भारतीय वायु सेना दिवस निबंध Essay on Indian Air Force Day in Hindi

भारतीय वायु सेना दिवस निबंध Essay on Indian Air Force Day in Hindi

भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर सन् 1932 को की गई थी इसीलिए इस मौके को याद करते हुए इस दिन “भारतीय वायु सेना दिवस” के रूप में मनाया जाता है। भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी हवाई सेना है। भारत की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना को तीन भागों में बांटा गया है। जिसमें से एक है वायु सेना।

भारतीय वायु सेना दिवस निबंध Essay on Indian Air Force Day in Hindi

भारत के वायु सेना का महत्व

वायु सेना हवाई जहाज की सहायता से हवाई सुरक्षा एवं वायु पहरेदारी का महत्वपूर्ण काम देश के लिए करता है। सन् 1990 में महिलाओं ने भी वायु सेना में शामिल होने का निर्णय लिया था और भारतीय वायुसेना में महिलाओं ने अपना बहुत ही योगदान दिया। 2018 में 8 अक्टूबर को पूरे देश में इस दिन को पूरे उत्साह और गौरव के साथ भारतीय वायु सेना की 86वीं वर्षगांठ मनाई गई।

भारतीय वायुसेना में सभी सैनिक बहुत ही अच्छे ईमानदार एवं कर्मियों तथा लड़ाकू विमानों को लाने का प्रयास किया जा रहा है इसका मुख्य उद्देश्य है भारतीय हवाई क्षेत्र को सुरक्षित रखना।

आजादी के पहले इसे रॉयल इंडियन एयर फोर्स के नाम से जाना चाहता था जबकि आजादी के बाद इसका नाम रॉयल इंडियन फोर्स से बदलकर सिर्फ इंडियन फोर्स रखा गया। रॉयल इंडियन फोर्स सन् 1945 के द्वितीय विश्व युद्ध में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। देश की सुरक्षा और उसके विकास में वायुसेना का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

भारत में लगभग 24000 किलोमीटर अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी वायु सेना बखूबी निभाता है। भारत की सीमा पर जब भी संकट आया है या फिर दूसरे देशों ने आक्रमण किया है तो भारतीय वायुसेना एक दैवीय शक्ति के रूप में नजर आई है।

एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी ने 1 अप्रैल सन् 1924 को वायु सेना का सदस्य बनकर कार्यभार संभाला था। शुरुआत में भारतीय वायुसेना में टेक्नोलॉजी की बहुत कमी थी लेकिन भारतीय वायुसेना ने अपनी स्थित को मजबूत बनाने में सफल रहे और आज के समय में वायु सेना के कारण ही भारत देश की सीमा पर कोई भी अन्य देश आक्रमण करने से डरता है। भारतीय सशस्त्र सेनाओं में से एक नया भाग भारतीय वायु सेना का है। भारतीय संविधान में वायुसेना विधेयक  8 अक्टूबर सन् 1932 को पारित किया गया था।

भारत के आजाद होने के बाद भी बहुत बार ऐसा भी समय आया जब भारतीय वायु सेना के सैनिक अपने भारत देश के लिए हमेशा लड़ने के लिए तैयार खड़े रहे। आजादी के बाद भारत और चीन की लड़ाई में भी भारतीय वायु सेना ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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मई 1999 में हुए कारगिल के युद्ध में पाकिस्तानी घुसपैठियों को सीमा रेखा के बाहर निकालने के लिए भारतीय थल सेना को विश्व के सबसे ऊंचे भू-भागो  में से एक युद्ध करना पड़ा ऐसे में भी भारतीय वायुसेना भारत के लिए संकट निवारण सिद्ध हुआ।

भारत के राष्ट्रपति भारतीय वायुसेना में कमांडर इन चीफ के रूप में कार्य करते हैं। भारतीय वायुसेना में कभी भी एक समय में एक से अधिक एयर चीफ मार्शल नहीं होते हैं। कानपुर के हवाई अड्डे पर भारत सरकार ने विमान निर्माण डिपो की भी स्थापना किया। वायु सेना एक अकेला जरिया है दूसरे देशों पर नजर रखने के लिए और उसके घुसपैठियों को भगाने के लिए।

भारतीय वायु सेना का उद्देश्य

भारतीय वायुसेना सभी खतरों से भारतीय हवाई क्षेत्र की रक्षा करना। भारतीय वायु सेना मिशन सशस्त्र बल अधिनियम सन्  1947 में भारत की संविधान और सेना अधिनियम सन् 1950, हवाई युद्ध क्षेत्र आदि के द्वारा परिभाषित किया जाता है।

भारत में जब कोई आपदा आती है तो उस समय वायु सेना आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री गिराने खोज एवं बचाव अभियान में सहायता करती है। भारतीय वायुसेना 1998 में गुजरात चक्रवात के समय प्राकृतिक आपदा के बचाव के लिए राहत सामग्री और जाने में काफी मददगार रहा है।

भारतीय वायु सेना का संगठन

भारतीय वायु सेना के प्रमुख अधिकारी “चीफ आफ एयर स्टाफ” कहे जाते हैं जो पद “चीफ एयर मार्शल” का होता है। वायु सेना का मुख्यालय दिल्ली में बनाया गया है जिसके द्वारा संपूर्ण वायु सेना का नियंत्रण रखा जाता है।

एयर मार्शल एवं वाइस एयर मार्शल या एयर कमोडोर यह सारे स्टाफ चीफ ऑफ एयर स्टाफ की सहायता के लिए होते हैं और यह चारों स्टाफ ही हवाई सेना के प्रमुख ब्रांच पर नियंत्रण रखते हैं। वायु सेना के मुख्यालय को चार भागों में बांटा गया है जो निम्न वत है-

  • एयर स्टाफ
  • प्रशासनिक शाखा
  • अनुरक्षक विभाग
  • कार्य निहित योजना विभाग

भारतीय वायुसेना के विभिन्न पद

वायुसेना के विभिन्न पद –

  • एयर चीफ मार्शल
  • एयर मार्शल
  • एयर वाइस मार्शल
  • एयर कमोडोर
  • विंग कमांडर
  • ग्रुप कैप्टन
  • स्क्वाडर्न लीडर
  • फ्लाइंग अफसर
  • फ्लाइट लेफ्टिनेंट

अन्य पद

एयर फाॅर्स के मुख्य पद –

  • मास्टर वारंट अफसर
  • वारंट अफसर
  • जूनियर वारंट अफसर
  • फ्लाइट सार्जेंट
  • सार्जेंट
  • कारपोरल
  • लीडिंग एयर क्राफ्ट्समैन

भारतीय वायुसेना के विमान

 भारतीय वायुसेना विमानों को कई भागों में बांटा गया है –

  • प्रशिक्षण विमान-: वैंपायर, डकोटा।
  • लड़ाकू विमान-: हंटर, नैट, तूफानी।
  • परिवहन विमान-: डकोटा, बॉक्स कार, वाइ काउंट।
  • बम वर्धक विमान-: लिब्रेटर, कैनबरा।
  • टोह लेने वाले विमान-: आफ्टर, स्पिट फायर।
  • अतिरिक्त विमान-: हेलीकॉप्टर

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