परियों की कहानियां 3 Best Fairy Tales in Hindi

परियों की कहानियां 3 Best Fairy Tales in Hindi

आज इस आर्टिकल में आप सुन्दर, जादू से भरी, बच्चों की परियों की कहानियां पढ़ेंगे जो बिलकुल नयी और आश्चर्यचकित कर देने वाली परी कहानियां हैं।

परियों की कहानियां 3 Best Fairy Tales in Hindi

रानी परी की कहानी Queen Fairy Story

रानी परी को किसी ने नहीं देखा था रानी परी उस गुफा में रहती है जहां कभी कोई आता जाता नहीं था और रानी परी ने अभी तक किसी इंसान को नहीं देखा था। रानी परी के साथ एक और परी थी जिसका नाम इच्छा परी था। इच्छा परी से आप कुछ भी मांगो वह सभी की इच्छाएं पूरी करती थी।

रानी परी जहां रहती थी वो गुफा जंगल के बीचो-बीच थी इसलिए वहां कोई आता जाता नहीं था , लोग वहाँ आने जाने से डरते थे इसीलिए आज तक कोई इस गुफा को नहीं देखा था। यह दोनों परियां यहां कैसे आई इसका आज तक किसी को नहीं पता, इनके बारे में कोई नहीं जानता है।

एक दिन की बात है एक जादूगर अपनी जादू की कला का अभ्यास कर रहा था। वो अक्सर उस जंगल में अभ्यास करता था। लेकिन एक दिन अभ्यास करते करते वो जादूगर जंगल के बीच में पहुच गया तभी जादूगर की नजर उस गुफा पर पड़ी जिसमें वह दोनों परियां रहती थी।

आज तक उस जादूगर ने भी इस गुफा को नहीं देखा था इसलिए वह जादूगर इस गुफा को देखने के लिए अंदर की ओर गया। जब जादूगर अंदर जा रहा था तो गुफा के अंदर बहुत अच्छे अच्छे चीजों को देख रहा था वह गुफा अंदर से किसी महल से कम नहीं लग रही थी। जादूगर अंदर चला जा रहा था उसे कोई नजर नहीं आ रहा था क्योंकि उस वक्त वह दोनों परियां वहां नहीं थी।

जादूगर गुफा में ढूंढने लगा कि यहां कौन रहता है और इसके बारे में पता करने लगा।  जादूगर गुफा में घूम ही रहा था कि अचानक उसके सामने इच्छा परी आ गई और जादूगर को देखकर इच्छा पारी ने पुछा तुम – कौन हो और यहां पर क्या कर रहे हो। जादूगर, इच्छा परी को देखकर हैरान रह गया और उसे देखते ही बोल पड़ा कि मैं तुमसे ही शादी करूंगा और हम दोनों इसी गुफा में रहेंगे।

यह बात इच्छा परी को अच्छी नही लगी और उसको गुस्सा आ गया। गुस्से से लाल होकर इच्छा परी ने अपने जादू से उस जादूगर को पकड़ना चाहा लेकिन वह जादूगर भी जादू जानता था इसलिए उसने ऐसा नहीं होने दिया। जादूगर, इच्छा परी से ज्यादा शक्तिशाली था।

अतः उसने इच्छा परी को पकड़ लिया। उधर रानी परी जंगल में घूम रही थी जंगल में घूमते घूमते रानी परी की मुलाकात एक राजकुमार से हुई जो रास्ता भटक गया था तभी राजकुमार की नजर उस रानी परी पर पड़ी। उसके बाद रानी परी और राजकुमार ने बहुत सारी बातें की। उसके बाद रानी परी, राजकुमार को अपनी गुफा में ले आई।  

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वह अंदर आते हुए रानी परी और राजकुमार ने देखा कि इच्छा परी जो पकड़ी जा चुकी थी और वो एक बंधन में बंधी थी। जादूगर उस वक्त वहां पर नहीं था क्योंकि वह गुफा को देखने के लिए दूसरी छोर की तरफ गया हुआ था। इच्छा परी ने रानी परी को सारी आपबीती सुनाई। उसके बाद रानी परी ने इच्छा परी को छुड़ा लिया।

रानी परी, इच्छा परी और राजकुमार तीनों ने मिलकर एक योजना बनाई कि उस जादूगर को मजा चखाया जाये। उसके बाद सभी लोग उस जादूगर का इंतजार करने लगे, जब जादूगर आया तो देखा कि वहां पर इच्छा परी नहीं है तभी अचानक रानी परी और इच्छा परी ने पीछे से अपना जादू चला कर उस जादूगर को पकड़ लिया।

इसके बाद इच्छा परी और रानी परी ने मिलकर अपने जादू से उस जादूगर का सारा जादू खत्म कर दिया और उसको अपना गुलाम बना लिया। अब वह गुलाम उनकी सेवा करता है। इसके बाद राजकुमार और रानी परी ने शादी कर ली और उसी गुफा में रहने लगे क्योंकि रानी परी ने शर्त रखी थी कि वह तभी उस राजकुमार से शादी करेगी जब वह वही रहेगा।

नन्ही नटखट परी की कहानी Story of Small Naughty fairy

नटखट परी बहुत ही शरारती थी और उसका नाम छोटी परी भी था। छोटी परी के पिता, राजा तथा माता, रानी थी। छोटी परी के माता-पिता उससे बहुत परेशान थे क्योंकि छोटी परी को कहीं भी खेलने के लिए बाहर छोड़कर आते तो वह उस जगह को छोड़कर कहीं और चली जाती थी। इस वजह से उन दोनों को बहुत चिंता होती थी।

एक दिन छोटी परी को पढ़ाने के लिए एक बाबा आए। बाबा ने जब छोटी परी को पढ़ाने के लिए किताब खोली तो छोटी परी ने अपने जादू से सारी किताबें उड़ाना शुरू कर दी। फिर बाबा उसे समझाने लगे, अगर सही से पढ़ोगी लिखोगी नहीं तो एक दिन बहुत परेशान होगी।

एक दिन की बात है सबके बार-बार डाँटने से परेशान होकर छोटी परी एक पार्क में जाकर बैठ गई और सोचने लगी कि मैं बहुत शरारत करती हूं इसी वजह से सब लोग परेशान होकर मुझे कहीं खेलने भी नहीं जाने देते और डांटते रहते हैं। छोटी परी जब पार्क में बैठी थी तभी वहां एक जादूगर आया और देखा कि एक छोटी परी वही पर बैठी है।

जादूगर ने सोचा अगर मैं इसको पकड़ लेता हूं और इसके बदले मैं राजा से कुछ मांग लूंगा तो मुझे मिल जायेगा। जादूगर, छोटी परी को लेकर अपने घर चला गया। फिर उसके अगले दिन जादूगर, राजा के महल पहुंचा और राजा से बोला कि आपकी छोटी परी मेरे पास है।

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जब तक आप मुझे अपना आधा साम्राज्य नहीं देंगे तब तक मैं छोटी परी को नहीं दूंगा और फिर राजा को 2 दिन का समय देकर वहाँ से चला गया। जादूगर को यह नहीं पता था कि छोटी परी बहुत ही शरारती है।

छोटी परी ने जादूगर के घर से सारा सामान इकट्ठा किया और अपना रास्ता बना कर वहां से निकल गई। जब जादूगर घर वापस आया तो देखा कि वहां छोटी परी नहीं है और उसका पूरा घर बर्बाद हो गया है। वह बहुत परेशान हो गया, 2 दिन बाद उसको आधा साम्राज्य मिलने वाला था और छोटी परी वहां नहीं है।

छोटी परी को जादूगर ने बहुत ढूंढा पर वह न मिली, थक हार कर परेशान होकर जादूगर घर चला गया और उधर राजा भी बहुत परेशान थे और अब फैसला नहीं कर पा रहे थे कि क्या करें क्या ना करें। तभी राजा की नजर छोटी परी पर पड़ी जो उड़ते हुए चली आ रही थी। उसको रानी परी ने भी देखा दोनों बहुत खुश हुए राजा ने छोटी परी को गोद में लिया और सब लोग उसे देखने लगे।

जिस जादूगर से बच पाना मुश्किल था छोटी परी वहां से बचकर निकल आई और फिर राजा-रानी छोटी परी को पाकर बहुत खुश थे। और राजा ने पूरे साम्राज्य में निमंत्रण बंटवा दिया, गरीबों में दान दिए। बेटी के मिल जाने की खुशी में राजा ने खूब जश्न मनाया।

लाल परी की कहानी Story of Red Fairy

मां आज मुझे परियों वाली कहानी सुनाओ ना। खुशी को परियों की कहानी सुनना बहुत पसंद था वह अपनी मां से हफ्ते में एक बार जरूर परियों की कहानी सुनती थी क्योंकि वह खुद परी जैसी थी। मां बोली बेटा थोड़ी देर रुको किचन का सारा काम खत्म करके मैं आती हूं तब तुमको परियों की कहानी सुनाती हुँ।

ख़ुशी जल्दी से अपने कपड़े बदलकर बिस्तर पर आकर माँ का इंतज़ार करने लगी। माँ किचन का सारा काम खत्म करके आई फिर खुशी को अपनी गोद में बिठाकर परी की कहानी सुनाना शुरू की।

बहुत समय पहले की बात है एक लाल परी थी जिसको रानी परी की बहुत ही चाहती थी। लाल परी अगर कुछ भी मांगती तो रानी परी उसे मना नहीं करती, उसकी सभी इच्छाओं को पूरी करती थी। एक दिन जब लाल परी खेल रही थी तो उसके मन में एक विचार आया की पृथ्वी लोक पर चलकर सैर किया जाए और पृथ्वी वासी कैसे रहते हैं वह जानना चाहिए।  

लाल परी ने अपनी इच्छा रानी परी के सामने रखी। रानी परी ने पहले तो मना किया फिर राजी हो गयी। लाल परी को पृथ्वी लोक पर जाने की अनुमति दे तो दी लेकिन रानी परी की एक शर्त भी थी।

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पृथ्वी लोक पर तुम रात को ही जा सकती हो और सूरज की पहली किरण निकलने तक तुम को वापस आना पड़ेगा नहीं तो तुम्हारे ऊपर सूर्य की पहली किरण पड़ते ही तुम्हारा पंख निकल जाएगा अर्थात् तुम्हारा पंख तुमसे अलग हो जायेगा और तुम परी लोक वापस नहीं आ पाओगी, हमेशा के लिए पृथ्वी लोक पर रहना पड़ेगा।

लाल परी ने कहा ठीक है क्योंकि वह पृथ्वी लोक पर जाने के लिए बहुत उत्सुक थी। रानी परी ने लाल परी से बोला लेकिन तुम अकेले नहीं जाओगी तुम्हारे साथ तीन परियां और जाएंगी, जो तुम्हारी देखभाल और मदद करेंगी।

तीनों पारियां भी बहुत खुश हुई क्योंकि उनको भी पृथ्वी लोक पर जाने का मौका मिला था। रात होने का वह सब बहुत बेसब्री से इंतजार कर रही थी। पृथ्वी लोक पर जैसे अंधेरा हुआ रानी परी ने सभी परियों को आंखें बंद करने के लिए कहा और चारों को पृथ्वी लोक भेज दिया।

जब चारों परियों ने थोड़ी देर बाद आँखे खोली तो सबने देखा कि उनके चारों तरफ सुंदर सुंदर फूल और तितलियां फूलों पर मंडरा रही थी और ठंडी ठंडी हवा चल रही थी।

फिर परियों ने नाचना शुरू कर दिया और न जाने कहां से धीमे धीमे संगीत की आवाज़ आ रही थी। जैसे ही संगीत सुनाई देना बन्द हुआ तभी ख़ुशी धीरे  से अपने बिस्तर से उतरी और अपने कमरे की खिड़की खोली। तो देखती है सारी पारियां उसके ही आँगन में उतरी है।

ख़ुशी ने देखा लाल परी ने एक लालरंग का गाउन पहना हुआ था और सर पर एक छोटा सा मुकुट और उस पर लालरंग का पत्थर चढ़ा हुआ था। चारों तरफ मध्यम नीले रंग का प्रकाश फैला हुआ था।

लाल परी के चारों तरफ तीनों परियां मग्न होकर नाच रही थी , जो लालपरी ही जितनी सुन्दर दिख रही थी और सभी परियों को यह भनक भी नही थी कि उन्हें दो नन्ही आंखें मोहित होकर देख रही हैं। खुशी के कमरे से वह नजारा एकदम साफ दिखता था। माँ ने आज तक जो परियों की कहानी उसको सिखायी थी आज वो साक्षात देखकर मंत्रमुग्ध हो रही थी।

खुशी परियों के देखकर ऐसे मोहित हो गई थी कि उसे समय का कुछ पता ही ना चला। वह माँ की कहानी सुनते सुनते सो गयी थी उसको पता भी नही चला। “ख़ुशी” उठो जल्दी स्कूल नही जाना, देर हो रही है।  

खुशी की मां ने सुबह-सुबह आवाज़ लगाई तो खुशी चौककर उठी और बोली – ये क्या, मै तो सपना देख रही थी। ख़ुशी अपने आँगन में जाकर देखने लगी और वहाँ पर उसको चमकता हुआ एक पत्थर मिला उसको उठाकर ख़ुशी ने अपने स्कूल बैग में रख लिया और तैयार होकर स्कूल चली गयी।

आशा करते हैं आपको यह परियों की कहानियां अच्छी लगी होगी।

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