भारतीय संविधान पर निबंध Essay on Indian Constitution in Hindi

भारतीय संविधान पर निबंध Essay on Indian Constitution in Hindi

भारत का सर्वोच्च कानून “भारत का संविधान” के नाम से जाना जाता है। भारतीय संविधान का निर्माण करने वाले महान नेता डॉक्टर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर थे। जिनका जन्म 14 अप्रैल सन् 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी ने अपना सारा जीवन देश में समानता के लिए लड़ते रहे।

भारतीय संविधान पर निबंध Essay on Indian Constitution in Hindi

संविधान एक लिखित नियम और कानून का समूह है जिसके द्वारा सरकार की शक्तियों का विभिन्न टुकड़ों में विवरण है तथा इन शक्तियों का प्रयोग के सामान्य सिद्धांत निश्चित किए जाते हैं। कोई भी कार्यवाही जो संविधान के अनु रूप नहीं होता है तो उसे गैरकानूनी माना जाती है। सत्ता का दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए और सरकार की शक्तियों को एक सीमा में रखने के लिए संविधान का निर्माण किया गया था।

ब्रिटेन का संविधान अधिकतर अलिखित है जबकि भारत का संविधान ज्यादातर लिखित है। भारत का संविधान दुनिया में सबसे बड़ा लिखित संविधान है जिसका निर्माण एक संविधान सभा के द्वारा किया गया था।

सभी देशों का संविधान उचित ढंग से उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बनाया जाता है यह कुछ ऐसे सिद्धांत पर आधारित होते हैं जो देश का आधार बनते हैं इसका उचित प्रयोग किसी भी राज्य या देश को संतुलित रूप से चलाने के लिए किया जाता है जिससे सारे देश वासियों के लिए जो नियम कानून बनाए गए हैं वह सुचारु रुप से चल सके।

संविधान में जो नियम बनाए जाते हैं उसे सबसे पहले न्यायालय द्वारा मान्य होता है तभी देश में लागू किया जा सकता है। एक देश में कई समुदाय के लोग रहते हैं इसलिए यह आवश्यक नहीं है कि जो संविधान में कानून नहीं थे उस पर सभी की सहमति हो लेकिन हर समुदाय के लिए कानून को बदला नहीं जा सकता।

संविधान के प्रकार Types of constitution

भारत के संविधान को दो भागों में बांटा गया है जो निम्नवत है:-

  1. लिखित संविधान
  2. अलिखित संविधान

संविधान पूरी तरह लिखित भी नहीं हो सकता है संविधान अलिखित भी होते हैं और उसके सहज भाव होते हैं जिसके किसी भी तथ्य को कठिनाई नहीं होती है जबकि लिखित संविधान को बदलना बहुत ही जटिल है क्योंकि किसी भी विषय में संशोधन करने के लिए सबसे पहले केंद्रीय संसद और समस्त राज्य के विधान मंडलों की सहमत लेनी जरूरी होती है।

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भारतीय संविधान की कुछ मुख्य बातें Some Important points of Indian Constitution

भारतीय संविधान को 26 नवंबर सन् 1949 में मंजूरी दे दी गई थी लेकिन इसे 26 जनवरी सन् 1950 में लागू किया गया था। भारतीय संविधान को तैयार करने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था।

भारतीय संविधान के निर्माण के समय इसमें 395 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां तथा 22 भागों में विभाजित किया गया था जबकि इस समय भारतीय संविधान 465 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 22 भागों में विभाजित है। संविधान सभा के प्रमुख सदस्य अब्दुल कलाम, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल जो भारत के सभी राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे।

भारतीय संविधान को हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में हाथ से ही लिखा गया है। भारतीय संविधान को बनाने में लगभग एक करोड़ का खर्च लगा था। भारतीय संविधान में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को 11 दिसंबर सन् 1946 में स्थाई अध्यक्ष चुना गया था। भारतीय संविधान लागू होने के बाद भी इसमें 100 से अधिक संशोधन किए जा चुके हैं। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष भी थे।

भारतवर्ष में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारतीय संविधान में सरकार के अधिकारियों के कर्तव्य और नागरिकों के  अधिकारों के बारे में भी बताया गया है। संविधान सभा के कुल सदस्यों की संख्या 389 थी जिसमें 292 ब्रिटिश प्रांतों के 4 चीफ कमिश्नर एवं 93 देसी रियासतों के थे।

भारत अंग्रेजों से आजाद होने के बाद संविधान सभा के सदस्य की संसद के प्रथम सदस्य बने थे और भारत की संविधान सभा का चुनाव भारतीय संविधान को बनाने के लिए ही किया गया था। संविधान के कुछ अनुच्छेदों को 26 नवंबर सन् 1949 को पारित किया गया था जबकि बचे अनुच्छेदों को 26 जनवरी सन् 1950 को लागू किया गया था।

केंद्रीय कार्यपालिका का संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति होता है। भारतीय संविधान का निर्माण करने वाली संविधान सभा का गठन 19 जुलाई सन 1946 में किया गया था। भारत की संविधान सभा में हैदराबाद रियासत के प्रतिनिधि सम्मिलित नहीं हुए थे।

भारतीय संविधान के प्रमुख भाग Major parts of Indian Constitution

  • भाग 1 – संघ एवं उसका राज्य क्षेत्र : अनुच्छेद 1 से 4
  • भाग 2 – नागरिकता : अनुच्छेद 5 से 11
  • भाग 3 – मौलिक अधिकार : अनुच्छेद 12 से 35
  • भाग 4 – नीति निर्देशक तत्व : अनुच्छेद 36 से 51
  • भाग 4( क) – मूल कर्तव्य : अनुच्छेद 51
  • भाग 5 – संघ : अनुच्छेद 52 से 151
  • भाग 6 – राज्य : अनुच्छेद 152 से 237
  • भाग 7 – संविधान अधिनियम : अनुच्छेद 238
  • भाग 8 – संघ राज्य क्षेत्र : अनुच्छेद 239 से 242
  • भाग 9 – पंचायत : अनुच्छेद 243 से 243
  • भाग 10 – नगर पालिका : अनुच्छेद 243P-243ZG
  • भाग 11 – अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र : अनुच्छेद 244 से 244A
  • भाग 12 – संघ और राज्य के बीच संबंध : अनुच्छेद 245 से 263
  • भाग 13 – वित संपत्ति : अनुच्छेद 264- 300
  • भाग 14 – व्यापार वाणिज्य और समागम : अनुच्छेद 301 से 307
  • भाग 15 – संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं : अनुच्छेद 308 से 322
  • भाग 16 – अधिकरण : अनुच्छेद 323A से 323B
  • भाग 17 – निर्वाचन : अनुच्छेद 324 से 329A
  • भाग 18 – कुछ वर्गों के लिए विशेष संबंध : अनुच्छेद 330 से 342
  • भाग 19 – राजभाषा : अनुच्छेद 343 से 351
  • भाग 20 – आपात उपबंध : अनुच्छेद 352 से 307
  • भाग 21 – प्रकीर्ण : अनुच्छेद 361 से 367
  • भाग 22 – संविधान के संशोधन : अनुच्छेद 368

Featured Image – https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Constitution_of_India_(31667825533).jpg

13 thoughts on “भारतीय संविधान पर निबंध Essay on Indian Constitution in Hindi”

  1. Our constitution are very important to the Indian people,cultural, and others etc.

    Dr.babasaheb ambedakr is the father of Indian contitution.

    Reply

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