अलेक्जेंडर ग्राहम बेल की जीवनी Alexander Graham Bell Biography in Hindi

इस लेख में आप हिंदी में अलेक्जेंडर ग्राहम बेल की जीवनी (Alexander Graham Bell Biography in Hindi) पढ़ेंगे। इसमें ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल का परिचय, प्रारम्भिक जीवन, शिक्षा, करिअर, प्रमुख आविष्कार, निजी जीवन और मृत्यु के बारे में जानकारी दी गई है।

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का परिचय Introduction to Alexander Graham Bell in Hindi

इतिहास केवल उन्हीं लोगों का नाम याद रखता है,  जिसने भीड़ से अलग कुछ नया करके दिखाया है। सदी के महान अविष्कारों में से एक ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल ने दुनिया को एक बहुत बड़ा तोहफा दिया है। 

यह सत्य है कि आज के टेक्नोलॉजी की दुनिया में बिना मोबाइल फोन और इंटरनेट के लोग अपनी जीवन की कल्पना नहीं कर सकते हैं। मोबाइल फोन आधुनिक युग में लोगों के परिवार का एक सदस्य बन चुका है। 

सर अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को टेलीफोन संचार की जगत में क्रांति लाने के लिए याद किया जाता है। स्कॉटलैंड में जन्मे ग्राहम बेल कई प्रतिभाओं के धनी थे। एक महान वैज्ञानिक, इंजीनियर, अविष्कारक और एक शिक्षक के रूप में उन्होंने कार्य किया है। एक कहावत है कि हर सफल व्यक्ति के पीछे एक महिला का हाथ होता है। 

ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल के एक सामान्य इंसान से लेकर एक महान वैज्ञानिक बनने के पीछे एक महिला का योगदान भी रहा है। ग्राहम बेल की माता और पत्नी के अलावा परिवार के कुछ और सदस्य सुनने में पूरी तरह से असमर्थ थे। 

उनके अविष्कारों के पीछे उनकी मां का बहरापन एक महत्वपूर्ण कारक था, जिसने उन्हें श्रवण संचार के ऊपर अविष्कार करने के लिए प्रेरित किया।

हालांकि सर ग्राहम बेल मुख्य रूप से टेलीफोन के अविष्कारक के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन इसके अलावा उन्होंने बहुत सारे महत्वपूर्ण अविष्कार भी किए थे, जिनमें मेटल डिटेक्टर, उड़ान प्रौद्योगिकी, ग्राफ़ोफोन, ट्विस्टेड पेयर इत्यादि जैसे कई अविष्कार शामिल हैं। 

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का जन्म व प्रारंभिक जीवन The Birth and Early Life of Alexander Graham Bell in Hindi

स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग में 3 मार्च 1847 के दिन ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम अलेक्जेंडर मेलविल बेल और माता का नाम एलिजा ग्रेस साइमंस बेल था। 

ग्राहम बेल के पिता पेशे से एक शिक्षक थे, जो गूंगे और बहरे लोगों को शिक्षा देने का काम करते थे। उनकी माता एक गृहणी थी, जो सुनने में असमर्थ थी। बेल के दो भाई थे, एडवर्ड चार्ल्स बेल और मेल्विले जेम्स बेल जिनकी टीबी रोग होने के कारण मृत्यु हो गई थी।

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बचपन से ही ग्राहम बेल बेहद संवेदनशील प्रकृति के थे। वे एक जिज्ञासु प्रकृति के बालक थे, जो हमेशा कुछ नया सीखने और जानने की इच्छा रखते। इसके अलावा उनकी रूचि कला के क्षेत्र में भी थी। ग्राहम बेल की मां बहरी जरूर थी, लेकिन वह अपने बेटे के इस प्रतिभा को पूरा प्रोत्साहन देती थी। 

ग्राहम बेल एक ऐसे बच्चे थे, जो किताबों से अलग हटकर नई चीजों को सीखने में विश्वास रखते थे। बचपन में ही वह घूम घूम कर वनस्पति के दुर्लभ पौधों के नमूनों को इकट्ठा कर उनपर प्रयोग किया करते थे। बेहद कम उम्र में ही उन्होंने कई भाषाओं का ज्ञान प्राप्त कर लिया था। 

छोटे ग्राहम बेल का लगाव अपनी माता की ओर अधिक था। वह अक्सर अपनी मां के बहरेपन के कारण निराश और दुखी रहते थे। ग्राहम बेल के पिता, भाई और दादा दोनों ही वाकपटुता के कार्य से जुड़े थे और वे गूंगे और बहरे लोगों का जीवन सरल बनाने के लिए काम किया करते थे। 

बचपन में बेल के पिता उन्हें और उनके भाइयों को विजिबल स्पीच के विषय में सिखाते थे, इसके अलावा ध्वनियों की पहचान करना भी सिखाते थे। 

अगले कुछ सालों में ही अलेक्जेंडर ग्राहम बेल अपने पिता के साथ सार्वजनिक प्रदर्शनों में जाने लगे, जिससे आने वाले कुछ वर्षों के अंदर ही वह कई भाषाओं को पढ़ने और लिखने में सक्षम हो गए। 

दुनिया की सबसे कठिन भाषा माने जाने वाली संस्कृत से लेकर लैटिन और स्कॉटिश गैलिक जैसी लगभग बहुत सारी भाषाओं  के विजिबल स्पीच को ग्राहम बेल समझने लगे थे। जिस कारण उनके पिता उनसे बहुत प्रभावित हुए। 

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल की शिक्षा Education of Alexander Graham Bell in Hindi

दूसरे बच्चों की तरह ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल की प्रारंभिक शिक्षा भी घर पर ही प्रारंभ हुई थी। बाद में उन्हें  एडिनबर्ग में रॉयल हाई स्कूल में डाला गया। जीव विज्ञान के अलावा उन्हे किसी दूसरे विषय में बिल्कुल भी रुचि नहीं थी, जिससे उनके पिता बहुत निराश थे। 

ग्राहम बेल ने दूसरे अन्य विषयों में संतुलन बनाने की कोशिश की लेकिन वह नाकामयाब रहे और 15 साल की उम्र में ही उन्होंने स्कूल छोड़ दिया। 

स्कूल छोड़ने के बाद अपने दादा अलेक्जेंडर बेल के साथ वह लंदन रहने चले गए। जहां उन्होंने कई साल अपने दादा के साथ बिताए और बहुत महत्वपूर्ण चीजों को सिखा। मात्र 16 साल की उम्र में ही स्कॉटलैंड के वेस्टर्न हाउस अकैडमी में ग्राहम बेल ने एक संगीत शिक्षक के रूप में कार्य किया। 

ग्राहम बेल के भाई मेल्विन बेल ने एडिनबर्ग विश्वविद्यालय में भाग लिया था, इसके बाद ग्राहम बेल ने भी अगले ही साल वहां दाखिला करवा लिया। अपनी मैट्रिक की परीक्षा पूरी करने के पश्चात उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में दाखिला लिया। इसके बाद 1868 में बेल और उनका पूरा परिवार कनाडा रहने के लिए चला गया। 

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल करिअर Alexander Graham Bell career in Hindi

बोस्टन विश्वविद्यालय में एलोक्यूशन एवं वोकल फिजियोलॉजी विषय के प्रोफेसर के रूप में 1872 में ग्राहम बेल ने कार्य किया। यहां रहते हुए उन्होंने अपना ध्वनि पर किए जाने वाले निरंतर प्रयासों को जारी रखा। 

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इस दौरान ग्राहम बेल हार्मोनिक टेलीग्राफ के निर्माण में जुटे थे। 1884 में थॉमस वाटसन नामक एक प्रभावी इलेक्ट्रीशियन सहायक के साथ मिलकर उन्होंने ध्वनि संचालन यंत्र और हार्मोन टेलीग्राफ पर साथ मिलकर काम किया। 

काफ़ी संघर्षों के बाद 10 मार्च 1876 में आखिरकार अलेक्जेंडर ग्राहम बेल और उनके सहयोगी दुनिया का पहला टेलीफोन कॉल करने में सफल हुए। जब ग्राहम बेल ने अपने इस अविष्कार को पेटेंट करने के लिए भेजा, तो उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

अपने टेलीफोन के पैटर्न करवाने को लेकर ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल को कई दफा कचहरी के चक्कर काटने पड़े थे, क्योंकि उसी समय एलिसा ग्रे नामक एक अन्य महिला जिसने टेलीफोन का आविष्कार करने का दावा किया था, वह भी उसे पेटेंट करवाने के लिए काफी मशक्कत में जुटी थी।

यह मुद्दा कई सालों तक कोर्ट में चला जिसके बाद अंत में अमेरिकन सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह निर्णय ग्राहम बेल के पक्ष में लिया गया। उन्होंने सिर्फ अकेले ही महत्वपूर्ण अविष्कारों को लोगों तक पहुंचाया और स्वनिर्मित अविष्कारों के लिए 18  पेटेंट और अपने सहयोगी के साथ मिलकर किए गए अन्य 12 आविष्कारों का पेटेंट करवाया। 

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के प्रमुख आविष्कार Major Inventions of Alexander Graham Bell in Hindi

अपने पिता और दादा जी के मार्गदर्शन के अंतर्गत अलेक्जेंडर ने बचपन से ही श्रवण संचारों के ऊपर छोटे-छोटे अविष्कार करने प्रारंभ कर दिए थे। 1890 में उन्होंने अमेरिका एसोसिएशन की स्थापना की, जो बधिरों को शिक्षा प्रदान करने का काम करता था। इसके अलावा ग्राहम बेल की रुचि अनुवांशिकता पर गहराई से शोध करने में भी थी। 

टेलीफोन (Telephone)

पूरी दुनिया अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को टेलीफोन के आविष्कारक के रूप में मुख्य रूप से जानती है। 1876 में 29 वर्ष की आयु में ग्राहम बेल ने टेलीफोन की खोज की थी। उनके इस अविष्कार ने जैसे दुनिया भर में क्रांति ला दी थी। 

टेलीफोन का आविष्कार ग्राहम बेल और उनके सहयोगी वॉटसन ने साथ मिलकर किया था। अगले वर्ष 1877 में एक बेल टेलीफोन कंपनी की स्थापना ग्राहम बेल द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य इस श्रवण संचार के अविष्कार में और भी नवीनता लाना था। 

यदि आज हम दुनिया के किसी भी कोने में लोगों से जुड़ सकते हैं और बातचीत कर सकते हैं, तो इसका श्रेय अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को जाता है। 

मेटल डिटेकटर (Metal Detector)

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के 20वें राष्ट्रपति जेम्स गारफील्ड जिन्हें 1981 में चार्ल्स गुइटो नामक एक अमेरिकी वकील और लेखक के द्वारा गोली मारकर हत्या करने के पश्चात मेटल डिटेकटर को विकसित करने का श्रेय ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल को जाता है। 

खासकर राष्ट्रपति के हत्या के पीछे, जिस प्रकार गोली मारकर उनकी हत्या की गई थी, उसके विषय में खोजबीन करने के लिए उन्होंने अपना यह अविष्कार ‘अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ साइंस’ के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके बाद ग्राहम बेल का यह अविष्कार पूरी दुनिया में प्रख्यात हो गया। 

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हालांकि मेटल डिटेक्टर का अविष्कार 1881 में ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल ने बहुत जल्दबाजी में किया, लेकिन बाद में इसमें कई सुधार हुए।

फ्लाइंग मशीन (Flying Machine)

ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल के कुछ महत्वपूर्ण अविष्कारों में से एक मोटर से चलने वाले हवाई विमानों का आविष्कार भी माना जाता है। माना जाता है, कि 1890 के दरमियान ग्राहम बेल उड़ान प्रौद्योगिकी एक्सपेरिमेंट में जुटे थे, इसके लिए उन्होंने पतंगों के साथ प्रयोग करना प्रारंभ किया। 

पतंगों के डिजाइन के साथ ही उन्होंने टेट्राहेड्रोन के नियमों का भी प्रयोग किया। उन्होंने उड़ने वाली एवं वजन में हल्की मशीन बनाने के लिए बहुत से प्रयास किए लेकिन वह विफल रहे हैं। अंत में 1903 में अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने ‘साइगनेट’ नमक एक हल्का और बड़े पंख वाला हवाई जहाज का निर्माण किया।

लगभग 60 वर्ष की आयु में ग्राहम बेल ने कुछ सहयोगीयों के साथ मिलकर यह अविष्कार किया था। AEA नामक एयरोनॉटिक्स एसोसिएशन की सहायता से उत्तरी अमेरिका में पहली बार मोटर से चलने वाले इस हवाई विमान का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह से सफल रहा है। इस प्रकार एयरोनॉटिक्स की दुनिया में भी अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने महत्वपूर्ण आविष्कार किए हैं 

ग्राफ़ोफोन (Graphophone)

वर्ष 1886 में अलेक्जेंडर ग्राहम बेल एवं उनके सहयोगी चिचेस्टर बैल और चार्ल्स सुमनेर टैंटर द्वारा ध्वनि रिकॉर्ड करने वाली सरल मशीन बनाई गई थी, जिसे ग्राफ़ोफोन कहा जाता है। 

वैसे तो 1877 में थॉमस एडिसन ने पहला ध्वनि रिकॉर्डिंग उपकरण बनाया था, जिसे फ़ोनोफ़ोन के नाम से जाना जाता है। थॉमस एडिसन का वह आविष्कार अधिक कुशल साबित नहीं हुआ। ध्वनि रिकॉर्डिंग के अविष्कार के कारण एडिशन और ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल और उनके सहयोगी के बीच काफी मतभेद था। 

अंततः ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल अपने एक शानदार अविष्कार के साथ सामने आए और वॉशिंगटन, डीसी, संयुक्त राज्य अमेरिका में उन्होंने ग्राफ़ोफोन का आविष्कार अपने वोल्टा प्रयोगशाला में किया, जो पूरी तरह से सफल रहा। यह अविष्कार  फोनोग्राफ का एक उन्नत संस्करण बना। 

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का निजी जीवन personal life of alexander graham bell in Hindi

11 जुलाई 1877 के दिन टेलीफोन कंपनी की स्थापना करने के पश्चात ग्राहम बेल ने अपनी प्रेमिका माबेल हबर्ड से शादी कर ली। दुर्भाग्यवश उनकी पत्नी भी बचपन से सुन नहीं सकती थी। काफ़ी कम उम्र में ही उनके दोनों भाइयों की बीमारी के कारण एक एक करके मृत्यु हो गई थी। 

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल की मृत्यु death of alexander graham bell in Hindi

ऐलेक्ज़ैन्डर ग्राहम बेल अपने नए अविष्कारों में इस प्रकार व्यस्त रहते थे, कि उन्हें अपने स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं रहती थी। वे मधुमेह के रोग से पीड़ित थे, जिसके चलते 2 अगस्त 1922 में 75 वर्ष की उम्र में उनके पारिवारिक निवास कनाडा में ही उनकी मृत्यु हो गई। 

उस दिन इतने महान व्यक्ति को खोने के कारण पूरा विश्व दुखी था। अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को श्रद्धांजलि देने के लिए अमेरिका में लोगों ने मोमबत्ती जलाकर और कुछ मिनट तक मौन धारण करके उनके योगदानों को याद किया। 

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