संयुक्त राष्ट्र संघ पर निबंध Essay on United Nations Organisation in Hindi

इस लेख में हिन्दी में संयुक्त राष्ट्र संघ पर निबंध (Essay on United Nations Organisation in Hindi) को बेहतरीन ढंग से समझाया गया है। 

संयुक्त राष्ट्र संघ पर निबंध Essay on United Nations Organisation in Hindi

Contents

इस लेख में संयुक्त राष्ट्र संघ का अर्थ, उद्देश्य, कार्य, यूएनओ के 6 अंग तथा इसके अन्य प्रमुख अंग, संस्थाएँ और मुख्यालय सहित सभी जानकारियों को बेहद आसान शब्दों में बताया गया है। 

संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है? What is United Nations Organisation in Hindi?

किसी भी देश को चलाने के लिए कई नियम कानूनों की आवश्यकता होती है, जिससे वह देश शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ सके। अगर देश के अंदर कोई अशांतिप्रिय घटना होती है, तो कानून का सहारा लिया जाता है। 

लेकिन यदि दुनिया के विभिन्न देश आपस में ही किसी भी बात को लेकर भिड़ जाए तो इस समस्या को सुलझाने के लिए किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय कानून मंच की आवश्यकता होती है। संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations Organisation) UNO ऐसा ही एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो पूरी दुनिया में कानून को सुविधाजनक बनाता है।

संयुक्त राष्ट्र संघ, राष्ट्रसंघ (लीग ऑफ नेशंस) के पूर्ववर्ती गठित किया गया अंतरराष्ट्रीय संगठन है। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद दुनिया भर में मची हुई तबाही को रोकने के लिए लीग ऑफ नेशंस की स्थापना की गई थी, लेकिन यह संगठन अपने उद्देश्यों में असफल रहा। 

1929 में स्थापित किया गया राष्ट्र संघ का उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध को होने से रोकना था, लेकिन यह संगठन पूरी तरह से प्रभावहीन रहा, जिसके परिणाम स्वरूप द्वितीय विश्व युद्ध हुआ।

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद 1945 में गठित किया गया यह संगठन आज के समय में बेहद प्रभाव के साथ कार्यरत है। वर्तमान में 193 मान्यता प्राप्त देश यूएनओ के सदस्य हैं। 

इस अंतरराष्ट्रीय संगठन का मुख्यालय संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के न्यूयार्क सिटी में है। इसकी बहुत सारी शाखाएं हैं, जो दुनिया के विभिन्न देशों में फैली हुई हैं। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण मुख्यालय भी हैं, जो जिनेवा कोपनहेगन आदि जगह पर गठित किए गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य Objectives of the United Nations Organisation in Hindi

इस संगठन की स्थापना मुख्य तौर पर इसी उद्देश्य से किया गया था, कि जिस प्रकार 1939 में लीग ऑफ नेशंस के होने के बावजूद भी द्वितीय विश्वयुद्ध को रोका नहीं जा सका, ऐसी परिस्थिति भविष्य में फिर कभी ना बने।

संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्यों की सूची बहुत लंबी है, जिनमें भविष्य के एक संगठित देशों के निर्माण की आशा के साथ प्रयत्न किए जा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ 24 अक्टूबर 1945 के दिन स्थापित किया गया था। उसी समय इस संगठन ने अपने घोषणा पत्रों में मुख्य उद्देश्य को भी अंकित किया जो निम्नलिखित-

  • दुनिया के विभिन्न देशों के बीच शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना। 
  • राष्ट्रों के अस्मिता और सहिष्णुता को बरकरार रखकर अंतरराष्ट्रीय मैत्री संबंधों को विकसित करना।
  • सामाजिक और आर्थिक समस्या से जूझ रहे छोटे और कमजोर देशों को विकास के समान अवसर प्रदान करना।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव अधिकारों की रक्षा हेतु सतत प्रयास करना। 
  • भविष्य में तीसरा विश्वयुद्ध ना हो इसके लिए ‘नो फर्स्ट यूज’ पॉलिसी को सभी परमाणु शक्ति वाले मजबूत देशों द्वारा स्वीकार करने के लिए प्रेरित करना।
  • मानव विकास के साथ ही पर्यावरण सुरक्षा करने के लिए सभी देशों को एकजुट करना।
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संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्य Work of The United Nations Organisation in Hindi

मानव अधिकारों की सुरक्षा- सन 1948 में सभी मानव अधिकारों की रक्षा हेतु संयुक्त राष्ट्र महासभा ने कई विशेष प्रावधानों को जोड़ा। संयुक्त राष्ट्र महासभा दुनिया के तमाम देशों में लोकतांत्रिक सरकारों के गठन पर जोर देती हैं, जहां प्रत्येक नागरिकों को उनके सामान्य मूलभूत अधिकारों की प्राप्ति हो सके।

पर्यावरण सुरक्षा

जिस प्रकार विश्व के प्रत्येक छोटे बड़े देश पर्यावरण सुरक्षा को नजरअंदाज करते हुए अपने देश में टेक्नोलॉजी का विकास कर रहे हैं, यह आने वाले समय के लिए घातक साबित हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के वैश्विक समस्या के समाधान पर कार्य करता है। 

पर्यावरण की तरफ सभी देशों का ध्यान केंद्रित करने के लिए कई कार्यक्रमों का निर्माण किया है। इसके अलावा प्रत्येक वर्ष विभिन्न देशों की सभाएं भी विशेष तौर पर पर्यावरण सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए बुलाई जाती हैं।

आर्थिक विकास में सहायता

ऐसे पिछड़े अथवा विकासशील देश जो आर्थिक तंगी से झूलते हो उनके विकास को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ विशेष नीतियों को अपनाता है। मुख्य रूप से अफ्रीका में आज भी बेहद पिछड़े और गरीब देश है, जो संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक विकास की सूची में प्राथमिकता पर हैं। 

यह अपने नीतियों के अंतर्गत बेहद कम ब्याज दर पर देशों को आर्थिक सहायता मुहैया कराता है। साथ ही कुछ चुनिंदा कमजोर देशों को आर्थिक नीतियों के अंतर्गत मुफ्त में ऐड के रूप में लोन भी प्रदान किया जाता है।

स्वास्थ्य

संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक पोलियो उन्मूलन के पहल के कारण एशिया के 3 देशों अफगानिस्तान, पाकिस्तान और नाइजीरिया से पोलियोमाइलाइटिस पूरी तरह से समाप्त हो गया है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) दुनिया भर में स्वास्थ्य से जुड़े हुए कार्यों को देखता है। इसके अलावा और भी कई छोटी बड़ी संस्थाएं हैं, जो दुनिया भर में रोगों के उन्मूलन के लिए कार्य करती हैं।

राष्ट्रों के बीच विवादों का निपटारा

कई बार दो देशों के बीच किसी निश्चित स्थान अथवा प्रदेश के स्वामित्व को लेकर विवाद छिड़ जाता है। ऐसे विवादों के परिणाम स्वरुप कई बार युद्ध भी हो जाता है। 

जिस प्रकार कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान में हमेशा विवाद रहता है, उसी तरह दुनिया भर में कई ऐसे विवादित मुद्दे होते हैं, जो सीधे संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा देखे जाते हैं। दो राष्ट्रों के बीच विवाद किसी भी मुद्दे को लेकर हो सकता है ऐसे में यह संगठन विवादों के समाधान पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा

महिलाओं के विरुद्ध होने वाले तमाम प्रकार के भेदभाव को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ कार्य करता है। महिलाओं के मूलभूत अधिकारों को सुरक्षा देने के लिए यूएनओ द्वारा कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

इसके अलावा अवैध मानवीय तस्करी और बाल मजदूरी के उन्मूलन के लिए वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न शाखाएं बेहद एक्टिव तरीके से कार्यरत है।

नशीली दवाइयों पर रोक

नशीली दवाइयों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने कई कड़े वैश्विक नियमों का निर्माण किया है। किसी देश की वास्तविक निधि वहां के युवा होते हैं, यदि आने वाली युवा पीढ़ी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक इन नशीली दवाइयों का सेवन करेगा, तो फिर विकास कैसे होगा। 

अपनी विभिन्न नीतियों के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र संघ दुनिया के अलग-अलग देशों में प्रभावी रूप से ऐसी दवाइयों के अवैध तस्करी पर रोक लगाती हैं। 

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प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा

प्राकृतिक आपदाओं को टाला तो नहीं जा सकता लेकिन उनसे निपटने के लिए पहले से तैयारियां जरूर की जा सकती हैं। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अभिन्न शाखा है, जो प्राकृतिक आपदाओं के ऊपर रिसर्च करती है। 

आने वाले आपदाओं के विषय में सटीकता से भविष्यवाणी कर के लोगों को चेतावनी भी देती हैं। इस प्रकार संयुक्त राष्ट्र संघ मानव निर्मित और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए वैश्विक सहायता प्रदान करने का कार्य करता है।

आतंकवादी गतिविधियों पर रोक

आतंकवाद आज के समय का सबसे बड़ा वैश्विक समस्या बन चुका है। यह संगठन ऐसे देशों पर नजर रखता है, जो किसी भी प्रकार से आतंकवादी गतिविधियों को सहायता प्रदान करते हो। 

जो देश आतंकवादी समर्थक होते हैं, उन पर संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा कई प्रकार से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं। इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान इत्यादि कई ऐसे उदाहरण है जिन्हें आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने के कारण विशेष प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा लगाए गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के 6 अंग 6 Main Bodies of the United Nations in Hindi

संयुक्त राष्ट्र संघ के 6 मुख्य अंग है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र महासभा, संयुक्त राष्ट्र सचिवालय, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद, संयुक्त राष्ट्रीय ट्रस्टीशिप परिषद शामिल है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly)

संयुक्त राष्ट्र संघ का यह सबसे महत्वपूर्ण अंग है। महासभा में कुल 193 सदस्य देश हैं। जिस प्रकार भारतीय संसद में राष्ट्रीय नीति निर्धारण, शांति सुरक्षा एवं आर्थिक मामलों पर सामान्य बहस होती है, उसी तरह संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी सभी सदस्य राष्ट्र एक साथ मिलकर विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श करते हैं। 

हर साल सितंबर महीने में यूएनओ के सभी सदस्य देशों की महासभा न्यूयॉर्क के जनरल असेंबली में आयोजित की जाती है, जिसमें सभी सदस्य राष्ट्र भाग लेते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष को हर एक वर्ष के कार्यकाल के लिए चुना जाता है।

महासभा की 6 मुख्य समितियां है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और निशस्त्रीकरण, वित्तीय एवं आर्थिक मुद्दे, सांस्कृतिक सामाजिक एवं मानवीय नीतियां, राजनीतिक और विउपनिवेशीकरण, बजट एवं प्रशासन तथा कानूनी समितियों का समावेश होता है। 

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council)

सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य देश हैं, जिनमें पांच स्थाई सदस्य राष्ट्र और दस गैर स्थाई सदस्य देश शामिल है। संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, रूस, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य हैं। 

अन्य दस गैर स्थाई सदस्य राष्ट्रों से 2 साल के लिए  महासभा द्वारा अध्यक्ष चुने जाते हैं। सभी स्थाई सदस्य राष्ट्रों के पास ‘वीटो पावर’ जिसका अर्थ अस्वीकार करना होता है। सभी स्थाई सदस्य सुरक्षा परिषद में पारित किसी भी प्रस्ताव को वीटो करके अस्वीकृति प्रदान कर सकते है। 

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (United Nations Economic and Social Council)

संयुक्त राष्ट्र संघ का यह परिषद भी एक महत्वपूर्ण अंग है। आर्थिक एवं सामाजिक परिषद में 3 वर्ष के लिए 54 सदस्य महासभा द्वारा निर्वाचित किए जाते हैं। 

इस परिषद का मुख्य उद्देश्य सतत वैश्विक विकास पर ध्यान केंद्रित करना होता है। आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों पर इस परिषद में सदस्यों द्वारा वाद संवाद और निर्णय लिए जाते हैं। 

संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (United Nations International Court of Justice)

संयुक्त राष्ट्र संघ में यह अंग 1945 में चार्टर के जरिए गठित किया गया था तथा अप्रैल 1946 में संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय कार्यरत हुआ।

यह अंतरराष्ट्रीय न्यायालय पूरे संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक भाग है। सन 1920 में अंतरराष्ट्रीय न्याय के स्थाई न्यायालय के जगह पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय राष्ट्र संघ द्वारा स्थापित किया गया।

संयुक्त राष्ट्र सचिवालय (United Nations Secretariat)

सचिवालय संयुक्त राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण अंग है। संयुक्त राष्ट्र सचिवालय का सबसे प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी महासचिव होता है, जो 5 वर्ष के लिए  महासभा द्वारा सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर चुना जाता है। 

संयुक्त राष्ट्र के इस भाग में सैकड़ों कर्मचारी के साथ एक महासचिव बैठता है, जो संगठन द्वारा दिए गए उद्देश्य को पूर्ण करता है।

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संयुक्त राष्ट्र न्यास परिषद (United Nations Trusteeship Council)

संगठन का यह परिषद 1945 में चार्टर के तहत स्थापित किया गया था। न्यास परिषद के सभी सदस्य सुरक्षा परिषद के स्थाई राष्ट्रीय ही होते हैं। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एवं शांति कायम करना है। 

ऐसे न्यास प्रदेशों में इसकी स्थापना की गई थी, जहां द्वितीय विश्वयुद्ध समाप्त होने के बाद किसी स्वायत्तता प्रशासन  का आरंभ नहीं हो सका था। 

बिना किसी भेदभाव के न्यास प्रदेशों के लोगों के मानव अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें दूसरे लोगों की तरह समान अवसर प्रदान किए जाते हैं। आमतौर पर कुल 11 न्यास प्रदेश शामिल थे, जो न्यास परिषद के अंतर्गत आते हैं। 

संयुक्त राष्ट्र संघ के स्थायी सदस्य Permanent member of the United Nations in Hindi

संयुक्त राष्ट्र संघ के सुरक्षा परिषद में कुल पांच स्थाई सदस्य है, जो निम्नलिखित दिए गए हैं –

  • संयुक्त राज्य अमेरिका
  • चीन
  • रूस
  • फ्रांस  
  • यूनाइटेड किंगडम

संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत United Nations and India in Hindi

वर्तमान समय में भारत में संयुक्त राष्ट्र संघ की कई एजेंसियां, कार्यक्रम, कोष एवं कार्यालय पूरे विश्व में  सबसे बड़े पर पर फैली हुई है। संयुक्त राज्य संघ की कुछ बेहद विशेष आयोग और कार्यक्रम है, जिसके परिणाम स्वरूप भारत सहित दुनिया में फैले भारतीय मूल के लोगों को सीधा फायदा पहुंचता है। 

आज भी संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न शाखाओं के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक विकास इत्यादि से जुड़े विभिन्न अवसर समान रूप से लोगों तक पहुंचाया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत के विषय में एक बड़ी ही रोचक कहानी है। जब भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली थी, उसके कुछ समय बाद ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थाई सदस्यता दी जा रही थी। 

लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ में स्थाई सदस्यता प्राप्त करने के लिए कई शर्ते भी रखी थी, जिनके लिए भारत पूरी तरह से तैयार नहीं था।

उस समय भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता को हमारे पड़ोसी मुल्क चाइना को प्राप्त करने का सुनहरा अवसर दे दिया। 

तब से आज तक की परिस्थितियां बहुत बदल चुकी है और चाइना अब भारत का सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है, जिसके कारण भारत संयुक्त राष्ट्र संघ में अपनी स्थाई सदस्यता बनाने के लिए बार-बार प्रयत्न करता है, लेकिन असफल रहता है।

संयुक्त राष्ट्र संघ के संस्थाएँ और मुख्यालय के नाम Institutions and Headquarters of The United Nations in Hindi

संयुक्त राष्ट्र संघ के 6 मुख्य अंगों के अलावा विभिन्न कोष, कार्यक्रम और संस्थाओं का गठन किया गया है जो स्वतंत्र रूप से कार्यरत है। 

संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन– यह संगठन अंतराष्ट्रीय व्यापार, निवेश एवं विकास से संबंधित मुद्दों के लिए काम करता है।

संयुक्त राष्ट्र राजदूत – यह जीनिवा में स्थित एक संगठन है, जिसका उद्देश्य शरणार्थियों के सामान्य अधिकारों  की रक्षा करना है।

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ़) – यह विश्वभर में बालकों के शिक्षा, स्वास्थ तथा सुरक्षा के लिए कार्य करता है। 

संयुक्त राष्ट्र शिक्षा, विज्ञान और सांस्कृतिक परिषद – शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति तथा संचार के माध्यम से सभी देशों में शान्ति एवं विकास के अवसर प्रदान करने के लिए पेरिस में स्थित एक आयोग है।

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संघ– दुनिया भर में श्रमिकों एवं मजदूरों के हितों की सुरक्षा के लिए नियम बनाने वाला संयुक्त राष्ट्र का एक आयोग है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) –  पर्यावरण सुरक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए नैरोबी में स्थित एक संस्था है।

अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी – परमाणु उर्जा के निगरानी के लिए विएना में स्थित एक संस्था है।

अन्तरराष्ट्रीय अपराध आयोग – यह युद्ध में अपराध के लिए दोषी यूगोस्लाविया में संदिग्ध लोगों पर कार्यवाही करने के लिए बनाया गया द हेग में स्थित एक आयोग है।

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) – यह वैश्विक गरीबी उन्मूलन, लोकतांत्रिक प्रशासन को बढ़ावा देने इत्यादि के लिए काम करता है।

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