बटलर कमेटी का इतिहास – 1927 History of Butler Committee in Hindi

इस लेख में हमने बटलर कमेटी का इतिहास History of Butler Committee in Hindi के बारे में बताया है। यह कब हुआ था, किस प्रकार की सिफारिशें की गयी थी और इसकी निंग क्यों हुई थी इसके बारे में पूरी जानकारी दी है।

बटलर कमेटी का स्थापना कब हुयी थी? When Butler Committee was appointed?

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सर हरकोर्ट बटलर की अध्यक्षता में 1927 में भारतीय राज्य समिति ने एक कमेटी का गठन किया गया जिसका नाम था बटलर कमेटी (हरकोर्ट बटलर समिति)। इसकी स्थापना साइमन कमीशन से कुछ पहले हुयी थी। बटलर कमेटी में तीन सदस्य थे। जिसमें से हरकोर्ट बटलर प्रमुख व्यक्ति थे।

इस समिति के द्वारा भारत में 16 राज्यों का भ्रमण  किया और फिर सन 1929 में इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी। जिसमें राज्यों में रहने वाले राजकुमारों की सारी शक्तियों  की जांच और स्पष्टीकरण किया गया था इस कमेटी को बटलर की कमेटी के रूप में जाना जाता है। 

जब प्रथम विश्व युद्ध हो रहा था तो उस समय भारत के राजाओं  ने विदेशी शासकों की बहुत सहायता की थी और जब युद्ध का अंत हुआ तो भारत में एक उत्तरदायी शासन के विकास करने की सफल योजना बनायीं गयी जिसमें ब्रिटिश सरकार और देशी शासकों के बीच के सम्बन्ध का व्याख्या किया गया।  

जब ब्रिटिश सत्ता को परिभाषित करने की आवश्यकता महसूस हुयी तब 1927ई . में  इस सम्बन्ध में उचित राय देने के लिये इंडियन – स्टेट्स- कमेटी जो कि इतिहास में बटलर समिति के नाम से विख्यात हुयी है इसे बटलर कमेटी का नाम दिया गया। यह कमेटी का गठन बटलर की अध्यक्षता में हुआ।

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बटलर समिति की कुछ सिफारिशें Recommendation of Butler committee

  1. इसमें वायसराय ब्रिटिश साम्राज्य का प्रतिनिधि बने।
  2. विदेशी शासक और भारतीय  सरकार की प्रक्रिया को बिना देशी राजाओं की अनुमति बिना भारत सरकार को हस्तांतरित नहीं किया जाये।
  3. राज्य में परिषद बनाने की योजना ख़त्म कर दी जाए।
  4. देशी राज्यों के शासन में हस्तक्षेप करना केवल वायसराय के अधिकार के अंतर्गत रहने दिया जाये। 
  5. देशी राज्यों और भारत सरकार के मनु मुटाव का निपटारा  करने के लिये कुछ विशेष समितियां नियुक्त की जाये।
  6. ब्रिटिश  और देशी राज्यों के बीच जो भी आर्थिक संबंधों की जाँच करना हो उसके लिये एक समिति नियुक्त की जाये।
  7. शिक्षा का अलग प्रबंध किया जाये और वे इंग्लैंड के विश्वविद्यालय से लिए जाये। राजनीतिक पदाधिकारियों की नियुक्ति किये जाये।

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बटलर कमेटी की भारत के जनता द्वारा निंदा : Why Butler committee was condemned by the people of India?

बटलर समिति की लोगों द्वारा निंदा भी खूब की गयी क्योंकि इसके नेताओं ने सब एक से एक नये सिद्धांत का आविष्कार किया  था। समिति की जो रिपोर्ट बनाई गयी थी उसमें स्पष्ट रूप से बताया गया था, कि जो देशी राज्यों थे उनका सम्बन्ध भारत सरकार से नहीं बल्कि सीधे ब्रिटिश सरकार से था।  

पर इस सम्बन्ध का कोई ऐतिहासिक आधार नहीं था बल्कि भारत सरकार और देशी राज्यों की आपस में ही  एक बड़ी दीवार खड़ी करने के उद्देश्य से ही इसका आविष्कार किया गया था इसतरह बटलर समिति की कुछ भारतीयों ने कड़ी आलोचना भी की थी। 

श्री सी. वाई. चिंतामणि का कहना था  कि “ बटलर कमेटी का जन्म ही बुरे समय में हुआ, इसके जाँच सारे तरीके गलत थे और इसमें काम करने वाले अधिकारी भी बुरे थे और उनके काम  अच्छे से नहीं करना आता था और साथ ही साथ इसके निष्कर्ष भी बेकार ही थे।  

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निष्कर्ष :

इस कमेटी के गठन का एकमात्र उद्देश्य परम सत्ता और नरेशों के बीच के आपसी संबंधों से जुड़े सारे मुद्दों की जाँच पड़ताल करना था। इसका नाम राजाओं के बीच के संबंधों की बेहतरीन सुलह के लिये सुझाव देना था, ताकि ब्रिटिश भारत और भारतीय रियायतों के बीच शांतिपूर्ण संबंधों की स्थापना की जा सके।

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