बेकारी या बेरोजगारी की समस्या पर निबंध Essay on Unemployment in India Hindi

आज के इस लेख मे हमने बेकारी या बेरोजगारी पर निबंध Essay on Unemployment in India Hindi लिखा है। इसमे हमने भारत मे बेरोजगारी की समस्या, इसके प्रभाव, कारण, समाधान के विषय मे पूरी जानकारी दी है।

प्रस्तावना Introduction (बेरोजगारी की समस्या पर निबंध – 900 Words)

क्या आप भारत में बेरोजगारी की समस्या का समाधान चाहते हैं?
क्या आप देश में बेकारी की समस्या के कारण को जानना चाहते हैं?

अगर हाँ तो, इस लेख को पूरा पढ़ें। बेरोजगारी ने लोगों की कमर को तोड़ सा दिया है। अब पढे-लिखे लोग होने के बाद भी लोगों को नौकरी मिलना मुश्किल हो चुका है। जो लोग स्व नियोजित हो रहे वह तो कुछ हद तक

भारत में बेरोजगारी की समस्या Unemployment problem in India

आज आज़ादी के इतने सालों बाद भी हमारा देश भारत कई प्रकार की समस्याओं से उभर नहीं पाया है। इन समस्याओं में एक सबसे बड़ी समस्या है – बेरोजगारी की समस्या। बेरोजगारी का अर्थ होता है – किसी व्यक्ति को उसकी योग्यता और ज्ञान के अनुसार सही काम या नौकरी ना मिल पाना। भारत में बेरोजगारी लोगों के जीवन में दो प्रकार से आक्रमण कर रही है।

इनमें दो वर्ग स्पष्ट एवं प्रमुख हैं। पहले वर्ग में वह शिक्षित लाखों लोग आते हैं जो नौकरी और रोजी-रोटी की तलाश में दर-बदर भटक रहे हैं।  ऐसे लोगों के पास  ना ही कोई काम है और ना ही कोई पैसे कमाने का अन्य ज़रिया, जिससे कि वह एक स्वतंत्र जीवन जी सकें।

दूसरे वर्ग में वह लोग आते हैं जो नौकरी तो कर रहे हैं परंतु उससे वह इतना कम पैसा कमाते हैं कि अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी भी सही तरीके से नहीं जुटा पा रहे हैं। क्या यह बेकारी की समस्या देश के लिए बड़ी समस्या हीं है?

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बेरोजगारी का प्रभाव Unemployment Effect

बेरोजगारी धीरे धीरे एक अभिशाप बनते चले जा रहा। एक बड़ी कहावत है – खाली मन शैतान का घर होता है। इसीलिए तो नौजवानों के लिए करियर के अच्छे अवसर और बेरोजगारी न होने के कारण ही समाज में लूट-पाट, चोरी-चकारी, दंगा-फसाद, और नशा जैसी बड़ी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

अन्य शिक्षा और स्वच्छ भारत अभियान की तरह ही बेरोजगारी की समस्या का भी हल निकालने की बहुत आवश्यकता है। जब तक देश में सभी नागरिकों को उनकी योग्यता व आवश्यकता के अनुसार काम नहीं मिलता तब तक एक स्वच्छ, सुखी और उन्नत देश का निर्माण असंभव है।

बेरोजगारी का कारण Reasons of unemployment

वैसे तो भारत में बेकारी और बेरोजगारी की समस्या ब्रिटिश सरकार के कारण उत्पन्न हुई परंतु ऐसे कई देश हैं जो पूरी तरीके से ध्वंस होने पर भी आज भारत से कई गुना विकसित है। किसी पर भी दोष देकर इसका कोई लाभ नहीं क्योंकि किसी ना किसी जगह गलती हमारी भी होती है।

आज दुनिया में पैसे के मुकाबले समय का मूल्य बहुत ज्यादा है इसलिए ज्यादातर कंपनियों ने लोगों की तादाद को कम करके मशीनों से काम करना शुरु कर दिया है जिसके कारण लोगों के लिए नौकरी के अवसर कम हो गए हैं।

बेरोजगारी का समाधान Solution to unemployment

हम भारतीयों को स्वयं को ज्ञान और नए आविष्कारों के माध्यम से इतना सक्षम बनाना होगा जिससे विश्व भर के बड़ी कंपनियों को हमारी ताकत का पता चल सके और वह भारत में निवेश करें तथा अपनी कंपनियां शुरू करें।

इससे हमारे देश के लोगों को करियर के नए अवसर प्राप्त होंगे और हमारे देश को विकसित होने में मदद मिलेगी। हाल ही में सरकार ने भी भारत के नौजवानों को आगे ले जाने के लिए कई प्रकार के योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुद्रा लोन योजना, आवास योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना शुरू किया है।

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हमारे समाज की एक और सबसे बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर युवा अपनी शिक्षा के बाद नौकरी करने के विषय में बहुत सोचते हैं। जबकि हमारे युवाओं को सोचना चाहिए कि वह अपनी शिक्षा के बाद अपने ज्ञान की मदद से कोई  लघु उद्योग शुरू करें जिससे उन्हें नौकरी की जरूरत ना पड़े।

उद्योग शुरू करने का एक सबसे बड़ा लाभ यह है कि वह स्वयं तो सफल बनेंगे साथ ही उनके उद्योग के माध्यम से और भी नौजवानों और देश के नागरिकों को नौकरी के नए अवसर प्राप्त होंगे। चाहे गांव हो या शहर आप हर जगह एक छोटे से व्यापार को शुरू कर सकते हैं और अगर आपके पास शुरू करने के लिए पूंजी नहीं है तो आप बैंक से लोन लेकर भी शुरू कर सकते हैं।

हमारे देश में बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए जनसंख्या वृद्धि को रोकना होगा। आज विश्व भर में जितने भी विकसित देश हैं उनकी जनसंख्या बहुत ही कम है जिसके कारण उन देशों में नौकरी के अवसर बहुत ज्यादा है और लोग ज्यादा सफल हैं। आज देश में लोगों की बढ़ती तादाद के कारण जनसँख्या के मुकाबले रोज़गार कम पड़ जा रहे हैं और बेरोजगारी की समस्या भी बढ़ते चले जा रही हैं।

आज के इस आधुनिक युग में यातायात की सेवाओं में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है। आज हमारे देश में सड़कें, रेलें, हवाई जहाज़, भवन निर्माण, स्कूल, कॉलेज, पर्यटन तथा अस्पताल आदि कुछ ऐसी सेवाएं हैं जिनके प्रसार की बहुत ज्यादा मांग है। इन सभी सेवाओं के विकास के लिए सरकार हर दिन नए-नए योजनाएं शुरू कर रहे हैं।

आज भारत सरकार ने शिक्षित, अल्प शिक्षित और अनपढ़ लोगों के लिए भी रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। प्रधानमंत्री जनधन योजना बैंक अकाउंट के माध्यम से सरकार करोड़ों गरीब किसानों और गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को कई प्रकार के आर्थिक सुविधाएं भी प्रदान कर रही है।

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लोगों को सरकार की इन योजनाओं से जुड़ना चाहिए और इन योजनाओं के माध्यम से अपने आने वाली पीढ़ी को शिक्षित बनाना चाहिए जिससे वह हमारे देश भारत का भविष्य बन सकें। गांव से लेकर शहर तक हर एक व्यक्ति चाहे महिला हो या पुरुष को यह प्रण लेना चाहिए कि वह जीवन में कुछ ना कुछ कार्य कते रहेंगे और देश से गरीबी को मिटाकर खुशहाली लाएंगे।

निष्कर्ष Conclusion

आशा करते हैं बेरोजगारी और बेकारी की समस्या पर आपको यह निबंध अच्छा लगा होगा। अगर आपको हमारा यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो अपने सोशल मीडिया अकाउंट में शेयर करके देश को आगे ले जाने में अपना योगदान दें।

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