मलाला युसुफ़ज़ई की जीवनी Biography of Malala Yousafzai in Hindi

इस लेख में आप मलाला युसुफ़ज़ई की जीवनी (Biography of Malala Yousafzai in Hindi) पढ़ेंगे। इस लेख में मलाला यूसुफजई का परिचय, प्रारम्भिक जीवन, शिक्षा, आतंकवादियों द्वारा उनकी हत्या का प्रयास, मलाला के कार्य, उन्हें प्रदान किए गए प्रमुख पुरुस्कार और सम्मान तथा उन पर आधारित क़िताब एवं फिल्म कहानी, के बारे में जानकारी दी गई है।

मलाला युसुफ़ज़ई की जीवनी Biography of Malala Yousafzai in Hindi

पूरा नाममलाला युसुफ़ज़ई
जन्म दिनांक12 जुलाई 1997
बचपन का नामगुल मकई
जन्मस्थानमिंगोरा, पाकिस्तान
पिता का नामजियाउद्दीन यूसुफजई
माता का नामटूर पकाई यूसुफजई
भाइयों का नामखुशहाल और अटल
उम्र24 वर्ष
धर्ममुस्लिम (पठान)
पेशामहिला अधिकार कार्यकर्ता, शिक्षाविद
राष्ट्रीयतापाकिस्तानी

पूरी दुनिया में सबसे कम उम्र में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई आज किसी भी परिचय की मोहताज नहीं है। मलाला एक पाकिस्तानी सामाजिक कार्यकर्ता रह चुकी हैं और आज वह पूरे दुनिया में महिलाओं के शिक्षा एवं विकास के लिए आवाज उठाने के लिए पहचानी जाती हैं।

पाकिस्तान की कुख्यात आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) द्वारा महिलाओं के शिक्षा व स्वतंत्रता पर रोक लगाने के विरुद्ध मलाला यूसुफजई ने आवाज उठाई थी, जिसके बाद अक्टूबर 2012 में स्कूल से लौटते समय उन्हें आतंकवादियों के हमले का शिकार होना पड़ा था।

उस हमले में मलाला के सिर में गोली लगी थी, जिसके बाद बेहद नाजुक अवस्था में उन्हें इलाज के लिए ब्रिटेन के क्वीन एलिजाबेथ हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां उनकी जान बचाई जा सकी थी।

मलाला यूसुफजई आज के समय में पूरी दुनिया में एक प्रेरणा स्त्रोत बन चुकी हैं, जो महिलाओं के शिक्षा एवं स्वतंत्रता पर किसी भी आतंकवादी संगठन के डर के बिना खुलेआम संघर्ष कर रही हैं।

मलाला युसुफ़ज़ई का जन्म Malala Yousafzai’s birth in Hindi

12 जुलाई 1997 में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रदेश में स्वात घाटी के नजदीक स्थित मिंगोरा शहर में मलाला यूसुफजई का का जन्म हुआ था।

उनकी माता का नाम टूर पकाई यूसुफजई और पिता का नाम जियाउद्दीन यूसुफजई है। मलाला का जन्म एक अमीर पठान के घर में हुआ था, जिसके कारण उन्हें आर्थिक रूप से कोई भी परेशानी नहीं थी।

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2009 में कुछ समय के लिए जब तालिबान मिंगोरा पर कब्जा कर रहा था, उस समय पाकिस्तानी सेना द्वारा कई अभियान चलाए जा रहे थे। उस समय मलाला केवल 8वीं कक्षा में थी।

मलाला यूसुफजई के परिचितों द्वारा यह बताया गया है, कि बचपन से ही मलाला एक होशियार छात्रा थी, जिसे पढ़ाई में बहुत रुचि थी। तालिबान के अत्याचारों के विरुद्ध छोटी उम्र में ही मलाला ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए डायरी लिखना शुरू कर दी थी। 

2009 में उन्होंने इसी नाम के तहत विश्व विख्यात बीबीसी उर्दू के लिए ब्लॉक लिखा करती थी, जिसके पश्चात वह पूरी दुनिया में सुर्खियों में आईं। मलाला यूसुफजई के बचपन का नाम गुल मकई भी है।

मलाला युसुफ़ज़ई की शिक्षा Malala Yousafzai’s Education in Hindi

पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रदेश आज भी आतंकवादी अत्याचारों से पीड़ित रहता है। 2009 में तालिबान का आतंक और भी अधिक था। मात्र आठवीं कक्षा में मलाला यूसुफजई को 2009 में अपना स्कूल छोड़ना पड़ा था।

यह समय उनके लिए बेहद मुश्किल था जब उन्हे न चाहते हुए भी अपना स्कूल छोड़ना पड़ा। बचपन से ही वह एक प्रतिष्ठित डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन शायद समय ने मलाला के लिए कुछ और ही सोच रखा था।

मलाला का प्रारंभिक जीवन बेहद दुखदाई रहा है। लेकिन जब से उन्होंने पाकिस्तानी तालिबानियों के खिलाफ आवाज उठाई, तभी से उनका जीवन पूरी तरह से बदल गया। महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए मलाला को बंदूक की गोलियां भी खानी पड़ी थी।

आज के समय में मलाला यूसुफजई ब्रिटेन में रहती हैं, जहां उन्होंने वहां के विश्व प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी आगे की शिक्षा पूरी कर ली है। मलाला ने ऑक्सफोर्ड के लेडी मार्गरेट होल कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान, दर्शन शास्त्र और अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त कर ली है।

मलाला युसुफ़ज़ई के कार्य Works of Malala Yousafzai in Hindi

आमतौर पर मलाला यूसुफजई महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए दिखाई देती हैं। दुनिया के तमाम वह देश जहां आज भी महिलाओं को लेकर लोगों के दिमाग में रूढ़िवादी विचारधाराएं हैं ऐसे देशों में मलाला यूसुफजई अपनी तरफ से ‘मलाला फंड’ के अलावा कई चैरिटीयां चलाती हैं। 

सीरिया, इराक, पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, नाइजीरिया इत्यादि बहुत से पिछड़े देशों में आज भी लड़कियों को पढ़ने की आजादी नहीं है और ना ही वह अपने घरों से खुलेआम बाहर निकल सकती हैं। मलाला यूसुफजई एक शिक्षाविद हैं, जो महिलाओं को शिक्षित करने का अभियान चलाती हैं।

आपको बता दें कि आज भी मलाला यूसुफजई कई आतंकवादी संगठनों के हेट सूची में प्राथमिकता पर हैं, लेकिन फिर भी वह बिना डरे दुनिया भर में महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 12 जुलाई को मलाला यूसुफजई के सम्मान में ‘मलाला दिवस’ घोषित किया है, जो अपने में ही एक बहुत बड़ी बात है।

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मलाला युसुफ़ज़ई की हत्या का प्रयास (कहानी) Attempted assassination of Malala Yousafzai in Hindi (Story)

मलाला यूसुफजई के जीवन की सबसे मनहूस घड़ी वह थी, जब टीटीपी आतंकवादी संगठन ने बिना किसी कसूर के मलाला पर गोलियां चला दी थी। अक्टूबर 2012 की बात है, जब मलाला अपने स्कूल से घर लौट रही थी उसी वक्त आतंकियों ने सभी छात्रों को घेर लिया और जोर-जोर से चिल्लाते हुए पूछने लगे कि तुम में से मलाला कौन है।

यूं अचानक से बंदूक लिए हुए आतंकवादी सामने आ जाने के कारण सभी खामोश पड़ गए थे, लेकिन उन बच्चों की आंखें सीधे मलाला की तरफ इशारा कर रही थी। बस इसी से तालिबानियों को अंदाजा हो गया और उन्होंने अपने बंदूक से एक गोली मलाला के सिर में मार दी।

खून से लथपथ मलाला को सबसे पहले पाकिस्तान के एक सैन्य अस्पताल में भर्ती किया गया, जिसके बाद घायल मलाला को ब्रिटेन के क्वीन एलिजाबेथ हॉस्पिटल में इलाज के लिए भेज दिया गया।

निर्दई तालिबानी यहां तक भी नहीं रुके और उन्होंने यह फरमान जारी कर दिया था कि अगर मलाला जिंदा बच जाती है तो आतंकवादी फिर से उसे मारने की कोशिश करेंगे। जब मलाला यूसुफजई अस्पताल में भर्ती थी, तब उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए दुनियाभर से लोग प्रार्थना कर रहे थे।

आखिरकार मलाला ठीक हो गई लेकिन वो पाकिस्तान वापस जाने का साहस नहीं जुटा पाई और अमेरिका में ही रहने लगी।

मलाला युसुफ़ज़ई के पुरस्कार Malala Yousafzai’s Awards in Hindi

राष्ट्रीय युवा शांति पुरस्कार (पाकिस्तान):  तालिबानियों के सामने डटकर खड़े रहने का साहस जुटाने वाली मलाला यूसुफजई को 2011 में पाकिस्तान का राष्ट्रीय शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार (नीदरलैंड): 2013 में नीदरलैंड के एक बाल अधिकार संगठन द्वारा मलाला को उनकी बहादुरी के लिए अंतराष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया।

सखारोव (साख़ारफ़) पुरस्कार (यूरोपियन संसद): यूरोपियन संसद द्वारा 2013 में मलाला यूसुफजई को उनके महिलाओं के शिक्षा के संघर्ष के लिए साख़ारफ़ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

मानवाधिकार सम्मान (संयुक्त राष्ट्र): 2013 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने मानवाधिकार सम्मान को मलाला यूसुफजई को प्रदान करने की घोषणा की। यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र के सबसे प्रमुख सम्मान में से एक है, जो नेल्सन मंडेला जैसे कई अन्य बड़े-बड़े लोगों को दिया जा चुका है।

समानता पुरस्कार (मेक्सिको): समानता एवं मानव अधिकारियों को बढ़ावा देने वाली मलाला को 2013 में मेक्सिको की सरकार द्वारा समानता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

नोबेल पुरस्कार: यह पुरस्कार दुनिया के सबसे बड़े सम्मान में से एक है। हमेशा नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वे में दिया जाता है। 10 दिसंबर 2014 को नॉर्वे में हो रहे एक कार्यक्रम में 17 वर्ष की छोटी उम्र में मलाला यूसुफजई को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया जिसके बाद इतिहास में मलाला सबसे कम उम्र में नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला बनी।

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मलाला युसुफ़ज़ई असर मलिक Malala Yousafzai Asser Malik in Hindi

विश्व प्रख्यात शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ने 2021 में 24 वर्ष की उम्र में असर मलिक से निकाह कर लिया।

असर मलिक एक स्पोर्ट्समैन हैं, जो पूर्व पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के फ्रेंचाइजी मुल्तान सुल्तान के लिए एक ऑपरेशन मैनेजर का काम भी निभा चुके हैं। मलाला यूसुफजई असर मलिक ने अपनी शादी की फोटो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लोगों को यह जानकारी दी थी।

मलाला युसुफ़ज़ई पर किताब Book on Malala Yousafzai in Hindi

अब मलाला यूसुफजई दुनिया के सबसे जाने-माने चेहरों में से एक हैं। तालिबानियों के हमले के बाद मलाला पाकिस्तान छोड़कर ब्रिटेन में रहने के लिए चली गई, जहां उन्होंने आतंकवादियों के अत्याचारों को दुनियाभर में प्रदर्शित किया और शिक्षा और महिलाओं के स्वतंत्रता के लिए कड़े संघर्ष किए हैं।

ब्रिटेन में रहकर अपनी पढ़ाई करने के साथ ही मलाला ने अपने जीवन पर किताबें भी लिखी हैं, जिनमें से सबसे प्रसिद्ध किताब है ‘I am Malala‘। तालिबानी शासन में अपने संघर्षों को उन्होंने इस किताब में उतारा है।

मलाला युसुफ़ज़ई पर फिल्म Film on Malala Yousafzai in Hindi

खूंखार आतंकवादियों के सामने फतवे जारी होने के बाद भी महिलाओं की शिक्षा का खुलेआम समर्थन करने वाली एक साहसी महिला मलाला यूसुफजई के जीवन पर एक बड़ी प्रसिद्ध फिल्म बनाई गई है। इस फिल्म का नाम है ‘गुल मकई‘। 

इस फिल्म का ट्रेलर जब रिलीज हुआ था, तब मलाला यूसुफजई के एक इंटरव्यू में वह अपने पिछले संघर्षों को देखकर भावुक हो गई थी। गुल मकई मलाला यूसुफजई का ही नाम है। हाल ही में रिलीज हुई यह फिल्म दुनिया भर के लोगों द्वारा पसंद की गई है।

मलाला युसुफ़ज़ई के अनमोल विचार Malala Yousafzai Quotes in Hind

  • “एक किताब, एक कलम, एक बच्चा और एक शिक्षक दुनिया बदल सकते है”
  • “मैं उस लड़की के रूप में याद किया जाना नहीं चाहती जिसे गोली मार दी गयी थी। मैं उस लड़की के रूप में याद किया जाना चाहती हूँ जिसने खड़े हो कर सामना किया”
  • “अगर आप किसी व्यक्ति को मारते हैं तो ये दिखता है कि आप उससे डरे हुए हैं”
  • “बहुत सारी समस्याएं हैं, लेकिन मुझे लगता है इन सभी समस्याओं का समाधान है; वो बस एक है, और वो शिक्षा है”
  • “शिक्षा न ईस्टर्न है न वेस्टर्न। शिक्षा शिक्षा है और ये हर एक मानव का अधिकार है”
  • “मेरी कहानी दुनिया भर के हज़ारों बच्चों की कहानी है। मुझे आशा है ये औरों को अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की प्रेरणा देगी”
  • “इस्लाम हमसे कहता है हर एक लड़की और लड़का शिक्षित किया जाना चाहिए। मुझे नहीं पता तालिबान ये क्यों भूल गया है”
  • “मैं उस तालिबानी से भी नफरत नहीं करती जिसने मुझे गोली मारी। अगर मेरे हाथ में गन भी हो और वो मेरे सामने खड़ा हो जाए, मैं उसे नहीं मरूंगी”

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