव अगर आज इस बात को नहीं समझा तो इसका निराकरण मुश्किल हो जायेगा तो आइये हम आज से ही प्रदुषण फ़ैलाने वाले कामों को रोक लगायेंगे और अपना भारत स्वच्छ बनायेंगे।    

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.