संतुलित आहार पर निबंध Essay on Balanced Diet in Hindi – Santulit Aahar

संतुलित आहार पर निबंध Essay on Balanced Diet in Hindi – Santulit aahar par nibandh

भोजन हमारे जीवन की जरूरत है। भोजन है तो हम हैं, भोजन से ही हमें ऊर्जा मिलती है और उस ऊर्जा से हम अपने दिन भर के काम करते हैं; अथार्त जीवन व्यापन करते हैं। भोजन से ही हमारा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बना रहता है। पर क्या केवल भोजन खाना ही पर्याप्त है ?? जवाब होगा, नहीं !!!

हमें अगर स्वस्थ रहना है, तो संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। अब यह संतुलित आहार क्या होता है ?? संतुलित आहार की परिभाषा होगी- ऐसा भोजन या आहार जिसमें सभी पोषक तत्व संतुलित मात्रा में हो। पोषक तत्व वह तत्व होते हैं जो खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं, अर्थात इन के सेवन से ही हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

संतुलित आहार पर निबंध Essay on Balanced Diet in Hindi – Santulit aahar par nibandh

भोजन में कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं ?

कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, लिपिड, विटामिन, मिनरल, पानी। हमें भोजन ऐसे करना चाहिए, जिससे हमारे आहार में इन सभी तत्वों की संतुलित मात्रा शामिल हो। एक संतुलित आहार वह होगा जिसमें ज्यादा कार्बोहाइड्रेट, मध्यम प्रोटीन और थोड़ा लिपिड शामिल हो।

आहार को इस प्रकार लेने की भी वजह यह है कि हमारा शरीर ज्यादा प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट अथवा थोड़े लिपिड से बना होता है; अर्थात इस वितरण के हिसाब से ही भोजन ग्रहण करना चाहिए। क्योंकि प्रोटीन से हमारा 70% शरीर बना होता है, कार्बोहाइड्रेट मुख्यतः ऊर्जा प्रदान करते हैं और लिपिड द्वारा हमारे शरीर में चिकनाहट बनी रहती है।

कार्बोहाइड्रेट के उदाहरण : रोटी,चावल, अनाज, शक्कर, आदि।
प्रोटीन के उदाहरण : अंडा, पनीर, दूध, मछली, मांस, आदि।
लिपिड के उदाहरण : दूध, घी, मीठे खाद्य पदार्थ, आदि।

इन सब के अलावा हमें दूध भी भरपूर मात्रा में लेना चाहिए, क्योंकि दूध में सभी पोषक तत्वों की प्रचुर मात्रा होती है। विटामिंस का भी अपना महत्व होता है, यह ऐसे पोषक तत्व है जो लगभग सभी खादय पदार्थों में पाए जाते हैं पर थोड़ी मात्रा में; परंतु इनकी जरा सी भी कमी शरीर में बीमारियां उत्पन्न कर सकती है।

कुछ विटामिन कुछ चुनिंदा खाद्य पदार्थों में ही ज्यादा पाए जाते हैं, जैसे विटामिन ए हरी सब्जियों में, विटामिन सी खट्टे फलों में, विटामिन डी दूध में अथवा दुग्ध पदार्थों में, विटामिन बी सब्जियों और अनाज में।  मतलब अगर आप में किसी विटामिन की कमी है, तो आप संबंधित खाद्य पदार्थ ले सकते हैं।

शरीर में हर विटामिन का अपना एक विशेष कार्य होता है, जैसे विटामिन ए आंखों की सेहत के लिए अत्यंत लाभदायक होता है, विटामिन डी हड्डियां मजबूत रखता है, विटामिन ई त्वचा एवं बालों को स्वस्थ रखता है, विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखता है।

मिनरल खनिजों को कहा जाता है। मिनरल भी खाद्य पदार्थों में कम मात्रा में ही पाए जाते हैं, परंतु इनका सेवन भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। मिनरल्स के उदाहरण हैं – कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटेशियम, कॉपर, आयरन, आदि।

मिनरल्स का सबसे अहम कार्य हमारे शरीर में है : मांसपेशियों के खिंचाव और विश्राम में मदद करना। मांसपेशियों के खिंचाव और विश्राम द्वारा ही हम अपनी सभी शारीरिक गतिविधियां कर पाते हैं। मिनिरल्स सभी हरी पत्तेदार सब्जियों में अथवा दूध में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।  

पानी भी पोषक तत्वों की सूची में आता है, जी हां बिल्कुल हमारे पूरे शरीर का 60% भाग अथवा मस्तिष्क का कुल 70% भाग और रक्त का 50% भाग पानी से ही बना होता है। पानी शरीर में नमी बनाए रखता है, तरावट प्रदान करता है, जिससे हमारे सभी अंग सही प्रकार से कार्य करते हैं, त्वचा, नाखून, बालों में चमक बनी रहती है, शरीर की आंतरिक क्रियाएं भी सुचारु रूप से चलती रहती है

तात्पर्य यह है कि हमें संतुलन में भोजन का सेवन करना चाहिए तभी वह कहलाएगा संतुलित आहार। आप भोजन सही संतुलन में लेंगे, तभी स्वस्थ रह पाएंगे, मानसिक एवं शारीरिक दोनों रूप से।

खाना खाते समय कुछ मुख्य चीजों का ध्यान रखें

इन सब के उपरांत यह बताना भी आवश्यक है कि केवल संतुलित आहार को लेना ही, बात को पूरा नहीं करता है। मतलब खाने की मात्रा और खाने का समय भी बहुत मायने रखता है। कुछ विशेष बिंदु –

  • खाना हमेशा सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए, अत्यधिक सेवन ना करें। जरूरत से ज्यादा खाने से अनेकों समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि बदहजमी, कब्ज, मोटापा आदि। याद रखें कि भोजन केवल तभी पौष्टिक है, जब वह सीमित मात्रा में, जरूरत के अनुसार ग्रहण किया जाए, क्योंकि किसी भी चीज की अति ठीक नहीं।
  • खाना सही समय पर खाना चाहिए, अर्थात सबसे सुनहरा नियम यही है कि जब भूख लगे तभी खाएं, क्योंकि भूख में हमारा पाचन तंत्र अच्छे से काम करता है अथवा हाजमा अच्छा रहता है।
  • कोशिश करें कि ताजा गर्म खाना ही खाएं, यह और भी लाभप्रद है।
  • फ्रिज से निकली हुई चीजों का एकदम सेवन ना करें, पहले उन्हें गर्म कर ले।
  • फल हमेशा दिन के समय में खाएं, रात में ना खाएं।
  • जब भोजन का सही समय हो, उसी वक्त खाए, ज्यादा देर से ना खाएं। असमय खाना खाने से भी शरीर में अनेकों बीमारियां घर कर लेती है।
  • भोजन केवल पेट भरने के लिए ना खाए, अपने शरीर को शुद्ध रखने के लिए खाए।
  • कोशिश करें कि केवल घर का बना खाना ही खाएं, जंक फूड या बाहर की चाट से जितना परहेज रखें, उतना अच्छा।
  • खाना अच्छे से चबाकर खाएं, इससे पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
  • टीवी देखते हुए खाना ना खाएं, इससे पता नहीं चल पाता है कि हम भोजन की कितनी मात्रा ग्रहण कर रहे हैं।
  • बहुत ज्यादा गुस्से में हो तो खाना ना खाए, शांत बैठ कर स्थिर मन से भोजन करें।
  • भोजन के बीच में बार बार पानी ना पिए, केवल खाने से आधा घंटा पहले और आधा घंटा बाद ही पानी पीएं, इससे खाना सही प्रकार हजम हो पाता है।
  • खड़े होकर खाना ना खाए, एक जगह बैठकर खाएं।
  • जो भी खाएं प्रसन्न मन से खाएं, जल कुढ़ कर नहीं। ईश्वर का धन्यवाद करते हुए खाए, कि हमारी थाली में इतना भोजन है और इस प्रार्थना के साथ के जिनके पास नहीं है, उनको दे।

अंत में यही कहना चाहेंगे कि संतुलित आहार ही एक स्वस्थ जीवन की चाबी है, अथार्त सेहतमंद जिंदगी के लिए संतुलित आहार अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर हमें स्वस्थ बने रहना है, तो भोजन को केवल खाए नहीं, उसका संतुलन बनाकर ग्रहण करें।

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