हैकिंग क्या है? हैकर और उनके प्रकार What is Hacking? Hackers and their Types in Hindi

जानें हैकिंग क्या है? हैकर कौन होते हैं और उनके क्या-क्या प्रकार हैं? What is Hacking? Hackers and their Types in Hindi

कई बार खबरों में यह सुनने को मिल ही जाता है, कि xyz बैंक को हैकर्स का खतरा है, या abc बैंक में से हैकर्स ने हैक करके निकाले इतने रुपए। कई बार तो फेसबुक और गूगल को हैक करने की कोशिश की भी खबरे आती हैं। 

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि, हैकिंग क्या होती है (what is hacking), हैकिंग कैसे की जाती है (How hacking is performed), हैकर्स कौन होते है (Who are the hackers), हैकर्स के प्रकार क्या हैं (Types of hackers) और हैकिंग के प्रकार क्या हैं (Types of hacking). 

हैकिंग क्या है? हैकर और उनके प्रकार What is Hacking? Hackers and their Types in Hindi

हैकिंग क्या होती है? Definition of hacking

हैकिंग एक प्रकार की प्रक्रिया है, जिसका मतलब होता है किसी ऐसे डिवाइस जिस पर एक्सेस ना हो उसे एक्सेस करना। आसान भाषा में ये कहा जा सकता है कि वह डिवाइस जो आपने कार्य क्षेत्र में नहीं है, उस को कंट्रोल करने का तरीका ही हैकिंग है।

हैकिंग केवल उन्ही कंप्यूटर पर की जा सकती है, जो कंप्यूटर या डिवाइस इंटरनेट से जुड़े होते हैं। मुख्य तौर पर हैकिंग का प्रयोग फ़्रॉड करने के लिए, डाटा चुराने के लिए और लोगों की निजता का खंडन करने के लिए किया जाता है।

हैकिंग का परिणाम अन्त में कई बार साइबर क्राइम के रूप में होता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हैकिंग या साइबर क्राइम के कारण संस्थानों का अरबों का नुकसान साल भर में हो जाता है। 

हैकिंग के प्रकार क्या हैं? Types of hacking

हैकिंग को अलग अलग डिवाइस हैक करने और अलग अलग तरह से हैक करने के आधार पर मुख्य सात भागों में बांटा गया है।

हैकिंग के प्रकार निम्न हैं :- 

  1. वेबसाइट हैकिंग (Website Hacking) :- वेबसाइट हैकिंग का अर्थ होता है किसी वेबसाइट को हैक करके उसे कंट्रोल करना एवं दुरुपयोग करना। 
  2. नेटवर्क हैकिंग (Network Hacking) :- एनएस, पिंग, यूपी जैसे टूल्स का प्रयोग करके किसी भी नेटवर्क को कंट्रोल करना नेटवर्क हैकिंग कहलाता है। इस दौरान नेटवर्क की सारी जानकारी को चुरा लिया जाता है। 
  3. एथिकल हैकिंग (Ethical Hacking) :- एथिकल हैकिंग एक तरह से लीगल हैकिंग होती है। इस हैकिंग के दौरान हैकर को संस्थान खुद हैक करने के लिए कहता है। इस तरह की हैकिंग मुख्य तौर सुरक्षा प्रणाली की जांच के लिए की जाती है। 
  4. ईमेल हैकिंग (Email Hacking) :- किसी के भी ईमेल को हैक करना और उसका दुरुपयोग करना, ईमेल हैकिंग कहलाता है। 
  5. पासवर्ड हैकिंग (Password Hacking) :- किसी के पासवार्ड को हैक करके उसे बदलना, एवं पासवर्ड लगाई गई जगह का दुरुपयोग करना, पासवर्ड हैकिंग कहलाता है। 
  6. ऑनलाइन बैंकिंग हैकिंग (Online Banking Hacking) :- किसी भी बैंक के सर्वर या बैंक के यूजर के अकाउंट को हैक करना, ऑनलाइन बैंकिंग हैकिंग कहलाता है। इस तरह की हैकिंग के दौरान मुख्य तौर रुपयों या फंड की चोरी की जाती है। 
  7. कंप्यूटर हैकिंग (Computer Hacking) :- किसी के भी कंप्यूटर में बिना एक्सेस के हैक करके, फाइल बनाना, देखना और एडिट करना कंप्यूटर हैकिंग के अंदर आता है। 
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हैकर कौन होता है? Who is a Hacker?

हैकर एक ऐसा व्यक्ति होता है जो हैकिंग की प्रक्रिया को अंजाम देता है। हैकर के पास असीम कंप्यूटर की जानकारी होती है और वह यह भी जानता है कि किसी भी कंप्यूटर की सुरक्षा को कहां से तोड़ा जा सकता है। हर बार हैकर की नीयत गलत या सही नहीं होती, इस लिए हैकर्स को अलग अलग वर्गों में बांटा गया है। 

हैकर्स के प्रकार Types of Hackers

हैकर्स को उनके काम करने के तरीके, और काम करने की नीयत के आधार पर कई प्रकार में बांटा गया है। गौरतलब यह है कि हर हैकर का एक विशेष सिंबल होता है, जिससे उसके कार्य करने की नीयत का अंदाजा लगाया जा सकता है। हैकर्स के प्रकार निम्नलिखित हैं :- 

1. एथिकल हैकर – सिंबल वाइट हैट (Ethical hacker – Symbol white hat) 

एथिकल हैकर उस हैकर को कहा जाता है जो कि किसी भी सिस्टम को ठीक करने के लिए लीगल तरीके से उसे हैक करता है। इस तरह के हैकर लीगल होते हैं और सिस्टम के ऑनर की मर्जी से डिवाइस को हैक करते हैं। ऐसे हैकर्स का प्रयोग कई बार सुरक्षा की जांच करने के लिए भी किया जाता है। 

2. क्रैकर – सिंबल ब्लैक हैट (Cracker – Symbol Black hat) 

इस तरह के हैकर पूरी तरह इलीगल कार्य करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य किसी भी सिस्टम की सुरक्षा को तोड़कर, वहां से डाटा चुराने का होता है। ये बैंकिंग के फंड, कंपनियों के डाटा और निजी फ़ॉर्मूला चुराने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। 

3. ग्रे हैट हैकर – सिंबल ग्रे हैट (Grey hat hacker – Symbol Grey hat) 

ग्रे हैट हैकर, वाइट हैट और ब्लैक हैट हैकर के बीच का कार्य करते हैं। ग्रे हैट हैकर, ब्लैक हैट की तरह बिना किसी परमिशन के सुरक्षा प्रणाली को तोड़ जरूर देते हैं, लेकिन इनका उद्देश्य किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने का नहीं होता। ये वाइट हैकर की तरह सुरक्षा प्रणाली की जांच करते हैं और हैक कर लेने के बाद से सुरक्षा प्रणाली में कमी की जानकारी सिस्टम के मालिक को देते हैं। 

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Interesting fact :- फेसबुक और गूगल, उनकी सुरक्षा प्रणाली में कमी ढूंढने वाले हैकर को इनाम देते हैं”

4. स्क्रिप्ट कीडिस (Script Kiddies) 

इस तरह के हैकर, हैकिंग के बारे में कुछ भी नहीं जानते, लेकिन फिर भी ये स्किल्ड हैकर की बनाई हुई स्क्रिप्ट से देख देख कर, छोटी मोटी हैकिंग कर लेते हैं। 

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5. हैकटिवटिस्ट (Hacktivist) 

इस तरह के हैकर हैकिंग करते हैं, लेकिन किसी को भी किसी तरह का नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि एक संदेश देने के लिए। ये संदेश कई बार राजनीतिक, कई बार धार्मिक, सामाजिक होते हैं। इस तरह के हैकर मुख्य तौर पर अलग अलग वेबसाइट को अपना निशाना बनाते हैं। 

6. फ्रेकर (Phreaker) 

फ्रेकर प्रकार के हैकर, कंप्यूटर नहीं, टेलीफोन हैक करते हैं। 

एथिकल हैकिंग क्या होती है What is Ethical hacking in Hindi?

एथिकल हैकिंग, एथिकल हैकर यानी कि वाइट हैट हैकर करते हैं। इस तरह के हैकर किसी भी सिस्टम की कमी जानने के लिए उसे हैक करते हैं।

एथिकल हैकिंग को ही केवल लीगल माना जाता है उसके निम्नलिखित कारण है :-

  • हैकिंग की दुनिया में हर तरह के हैकर मौजूद हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य समाज और संस्थाओं को नुकसान पहुंचाना है। एथिकल हैकिंग द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जाता है कि संस्थान की सुरक्षा प्रणाली में किसी तरह की कोई कमी न रह जाए जिससे कोई और इसे ना हैक कर पाए। 
  • अलग अलग प्रकार की हैकिंग से संस्थाओं का अरबों का नुकसान हो जाता है, जिसे एथिकल हैकिंग द्वारा बचाया जा सकता है। 

क्या एथिकल हैकिंग लीगल है? (Is Ethical Hacking is legal) 

एथिकल हैकिंग, केवल एकमात्र लीगल हैकिंग है। इस तरह की हैकिंग साइबर क्राइम के अंदर नहीं आती, केवल और केवल तब, जब हैकर साइबर पुलिस द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करे। यदि वह इन नियमों का पालन नहीं करता, तब एथिकल हैकिंग लीगल नहीं मानी जाएगी। एथिकल हैकिंग के प्रकार निम्न हैं :- 

  • हैक करने वाले हैकर को, संस्थान से परमिशन लेनी पड़ेगी। यदि वह संस्थान से परमिशन लेता है तभी यह हैकिंग लीगल होगी। 
  • हैक करने वाले हैकर की यह जिम्मेदारी है कि संस्थान का डाटा यहां से वहां गायब न हो। यदि ऐसा होता है तो उस व्यक्ति के ऊपर केस किया जा सकता है, और साइबर क्राइम के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जा सकती है। 
  • हैकिंग के दौरान सिस्टम में पाई गई हर कमी की परदर्शीता से रिपोर्ट देनी होगी। यदि कुछ भी छुपा गया और वह बाद में उजागर हुआ तो हैक करने वाले व्यक्ति को कड़ी सजा मिल सकती है। 
  • सिस्टम में कमियां निकलने के बाद सिस्टम के मालिक को बताना जरूरी है। ये कमियां हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के रूप में वर्गीकृत होनी चाहिए। 
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डिवाइस हैक होने के बाद क्या करें? (What should I do after hacked?) 

कई बार डिवाइस हैक होने के बाद हमें यह नहीं पता होता कि हमें आगे क्या करना है जिस कारण हैकिंग के दौरान और भी ज़्यादा नुकसान हो जाता है। कभी भी डिवाइस हैक होने के बाद निम्न कार्य सबसे पहले करें :- 

  • सबसे पहले सिस्टम को बन्द कर दें या टर्न ऑफ कर दें। 
  • सिस्टम को नेटवर्क से अलग कर दें यानी कि आसान भाषा मे उसका इंटरनेट से कनेक्शन ब्रेक कर दें। 
  • उसके बाद कंप्यूटर को रिस्टार्ट करें। 
  • उसे फिर से इंटरनेट से कनेक्ट करें। 
  • और अन्त में पुलिस को जरूर बताएं।

साइबर क्राइम क्या है? (What is cyber crime in Hindi) 

हैकिंग का प्रयोग करके किसी की निजता का खंडन करना साइबर क्राइम कहलाता है। हैकिंग के हर दुरुपयोग को साइबर क्राइम में एड किया जाता है। चाहे वह, कंप्यूटर वायरस फैलाना हो या फिर ऑनलाइन किसी को परेशान करना हो या फिर किसी बैंक से रुपये चुराना हो। यह सब कुछ साइबर क्राइम के अंदर आता है। लगभग सभी साइबर क्राइम इंटरनेट के जरिए किए जाते हैं। कुछ साइबर क्राइम मोबाइल फोन या सोशल मीडिया में एसएमएस के जरिए भी किए जाते हैं। 

साइबर क्राइम के प्रकार (Types of cyber crime in Hindi) 

साइबर क्राइम को उनके संगीन होने के आधार पर निम्न वर्गों में बांटा गया है :- 

  • कंप्यूटर फ्रॉड (Computer Fraud) :- कंप्यूटर सिस्टम का प्रयोग करके किसी तरह की निजी जानकारी लेना या धमकी भेजना, कंप्यूटर फ्रॉड कहलाता है। 
  • निजता का खंडन (Privacy violation) :- किसी के सिस्टम को हैक करके उसकी निजी फाइल को चुराना या निजी ऑडीयो, वीडियो इमेज को वायरल करना निजता का खंडन कहलाता है। 
  • पहचान गलत बताना (identity theft) :- किसी भी व्यक्ति की पहचान से जुड़ी फाइल, जैसे आधार पेन कार्ड इत्यादि चुराकर, उसमें फेर बदलकर, खुद को वह व्यक्ति बताना, “पहचान गलत बताना” कहलाता है। 
  • कॉपीराइट वाली फाइल चुराना (Sharing copyright files) :- इस क्राइम में उन फाइलों को चुराया जाता है जिन पर किसी खास व्यक्ति का कॉपीराइट लगाया गया होता है। इसमें ईबुक, मूवीज शामिल हैं। 
  • इलेक्ट्रॉनिक फंड चुराना (fund theft or transfer) :- बैंक के कंप्यूटर को हैक करके इलेक्ट्रॉनिक फंड चुराना भी साइबर क्राइम का ही हिस्सा है। 
  • ईलेक्ट्रिनिक रूपये चुराना (Money theft or transfer) :- ऑनलाइन पैसों का हेरफेर इस क्षेत्र में आता है। 
  • एटीएम में फ्रॉड (Fraud via ATM) :- एटीएम कार्ड के जरिए फ़्रॉड करना या किसी अन्य व्यक्ति के एटीएम कार्ड का दुरुपयोग करना, इस क्षेत्र में आता है। 
  • सर्वर पर अटैक करना (Attack at server) :- लगातार सर्वर पर अटैक करना इस क्षेत्र में आता है। 
  • स्पैम भेजना (Spam Sending) :- किसी को गैर जरूरी ईमेल भेजना भी साइबर क्राइम कहलाता है। 
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