व्यापारिक बैंक के मुख्य कार्य Functions of Commercial Banks in Hindi

इस लेख में हम आपको व्यापारिक बैंक के मुख्य कार्य Functions of Commercial Banks के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

व्यापारिक बैंक के मुख्य कार्य Functions of Commercial Banks

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व्यापारिक बैंक किसे कहते है? What are Commercial Banks?

इस प्रकार की बैंकों को व्यापारिक बैंक कहते हैं। इसे वाणिज्यक बैंक भी कहा जाता है। ऑक्सफोर्ड शब्दकोश के अनुसार व्यापारिक बैंक जनता के आदेश पर उनके धन की सुरक्षा करती हैं। वाणिज्यक बैंक लोगों का पैसा अपने पास जमा करते हैं। दूसरे लोगों को लोन (ऋण) के रूप में पैसा देते हैं और दूसरे कामों में निवेश करते हैं।

इसके अलावा व्यापारिक बैंक अपनी शाखाएं विभिन्न स्थानों पर खोलती हैं। रुपए (धन) को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करती हैं। इसके साथ ही बाकी बैंकों जैसी सेवाएं देते हैं।  किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में व्यापारिक बैंक प्रमुख योगदान करती हैं।

यह अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती हैं और उसकी सहायता करती हैं। कृषि, व्यापार जैसे क्षेत्र बिना व्यापारिक बैंकों के नहीं चल सकते हैं।

व्यापारिक बैंको के कार्य Functions of Commercial Bank

व्यापारिक बैंकों के प्रमुख कार्य- जमा धन स्वीकार करना, ऋण देना, विविध कार्य, साख निर्माण संबंधी कार्य और अभिकर्ता संबंधी कार्य है।

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जमा धन स्वीकार करना (To Accept Deposits)

व्यापारिक बैंक का प्रमुख काम लोगों से धन (निक्षेप) जमा करना होता है। इसके बदले में लोगों को ब्याज दिया जाता है और उनके धन की रक्षा भी हो जाती है।

चालू खाते की सुविधा (Current Account)

व्यापारिक बैंक में ग्राहकों के लिए चालू खाता की व्यवस्था होती है। यह खाता अधिकतर पूंजीपति, उद्योगपति, और व्यापारी खोलतें हैं। इसमें ग्राहक कभी भी कितना धन निकाल या जमा कर सकता है। चालू खाते में ब्याज की दर 0.5% होती है। बैंक खातेदार का हिसाब रखता है।

बचत खाते की सुविधा (Saving Account)

व्यापारिक बैंक में बचत खाता भी होता हैं। बचत खाता छोटी-छोटी बचत करने वालों के लिए उपयुक्त होता है। ग्राहक हफ्ते में एक या दो बार रकम निकाल सकते हैं। इस तरह का खाता मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए उपयुक्त होता है।

 स्थायी जमा खाता (Fixed Deposit Account)

व्यापारिक बैंक ग्राहकों को स्थाई जमा खाता की सुविधा भी देती हैं। इस प्रकार की धनराशि जमा करने पर ग्राहकों को ऊंचा ब्याज प्राप्त होता है। वर्तमान में स्थाई जमा खाता बहुत ही प्रचलित है। यह कम से कम 3 माह और अधिक से अधिक 21 वर्ष तक का होता है। इस अवधि में ग्राहक जमा की गई धनराशि नहीं निकाल सकता है।

जमा की गई धनराशि जमा करने पर ग्राहक को एक रसीद मिलती है जिसमें स्थाई जमा राशि की परिपक्वता तारीख लिखी रहती है। निश्चित समय पूरा होने पर ग्राहक को जमा की गई धनराशि अधिक ब्याज के साथ प्राप्त होती है। आजकल स्थाई जमा ब्याज दर 7% से 9% तक है। सीनियर सिटीजन के लिए अधिक ब्याज मिलती है।

ऋण देना (To Advance Loans)

व्यापारिक बैंक नए उद्योगपतियों, व्यापारियों को प्रोत्साहित करती हैं और व्यापार शुरू करने के लिए ऋण देती हैं। ऋण पर वह निश्चित ब्याज वसूल कर लाभ कमाती हैं। इस प्रकार के ऋण की ब्याज दर ऊंची होती है जिससे बैंकों को लाभ होता है।

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बैंक दो प्रकार से ऋण देती हैं-  असुरक्षित साख (Unsecured Credit) और सुरक्षित साख (Secured Credit) ग्राहकों को ऋण देते समय बैंकों को तरलता (Liquidity) का ध्यान रखना होता है। उन्हें बैंक में जमा कुल धनराशि का एक निश्चित भाग नगदी में रखना होता है। इसे Cash Reserve Ratio कहते हैं।

असुरक्षित साख (Unsecured Credit)

इस प्रकार के ऋण में बैंक किसी प्रकार की भौतिक संपत्ति की जमानत नहीं लेती है। इस प्रकार के ऋण में काफी जोखिम होता है।

सुरक्षित साख (Secured Credit)

इस प्रकार के ऋण में बैंक के जमीन जायदाद या संपत्ति के मूल्य को देखकर ऋण देती है। भुगतान न करने पर जमानत के रुप में रखी गई संपत्ति को बेच कर बैंक अपना कर्ज वसूल करती है।

अभिकर्ता संबंधी कार्य (Agency Functions)

  • व्यापारिक बैंक ग्राहकों के लिए अभिकर्ता (एजेंट) संबंधी कार्य भी करती हैं जैसे भुगतान का संग्रहण करना।
  • ग्राहकों के आदेश पर व्यापारिक बैंक कम ब्याज पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर रकम भेजती हैं। इसके लिए थोड़ा शुल्क लेती हैं।
  • ग्राहक के आदेश पर व्यापारिक बैंक बीमा, लोन की किस्तें, टैक्स का भुगतान ग्राहक के खाते से समय समय पर करती हैं।
  • इसके साथ ही बैंक ग्राहकों द्वारा जमा किए गए चेक, प्रतिज्ञा पत्रों, विपत्रो आदि का संग्रह कर उनके खाते में रकम जमा करती है।  
  • व्यापारिक बैंक ग्राहकों के लिए संरक्षक, प्रबंधक, ट्रस्टी, सलाहकार, वित्तीय सलाहकार, अटार्नी, एक्जीक्यूटर्स के रूप में भी कार्य करती हैं।  
  • व्यापारिक बैंक अपने व्यापारी ग्राहकों की आर्थिक स्थिति के संदर्भ में संदर्भ पत्र भी जारी करती हैं।  

विविध कार्य (Miscellaneous Functions)

व्यापारिक बैंक आंतरिक और विदेशी व्यापार के लिए वित्त सहायता प्रदान करती हैं।

विदेशी विनिमय का क्रय-विक्रय

व्यापारिक बैंक विदेशी मुद्राओं का क्रय विक्रय भी करती हैं। विदेशी व्यापार को करने के लिए व्यापारिक बैंक विदेशी चेक, ड्राफ्ट आदि को स्वीकार करती हैं। इसके साथ ही बैंक बिलों को भुनाती हैं।

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बैंकिंग शिक्षा व प्रशिक्षण

धीरे धीरे बैंकिंग व्यवस्था जटिल होती जा रही है। इसके लिए अधिक शिक्षित और अनुभवी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। व्यापारिक बैंक के अपने कर्मचारियों को कार्य कुशल बनाने के लिए बैंकिंग शिक्षा और प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करती हैं। कर्मचारियों को प्रशिक्षण देते हैं।

साख सम्बन्धी सूचनाएँ देना

व्यापारिक बैंक दूसरी संस्थाओं को ग्राहकों की आर्थिक स्थिति और साख संबंधी सूचनाएं देती हैं। इस तरह की सूचनाओं का इस्तेमाल ऋण देने के लिए दूसरी संस्थाएं करती हैं। किसी वाहन जैसे कार बड़ी गाड़ियां लेने के लिए भी ग्राहकों की आर्थिक स्तिथि जानने की आवश्यकता पड़ती है। यह सूचनाएं उन्हें बैंकों से मिलती हैं।

लॉकर सुविधा देती हैं

व्यापारिक बैंक अपने ग्राहकों को लॉकर सुविधाएं देती हैं जिसमें वह अपने कीमती वस्तुएं जैसे आभूषण, बहुमूल्य प्रपत्र, कागज, कंपनियों के अंश पत्र, ऋण पत्र रखते हैं। इस कार्य को करने के लिए बैंक एक निश्चित शुल्क वसूल करती हैं। लॉकर सुविधा को सेफ डिपॉजिट वाल्ट कहते हैं।

साख निर्माण संबंधी कार्य  (Credit Creation)

व्यापारिक बैंक एक प्रमुख कार्य साख निर्माण करना

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