शहरी जीवन के फायदे और नुकसान Advantage and Disadvantage of City Life in Hindi

शहरी जीवन के फायदे और नुकसान Advantage and Disadvantage of City Life in Hindi

दोस्तों, आजकल सभी लोग शहरों में रहना चाहते हैं। बड़ी मात्रा में लोग रोजगार की तलाश में गांव से शहरों की ओर पलायन करते हैं। पर शहरों में रहने के जहां कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं। इस लेख में हम आपको शहरी जीवन के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में बताएंगे।

शहरी जीवन के फायदे और नुकसान Advantage and Disadvantage of City Life in Hindi

शहर में रहने के फायदे Advantages of City Life in Hindi

1. रोजगार की अधिक संभावना

ज्यादातर लोग शहरों में रोजगार पाने के लिए जाते हैं। बड़े शहर में नौकरी आसानी से मिल जाती है, जबकि छोटे शहर और कस्बे में नौकरी की बहुत दिक्कत होती है।

2. बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

बड़े शहरों में बहुत सारे सरकारी और निजी अस्पताल होते हैं, जहां पर लोग आसानी से अपना इलाज करा सकते हैं। छोटे शहरों में अस्पताल और डॉक्टरों की बड़ी किल्लत होती है। यही वजह है कि बहुत से लोग बड़े शहरों में रहना चाहते हैं।

3. बेहतर स्कूल और विश्वविद्यालय

बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई में बहुत सारे स्कूल और विश्वविद्यालय होते हैं जहाँ पर पढ़कर विद्यार्थी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

शहरों के स्कूलों में टीचर, प्रोफेसर उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं। इसके अलावा कई कोचिंग संस्थान भी होते हैं जो सरकारी नौकरी, बैंकिंग, आईएस पीसीएस, मेडिकल, इंजीनियरिंग की कोचिंग देते हैं।

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4. मनोरंजन के पर्याप्त साधन

शहरों में मनोरंजन के पर्याप्त साधन होते हैं। सभी बड़े शहरों में सिनेमा हॉल, घूमने, पिकनिक मनाने की जगह, पार्क, पब्लिक लाइब्रेरी, थिएटर, बाजार, चिड़ियाघर जैसी चीजें होती हैं, जहां पर लोग जाकर आसानी से अपना मनोरंजन कर सकते हैं।

वहीं दूसरी ओर गांव में इस तरह की कोई सुविधा नहीं होती है। शहर की जिंदगी गांव की तुलना में अधिक चमक धमक से भरी होती है।

5. रहने की बेहतर सुविधाएं

शहरों में रहने के लिए बेहतर सुविधाएं होती हैं जैसे 24 घंटे बिजली उपलब्ध होती है। पक्की सड़के बनी होती हैं। लोगों को आने जाने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है।

शहरों में परिवहन के लिए बस, ट्रेन, मेट्रो ट्रेन, टैक्सी, कैब जैसे बहुत से साधन उपलब्ध होते हैं। जिनकी मदद से कहीं भी आसानी से जाया जा सकता है।

6. व्यापार के अनेक केंद्र

शहरो में व्यापार के अनेक केंद्र होते हैं जहां पर लोग व्यापार करते हैं और मुनाफा कमाते हैं। बड़े शहरों में नए उद्योग धंधे विकसित होने की संभावनाएं बहुत होती हैं।

यही वजह है कि नए व्यापारी अपने उद्योग धंधों को शहरों में शुरू करना चाहते हैं, जबकि गांव में इस तरह की कोई संभावना नहीं होती है।

7. हर तरह के बाजार की उपलब्धता

बड़े शहरों में रहने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि वहां पर हर तरह के बाजार होते हैं। कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, खाने पीने की चीजें, हार्डवेयर, दवा, किताबें, कॉपियां, फैशन की वस्तुएं, कॉस्मेटिक्स, घर सजावट के सामान जैसे हर प्रकार की वस्तुओं के बड़े बड़े बाजार होते हैं।

जहां पर हर तरह की चीज मिल जाती है। जबकि छोटे कस्बों और गांवों में बाजार बहुत छोटे होते हैं। कई बार लोग शादियों की शॉपिंग के लिए लखनऊ, कानपुर, दिल्ली जैसे बड़े महानगरों में जाते हैं।

शहर में रहने के नुकसान Disadvantages of City Life in Hindi

दोस्तों शहरों में रहने के एक तरफ जहां अनेक फायदे हैं वहीं दूसरी तरफ कुछ नुकसान भी हैं जो इस प्रकार हैं-

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1. भागदौड़ भरा जीवन

शहरों में हर व्यक्ति आपको भागता हुआ दिखाई देगा। किसी के पास जरा सा भी समय नहीं होता है। सुबह उठने से लेकर रात में घर आने तक लोग व्यस्त दिखाई देते हैं।

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वे सभी काम बहुत जल्दी जल्दी करते हैं। कई बार तो शहरों का जीवन इतना व्यस्त रहता है कि अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने का समय ही नहीं मिल पाता है।

2. प्रदूषण की समस्या

शहरों में प्रदूषण की बड़ी समस्या पाई जाती है। वाहनों की अधिक संख्या के कारण वायु प्रदूषण बहुत अधिक होता है। लोगों का प्रदूषित धुए से जीना मुश्किल हो जाता है।

इसके साथ ही शहरों का पानी भी साफ नहीं होता है। शहरों के पानी में विभिन्न प्रकार के हानिकारक तत्व पाए जाते हैं। शहरों में कचरा बहुत अधिक होता है। ध्वनि प्रदूषण के कारण लोगों को बहुत दिक्कत होती है।

शहरों में अनेक फैक्ट्रियां और कारखाने होते हैं जो लगातार अपशिष्ट पदार्थों को नदियों और नालों में विसर्जित करते रहते हैं जिससे जल प्रदूषण बढ़ता है। शहरों में गरीब लोग झुग्गी बस्तियों (slums) में रहने को मजबूर होते हैं।

3. पानी की कमी

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे सभी बड़े शहरों में पानी की बहुत कमी है। हर व्यक्ति को एक निश्चित मात्रा में पानी इस्तेमाल करने के लिए मिलता है।

बड़े शहरों में लोगों को पीने का साफ पानी खरीदकर पीना पड़ता है। हर बड़ा शहर पानी की समस्या से जूझ रहा है।

लोगों को लाखों रुपए खर्च करके बोरिंग करानी पड़ती है तब जाकर उन्हें पानी मिलता है। कभी-कभी तो पानी की कमी के कारण दो दिन तक बिना पानी के भुगतना पड़ता है।

ड़े शहरों में लोगों को पीने का साफ पानी खरीदकर पीना पड़ता है। हर बड़ा शहर पानी की समस्या से जूझ रहा है। लोगों को लाखों रुपए खर्च करके बोरिंग करानी पड़ती है तब जाकर उन्हें पानी मिलता है। कभी-कभी तो पानी की कमी के कारण दो दिन तक बिना पानी के भुगतना पड़ता है।

4. अपराध की बढ़ती संख्या

शहरों में गांव की तुलना में अपराध की संख्या बहुत अधिक होती है। आये दिन चोरी, लूटमार, हत्या, अपहरण, महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाएं सुनने को मिलती हैं।

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अपराध की संख्या इतनी अधिक होती है कि पुलिस भी उन्हें नियंत्रित नहीं कर पाती है। शहरों में महिलाएं भी स्वयं को असुरक्षित महसूस करती हैं।

5. लोग अकेलेपन का शिकार बन जाते हैं

शहरों में हर कोई पैसे के पीछे भागता हुआ प्रतीत होता है। शहरों का जीवन भौतिकवादी होता है। हर व्यक्ति के मन में अधिक से अधिक पैसा कमाकर गाड़ी, बंगला, कार जैसी चीजें लेने की इच्छा होती है।

लोग इतने अधिक व्यस्त रहते हैं कि एक दूसरे से बात भी नहीं कर पाते हैं। शहरों में लोगो के पास अपने पड़ोसियों से बात करने का समय ही नहीं होता है। कई लोग तो अकेलेपन का शिकार बन जाते हैं और अवसाद, तनाव से ग्रस्त हो जाते हैं।

6. स्वार्थ की अधिकता

शहरों में लोग गांव की तुलना में अधिक स्वार्थी होते हैं। वह आपसे तभी दोस्ती करते हैं जब उन्हें किसी तरह का लाभ मिलता है। जब उन्हें कोई लाभ नहीं होता तो वह आपसे बात भी नहीं करते हैं।

जबकि गांवों और छोटे शहरों में ऐसा नहीं होता है। गांव में तो लोग निस्वार्थ भाव से आपकी मदद करते हैं। लोगों में भाईचारा बहुत अधिक होता है। पर शहरों में स्वार्थ की अधिकता पाई जाती है।

7. शहरों में खर्चीला जीवन

यह बात तो आप जानते होंगे कि शहरों में रहना बहुत ही खर्चीला होता है। बस, ट्रेन, टैक्सी का किराया अधिक होता है। सभी चीजें खरीदनी होती हैं।

शहरों में मकान भी बहुत ऊंची दर पर मिलते हैं। वहां खाने-पीने की वस्तुएं और सब्जियां भी बहुत महंगी होती है।

 निष्कर्ष

अंत में हम इसी निष्कर्ष पर आये हैं कि चाहें गाँव हो या शहर हर किसी क्षेत्र के कुछ लाभ और हानि होते हैं। हलाकि आज के भारत में गाँव क्षेत्र भी अब पीछे नहीं हैं क्योंकि हर किसी क्षेत्र में अस्पताल, रोड, नेटवर्क और शिक्षा की सुविधाएँ उपलब्ध होने लगी हैं। शहरों का जीवन ज्यादा मुश्किल भरा होने लगा है ट्रैफिक और प्रदुषण के कारन जिन्हें हमें कम करना होगा।

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