महिलाओं से साथ हिंसात्मक व्यवहार Essay on Violence against Women in Hindi

महिलाओं से साथ हिंसात्मक व्यवहार Essay on Violence against Women in Hindi

पूरे विश्व में महिलाओं के उपर ज़ुल्म होता रहता है। आजकल अनेक अपराध महिलाओं के उपर हो रहे है। बलात्कार, घरेलू हिंसा, मारपीट, कार्य-स्थल पर उत्पीड़न, दहेज़ के लिए ससुराल वालों का परेशान करना, यौन उत्पीड़न जैसी समस्याये आज भी हमारे देश में बनी हुई है।

महिलाओं से साथ हिंसात्मक व्यवहार Essay on Violence against Women in Hindi

आज भारत में 65% महिलाये साक्षर है पर इसके बावजूद भी उन पर तरह-तरह के अत्याचार होते है। क्या स्त्री पुरुष के मुकाबले प्राकृतिक रूप से कमजोर होती है जो पुरुष स्त्री पर अत्याचार करता रहता है।

आज जमाना कितना आगे निकल चुका है, इंसान चाँद पर जा चुका है, कम्प्यूटर युग आ चुका है पर पुरुष की मानसिकता में कोई बदलाव नही हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली बलात्कार की राजधानी बन चुकी है। महिलाये वहां बिलकुल सुरक्षित नही है। एक आकडे के अनुसार दिल्ली में हर 18 मिनट में 1 बलात्कार हो जाता है।

निर्भया, कठुआ, बुलंदशहर जैसा काण्ड आज हमारे समाज पर कलंक बन चुका है। अपराधी वयस्क महिलाओं को तो शिकार बनाते ही है, छोटी बच्चियों को भी नही छोड़ते हैं। ऐसा क्यों हो रहा है।  क्या अब देश में पुरुष की मानसिकता ही दूषित और विकृत हो गयी है। 2017 में समूचे भारत देश में कुल 28947 बलात्कार की घटनाये हुई। सबसे अधिक घटनाये मध्य प्रदेश में हुई।

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कई घटनाओं में पुरुष स्त्री के साथ प्रेम और शादी करने का झांसा देकर उसका यौन शोषण कर लेता है। जब अपना स्वार्थ सिद्ध हो जाता है तो वो शादी करने से इंकार कर देता है। ऐसे में महिला अकेली पड़ जाती है।

आजकल महानगरों में लिव-इन-रिलेशनशिप Live-in relationship का चलन बहुत बढ़ गया है। इसमें लड़का लड़की बिना किसी शादी के बंधन के साथ में रहते है। कई बार इस तरह से भी महिला का शोषण हो जाता है।

महिलाओं के साथ किस प्रकार के अपराध होते है TYPES OF CRIME HAPPEN AGAINST WOMEN

महिलाओं के साथ अपराध –

  • लैंगिक, नस्लभेदी, स्त्री सूचक अपमानजनक टिप्पड़ी
  • घरेलू हिंसा
  • ऑफिस, दफ्तर पर शोषण, यौन उत्पीड़न
  • कन्या भ्रूण हत्या
  • बलात्कार
  • हत्या
  • दहेज उत्पीड़न
  • प्रेम और शादी का झांसा देकर किया गया यौन शोषण
  • मनपसंद विवाह से रोकना
  • पुरुष की तुलना में कम वेतन मिलना
  • बाल विवाह
  • विधवा होने पर पुनः शादी करने से रोकना
  • जेल में महिला कैदियों का शोषण, यौन उत्पीड़न
  • बसों, ट्रेन, मेट्रो ट्रेन जैसे सार्वनाजिक स्थान पर महिलाओं से छेड़ छाड़
  • धर्म के नाम पर धर्मगुरु, बाबाओ द्वारा किया जाने वाला शारीरिक शोषण

महिलाओं के साथ अपराध के कारण REASONS OF CRIME AGAINT WOMEN

इसकी सबसे बड़ी वजह है की आज भी पुरुषो की सोच में कोई अंतर नही आया है। आज का पुरुष मीडिया, टीवी और अखबार में तो बड़ी बड़ी बाते करता है। महिलाओं की आजादी और उनके हक की बात करता है पर घर के अंदर वो स्त्री को अपनी दासी ही समझता है। शादी के बाद पति अपनी पत्नी को पैर की जूती समझने लगता है। वो चाहता है कि पत्नी कमाकर भी लाये और घर के सारे काम भी करे। इ

ससे पता चलता है कि हमारा समाज आज भी पुरुष प्रधान है। आज भी हम लड़का जन्म होने पर ख़ुशी मनाते है पर लड़की होने पर शोक मनाते हैं। विवाह के बाद एक लड़की यह सोचकर ससुराल जाती है कि उसे एक अच्छा प्यार करने वाला पति मिलेगा, चाहने वाली सास मिलेगी पर ये सपना-सपना ही रह जाता है।

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21वीं सदी में होने के बाद भी आज हमारे देश में रोज हजारो लड़कियों को जलाकर मार दिया जाता है क्यूंकि उनके माँ बाप दहेज नही दे पाये। ससुराली जन आये दिन कोई न कोई फरमाइश करते रहते हैं।

कभी कोई सामान, सोने के गहने मांगते है तो कभी कैश पैसा मांगते है। जब उनकी फरमाइश पूरी नही होती है तो लड़की को तरह तरह से परेशान करते है। ये सब बहुत ही दुखद है। व्यक्ति दूसरे की लड़की को खूब परेशान करता है पर जब खुद की लड़की के साथ ऐसा होता है तो उसे बुरा लगता है। आज हमारे देश में 70% महिलाये घरेलू हिंसा की शिकार है, जबकि अमेरिका में 40% महिलाये इसकी शिकार बनती है।

उनको तरह तरह से परेशान किया जाता है। पुरुष सोचता है कि आखिर एक अबला औरत उसका क्या कर लेगी। पुरुष अपनी पत्नियों को छोटी छोटी बात पर पीट देते हैं। हमारे समाज में एक महिला का उत्पीड़न सिर्फ पुरुष ही नही करता है बल्कि दूसरी महिला भी करती है।

आमतौर पर लड़की की सास, नन्द, भाभी, जेठानी उसे तरह तरह से परेशान करती है। इसलिए हमे समाज में बदलाव की जरूरत है। पुरुष महिलाये सभी को अपना नजरिया बदलना होगा तभी हालात सुधरेगा।

देश में महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए क्या अधिकार प्राप्त है WHAT RIGHTS WOMEN HAVE IN INDIA FOR HER SAFETY?

हमारे देश में महिलाओं के लिए अनेक अधिकार दिए गये है जिससे उनकी सुरक्षा हो सके-

  • समान वेतन पाने का अधिकार
  • ऑफिस, दफ्तर पर हुए उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार
  • यौन उत्पीड़न होने पर नाम न छापने का अधिकार
  • घरेलू हिंसा के खिलाफ अधिकार
  • मातृत्व सम्बन्धी लाभ के लिए 6 महीने के सरकारी अवकाश का अधिकार जिसमे वेतन मिलता रहता है
  • कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अधिकार
  • मुफ्त कानूनी मदद का अधिकार
  • रात में गिरफ्तार न होने का अधिकार
  • गरिमा और शालीनता के लिए अधिकार
  • सम्पत्ति पर अधिकार
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समाज अपना नजरिया कैसे बदल सकता है HOW CAN SOCIETY CHANGE THE MINDSET ON WOMEN?

हमे अपनी विचारधारा, सोच और मानसिकता को बदलना होगा। कुदरत ने स्त्री को सिर्फ भोग-विलाश या शोषण के लिए नही बनाया है। उसे भी अच्छा जीवन जीने का हक है जैसे पुरुषो को है। उसके साथ दहेज़, पुत्र को जन्म देने, चारित्रिक संदेश के आधार पर शोषण उत्पीड़न नही करना चाहिये। हमे अपनी सोच बदलनी होगी।

सरकार को चाहिये कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाये जायें। बलात्कार के कानून को सख्ती से लागू करना चाहिये। आरोपियों को जमानत नही देनी चाहिये। कड़े कानून बनाने चाहिये। हमे महिलाओं की साक्षरता को बढ़ाना होगा।

जब 100% लड़कियाँ, महिलाये साक्षर होंगी तो वो अन्याय होने पर अपनी मदद खुद कर सकती है। पुलिस को चाहिये कि वो ऐसी घटना होने पर फौरन कार्यवाही करे। दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करे।

निष्कर्ष Conclusion

कुदरत ने स्त्री पुरुष को समान बनाया है। हमे पुरुष को ताक़तवर और स्त्री को कमजोर समझने की भूल नही करनी चाहिये। क्या स्त्रियों के बिना यह दुनिया चल सकती है। जब एक स्त्री बच्चे को जन्म देती है तो ही सृष्टि आगे बढ़ती है। इसलिए हमे महिलाओं का सम्मान करना चाहिये। उसके साथ अत्याचार नही करना चाहिये।

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