सड़क सुरक्षा पर निबंध Essay on Road Safety in Hindi
आज के इस पोस्ट आप सड़क सुरक्षा पर निबंध Essay on Road Safety in Hindi हिन्दी मे पढ़ेंगे। इसमे हमने सड़क सुरक्षा के तथ्य, भारत मे इसकी स्तिथि, इसके लिए बनाए गए कानून और नियम बताए हैं।
सड़क सुरक्षा पर निबंध Essay on Road Safety in Hindi
भारत में बीते दशक में सड़क हादसे कई गुना ज्यादा बढ़ गए हैं। सड़क हादसों के दौरान हर बार केवल वाहन वाले व्यक्ति की ही गलती नहीं होती, कई बार पैदल चल रहे लोग भी सड़क हादसों का कारण बनते हैं। सड़क हादसे होते हैं क्योंकि लोग सड़क के नियमों से जागरूक नहीं होते और वे इनका पालन नहीं कर पाते।
सड़क हादसों से बचने के लिए ही तरह तरह के नियम बनाए गए हैं। यह दिन पर दिन बड़ी समस्या बनती जा रही है। सूत्रों के अनुसार 13 लाख लोगों की मृत्यु हर साल सड़क हादसे में हो जाती है। एक ऐसा ही आंकड़ा यह भी कहता है कि 5 करोड़ लोग सड़क हादसों में चोटिल हो जाते हैं और घायल हो जाते हैं। सड़क हादसों से बचने के लिए सड़क सुरक्षा बहुत जरूरी है।
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सड़क हादसों से जुड़े तथ्य Facts about Road Accidents
सड़क हादसे काफी भयानक और दर्दनाक क्रम बनकर सामने आये हैं। सड़क हादसों से जुड़े कुछ तथ्य निम्नलिखित हैं :-
- हर रोज लगभग 3000 लोग विश्व स्तर पर सड़क हादसों के कारण मारे जाते हैं।
- विश्व भर में सड़क हादसों में मारे जाने वाले लोगों में युवा लोग अधिकांश हैं। मरने वालों की संख्या में कुल 60 प्रतिशत लोग 15-29 के बीच की आयु के होते हैं।
- विश्व स्तर पर होने वाले 91% हादसे केवल विकासशील और विकसित देशों में ही होते हैं। गौरतलब है कि भारत भी एक विकासशील देश ही है।
- सड़क हादसों में मरने वाले लोगों में 50% लोग पैदल चलने वाले या फिर दुपहिया पर चलने वाले लोग होते हैं।
- सड़क हादसों में करोड़ों लोग चोटिल होकर आजीवन के लिए त्रस्त हो जाते हैं।
- अमेरिका के एक बड़े संस्थान द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार यदि जल्द ही कुछ नहीं किया गया तब, 2020 तक हर साल 20 लाख से अधिक लोग सड़क हादसों में मारे जाएंगे।
- सड़क हादसों को रोकने के लिए हर साल विश्व स्तर पर कुल 500 करोड़ से भी अधिक रुपए खर्च करने जरूरी हैं।
यह सभी तथ्य सड़क हादसों को काफी ज्यादा भयावह रूप प्रदान करते हैं। इतनी आधुनिकता के बावजूद सड़क हादसे होना, दुर्भाग्यपूर्ण है।
भारत में सड़क सुरक्षा Road Safety in India
विश्व के सबसे ज्यादा सड़क वाले देशों में भारत दूसरे नंबर पर आता है। भारत में लाखों किलोमीटर सड़क बनाई गई है और यहां पर हर साल करोड़ों रुपये सड़क बनाने के लिए खर्च किए जाते हैं।
भारत में सड़कों का महत्व इतना ज्यादा है कि यहां पर आम चुनावों में सड़क निर्माण एवं रखरखाव को एक अभिन्न एवं महत्वपूर्ण मुद्दे के तौर पर पेश किया जाता है।
भारत मे सड़को का महत्व अत्यधिक है लेकिन सड़कों और सड़क हादसों के प्रति जागरूकता काफी कम है या कहें केवल नाम भर की है। भारत मे सड़क हादसे, एक गंभीर समस्या है।
गौरतलब है कि भारत में तकरीबन चार करोड़, अस्सी लाख से भी ज्यादा सड़क हादसे केवल साल 2016 में हुए थे। आंकड़ो के अनुसार केवल साल 2016 में हुए इतने हादसों में कुल डेढ़ लाख से अधिक लोगों की जानें गईं थीं।
एक रिपोर्ट के अनुसार 10 करोड़ से भी अधिक लोग आजादी के बाद, भारत में केवल सड़क हादसों के कारण मारे गए हैं। यह चिंतनीय है और इस पर विचार अवश्य होना चाहिए।
भारत में सड़क हादसों की मुख्य वजह यह है कि यहां के लोग सड़क नियमों के प्रति जागरूक नहीं हैं और सरकार द्वारा सड़क रखरखाव एवं निर्माण में दुरूस्त योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा है।
गौरतलब है कि भारत में विश्व भर द्वारा सड़क रखरखाव एवं हादसों के प्रति जागरूकता के लिए खर्च किए कुल रुपयों का केवल 10% ही खर्च किया जाता है। यह बात तब और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है जब यह पता चलता है कि भारत में विश्व भर में मौजूद सड़कों में से, 40% सड़के हैं।
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भारत में सड़क सुरक्षा के लिए कानून Road Safety Laws in India
भारत में सड़क हादसों द्वारा जान माल की हानि बहुत ज्यादा होने के बाद, सड़क सुरक्षा के प्रति कदम उठाए गए हैं। हालांकि ये कदम अपेक्षित रूप से कड़े नहीं हैं।
भारत में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा योजना के तहत कई तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं। जैसे कि जागरूकता फैलाना। सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा से जुड़े कई सारे प्रचार भी टेलीविजन, रेडियो और अखबारों के माध्यम से प्रचारित किए गए, जिनमें बकायदा सड़क सुरक्षा पर बड़ी हस्तियों द्वारा जागरूकता फैलाई गई।
New Motor Vehicle (Amendment) Act India, 2019 मोटर यान (संशोधन)
पढ़ें: मोटर वाहन अधिनियम 2019 के नियम, जुर्माना राशि, चालान
भारत की सरकार द्वारा 2019 में मोटर वाहन बिल भी पारित किया गया था। इस बिल में यह कहा गया था कि राज्य और केंद्र स्तर के अलग अलग मंत्रियों द्वारा सड़क सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करना उनकी कार्य प्रणाली में शामिल किया जाएगा। यह उनके अनिवार्य होगा। इस बिल मे और भी काफी कुछ शामिल था।
2019 में लाए गए इस नए मोटर वाहन अधिनियम 2019 में ट्रैफिक तोड़ने वालों के सख्ती बरतना, लाइसेंस मिलने को प्रक्रम को मुश्किल करना और वाहनों की गति नापने के लिए अलग अलग तरह की नई तकनीकों का प्रयोग करना शामिल था। इस बिल द्वारा सार्वजानिक वाहनों की दशा सुधारने पर भी कार्य शामिल थे।
सड़क सुरक्षा के लिए आधारभूत नियम Basic Rules for Road Safety in Hindi
सड़क सुरक्षा पर सरकार और अन्य संस्थाओं द्वारा सामूहिक स्तर पर कार्य तो किया ही जा रहा है लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर भी कुछ नियम हैं जिनका पालन करने से सड़क हादसों से बचा जा सकता है। सड़क सुरक्षा के लिए यह नियम निम्नलिखित हैं :-
- बाएं से चलें :- सड़क पर चलने के दौरान यह ध्यान रखें कि आप बाईं ओर से चल रहे हों। वाहन चलाते वक़्त भी यह ध्यान रखें कि केवल बाईं ओर से ही चलें।
- इंडिकेटर का प्रयोग करें :- वाहन का प्रयोग करते समय यदि सड़क पर मुड़ना हो तो इंडिकेटर का प्रयोग करें।
- धीरे चलें :- गाड़ी की रफ्तार को धीमा रखें, यह कई सारी दुर्घटनाओं से आपको बचा सकती है।
- आइने का प्रयोग :- गाड़ी का प्रयोग करते समय यह सुनिश्चित कर लें कि आप आइने का प्रयोग करें और पीछे से आने वाले वाहनों से भी सचेत रह पाएं।
- शराब पीकर ड्राइव ना करें :- शराब पीकर या अस्वस्थ अवस्था में वाहन का प्रयोग न करें।
निष्कर्ष Conclusion
जिस प्रकार सड़क हादसे दिन ब दिन तेजी से बढ़ रहे हैं। यह मानवजाति के लिए काफी दुखद और शर्मनाक है। सड़क हादसों से बचने के लिए सभी नियमों का पालन व्यक्तिगत स्तर पर ही करना होगा। सड़क हादसों से बचने के लिए सड़क सुरक्षा बहुत जरूरी है।
In India road safety is no once job.Ithas been forcefully loaded on police .This was seen for last 12years,when sankhadhwani Rasta Surakhya Samiti ,Odisha ,to work in road safety .Though present govt has thought on this for first time ,still NGOare untouchable.Impression among state govt that these NGOs are blood shucker in the society.Thats why ,12Years has gone to drain time and energy has been killed by the state. Now it is only central govt ,if specifically assigned job directly with funding ,than some changes could be visible withen stipulated time frame.Govt also need to support the initiative.If govt will not support ,nothing can be possible.
Iwould like to give ,information on a projet .Sencitization Centre in all the district ,under supervision of NGOworking on road safety ,this was simply rejected .Why this requred,now DLare issued on long term basis ,prior to granting DL an applicant needs to get some education not only on driving a machine ,but dos and donts on road while on wheel.Basic fundamental of Road Safety are never taught ,except track ,how he drive in track .Pl remember to get a liacence ,applicant will adhered to all ,that at the time of tet .If a third party comes to picture in issuing crtificte,hope fully he can have time to lern many things,before gating a DL.
Permanent Drivers are no way allwed by owner of fleet to have condenced course in betwen job .This also lacks in them too.
Sencitization Center can be a institution for skill development.In india no such things are their.State authority do not recomends the NGOproposal for a small land to have sencitization centr.
GOVT ofindia too, has not provided any funding directly to the NGO.
ROAD SAFETY DOES NOT END WITH PENALTY THROUGH ENFORCEMENT .It needs complite education .