मुकेश अंबानी का जीवन परिचय Biography of Mukesh Ambani in Hindi

इस लेख में आप मुकेश अंबानी का जीवन परिचय Biography of Mukesh Ambani in Hindi हिन्दी में पढ़ेंगे। इसमें आप उनका जन्म व प्रारम्भिक जीवन, शिक्षा, शुरुवाती करिअर, सफलता की कहानी, निजी जीवन, आलीशान घर, सिक्युरिटी, पुरस्कार, जैसी कई जानकारियाँ पढ़ सकते हैं।

मुकेश अंबानी का जीवन परिचय Biography of Mukesh Ambani in Hindi

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जीवन में नाम और शोहरत कमाना मुश्किल काम है, लेकिन उससे भी ज्यादा कठिन अर्जित की गई सफलता को लंबे समय तक कायम रखना होता है। 

दुनियां में बहुत सारे लोगों को कामयाबी विरासत में मिलती है, किंतु हर कोई उस कामयाबी को ज्यादा दिनों तक नहीं संभाल पाता है। लेकीन यह परिपेक्ष मुकेश अंबानी के विषय में बिल्कुल उल्टी बैठती है।

दुनिया के सबसे बड़े व्यापारियों में से एक धीरूभाई अंबानी को तो सभी जानते ही होंगे। उन्होंने रिलायंस कंपनी की स्थापना की थी, जो अपने आप में ही एक बिजनेस टाइकून है। 

मुकेश अंबानी उनके बड़े पुत्र हैं, जिन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज को उनके मरणोपरांत भी संभाले रखा और उसे दिन दुगना रात चौगुना प्रगति पर पहुंचाया। दुनियां के 10 सबसे अमीर और शक्तिशाली लोगों में मुकेश अंबानी का नाम भी आता है। 

वे भारत सहित पूरे एशिया के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं। आपको जानकर ताज्जुब होगा की मुकेश अंबानी के पास इतनी संपत्ति है, जिससे लगभग 20 से अधिक दिनों तक भारत जैसे विशाल देश को चलाया जा सकता है। 

मुकेश अंबानी का जन्म व प्रारंभिक जीवन Birth and Early Life of Mukesh Ambani in Hindi

19 अप्रैल 1957 में यमन देश के अदन सिटी में मुकेश अंबानी का जन्म हुआ था। मुकेश अंबानी के पिता का नाम धीरूभाई अंबानी और मां का नाम कोकिलाबेन अंबानी है। 

मुकेश के जन्म के समय उनके माता-पिता यमन में थे। वर्ष 1957 में ही धीरूभाई अंबानी अपने परिवार के साथ भारत लौट गए। इनकी दो बहने नीना भद्रश्याम कोठारी और दीप्ति दत्ताराज सालगांवकर और एक भाई अनिल अंबानी है। 

अपने सभी भाई बहनों में मुकेश अंबानी अपने माता-पिता की सबसे बड़ी संतान हैं। प्रारंभ में जैसे-जैसे धीरूभाई अंबानी का व्यवसाय बढ़ते गया, उन्होंने अपने शौहरत का घमंड अपने बच्चों पर कभी आने नहीं दिया। 

मुकेश अंबानी को बचपन से ही उनके माता-पिता द्वारा अच्छे गुण सिखाए गए थे, वे अपने पिता की संपत्ति पर घमंड करने के बजाए उनके कार्यों से सीख लेते थे।

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मुकेश अंबानी की शिक्षा Mukesh Ambani Education in Hindi

मुकेश अंबानी की प्रारंभिक शिक्षा हिल ग्रेंज हाई स्कूल, पेडर रोड, मुंबई से पूरी हुई। जिसके पश्चात उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए उन्होंने मुंबई के ‘सेंट जेवियर्स कॉलेज’ में दाखिला लिया। 

‘इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी’ से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री अर्जित करने के बाद उन्होंने अमेरिका के प्रख्यात ‘स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी’ से एमबीए करने का निश्चय किया। 

स्टैनफोर्ड में कुछ समय तक पढ़ने के बाद मुकेश अंबानी को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ कर अपने पिता के व्यवसाय में सहायता करने के लिए वापस भारत जाना पड़ा।

मुकेश अंबानी का शुरुवाती करिअर Starting of Mukesh Ambani’s Career in Hindi

जिस समय मुकेश अंबानी अमेरिका में अपनी पढ़ाई कर रहे थे, उस दौरान ही धीरूभाई अंबानी को 1980 में ‘पॉलिएस्टर फिलामेंट यार्न’ के विनिर्माण से संबंधित लाइसेंस भारत सरकार द्वारा प्राप्त हो गया। 

उस समय श्रीमती इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री थी। गौरतलब है कि उस समय में इस लाइसेंस के लिए कुल 40 से भी ज्यादा बड़ी कंपनियां प्रतिस्पर्धा में थी, जिनमें टाटा और बिरला ग्रुप भी शामिल थे। 

लेकिन आखिर में धीरूभाई अंबानी ने बाजी जीत ली। जिसके बाद धीरूभाई अंबानी ने मुकेश अंबानी को अपने व्यवसाय में मदद करने के लिए आपस भारत बुला लिया।

धीरूभाई सरलता से पॉलिएस्टर फिलामेंट यार्न का प्लांट भारत में स्थापित करने में पूरी तरह से सफल रहे। इसके पश्चात वापस अमेरिका जाकर अपनी पढ़ाई जारी रखने के बजाएं मुकेश ने भारत में रहकर अपने पिता के व्यवसाय को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

अंबानी अब भारत में ही रह कर अपने पिता द्वारा स्थापित किए गए ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ के कार्य को संभालने में जुट गए। 

धीरे धीरे कर यह कंपनी नेचुरल रिसोर्सेज, टेक्सटाइल, टेलीकम्युनिकेशन, पेट्रोकेमिकल एनर्जी सेक्टर से जुड़े क्षेत्र में काम करने लगी। देखते ही देखते रिलायंस इंडस्ट्रीज इन सभी क्षेत्र में अद्वितीय उपलब्धियां प्राप्त करने लगी, इससे कंपनी को बेमिसाल मुनाफा मिलता रहा।

दुर्भाग्यवश जब धीरूभाई अंबानी का निधन 2002 में हुआ, उनके दोनों बेटे अनिल और मुकेश के बीच आपसी मतभेद खड़े हो गए। 

इसी तनातनी के बीच रिलायंस को दो ग्रुप में विभाजित कर दिया गया, जिनमें मुकेश अंबानी ने हिस्से में मिले हुए ग्रुप का नाम ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ रखा और अनिल अंबानी ने अपने ग्रुप का नाम ‘रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप’।

मुकेश अंबानी की सफलता की कहानी (Success Story of Mukesh Ambani in Hindi)

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में मुकेश अंबानी ने चेयरमैन और मैनेजमेंट डायरेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला। धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद उन्होंने अपने मेहनत और समझदारी से कंपनी को बुलंदियों तक पहुंचाया।

उन्होंने पेट्रोकेमिकल तक सीमित न रहकर अलग-अलग क्षेत्रों में मौके तलाशना शुरू कर दिया।

मुकेश अंबानी ने अब रिफायनिंग के अलावा रिटेल सेक्टर तथा टेलीकॉम में अपना हाथ आजमाया। साथ ही उन्होंने रिन्यूएबल एनर्जी व होटल इंडस्ट्री में भी प्रवेश किया।

होटल मैंडारिन ओरिएंटल

लगभग 728 करोड़ में मुकेश अंबानी ने न्यूयॉर्क की एक प्रसिद्ध लग्जरी होटल ‘मंडारिन ओरिएंटल’ को खरीद लिया। यह होटल अमेरिका के सबसे बेहतरीन होटलों में से एक गिना जाता है।

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सिंटेक्स इंडस्ट्रीज

मुकेश अंबानी ने एक दिवालिया कंपनी सिंटेक्स इंडस्ट्रीज को खरीद लिया। एसेट्स केयर एंड रिकंस्ट्रक्शन एंटरप्राइज तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक संयुक्त बोली में कर्ज में डूबे इस दिवालिया कंपनी के अधिग्रहण की मंजूरी मुकेश अंबानी को मिल गई।

गोल्फ रिजॉर्ट स्टॉक पार्क तथा कंट्री क्लब

अंबानी ने गोल्फ रिजॉर्ट स्टॉक पार्क तथा कंट्री क्लब को खरीद लिया है। यूरोप के एक प्रतिष्ठित पॉश गोल्फ कोर्स को 592 करोड़ में खरीदा गया है। यह लगभग 300 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है, जहां करीब 49 कमरे हैं। इसके अतिरिक्त स्विमिंग पूल, स्पा और फिटनेस क्लब जैसी कई सुविधाएं मौजूद है।

स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी

रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड (RNEL) ने स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (SWREL) में 738 करोड़ रुपए में 10.37 फ़ीसदी की अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीद ली है। वर्तमान में रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड  के पास SWREL मैं लगभग 40 फ़ीसदी पेड अप इक्विटी शेयर कैपिटल का हिस्सा मौजूद है।

जस्ट डायल

क़रीब 3497 करोड़ रुपए में रिलायंस इंडस्ट्री की एक सब्सिडरी फर्म रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) ने जुलाई 2020 में जस्ट डायल की पूरी हिस्सेदारी खरीद ली।

इसके अलावा मुकेश अंबानी कई दूसरी कंपनियों के मालिक और बड़े शेयर होल्डर भी हैं। इनमे कुछ सालों पहले ही खरीदी गई बड़ी संपत्तियां में 224 करोड़ रुपये में अर्बन लैडर, 620 करोड़ रुपये में नेटमेड्स, 1197 करोड़ रुपये में जिवामे, एस्ट्रिया एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड, हैमलेज मिल्क तथा बास्केट के मालिक भी हैं।

मुकेश अंबानी का निजी जीवन Personal Life of Mukesh Ambani in Hindi

जब मुकेश अंबानी की आयु मात्र 18 वर्ष थी, तभी से वे अपने पिता की कंपनी में बतौर बोर्ड मेंबर के रुप में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो गए। 

8 मार्च 1985 में बिरला समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी रविंद्रभाई दलाल की बेटी नीता से मुकेश अंबानी का विवाह हुआ। नीता और मुकेश अंबानी के कुल तीन बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी ईशा अंबानी और दो बेटे आकाश तथा अनंत अंबानी हैं। 

वर्तमान में मुकेश अंबानी के व्यवसाय को उनकी पत्नी और बच्चे मिल कर संभाल रहे हैं।  मुकेश अंबानी स्वभाव से शांत और आध्यात्म में विश्वास रखने वाले अरबपतियों में से एक हैं।

मुकेश अंबानी का घर Mukesh Ambani’s House

मुकेश अंबानी का घर दुनियां के सबसे महंगे और बड़े निवासों में शामिल है। दक्षिण मुंबई में अल्टामाउंट रोड के पास मुकेश अंबानी का घर स्थित है, जिसका नाम एंटीलिया रखा गया है। 

यह लगभग 4532 वर्ग मीटर के दायरे पर वर्ष 2010 में बनवाया गया था। एंटीलिया पूरे 27 मंजिले की एक बिल्डिंग है। इस घर के रख रखाव के लिए लगभग 550 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं।

मुकेश अंबानी की सिक्युरिटी Mukesh Ambani’s Security

सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी को केंद्र सरकार द्वारा Z कैटेगरी की सिक्योरिटी दी गई है। मुकेश अंबानी अपनी सिक्योरिटी के लिए लगभग 20 लाख से भी अधिक प्रतिमाह खर्च करते हैं। 

उनकी सुरक्षा में सीआरपीएफ के 40 जवान तथा कई उनके खुद के प्राइवेट गार्ड्स चारों तरफ तैनात रहते हैं।

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भारत सरकार द्वारा मुकेश अंबानी को ए-वन ग्रेड की सुरक्षा दिए जाने के बाद अब उनकी पत्नी नीता अंबानी को भी वाई केटेगरी की सुरक्षा दी गई है। 

आपको बता दें की 10 सीआरपीएफ के जवान और अन्य प्राइवेट गार्ड नीता अंबानी की सुरक्षा करते हैं। इसके अलावा उनके घर एंटीलिया की सुरक्षा के लिए मुकेश अंबानी प्रतिमाह करोड़ों रुपए चूकाते हैं।

मुकेश अंबानी के पुरस्कार Awards of Mukesh Ambani in Hindi

  • साल 2004 में वर्ल्ड कम्युनिकेशन अवार्ड फॉर द मोस्ट इंफ्लुएंटीएल पर्सन इन टेलीकम्युनिकेशन्स, टोटल टेलीकॉम
  • साल 2007 में यूनाइटेड स्टेट्स-इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा ‘यूनाइटेड स्टेट्स-इंडिया बिजनेस काउंसिल लीडरशिप अवार्ड’ 
  • साल 2007 में गुजरात सरकार द्वारा “चित्रलेखा पर्सन ऑफ़ द ईयर अवार्ड”
  • साल 2010 में ‘बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर’, एनडीटीवी इंडिया
  • साल 2010 में ‘बिजनेसमैन ऑफ द ईयर’, वित्तीय क्रॉनिकल
  • यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया द्वारा साल 2010 में  ‘स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड अप्लाइड साइंस डीन मेडल’ 
  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार परिषद द्वारा साल 2010 में ‘ग्लोबल लीडरशिप अवॉर्ड’
  • महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा द्वारा साल 2010 में मानद डॉक्टरेट (विज्ञान के डॉक्टर) सम्मान
  • एशिया सोसाइटी, वाशिंगटन डी.सी.(USA) द्वारा
  • ‘एशिया सोसाइटी लीडरशिप अवॉर्ड’
  • वर्ष 2014 में दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों की फोर्ब्स लिस्ट में 36 वां स्थान

मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति 

विश्व के सबसे प्रख्यात फॉर्ब्स मैगजीन द्वारा 2022 में जारी किए गए सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजमेंट डायरेक्टर मुकेश अंबानी सबसे अमीर भारतीय के रूप में टॉप पर दिखे। 

मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति 90.7 अरब डॉलर की हो गई है। इसके अलावा फॉर्ब्स मैगजीन के बिलेनियर सूची में टॉप 10 मिलिनियर्स की लिस्ट में भी शामिल है। 

मुकेश अंबानी के 10 विचार Mukesh Ambani Quotes in Hindi

  • दुनियां में संघर्ष तो बहुत सारे लोग करते हैं, लेकीन सफ़लता की परीक्षा पास करने के लिए मेहनत के साथ दूरदृष्टि की भी जरूरत होती है।
  • जो लोग जीवन में कुछ खोने के लिए तैयार नहीं होते, तब तक वे कोई नई उपलब्धि हासिल नहीं कर सकते हैं।
  • रिस्क तो जिंदगी का एक हिस्सा है, इससे दूर नहीं जाना चाहिए, क्योंकी कोई नहीं जानता कि अगले पल में क्या होने वाला है। 
  • दुनियां में ईश्वर ने सभी को चौबीस घंटे दिए हैं, जिसने इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया है, लोग उसी को आज पहचानते हैं।
  • मजबूत इच्छाशक्ति, दूरदृष्टि और कड़ी मेहनत से एक साधारण इंसान भी सफ़लता की मुकाम हासिल कर सकता है और दूसरों के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
  • किसी बड़ी ईमारत को खड़ा करने में सालों का वक्त लगता है। कामयाबी भी ऐसी ही चीज़ है, जिसे पाने के लिए मजबूत ढांचे की जरूरत पड़ती है।
  • एक बेहतरी ‘कल’ का निर्माण बहुत सारे सार्थक ‘आज’ को मिलाकर होता है।
  • अगर आप ख़ुद को कामयाब होते हुए देखना चाहते हैं, तो इसके पहले आपको कामयाब लोगों की तरह सोचना शुरु करना होगा।
  • जिस दिन से किसी बिजनेस मैन के प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज सोसायटी को 100% सहमत करना शुरु कर देंगे, उस दिन से उसके व्यवसाय को ऊंचाइयों तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता है।
  • समय का मूल्य समझिए, ओर इसे सही काम में लगाइए।

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