eRUPI क्या है? इसके लाभ, उपयोग की पूरी जानकारी

इस लेख में आप जानेंगे (ई-रुपी) eRUPI क्या है? इसके लाभ, उपयोग की पूरी जानकारी। साथ ही आप जानेंगे की eRUPI की आवश्यकता किन लोगों को है और इसके लाइव पार्टनर बैंक और अस्पताल की लिस्ट।

eRUPI क्या है? इसके लाभ, उपयोग की पूरी जानकारी

हाल ही में भारत सरकार ने eRUPI को लॉन्च किया है। यदि आप ऐसे आर्टिकल की तलाश कर रहे हैं, जिसमें eRUPI के बारे में विस्तार से बताया गया हो, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। इस आर्टिकल में eRUPI क्या है, इसके फायदे, यह कैसे काम करता है इत्यादि मुद्दों को बेहद सरल शब्दों में समझाया गया है।

हमारा देश आज एक विकसित और उज्जवल भारत के नक्शे कदम पर चल पड़ा है। आजादी के पश्चात वाले भारत से अगर आज के नए भारत की तुलना की जाए तो हमने बहुत तेजी से विकास किया है।

भारत ने आज पूरी दुनिया को यह दिखा दिया है की टेक्नॉलॉजी को विकसित करने में भारत अब किसी से भी पीछे नहीं रहा है।

जरूरतमंद लोगों तक अब सरकार द्वारा सहायता पहुंचाने के लिए कई नए पहल किए गए हैं। eRUPI भारत का ऐसी ही अपना डिजिटल ट्रांजैक्शन माध्यम है, जिसकी सहायता बहुत बड़े स्तर पर लोगों तक सीधे मदद पहुंचाई जा सकेगी।  

ई-रुपी क्या है? What is eRUPI in Hindi

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने अपने UPI प्लेटफार्म पर वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ मिलकर eRUPI को विकसित किया है।

देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन को प्रभावी रूप देने के लिए भारत सरकार ने 2 अगस्त 2021 को eRUPI वाउचर को लॉन्च किया है। भारत सरकार की यह नीति गेम चेंजर साबित हो सकती है।

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eRUPI बहुत हद तक डिजिटल करेंसी जैसी लगती है, लेकिन वास्तव में यह इससे काफी अलग है। eRUPI डिजिटल पेमेंट का ही एक तरीका है। यह डिजिटल पेमेंट करने के लिए कैशलेस और कांटेक्ट लेस यानी संपर्क रहित एक माध्यम है। डिजिटल करेंसी के रूप में यह भारत सरकार का एक अहम कदम माना जा रहा है।

सरल शब्दों में कहा जाए तो यह प्रीपेड गिफ्ट कार्ड की तरह है, जिसे प्राप्त करने वाला व्यक्ति अपनी जरूरत के आधार पर इसका उपयोग कर सकेगा। eRUPI की खास बात यह है, कि इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी भी बैंक अकाउंट और इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने eRUPI के लांच करने के मौके पर देशवासियों को संबोधित करते हुए यह कहा था, कि आज हमारा देश डिजिटल गवर्नेंस को एक नया आयाम दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि eRUPI वाउचर देश में डीबीटी तथा डिजिटल ट्रांजैक्शन को और प्रभावी रूप देने में बड़ी भूमिका अदा करने वाला है।

इसकी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है, कि इस वाउचर का इस्तेमाल केवल उसी कार्य के लिए किया जा सकेगा जिसके लिए सरकार ने टारगेट किया हो।

आपको बता दें कि eRUPI वाउचर का इस्तेमाल आज के समय में कई देशों में पहले से ही किया जा रहा है। अमेरिका, कोलंबिया, स्वीडन आदि जैसे बड़े देशों में यह सुविधाएं आम लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं।

ई-रुपी के लाभ Benefits of eRUPI in Hindi

यह विचार करने वाली बात है, कि जब डिजिटल पेमेंट सिस्टम के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और यूपीआई जैसे साधन पहले ही मौजूद हैं, तो भारत सरकार ने यूपी को क्यों लॉन्च किया है।

आपको बता दें, कि eRUPI डिजिटल ट्रांजैक्शन से धोड़ा भिन्न है। यह कांटेक्टलेस और कैशलेस सिस्टम है, जिसमें सरकार द्वारा निश्चित की गई सहायता अथवा स्कीम की पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट तथा लीकेज फ्री डिलीवरी रहेगी।

यह एक प्रकार से पर्सन के साथ साथ परपस स्पेसिफिक भी है। सरकार जिस उद्देश्य से कोई सहायता या बेनिफिट लोगों तक भेजेगी वह उसी उद्देश्य के लिए प्रयोग होगा तथा यह eRUPI के जरिए ही किया जाएगा।

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यह सहायता किसी दूसरे के संपर्क में आए बिना लाभार्थियों को तथा सेवा प्रदाताओं को डिजिटल तरीके से एक दूसरे से जोड़ता है।

eRUPI में यह सुनिश्चित कर लिया जाता है, कि लाभार्थीयों तक सहायता पहुंचने के पश्चात ही सेवा प्रदाता को भुगतान किया जाए।

यह पूरी तरह से प्रीपेड होने के कारण बीच में किसी तीसरे व्यक्ति का हस्तक्षेप नहीं रहता है। ऐसी सेवाओं के माध्यम से देश में काफी हद तक भ्रष्टाचार को कम किया जा सकता है।

eRUPI की सहायता से सरकार के अलावा यदि कोई गैर सरकारी संगठन चाहे तो वह भी देश के इस कल्याणकारी कार्य में अपना योगदान दे सकेंगे।

इसकी सहायता से टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, मातृ और बाल कल्याण योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आदि स्कीम के तहत सभी जरूरतमंद लोगों तक आसानी से मदद पहुंचाई जा सकेगी।

उदाहरण के लिए मान लीजिए, कि सरकार ने किसी व्यक्ति तक फ्री में सेनीटाइजर और मास्क खरीदने के लिए वाउचर एक मैसेज या क्यूआर कोड के जरिए भेजा हो। तो ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति उस वाउचर के उपयोग से केवल और केवल सैनिटाइजर और मास्क ही प्राप्त कर सकता है।

कई बार लोगों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता देने के बाद भी वे उसका उचित रूप से उपयोग नहीं कर पाते हैं। ऐसे हालात में eRUPI लोगों के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

ई-रुपी कैसे काम करता है? How does eRUPI work in Hindi?

eRUPI की सुविधा लाने के लिए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अपने यूपीआई प्लेटफार्म के जरिए कई बैंकों से टाई अप किया है। यदि किसी सरकारी एजेंसी अथवा अन्य कोरपोरेट्स को eRUPI  वाउचर को जारी करवाना है, तो उन्हें सबसे पहले इन बैंकों से संपर्क करना पड़ेगा।

इसके अंतर्गत लाभार्थियों को प्रदान की जाने वाली सहायता उनके मोबाइल फोन पर एक एसएमएस अथवा क्यूआर कोड आधारित इलेक्ट्रॉनिक वाउचर के रूप में भेजा जाएगा।

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इसका उपयोग करने के लिए किसी भी प्रकार के बैंकिंग डिटेल्स की आवश्यकता नहीं होगी। जब लाभार्थी के मोबाइल फोन पर कोई SMS या QR Code भेजा जाएगा, तो उसे हार्ड कॉपी करवाने की भी जरूरत नहीं होगी।

जैसे ही किसी लाभार्थी तक कोई सहायता पहुंचाई जाएगी तो उसे केवल निर्धारित सरकारी स्थानों पर जाकर वह सहायता क्यूआर कोड अथवा मैसेज को दिखाकर प्राप्त हो जाएगी।

बेनिफिशियरी की पहचान उसके मोबाइल नंबर से कर ली जाएगी और और सिर्फ उसी व्यक्ति के नाम का वाउचर बैंकों द्वारा सर्विस प्रोाइडर के जरिए दिया जाएगा।

ई-रुपी की जरूरत किसको है? Who needs eRUPI In Hindi?

दुनिया में दूसरे नंबर पर सबसे अधिक आबादी धराने वाले हमारे देश में आज भी ऐसे हजारों परिवार हैं जिन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं प्राप्त हो पाता है।

कई बार ऐसी समस्या देखी जाती है, कि जब सरकार लोगों की सहायता हेतु निश्चित धनराशि को लोगों की मदद के लिए भेजती है तो मध्यस्थ में रहे लोग अथवा छोटे बड़े मंत्री हमेशा ही अपना हिस्सा ढूंढ लेते हैं। ऐसे में जरूरतमंद लोगों तक सरकार की मदद पहुंच ही नहीं पाती है।

लेकिन भारत सरकार ने इसका एक अचूक उपाय eRUPI के रूप में ढूंढ लिया है। इसकी मदद से अब सरकार की सहायता और लाभार्थियों के बीच किसी तीसरे के मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।

इसके अलावा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों तक बहुत ही सस्ते दामों पर अनाज तथा दवाइयां उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

ई-रूपी के Live Partners

eRUPI के live partners वह बैंक और अस्पताल हैं जो इसकी सेवाओं को शुरू कर चुकी हैं। इसली लिस्ट देखने के लिए इस लिंक को क्लिक करें- https://www.npci.org.in/what-we-do/upi/erupi-live-partners

निष्कर्ष Conclusion

इस आर्टिकल में आपने eRUPI के बारे में पढ़ा। आशा है, यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा तथा जानकारी से भरपूर लगा होगा। यदि आपको यह अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें।

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