रक्षाबंधन त्यौहार पर निबंध Essay on Raksha Bandhan Festival in Hindi

इस लेख में रक्षाबंधन त्यौहार पर निबंध (Essay on Raksha Bandhan Festival in Hindi) लिखा गया है। रक्षाबंधन से संबंधित प्रत्येक जानकारी जैसे रक्षाबंधन क्या है, कब है, महत्व, इतिहास, मनाने का तरीका, 10 लाइन दी गई है।

रक्षाबंधन त्यौहार पर निबंध Essay on Raksha Bandhan Festival in Hindi

भारत की समृद्ध प्राचीन संस्कृति से जुड़े हुए प्रत्येक त्यौहार लोगों की आस्थाओं और वास्तविकता पर निर्भर होते हैं। त्योहारों को साथ मिलकर मनाने से आपसी भाईचारा और सौहार्द का वातावरण विकसित होता है। 

रक्षाबंधन क्या है? What is Raksha Bandhan In Hindi?

इन्हीं त्योहारों में से एक रक्षाबंधन का त्यौहार भी है, जिसे भाई बहन के रिश्ते को और भी मजबूत करने के लिए मनाया जाता है। रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार हिंदू और जैन धर्म में बड़े ही आस्था के साथ मनाया जाता है।

रक्षाबंधन के दिन सभी बहने अपने भाइयों की तरक्की और लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं। रक्षाबंधन का अर्थ होता है, रक्षा के लिए बांधी गई डोर। 

सामान्यतः यह त्यौहार भाई बहनों के साथ मनाया जाता है, लेकिन यह गुरु शिष्य परंपरा, भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और अध्यात्म की दृष्टि से बड़ा ही महत्वपूर्ण है। 

रक्षाबंधन का त्योहार भारत में मनाए जाने वाले सबसे प्रसिद्ध त्योहारों में से एक माना जाता है। इस दिन एक विशेष मुहूर्त पर पूजा पाठ करने के पश्चात सभी बहनें अपने भाइयों को राखी बांधती हैं और उनसे रक्षा का वचन लेती हैं।

विशेषकर भारत में ऐसे कई त्योहार है, जिनके प्रारंभ के कालखंड के विषय में कुछ खास जानकारी नही होती कि वह कब से मनाना आरंभ किए गए थे। रक्षाबंधन के त्यौहार से भी कई मान्यताएं जुड़ी हुई है, जो यह संकेत देती हैं कि यह त्योहार बेहद प्राचीन है। 

जिन देशों में हिंदू धर्म को मानने वाले लोग निवास करते हैं, ऐसे देशों में रक्षाबंधन का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। भारत सहित हमारे पड़ोसी देश नेपाल में भी यह त्यौहार बेहद खास त्यौहारों में से एक माना जाता है।

रक्षाबंधन कब है? When is Raksha Bandhan in Hindi?

हर वर्ष रक्षाबंधन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, इसीलिए इस त्यौहार को राखी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। 2022 में रक्षाबंधन का त्यौहार 11 अगस्त, गुरुवार के दिन मनाया जाएगा।

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इस प्रख्यात त्योहार के इतिहास और प्रारंभ को लेकर कई वाद विवाद होते रहते हैं। रक्षाबंधन के त्योहार से जुड़े कई सामाजिक, धार्मिक और पौराणिक प्रसंग है, जो इस त्यौहार के इतिहास के बारे में जानकारी देते हैं।

एक ऐतिहासिक घटना रक्षाबंधन के त्यौहार से जुड़ी हुई है, जब मेवाड़ की रानी कर्मावती ने मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर द्वारा अपने राज्य पर होने वाले हमले को रोकने के लिए हुमायूं को राखी भेज कर सहायता की गुहार लगाती हैं।

हुमायूं ने राखी की लाज रखते हुए, मेवाड़ को बहादुर शाह जफर के आक्रमण से बचाया और तभी से यह राखी की परंपरा आज तक चली आ रही है। 

सभी ऐतिहासिक घटनाओं के अलावा रक्षाबंधन का त्योहार महाभारत काल से भी जोड़कर देखा जाता है, जब द्रोपदी ने श्री कृष्ण की घायल उंगली में अपना वस्त्र फाड़कर बांधा था, जिसके बदले में श्री कृष्ण ने उन्हें चीर हरण में वस्त्र प्रदान करके अपनी लीला दिखाई थी।

हिंदुओं के पवित्र भविष्य पुराण में रक्षाबंधन त्यौहार का वर्णन मिलता है। ऐसा कहा जाता है, कि जब असुरों ने  तीनों लोकों पर अपना कब्जा जमा लिया था, तब देवों के गुरु बृहस्पति ने देवेंद्र की प्रार्थना के पश्चात उन्हें वापस देवताओं का अधिपत्य तीनों लोकों में उजागर करने का मार्ग बतलाया था।

श्रावण पूर्णिमा के दिन देवों के गुरु बृहस्पति के कथन अनुसार इंद्र ने राक्षसों को युद्ध में हराने के लिए मंत्र उच्चारण और पूजा पाठ किया था तत्पश्चात यज्ञ के ज्योति से एक चमत्कारि धागा उत्पन्न हुआ, जिसे धारण करने के पश्चात देवेंद्र ने देव और दानव के बीच हो रहे युद्ध में दानवों को पराजित कर दिया। तभी से श्रावण पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का त्योहार पृथ्वी वासियों द्वारा मनाया जाने लगा। 

रक्षाबंधन त्योहार से जुड़ी हुई अन्य एक पौराणिक कथा बेहद प्रचलित है, जिसमें दानवेन्द्र राजा बलि और श्रीहरि के रूप वामन भगवान की कथा जुड़ी है। 

कहा जाता है कि राजा बलि ने स्वर्ग सहित तीनों लोकों में अपना आधिपत्य जमाने के लिए अपने गुरु के कहे अनुसार शत यज्ञों की आहुति देने का निश्चय किया, लेकिन यह बात देवों के राजा इंद्र को पता चल गया जिसके पश्चात उन्होंने भगवान विष्णु से सहायता की गुहार लगाई। 

देवों और पृथ्वीलोक को दानवों के अधिपत्य से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने धरती पर एक ब्राह्मण वामन के रूप में धरती पर पधारे। यज्ञ प्रारंभ होने से पहले वामन देवता राजा बलि के दरबार में भिक्षा मांगने के लिए आए। राजा बलि भले ही दानव कुल में जन्मे थे, लेकिन वे विष्णु भक्त प्रहलाद के ही अंश थे, जिसके कारण उनके अंदर भी दान धर्म की भावना कुछ मात्रा में समाहित थी।

राजा बलि ने वामन देवता को देखकर उन्हें अपनी इच्छा से भिक्षा मांगने के लिए कहा तब वामन देव ने तीन पग भूमि दान करने की मांग की। जैसे ही राजा बलि ने वामन देव को तीन पग भूमि प्रदान करने का वचन दिया तभी वामन देव ने अपना स्वरूप विकराल कर लिया और पहले पग में उन्होंने आकाश पताल नाप कर, दूसरे पग से पूरी धरती नापी और तीसरे पग से उन्होंने स्वर्ग को नाप लिया। यह देख कर दानवेंद्र बली का अभिमान मिट्टी में मिल गया।

वामन देवता राजा बलि के धर्म-कर्म और अध्यात्मिक स्वभाव के कारण से प्रसन्न होकर उन्हें एक वरदान देने का वचन दिया। राजा बलि भी एक चतुर भक्त थे, जिन्होंने भगवान विष्णु से यह वचन ले लिया कि वे सदा ही उनकी आंखों के सामने रहेंगे। 

बैकुंठ धाम में श्री हरि का स्थान खाली होने के कारण पृथ्वी लोक और स्वर्ग में पुनः दानवों का आक्रमण बढ़ने लगा, इसके पश्चात माता लक्ष्मी ने राजा बलि के समक्ष जाकर उन्हें राखी बांधी और उनसे श्री हरि को पुनः बैकुंठ ले जाने का वचन लिया। उसी कालखंड से रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने का उद्गम हुआ। 

रक्षाबंधन का महत्व Importance of Raksha Bandhan in Hindi

राखी अथवा रक्षाबंधन का त्यौहार भारतीयों के भावनाओं से जुड़ा हुआ एक पर्व है, जो हर वर्ष बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। क्योंकि यह त्यौहार प्राचीन समय की पौराणिक अथवा अध्यात्मिक घटनाओं से जुड़ी हुई है। 

रक्षाबंधन का त्यौहार सभी लोगों को एक निश्चल और स्वार्थ रहित पवित्र भाई बहन का बंधन निभाने का संकेत देती है। रक्षाबंधन का त्यौहार सभी लोगों को आपसी सौहार्द बना कर एक साथ रहने की प्रेरणा देता है। 

यदि विस्तृत नजरिए से देखा जाए, तो यह त्यौहार केवल एक पारिवारिक और धार्मिक त्योहार के अलावा एक सामाजिक त्योहार भी है। यह तो सर्वविदित है, कि समाज में स्त्रियों से जुड़े हुए कई अपराध प्रतिदिन दर्ज किए जाते हैं। 

कुछ गिने-चुने लोग जो अपनी बहनों को तो इज्जत देते हैं, लेकिन यदि घर के बाहर कोई दूसरी लड़की या महिला दिखती है, तो उसके साथ छेड़खानी करते हैं। रक्षाबंधन के दिन सभी बहने जिनके भाई नहीं होते और सभी भाई जिनकी बहने नहीं होती वह भली भांति इस त्यौहार का अर्थ समझते हैं।

रक्षाबंधन त्यौहार सभी लोगों के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण त्यौहार है, जब लोग बिना खून के रिश्ते हुए भी लोगों को राखी बांध कर उनसे इंसानियत का रिश्ता जोड़ते हैं और रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार मनाते हैं। यह त्यौहार कुछ हद तक महिलाओं के संदर्भ में होने वाले अनचाहे घटनाओं को प्रभावित करते हैं। 

रक्षाबंधन कैसे मनाते हैं? How to Celebrate Raksha Bandhan in Hindi?

यह त्यौहार पूरे भारतवर्ष में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। भारत के साथ ही हमारे पड़ोसी देश नेपाल और कई अन्य देशों में रक्षाबंधन का त्यौहार बहुत प्रसिद्ध है। भारत और नेपाल के कई इलाकों में राखी भाई बहनों के अलावा ब्राह्मण और छत्रिय वर्ग में गुरु तथा भागिनेय द्वारा बांधा जाता है।

रक्षाबंधन किसी एक धर्म नहीं बल्कि, पूरे दुनिया के लिए एक अच्छा संदेश देता है। यह त्यौहार सभी के लिए खुशियों का दिन होता है। इस दिन अपने कर्म क्षेत्र पर डटे हुए हर एक सैनिक, पुलिस और अन्य लोग जो त्यौहार के दिन अपने घर नहीं जा पाते, उनके लिए हर साल उनकी बहने डाक घर के जरिए कलाई पर बांधी जाने वाली राखी को उनके पास भेजती हैं।

रक्षाबंधन के दिन सभी बहने अपने भाइयों के मस्तक पर तिलक लगाकर उन्हें मिठाई खिलाती हैं, इसके पश्चात हाथ पर पवित्र राखी बांधकर अपने भाइयों की सफलता के लिए प्रार्थना करती हैं। 

इसके पश्चात सभी भाई उपहार के स्वरुप में नई-नई चीजें और रक्षा का वचन बहनों को देते हैं। धर्म और जाति के भेदभाव की कड़ी को तोड़कर इंसानियत का संदेश देने वाला यह त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण है। 

रक्षाबंधन के दिन सभी लोग प्रातः काल जल्दी उठकर भगवान का पूजा पाठ करते हैं। राखी बांधने के सही मुहूर्त पर बहने अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए राखी की थाली तैयार करती हैं। यह राखी की थाली देखने में बहुत ही सुन्दर दिखाई देता है। 

राखी की थाली में रंगबिरंगे राखियों के साथ चन्दन और अक्षत रखे जाते हैं और साथी ही मिठाइयां भी थाल में रखे जाते हैं। सबसे पहले बहने भाइयों को राखी बांधती हैं, जिसके पश्चात् भाई उपहार के रूप में गिफ्ट्स और पैसे देते हैं।

स्कूल और कॉलेज में इस दिन रक्षाबंधन पर निबंध लेखन और अन्य कई स्पर्धा आयोजित की जाती हैं, जिसमें अव्वल आने वाले छात्रों को उपहार भी दिया जाता है। भारत में आमतौर पर त्योहारों के दिन स्वादिष्ट पकवान बनाने का ऐतिहासिक रिवाज है। 

रक्षाबंधन के दिन तरह-तरह की मिठाइयां और नमक के कई स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं। इस दिन कुछ प्रसिद्ध व्यंजन जैसे शकरपारे, नमकपारे इत्यादि जो कि सावन महीने का सुप्रसिद्ध मिष्ठान होते हैं, इन्हें बनाया जाता है। रक्षाबंधन का त्यौहार भारत सहित पूरी दुनिया में मनाए जाने वाला सबसे लोकप्रिय त्यौहार है। 

आधुनिक समय की बात करें तो रक्षाबंधन अब कई अनोखे रूप में देखने को मिलता है, जैसे लोग पर्यावरण की रक्षा करने के लिए वृक्षों पर राखी बांधते हैं और अपना प्रकृति प्रेम जाहिर करते हैं। 

इसके अलावा लोग अपने पालतू पशुओं को भी राखी बांधते हैं, जो इस बात का संकेत है, कि यह भारतीय त्योहार कितना अनोखा है।

रक्षाबंधन पर 10 लाइन 10 Lines on Raksha Bandhan in Hindi

  • रक्षाबंधन का त्योहार भारत सहित कई देशों में मनाया जाने वाला सुप्रसिद्ध त्यौहार है।
  • हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है। 
  • इतिहास के सबसे प्राचीनतम त्योहारों में से एक रक्षाबंधन का त्यौहार भी है।
  • रक्षाबंधन को राखी का त्यौहार भी कहा जाता है।
  •  इस दिन सरकारी तौर पर शैक्षणिक संस्थानों सहित कई दफ्तरों में छुट्टी दी जाती है।
  • हिंदू धर्म के अलावा जैन धर्म में रक्षाबंधन का बहुत महत्व है, क्योंकि इस दिन विष्णुकुमार नाम के मुनिराज ने कुल 700 जैन मुनियों के प्राणों की रक्षा की थी।
  • रक्षाबंधन के त्यौहार पर कई सुप्रसिद्ध फिल्में बनाई जा चुकी है। 
  • रक्षाबंधन के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सभी सदस्यों को एक पवित्र धागा बांधकर आपसी भाईचारा बनाया जाता है।
  • भारत के विभिन्न राज्यों में इस त्यौहार को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। 
  • रक्षाबंधन के दिन विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट पकवान तैयार किए जाते हैं।

निष्कर्ष Conclusion

इस लेख में आपने हिंदी में रक्षाबंधन त्यौहार पर निबंध (Raksha Bandhan Festival Essay in Hindi) पढ़ा। आशा है यह लेख आपको अच्छा लगा होगा। अगर यह लेख आपको पसंद आया हो और जानकारी से भरपूर लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें।

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