मैरी कॉम का जीवन परिचय Boxer Mary Kom Biography in Hindi

मैरी कॉम का जीवन परिचय Boxer Mary Kom Biography in Hindi

मेरी कॉम भारत की प्रसिद्ध बॉक्सर (मुक्केबाज) हैं। बॉक्सिंग में उन्होंने भारत को विश्व में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। मेरी कॉम का पूरा नाम  मैंगते चंग्नेइजैंग मैरी कॉम है। उन्होंने 10 बार राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीती है। उन्होंने देश का नाम आगे बढ़ाया है।

वह “मैग्नीफिसेंट मैरी” के नाम से भी प्रसिद्ध है। देश में स्त्रियों के लिए उन्होंने मिसाल बन कर दिखाया है। उनके जीवन से प्रेरणा मिलती है कि भारत की बेटियां भी आगे चलकर विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन करें।

विश्व गैर व्यवसायिक बॉक्सिंग चैंपियन्शिप में वो 5 बार विश्व विजेता रह चुकी है। वह एकमात्र खिलाड़ी है जिसने 6 विश्व बॉक्सिंग चैंपियन्शिप में हर बार कोई न कोई मेडल जीता है। 2012 के समर ओल्प्म्पिक में उन्होंने 51 किग्रा वजन में कांस्य पदक जीता। AIBA विश्व महिला बॉक्सिंग खिलाड़ी की रेंकिंग में वो चौथे स्थान पर आती है।

2014 में साऊथ कोरिया में आयोजित एशियन खेलों में बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीतने वाली वो अकेली खिलाड़ी थी। वह पशु अधिकारों के लिए PETA नामक संगठन से जुडी हुई है। हाथियों को सर्कस में काम करने के विरोध में मेरी कॉम ने एक विज्ञापन भी किया है। उनका मानना है की सर्कस जैसी जगहों पर जानवरों को पीटा और सताया जाता है।

मैरी कॉम का जीवन परिचय Boxer Mary Kom Biography in Hindi

जन्म और शिक्षा

उनका जन्म 1 मार्च 1983 को मणिपुर (भारत) में चुराचांदपुर जिले में एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी आरंभिक शिक्षा लोकटक क्रिश्चियन मॉडल स्कूल और सेंट हेवियर स्कूल से प्राप्त की। उच्च शिक्षा के लिए मेरी इम्फाल चली गयी। उनको बचपन से ही खेलो में बहुत रूचि थी।

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मैरी कॉम ने बॉक्सिंग की शुरुआत 18 साल में कर दी थी। 1999 में उन्होंने खुमान लम्पक स्पो‌र्ट्स कॉम्प्लेक्स में पहली बार बॉक्सिंग का मैच देखा तो देखते ही रह गयी। यही वो खेल था जिसमे वो आगे चलकर देश का नाम रोशन करने वाली थी। बॉक्सिंग रिंग में लड़के लड़कियों को बोक्सिंग करते मेरी सोचने लगी की वो भी ये खेल खेल सकती है।

बॉक्सिंग में करियर

बॉक्सिंग में दिलचस्पी लेने के बाद मेरी कॉम जी- जान से इसकी तैयारी में लग गई। 1998 में मणिपुर के बॉक्सर डिंगको सिंह ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। इससे मेरी कॉम को बहुत प्रेरणा मिली। घरवालों को मनाना इतना आसान नहीं था।

मणिपुर में बॉक्सिंग को पुरुषों का खेल समझा जाता था। उन्होंने अपने घर वालों को बिना बताए ही बॉक्सिंग की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी थी। वो देर रात तक बॉक्सिंग रिंग में प्रैक्टिस करती रहती थी। सन 2000 में मैरी कॉम ने विमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप मणिपुर में जीत हासिल की।

उनका नाम मणिपुर के सभी अखबारों में प्रकाशित हुआ। तब जाकर उनके घर वालों को मैरी कॉम के बॉक्सिंग के शौक के बारे में पता चला। उनके घर के सदस्य उनकी जीत पर बहुत खुश थे।

पुरस्कार और उपलब्धियाँ

  • 2001 – पहली बार नेशनल वुमन्स बॉक्सिंग चैंपियनशिप विजेता
  • 2003- अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित
  • 2006- पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित
  • 2007 – लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड द्वारा “पीपल ऑफ द ईयर” पुरस्कार  से सम्मानित
  • 2008- पेप्सी एमटीवी (MTV) यूथ आईकॉन
  • 2008 AIBA द्वारा मैग्नीफिसेंट मैरी पुरस्कार से सम्मानित
  • 2009- राजिव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित
  • 2010 सहारा स्पोर्ट्स अवॉर्ड द्वारा “स्पोर्ट्स विमेन ऑफ द ईयर” पुरस्कार से सम्मानित
  • 2012 – लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक विजेता
  • 2014- एशियाई खेलों में सवर्ण पदक विजेता
  • 2018- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वीरांगना पुरस्कार से सम्मानित

विश्व गैर व्यावसायिक बॉक्सिंग में- 4 बार विश्व विजेता

2012 में लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने के लिए मेरी कॉम को निम्न पुरस्कार मिले –

  • राजस्थान सरकार की तरफ से 50 लाख रूपये  का नकद पुरस्कार
  • मणिपुर सरकार की तरफ से 50 लाख रूपये का नकद पुरस्कार और 2 एकड़ जमीन
  • असम सरकार की तरफ से 20 लाख रूपये  का नकद पुरस्कार
  • अरुणाचल प्रदेश सरकार की तरफ से 10 लाख रूपये  का नकद पुरस्कार
  • भारत जन-जातीय मंत्रालय की तरफ से 10 लाख रूपये  का नकद पुरस्कार
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शादी

2001 में मैरी कॉम की दोस्ती ओन्लर कॉम से हुई जोकि दिल्ली यूनिवर्सिटी में लॉ की पढ़ाई कर रहे थे। दोनों की दोस्ती 4 सालों तक चली। 2005 में दोनों ने शादी कर ली। दोनों के 2 जुड़वाँ बच्चे है।

मैरी कॉम के जीवन पर पुस्तक

मेरी कॉम की आत्मकथा “Unbreakable” के नाम से प्रकाशित हुई है, जिसे उन्होंने डीनो सरटो के साथ लिखा है। इस पुस्तक को हार्पर कोलिन्स ने 2013 में प्रकाशित किया है।

मेरी कॉम के जीवन पर फिल्म

उनके जीवन पर आधारित फिल्म का नाम “मेरी कॉम” था जो 2014 में आई थी। प्रियंका चोपड़ा ने उसमे मुख्य भूमिका निभाई थी। इस फिल्म का निर्देशन ओमंग कुमार ने किया था। इस फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

राज्य सभा सदस्य के रूप में

26 अप्रैल 2016 को मेरी कॉम को राज्यसभा सदस्य के रूप में नामांकित किया गया। मार्च 2017 को भारत सरकार ने उन्हें “युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय” द्वारा बॉक्सिंग का नेशनल ऑब्जर्वर बनाया गया।

Featured Image – Wikimedia (Creative Commons Attribution 3.0 Unported)

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