परोपकार का महत्व निबंध Essay on Importance of Charity in Hindi

इस लेख में आप परोपकार का महत्व निबंध Essay on Importance of Charity in Hindi हिन्दी में पढ़ेंगे। इसमे आप परोपकार का अर्थ, इसका महत्व, मानव जीवन का इसमें उद्देश्य, इसके लाभ, प्रकृति में परोपकार का भाव के विषय में पूरी जानकारी।

परोपकार का महत्व निबंध Essay on Importance of Charity in Hindi

“परहित सरिस धर्म नहिं भाई”।
अर्थात – परोपकार (दूसरों की भलाई) करने जैसा कोई दूसरा धर्म नहीं है।

सभी धर्मो में और परिभाषाओं में अच्छा बनने और अच्छा करने पर जोर दिया गया है, साथ ही दूसरों की भलाई करना तो निस्संदेह ही अच्छा करना है।

सभी मजहबों ने भी एकमत होकर मानवता की सेवा की बात की है, जैसे भूखे को भोजन कराना, वस्त्रहीनों को वस्त्र देना, बीमार लोगों की देखभाल करना, भटकों को सही मार्ग पर लगाना आदि धर्म का कार्य करना है, जो एक परोपकार का भी कार्य हैl दोस्तों आज हम बात करेंगे कि परोपकार का क्या महत्व है और इसके क्या लाभ हैl 

प्रस्तावना शब्द की परिभाषा? Definition of Word Paropkar?

परोपकार शब्द हिंदी के दो शब्द “पर” और “उपकार” से मिलकर बना हैl जिसका शाब्दिक अर्थ बिना स्वार्थ के किसी दूसरे का भला करना, या सहायता करना हैl इसका दूसरा नाम करुना या सेवा भी है, जब मनुष्य के भीतर दूसरे के प्रति सेवा का भाव हो तो उसे ही परोपकार की संज्ञा दी जाती हैl

बचपन से ही हमारे माता-पिता द्वारा हमें यह सिखाया जाता है कि जरुरत के समय हमें दुसरो की मदद करना चाहिएl जो एक मानवता का भी कार्य है, इस विषय पर कई कवियायें और कहानिया भी प्रचलित हैl

परोपकार का अर्थ? Meaning of Charity in Hindi?

ईश्वर द्वारा जब श्रृष्टि की रचना की गयी थी तो उस समय ईश्वर का उद्देश्य यह था कि मनुष्य आपस में एक दूसरे की निस्वार्थ मदद करके अपना विकास करें, क्योंकि परोपकार का अर्थ किसी व्यक्ति की सेवा या उसकी किसी भी प्रकार के मदद करने से हैl

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यह गर्मी के समय में प्यासे को पानी पिलाने से लेकर किसी गरीब की बेटी के विवाह में अपना योगदान देना भी हो सकता है। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि किसी की मदद करना और उस मदद के एवज़ में उससे किसी भी प्रकार की प्राप्ति की उम्मीद न रखना ही है परोपकार कहलाता हैं।

परोपकार का महत्व Importance of Charity in Hindi

आखिर परोपकार का क्या महत्व है और यह हमारे जीवन में क्यों महत्वपूर्ण है ? यदि देखा जाये तो हमारे जीवन में परोपकार की भावना होना बहुत ही आवश्यक है, दूसरे की जरुरत पर मदद करना ही एक व्यक्ति को महान बनाती है जिसके कारण व्यक्ति समाज में पूजा जाता हैl

यही वो भावना है जो एक साधारण व्यक्ति को असाधारण बना देती है और ऐसे व्यक्ति दुसरो के लिए अपनी जिंदगी लगा देते है और समाज में एक नयी मिसाल कायम करते हैl परोपकार की भावना निस्वार्थ होती है, किसी स्वार्थ के वशीभूत होकर की गयी मदद परोपकार की श्रेणी में नही आतीl शायद ही कोई ऐसा धर्म है जो इससे बढ़कर हैl

भारतीय इतिहास में भी हमें परोपकार के प्रमाण देखने को मिलते है जैसे महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, जवाहरलाल नेहरू तथा लाल बहादुर शास्त्री का नाम बड़े आदर के साथ लिया जाता है इन महापुरुषों द्वारा मनुष्य की भलाई के लिए अपने घर परिवार का त्याग कर दिया गया था।

मानव जीवन का उद्देश्य Purpose of human life

ईश्वर द्वारा प्रदत्त इस मानवीय जीवन का उददेश है कि हम एक दूसरे की मदद करे। हम अपने बुद्धि, विवेक, कमाई या बल की मदद से परोपकार कर सकते हैl परोपकार से मतलब केवल आर्थिक सहायता करने से नही है, आप चाहे तो अपने बुद्धि, विवेक के सहारे भी किसी की मदद कर सकते हैl

मनुष्य वही है जो दूसरों के लिए काम आए। अंपने लिए तो सभी जीते हैं लेकिन जीवन उसका सफल है जो दूसरों की भलाई करे। संसार में परोपकार ही वह गुण है जिससे मनुष्य के जीवन में सुख की अनुभूति होती है। समाज सेवा की भावना, देश प्रेम की भावना, देश भक्ति की भावना, दुख में पीड़ित लोगों की सहायता करने की भावना यह सब कार्य परोपकारी व्यक्तियों की निशानी है।

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इसके विपरीत परपीड़ा अर्थात दूसरों को कष्ट पहुंचाने से बढ़कर कोई नीचता का कार्य नही हो सकता । परहित नि:स्वार्थ होना चाहिए। जहां स्वार्थ का भाव आ गया, वहां परहित रहता ही नही । यदि किसी की भलाई, बदले में कुछ लेकर की तो वह भलाई नहीं एक प्रकार का व्यापार है।

परोपकार से लाभ Benefits of Charity in Hindi

परोपकार की भावना से मनुष्य के हृदय में सुख की अनुभूति होती है और उदारता की भावना पनपती है। इसके लगातार अभ्यास से किसी के प्रति द्वेष तथा ईर्ष्या नहीं होती। परोपकारी मनुष्य न केवल अपने बारे में सोचता है बल्कि दुसरो के सुख दुख का ध्यान भी रखता हैl

ईश्वर ने सभी प्राणियों में सबसे योग्य मनुष्य को बनाया है और परोपकार का गुण ही मनुष्य को पशु से अलग करता है और पूजनीय बनाता है। जीव जंतु भी अपने ऊपर किए गए उपकार के प्रति कृतज्ञ होते हैं ।

परोपकार का सबसे बड़ा लाभ है आत्म संतुष्टि, आत्मा को शांति मिलना कि मैंने दूसरों के हित के लिए यह काम किया है। परोपकार निस्वार्थ भाव से किया जाता है किंतु इसके बदले में परोपकारी प्राणी को वो संपत्ति प्राप्त हो जाती है जो लाखों रुपए देकर भी नहीं खरीदी जा सकती वह संपत्ति है मन का सुख।

परोपकार से आत्मिक व मानसिक शान्ति मिलती है। परोपकारी मनुष्य मर कर भी अमर रहते हैं। इतिहास में कई ऐसे महापुरुष हुए जो अपनी परोपकारिता के लिए जाने जाते है जैसे दानवीर कर्ण, भगवान बुद्ध, महावीर स्वामी, गुरुनानक, महर्षि दयानन्द, विनोबा भावे, महात्मा गांधी आदिl  

प्रकृति में परोपकार का भाव A Sense of Philanthropy in Nature

प्रकृति का कण-कण हमें परोपकार की शिक्षा देता है और प्रकृति के प्रत्येक कार्य में हमें सदैव परोपकार की भावना निहित दिखाई पड़ती है। प्रकृति लगातार रूप से मनुष्य जाति के साथ साथ सभी प्रकार के जीव जंतु के लिए परोपकार का कार्य जारी रखती है।

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जैसे नदियाँ परोपकार के लिए बहती है, वृक्ष फलते – फूलते है और धूप में रहकर हमें छाया देता है, सूर्य की किरने सम्पूर्ण संसार को प्रकाशित करती है और प्रकृति को आलोकित रखती है । चन्द्रमा से शीतलता, समुद्र से वर्षा, पेड़ों से फल-फूल और सब्जियाँ, गायों से दूध, वायु से प्राण शक्ति मिलती है।

बादल वर्षा करके पेड़ो को हरा-भरा बनाते हैं, जो जीव- जंतुओं को राहत देते हैं।l इस प्रकार प्रकृति का कण-कण हमें परोपकार की शिक्षा देता हैl यह भी प्रकृति में देखने को मिलता है, कि नदी अपना पानी स्वयं न पीकर प्यासे की प्यास बुझाती है, पेड़ अपना फल स्वयं न खाकर भूखे का पेट भरता हैl

परोपकारी मनुष्य किसी प्राप्ति की आशा से किसी की मदद नही करता बल्कि इंसानियत के नाते दूसरों की भलाई करता है। विज्ञान आज इतना विकसित हो चूका है की आज किसी व्यक्ति के मरने के बाद वो अपनी आंखे किसी को दान में देकर उसके जीवन में प्रकाश ला सकता हैl

दोस्तों आज से हम भी छोटे-छोटे परोपकारी कार्यो को कर सकते हैं। जैसे प्यासे को पानी पीलाना, भूखे को भोजन कराना, अशिक्षितों को शिक्षा देना, जरुरतमं की मदद करना आदि कार्यो को करके परोपकार किया जा सकता है।

आशा करते हैं आपको परोपकार का महत्व निबंध Essay on Importance of Charity in Hindi पढ़कर अच्छा लगा होगा। अपने सुझाव कमेन्ट के माध्यम से हमने जरूर भेजें।

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