मुर्गी पालन ब्रूडिंग की पूरी जानकारी Chicken Brooding in Poultry Management Hindi

आज के इस लेख में मुर्गी पालन में ब्रूडिंग की पूरी जानकारी (Chicken Brooding in Poultry Management Hindi) आप पढेंगे। आप जानेंगे की चूजों को ब्रूडिंग की ज़रुरत क्यों होती है? चिकन ब्रूडिंग के कई प्रकार और तरीके होते हैं जिनकी जानकारी भी आप यहाँ पर पढेंगे।

क्या होता है मुर्गी पालन में ब्रूडिंग? What is Chicken Brooding in Hindi?

मुर्गी पालन के व्यापार में चूजों को अंडे से निकलने के बाद गर्म तापमान में रखा जाता है इस प्रक्रिया को चिकन ब्रूडिंग कहा जाता है। प्राकृतिक रूप से भी मुर्गियां अपने चूजों को अपने पंखों के नीचे रख कर गर्माहट देती हैं।

चूजों के उचित विकास के लिए ब्रूडिंग बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। संपूर्ण ब्रॉयलर फार्मिंग व्यवसाय पूरी तरह से उचित और सही ब्रूडिंग पर निर्भर करता है। अगर ब्रूडिंग में गलती हुई तो आपके चूज़े 7-8 दिन में कमज़ोर हो कर मर जायेंगे।

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मुर्गी पालन में चूज़ों को ब्रूडिंग की आवश्यकता क्यों होती है? Why Brooding is Important in Poultry Farming Hindi?

सही तापमान के बिना चूजों का विकास सही तरीके से नहीं हो पाता है। तापमान की स्थिति – ब्रॉयलर चिकन को 50°F से 90°F तक एक सामान्य तापमान की आवश्यकता होती है। तापमान में उच्च कमी वायरल संक्रमण सीआरडी (गंभीर श्वसन रोग), और अत्यधिक गर्मी के कारण दस्त, ई-कोलाई संक्रमण हो सकता है। ब्रूडिंग में तापमान का संतुलित होना बहुत ही आवश्यक है। ब्रूडिंग क्यों ज़रूरी है आप नीचे दिए हुए पॉइंट्स से जान सकते हैं –

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  1. इससे मुर्गियों का विकास अच्छे से होता है।
  2. इससे छोटे चूज़े कम मरते हैं (Early Chicks Motility)।
  3. अच्छे से विकास होने पर अच्छा वज़न आता है जिससे मुनाफा होता है।
  4. मुर्गियां बिमारियों से दूर रहती हैं।
  5. चूज़े अच्छे से दाना खाते हैं और पानी पीते हैं।
  6. मृत्यु दर कम होने पर चूजों के व्यापार में ज्यादा मुनाफा होता है।

मुर्गी पालन के लिए ब्रूडिंग के तरीके Brooding Techniques for Chicken Farming Hindi

1. लाइट बल्ब के साथ ब्रूडिंग Brooding with Bulb Brooder

इस प्रकार की ब्रूडिंग के लिए आपको नियमित रूप से बिजली की आवश्यकता होती है। इस प्रकार के ब्रूडिंग के लिए आपको नियमित रूप से बिजली की आवश्यकता होती है। गर्मी के महीने में प्रति चूज़े को 1 वाट की आवश्यकता होती है जबकि सर्दियों के महीने में प्रति चूज़े को 2 वाट की आवश्यकता होती है।

गर्मी के महीने में ब्रायलर मुर्गियों का 4-5 दिन ब्रूडिंग किया जाता है और सर्दियों के महीने में ब्रूडिंग 12-15 दिन तक करना आवश्यक होता है। पहले हफ्ते तक लाइट बल्ब से 6 इंच चूजों को ऊपर रखें। उसके बाद 10-12 इंच तक उंचाई बढायें।

2. गैस कि मदद से ब्रूडिंग Brooding with Gas Brooder

क्षमता, उपयोग और आवश्यकताओं के अनुसार गैस ब्रूडर बाजार में उपलब्ध हैं। जैसे 1000 पक्षी / 2000 पक्षीयों के लिए ब्रूडर। गैस ब्रूडर का लाभ यह है कि यह शेड के भीतर निरंतर तापमान प्रदान करता है। और जल्द से जल्द शेड के अन्दर तापमान ज्यादा बढ़ता है।

3. अंगीठी से ब्रूडिंग Brooding with Fireplace

यह उन क्षेत्रों के लिए होता हैं जहाँ बिजली उपलब्ध नहीं होती खासकर ग्रामीण इलाके। लेकिन इसमें ध्यान रखना बहुत ज्यादा जरूरी होता है क्योंकि इससे शेड में धुआं भी भर सकता है या आग लगने का भी खतरा रहता है।

यह एक ब्रूडिंग में विषय में लघु लेख था जिसमे हमने मुर्गी फार्म में ब्रूडिंग के लाभ और इसके प्रकार के विषय में पूरी जानकारी दी है। अगर आप मुर्गी पालन का व्यापार शुरू करना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करें – (ब्रायलर मुर्गी पालन का तरीका)

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