कन्या भ्रूण हत्या पर निबंध Essay on Female Foeticide in Hindi

कन्या भ्रूण हत्या पर निबंध Essay on Female Foeticide in Hindi

क्या आप कन्या शिशु हत्या के विषय में जानते हैं और जानना चाहते हैं कैसे यह आज एक अभिशाप के रूप में हमारे देश में छाया हुआ है?
क्या कन्या भ्रूण हत्या को आप हमारे समाज से दूर करना चाहते हैं?
क्या आप जानते हैं प्रसव से पूर्व परीक्षणों का कैसे दुरुपयोग हमारे देश में हो रहा है?

कन्या भ्रूण हत्या पर निबंध Essay on Female Foeticide in Hindi

कन्या भ्रूण हत्या तब कहा जाता है जब किसी महिला के पेट मे पल रहे शिशु का जन्म होने से पहले लिंग जांच करवाया जाता है और उस महिला का गर्भपात करवा दिया जाता है। यह एक बहुत बड़ा कानूनी अपराध है जो अशिक्षित लोग लड़के शिशु की चाह में महिलाओं के पेट में ही अजन्मे लड़की शिशु को गर्भपात के द्वारा मार डालते हैं।

कुछ पैसों के लिए कुछ डॉक्टर गैर कानूनी तरीके से अल्ट्रासाउंड के द्वारा बच्चे के लिंग की जांच करके बता देते हैं। जानने के बाद दवाई और सर्जरी के माध्यम से उस महिला का गर्भपात करवा दिया जाता है जिसके पेट में लड़की शिशु पल रही होती है।

यह विश्व के सबसे बड़े सामाजिक बुराइयों में से एक है। यह अपराध बहुत ही छोटी मानसिकता वाले लोग करते हैं जो लड़कों को लड़कियों से आर्थिक विभिन्न तर्कहीन कारणों के लिए पसंद करते हैं जिसके विषय में आज के इस आधुनिक युग में सोचना भी शर्मनाक है। सबसे बड़ी शर्म की बात तो यह है कि न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में बल्कि शहरी क्षेत्र में भी यह घोर अपराध हो रहा है।

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हमें लोगों को जागरुक बनाना होगा और समाज में लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव को पूर्ण रूप से दूर करना होगा जिससे कन्या भ्रूण हत्या जैसे महापाप हमारे समाज से पूरी तरीके से मिट जाए।

आज सरकार को भी हमारे देश भारत में कन्या भ्रूण हत्या के लिए और मजबूत कानून बनाने चाहिए तथा लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए नई सुविधाएँ और घर घर में प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

हमारा देश भारत जहां महिलाओं के रूप में दुर्गा, पार्वती, माता सीता, काली जैसे भगवानों का पूजा किया जाता है वही दूसरी ओर कन्या भ्रूण हत्या जैसे महापाप लोग करते हैं।यह आज एक मुख्य सामाजिक मुद्दा बन चुका है जो देश की सफलता है कि रास्ते में एक बड़ा रोक है।

दहेज़ प्रथा Dowry System

भारत की ज्यादातर परंपरा में लड़कियों को बोझ माना जाता है क्योंकि हमारे देश में दहेज़ प्रथा जैसे अभिशाप आज तक समाज में मौजूद हैं। इसके साथ-साथ महिलाओं को यौन उत्पीड़न, बलात्कार तथा मार पीट जैसी बड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।बेटी के जन्म होते हैं ज्यादातर रूढ़िवादी परिवारों में दुख समझा जाता है क्योंकि उन्हें लड़की की पढ़ाई कि नहीं बल्कि उसके विवाह की चिंता सताने लगती है।

लड़कियों या महिलाओं के साथ अन्य कई प्रकार के अत्याचार जैसे छेड़छाड़, बलात्कार, एसिड फेंकना, दुल्हन को पीटना मारना, होते हैं जो की बहुत बुरा है। इन्हीं सब चीजों के कारण लोग पेट में पल रहे शिशु का लिंग जांच करवाते हैं और वही लोग लड़की होने पर गर्भवती महिला का गर्भपात करवा देते हैं जिसे कन्या भ्रूण हत्या कहा जाता है।

प्रसव से पूर्व परीक्षण का दुरुपयोग Misuse of pre-natal tests

आज टेक्नोलॉजी बहुत आगे बढ़ चुका है परंतु लोगों की सोच अभी तक बहुत छोटी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है प्रसव से पूर्व किए जाने वाले परीक्षणों का गलत उपयोग करना। गर्भावस्था में महिलाओं का अल्ट्रासोनोग्राफी या अल्ट्रासाउंड का उपयोग खासकर बच्चे का सही पोजीशन, बच्चे में कोई कमी, की जांच के लिए किया जाता है।

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परंतु आज की कई जगह में अल्ट्रासाउंड की मदद से बच्चे का लिंग जांच करवाया जा रहा है जो कि पूर्ण रूप से गैर कानूनी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रसव से पूर्व बच्चे के लिंग के विषय में माता-पिता को बताने से लड़की होने पर महिला का गर्भपात करवा दिया जाता है।

नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय Effective Measures to Control

जैसे की हम सभी जानते हैं कि कन्या भ्रूण हत्या एक बहुत बड़ा अपराध है तथा महिलाओं के भविष्य के लिए भी एक सामाजिक आपदा है। हमनें इस आर्टिकल मैं आपको  कन्या भ्रूण हत्या होने की कुछ मुख्य कारणों के बारे में बताया  जिन्हें हम सबको मिल कर एक-एक करके सुधारना होगा।

कन्या शिशु हत्या या कन्या भ्रूण हत्या खासकर होता है पेट में पल रहे शिशु के लिंग जांच के कारण। इसलिए सरकार को इसके ऊपर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। भारत के हर एक नागरिक और शिशु की जांच करने वाले डॉक्टर को भी सभी कानूनी नियमों के अनुसार ही जांच करना चाहिए और बच्चे के जन्म से पूर्व लिंग के विषय में खुलासा नहीं करना चाहिए।

आज भारत में जन्म से पूर्व बच्चे का लिंग जांच करवाना बहुत बड़ा अपराध है परंतु अभी भी कई जगहों पर यह अपराध हो रहा है। ऐसे चिकित्सकों या डॉक्टरों का पूर्ण लाइसेंस रद्द कर दिया जाना चाहिए जो गैरकानूनी तरीके से लिंग जांच करते हैं।

विशेष रूप से अवैध सेक्स निर्धारण के लिए चिकित्सा उपकरणका उपयोग करने वाले लोगों को रोकना होगा जिससे हम जानबूझकर किए जाने वाले हैं गर्भपात को रोक पाएंगे।साथी उन माता पिता को भी दंड दिया जाना चाहिए जो अपने कन्या शिशु की हत्या करना चाहते हैं।

ना सिर्फ कड़े कानून बल्कि लोगों के मन में जागरुकता लाना भी बहुत जरूरी है क्योंकि जब तक मन का मैल साफ नहीं होगा तब तक इस प्रकार के अपराध हमारे समाज में होते हैं।हमारे देश और समाज कि महिलाओं को सशक्त बनना ही होगा जिससे वह अपनेअधिकारों को प्राप्त कर सकेंगे और पूरे विश्व में अपना और देश का नाम रोशन करेंगे।

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