भूकंप और इसका प्रबंधन Earthquake and Its Management in Hindi

भूकंप और इसका प्रबंधन Earthquake and Its Management in Hindi

इस आर्टिकल में हम जानेंगे भूकंप क्या है? इससे बचने के उपाय(Safety tips) या आपदा प्रबंधन साथ ही इसके बारे में पूरी जानकारी।

भूकंप और इसका प्रबंधन Earthquake and Its Management in Hindi

भूकंप क्या है? What is Earthquake?

पृथ्वी की सतह का अचानक से हिलना और कांपना ही भूकंप कहलाता है। इसे भूचाल भी कहते हैं। जिस क्षेत्र में भूकंप आते हैं वहां पर चारों तरफ विनाश ही दिखता है। भूकंप की तीव्रता को रिक्टर पैमाने पर नापा जाता है। मई 2015 को नेपाल में भीषण भूकंप आया था जिसमें 8000 से अधिक लोग मारे गए और 2000 से अधिक लोग घायल हुए। इस भूकंप में भूकंप के झटके चीन, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान में महसूस किए गये थे। भारत और बांग्लादेश में 250 लोगों की जान गई। इसकी वजह से माउंट एवरेस्ट पर्वत पर हिमस्खलन आ गया था जिससे 17 पर्वतारोहियों की जान चली गई थी।

2015 में जम्मू कश्मीर में भयानक भूकंप आया था जिसमें 130000 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस भूकंप की तीव्रता 6 रिक्टर पैमाने की थी। 2001 में गुजरात में बहुत ही बड़ा विनाशकारी भूकंप आया था जिसमें 20000 लोगों की मौत हो गई थी और पूरा गुजरात नष्ट हो गया था। सभी मकान, इमारतें, पुल, सड़के सब कुछ नष्ट हो गया था। इस तरह से हम पाते हैं कि भूकंप बहुत ही विनाशकारी होते हैं। आज के लेख में हम आपको भूकंप से बचने के उपाय बताएंगे।

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भूकंप से बचने के उपाय/ भूकंप प्रबंधन Earthquake Safety Tips and Management

मकान, इमारतों, ऑफिस से बाहर निकल आये

जिस समय भूकंप आता है उस समय धरती हिलने लग जाती है। इसलिए मकान इमारत ढह जाते हैं। जब भी भूकंप आए आपको तुरंत ही मकान, इमारतों, ऑफिस से बाहर निकल आना चाहिए और किसी खुली जगह में रहना चाहिए। यदि आप मकान, ऑफिस, दफ्तर के अंदर ही छुपे रहेंगे तो संभव है कि वह इमारत नष्ट हो जाए और आप उसी में फस जाए। भूकंप आने पर किसी भी इमारत के आसपास नहीं खड़े होना चाहिए। खुली जगह में ही रहना चाहिए।

बिजली के उपकरणों को बंद कर दें

भूकंप आने पर आपको सबसे पहले बिजली से चलने वाले सभी उपकरण जैसे पंखे टीवी फ्रिज आदि बंद कर देनी चाहिए। शोर्टसर्किट की वजह से आग लगने का खतरा रहता है।

पैनिक ना हो, किसी भी अफवाह पर विश्वास ना करें

भूकंप आने पर आपको खुद को संभालना चाहिए। घबराना नहीं चाहिए। किसी भी झूठी अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए। धैर्य और संयम से काम लेना चाहिये।

लिफ्ट का इस्तेमाल ना करें

भूकंप आने पर यदि आप किसी बहुमंजिला बड़ी इमारत में हैं तो लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल ना करें। संभव है कि बिजली जाने पर लिफ्ट बंद हो जाए और आप उसी में फंस जाएं। इसलिए सबसे अच्छा होगा कि आप सीढ़ियों से नीचे उतरे।

भूकंप रोधी मकान इमारत बनवायें

भूकंप से बचने के लिए सबसे अच्छा उपाय है कि आप अपने मकानों को भूकंप रोधी बनवाएं। बीम, कॉलम और बुनियाद को आर्किटेक्ट के अनुसार सही तरीके से बनवाएं। छत की ढ़ुलाइ कभी भी टुकड़ों में न करें। पूरी छत एक साथ ढलवाएं, इससे छत मजबूत बनती है।

रेडियो टीवी से समाचार सुनते रहे

भूकंप आने पर सरकार विभिन्न प्रकार की चेतावनियाँ और नये समाचार देती रहती है। इसलिए बेहतर होगा कि आप रेडियो और टीवी पर सक्रिय रहे। नये समाचार आपकी बहुत मदद कर सकते हैं। यदि आप कहीं फंसे हुए हैं तो रेडियो, टीवी के द्वारा आपको वहां से सुरक्षित निकालने का रास्ता भी बताया जा सकता है। इसलिए आप रेडियो टीवी पर जरूर बने रहे।

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जर्जर, पुराने मकानों को खाली कर दें

आमतौर पर यह देखा गया है कि लोग बहुत पुरानी इमारतों में सालों से रह रहे होते हैं। वे इमारत की मजबूती पर कोई ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में यदि कम तीव्रता वाला भूकंप भी आ जाता है तो ऐसी इमारतें टूट कर गिर जाती हैं। इसलिए पुरानी जर्जर इमारतों में ना रहे। उसे खाली कर दे।

पेड़ों से दूर रहे

भूकंप आने पर किसी भी पेड़ के नीचे ना खड़े हो क्योंकि इसकी शाखाएं टहनियां टूटकर आप पर गिर सकती हैं।

पुल के नीचे न खड़े हो

भूकंप आने पर पुल आसानी से टूट जाते हैं। इसलिए उसके नीचे शरण न लें। खुले स्थानों पर शरण लें।

मेज के नीचे छिप जाए

यदि भूकंप आ चुका है और आप अपने घर इमारत दफ्तर में फस चुके हैं तो फौरन किसी मजबूत मेज के नीचे कोने में छिप जाए। ध्यान रहे कमरे के केंद्र में ना रहें क्योंकि भूकंप आने पर केंद्र के ऊपर स्थित छत सबसे पहले टूटती है। भूकंप चले जाने पर आप उस इमारत से फौरन बाहर निकल आएं क्योंकि भूकंप दोबारा भी आ सकता है।

भूकंप में कार ना चलाएं

भूकंप आने पर सड़कें फट जाती हैं इसलिए ऐसे समय में कार/ वाहन चलाना बहुत खतरनाक हो सकता है। भूकंप में आप कोई भी वाहन ना चलाएं और किसी खुले मैदान में रुके।

आपातकालीन सुरक्षा किट बनाएं

जिन क्षेत्रों में हर साल भूकंप आते रहते हैं वहां के निवासियों को अपने पास एक आपातकालीन सुरक्षा किट रखनी चाहिए। इसमें प्राथमिक चिकित्सा की दवाइयां, नकदी, बैटरी से चलने वाला रेडियो, खाने-पीने का सामान, मजबूत जूते और चप्पल, टॉर्च, चाकू, रस्सी,  बैटरी, माचिस और मोमबत्ती रखनी चाहिए। संभव है कि भूकंप अचानक से आ जाए और आप कहीं पर फंस जाएं। ऐसे में यह आपातकालीन सुरक्षा किट आपकी बहुत मदद करेगी।

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मकानों में बड़ी खिड़कियां और दरवाजे लगाएं

जिन क्षेत्रों में भूकंप हर साल आता है वहां के निवासियों को चाहिए कि अपने घरों में बड़ी खिड़कियां और दरवाजे लगाएं। इससे आप आसानी से भूकंप आने पर खिड़कियों से बाहर निकल सकते हैं।

अपने परिवार के साथ रहे

भूकंप आने पर बच्चों और महिलाओं को सबसे पहले सुरक्षित खुले स्थान में पहुंचा दें। अपने परिवार के साथ ही रहे। ऐसे में यदि कोई सदस्य कहीं फस जाता है तो बाकी परिवार उसे तुरंत बचा सकता है।

लोगो की मदद करे

भूकंप आने के बाद आप अपने आसपास की इमारतों में फंसे लोगों को बचाने में मदद करें। उन्हें मलबे से बाहर निकालने में मदद करें। मरे हुए लोगो के शवों को बाहर निकाले और उनका जल्दी से अंतिम संस्कार कर दें। अन्यथा बीमारी फैलने का डर रहता है।

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