अल्लामा इकबाल बेस्ट शायरी Allama Iqbal Shayari in Hindi

अल्लामा इकबाल बेस्ट शायरी (Allama Iqbal Shayari in Hindi) की बात करें तो “सारे जहाँ से अच्छा” जिसे तराना-ऐ-हिन्द कहा जाता है उसे अल्लामा इकबाल ने ही दिया है। इस लेख में आप Allama iqbal के best shayri को पढेंगे और बिच-बिच में उनके बारे कुछ बेहतरीन और रोचक जानकारियों को भी प्राप्त करेंगे।

तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं – अल्लामा इकबाल बेस्ट शायरी Allama Iqbal Shayari in Hindi

अल्लामा इकबाल शायरी Allama Iqbal Shayari in Hindi

1. ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले,
ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है।

यह शायरी उनके सबसे बेहतरीन शायरियों में शुमार हैं लेकिन उससे पहले Allama iqbal के बारे में जान लेते हैं। अल्लामा इकबाल का असली नाम मुहम्मद इक़बाल मसऊदी था और उनका जन्म और मृत्यु अविभाजित भारत में हुआ था। अल्लामा इकबाल के दादा का नाम सहज सप्रू था जो एक कश्मीरी हिन्दू पंडित थे लेकिन बाद में वे सियालकोट में जाकर बस गए। इनकी उर्दू और फ़ारसी शायरियाँ अधिक प्रसिद्द हुए जिनसे इन्हें इरान और अफगानिस्तान में इकबाल-ऐ-लाहौर कहा जाता है।

2. पानी पानी कर गयी मुझको कलंदर की वो बात
तू झुका जो ग़ैर के आगे न तन तेरा न मन तेरा। -Allama Iqbal Shayari in Hindi

3. अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी
तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन। -अल्लामा इकबाल शायरी

4. तेरे इश्क़ की इन्तिहा चाहता हूँ।
मेरी सादगी देख क्या चाहता हूँ।

5. दिल की बस्ती अजीब बस्ती है, लूटने वाले को तरसती है।
मुमकिन है कि तू जिसको समझता है बहारां
औरों की निगाहों में वो मौसम हो खिजां का। -Allama Iqbal Shayari in Hindi

6. इक़रार -ऐ-मुहब्बत ऐहदे-ऐ.वफ़ा सब झूठी सच्ची बातें हैं “इक़बाल”
हर शख्स खुदी की मस्ती में बस अपने खातिर जीता है।

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7. दिल से जो बात निकलती है असर रखती है
पर नहीं ताक़त-ए-परवाज़ मगर रखती है।

8. माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं
तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख।

9. सितारों से आगे जहाँ और भी हैं।
अभी इश्क़ के इम्तिहाँ और भी हैं। -Allama Iqbal Shayari in Hindi

क्या आपको पता है? अल्लामा इकबाल ने ही भारत को विभाजित कर के मुसलमानों के लिए अलग देश पाकिस्तान बनाने की मांग सबसे पहले की थी इसलिए उन्हें पाकिस्तान का जनक भी कहा जाता है उन्होंने पाकिस्तान के लिए “तराना-ए-मिली” (मुस्लिम समुदाय के लिए गीत) लिखा।

10. तेरी दुआ से कज़ा* तो बदल नहीं सकती मगर है,
इस से यह मुमकिन की तू बदल जाये तेरी दुआ है,
की हो तेरी आरज़ू पूरी मेरी दुआ है तेरी आरज़ू बदल जाये। -अल्लामा इकबाल शायरी

11. जफा* जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं,
सितम न हो तो मुहब्बत में कुछ मजा ही नही।

12. इश्क़ क़ातिल से भी मक़तूल से हमदर्दी भी
यह बता किस से मुहब्बत की जज़ा मांगेगा
सजदा ख़ालिक़ को भी इबलीस से याराना भी
हसर में किस से अक़ीदत का सिला मांगेगा। -Allama Iqbal Shayari in Hindi

13. नशा पिला के गिराना तो सब को आता है
मज़ा तो तब है कि गिरतों को थाम ले साक़ी

14. भरी बज़्म में अपने आशिक़ को ताड़ा
तेरी आँख मस्ती में होश्यार क्या थी

15. अच्छा है दिल के साथ रहे पासबान-ए-अक़्ल
लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़ दे। -अल्लामा इकबाल शायरी

16. बाग़-ए-बहिश्त से मुझे हुक्म-ए-सफ़र दिया था
क्यूँ कार-ए-जहाँ दराज़ है अब मिरा इंतिज़ार कर जिस खेत से दहक़ाँ को मयस्सर नहीं
रोज़ी उस खेत के हर ख़ोशा-ए-गंदुम को जला दो। -Allama Iqbal Shayari in Hindi

17. खुदा के बन्दे तो हैं हजारों बनो में फिरते हैं मारे-मारे
मैं उसका बन्दा बनूंगा जिसको खुदा के बन्दों से प्यार होगा

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18. उम्र भर तेरी मोहब्बत मेरी खिदमत रही
मैं तेरी खिदमत के क़ाबिल जब हुआ तो तू चल बसी। -अल्लामा इकबाल शायरी

19. अगर खो गया इक नशेमन तो क्या ग़म
मक़ामात-ए-आह-ओ-फ़ुग़ां और भी हैं

20. मुझ सा कोई शख्स नादान भी न हो।
करे जो इश्क़ कहता है नुकसान भी न हो। -Allama Iqbal Shayari in Hindi

Allama iqbal की छवि एक देशभक्त मुसलमान के रूप में रही थी “हिंदी है हम वतन है” “मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना” जैसे मशहूर पंक्तियों को लिखने वाले इकबाल का मनोभाव अचानक से पूरी तरह बदल गया और वे “विभाजन ही एक मात्र विकल्प” जैसे शब्दों को वे खुलेआम प्रयोग करने लगे।

21. कभी ऐ हक़ीक़त-ए-मुंतज़र नज़र आ लिबास-ए-मजाज़ में कि हज़ारों सज्दे तड़प रहे हैं मिरी जबीन-ए-नियाज़ में

22. सख्तियां करता हूं दिल पर गैर से गाफिल* हूं मैं
हाय क्या अच्छी कही जालिम हूं, जाहिल हूं मैं। -अल्लामा इकबाल शायरी

23. मिटा दे अपनी हस्ती को अगर कुछ मर्तबा चाहे
कि दाना खाक में मिलकर गुले गुलज़ार होता है

24. अगर खो गया इक नशेमन तो क्या ग़म
मक़ामात-ए-आह-ओ-फ़ुग़ां और भी हैं। -Allama Iqbal Shayari in Hindi

25. तू शाहीं है परवाज़ है काम तेरा
तिरे सामने आसमां और भी हैं

26. उरूज-ए-आदम-ए-ख़ाकी से अंजुम सहमे जाते हैं
कि ये टूटा हुआ तारा मह-ए-कामिल न बन जाए
बड़े इसरार पोशीदा हैं इस तनहा पसंदी में। -अल्लामा इकबाल शायरी

27. यह मत समझो के दीवाने जहनदीदा नहीं होते,
ताजुब क्या अगर इक़बाल दुनिया तुझ से नाखुश है,
बहुत से लोग दुनिया में पसंददीदा नहीं होते।

28. यक़ीं मोहकम अमल पैहम मोहब्बत फ़ातेह-ए-आलम
जिहाद-ए-ज़िंदगानी में हैं ये मर्दों की शमशीरें

29. तू ने ये क्या ग़ज़ब किया मुझको भी फ़ाश कर दिया,
मैं ही तो एक राज़ था सीना-ए-काएनात में। -Allama Iqbal Shayari in Hindi

अल्लामा इकबाल की लिखी शायरियाँ और कवितायेँ सीधे दिल को स्पर्श करती है। क्या आपको पता है अल्लामा इकबाल ने श्री राम नवमी के दिन राम जी पर एक कविता भी लिखी थी। पर दिल में एक कसक सी रह ही जाती है की हमारे देश के टुकड़े करने में इनका सबसे बड़ा हाथ है। जब इनसे जलियांवाला हत्याकांड पर कुछ बोलने के लिए कहा जाता तो ये गरम हो जाते। सभी का मानना है की इन्होने जलियांवाला हत्याकांड के विरोध में एक शब्द भी नहीं कहा था।

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30. तेरी दुआ से कज़ा* तो बदल नहीं सकती
मगर है इस से यह मुमकिन की तू बदल जाये
तेरी दुआ है की हो तेरी आरज़ू पूरी
मेरी दुआ है तेरी आरज़ू बदल जाये। -अल्लामा इकबाल शायरी

31. मुझे रोकेगा तू ऐ नाख़ुदा क्या ग़र्क़ होने से,
कि जिन को डूबना है डूब जाते हैं सफ़ीनों में। -Allama Iqbal Shayari in Hindi

32. अनोखी वज़्अ’ है सारे ज़माने से निराले हैं
ये आशिक़ कौन सी बस्ती के या-रब रहने वाले हैं

33. आज फिर तेरी याद मुश्किल बना देगी
सोने से काबिल ही मुझे रुला देगी
आँख लग गई भले से तो डर है
कोई आवाज़ फिर मुझे जगा देगी। -Allama Iqbal Shayari in Hindi

34. उठा कर चूम ली हैं चंद मुरझाई हुई कलियाँ ,
न तुम ए तो यूं जश्न -ऐ -बहाराँ कर लिया मैने ..
जिन के आँगन में अमीरी का शजर लगता है ,
उन का हर ऐब भी ज़माने को हुनर लगता है …

35. अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी।
तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन। -अल्लामा इकबाल शायरी

आशा करते हैं आपको अल्लामा इकबाल शायरी बेस्ट शायरी Allama Iqbal Shayari in Hindi पसंद आए होंगे।

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