होटल, मोटल, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट में अंतर Difference between Hotel, Motels, Restaurant, Resort in Hindi

होटल, मोटल, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट में अंतर Difference between Hotel, Motels, Restaurant, Resort in Hindi : इनमें क्या फर्क है, इसे लेकर कई बार कन्फ्यूजन पैदा हो जाता है। छोटे स्थानों पर जब किसी से होटल के बारे में पूछा जाता है तो वह ढाबे का पता बताता है। 

होटल का नाम सुनकर लोग समझते हैं कि खाने की जगह के बारे में पूछा रहा है। ढाबे में तो सिर्फ खाना ही परोसा जाता है। वहां पर रात्रि विश्राम की कोई व्यवस्था नहीं होती है। होटल, मोटल, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट में पर्याप्त अंतर है जो इस लेख में हम आपको बताएंगे।

होटल, मोटल, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट में अंतर Difference between Hotel, Motels, Restaurant, Resort in Hindi

1. मोटल

मोटल को होटल का छोटा भाई भी कहा जाता है। मोटल शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- मोटर और होटल। मोटल मुख्यतः हाईवे (Highway) पर बनाए जाते हैं। इनका उद्देश्य लंबी दूरी पर निकले यात्रियों को रात्रि / दिन विश्राम देना है।

वे यात्री जो अपनी कार, बस या दूसरे साधनों से किसी दूर के स्थान पर ड्राइव करते हुए जा रहे हैं, जब उन्हें थकावट का एहसास होता है तो वे कुछ देर का आराम करना चाहते हैं। इसी आवश्यकता की पूर्ति के लिए हाईवे के किनारे मोटल बनाये जाते हैं, जहां पर रहने के लिए कमरे होते हैं।

कुछ मोटल अपने ग्राहकों को खाना भी देते हैं, पर यह आवश्यक नहीं है। मोटल में कार, बस और दूसरे वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होती है। मोटल होटल से छोटे होते हैं।

इनकी इमारत भी छोटी होती है। आमतौर पर मोटल बनाने में कम पूंजी लगती है जबकि होटल बनाने में बड़ी इमारत बनानी होती है और इसमें पूंजी भी बहुत अधिक खर्च होती है। मोटल में रुकने वाले यात्रियों का बजट कम होता है।

इसे भी पढ़ें -  मोबाईल फोन की लत से कैसे छुटकारा पायें? How to get rid of mobile phone addiction in Hindi?

मोटल मुख्यतः विदेशों में पाए जाते हैं। यह अमेरिका में मुख्य रूप से पाए जाते हैं। वहां पर ज्यादातर लोग अपनी कार और निजी वाहनों से सड़क मार्ग द्वारा लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। यात्रा करते हुए जब उन्हें थकान या नींद लगती है तो वह मोटल में जाकर विश्राम करते हैं।

ज्यादातर मोटल हाईवे पर बने होते हैं। हाईवे पर बड़ी लागत लगाकर होटल बनाना उतना फायदेमंद नहीं होता, क्योंकि यहां पर ज्यादातर मुसाफिर और ट्रक ड्राइवर ही सफर करते हैं। मोटल में कमरे सस्ते मिल जाते हैं और यात्रियों को आराम करने की जगह भी मिल जाती है।  

2. होटल

होटल के बारे में तो आप लोग जानते ही होंगे। होटल की इमारत बड़े पैमाने पर बनाई जाती है। इसे बनाने में काफी पैसा खर्च होता है। ताज महल होटल, ओबेरॉय, रेडिसन, ली मेरिडियन जैसे होटलों के नाम तो आपने सुने होंगे। एक होटल में बहुत सारे कमरे होते हैं। यहाँ बहुत सारे यात्री कमरे ठहर सकते हैं। होटल के भीतर किचन होटा हैं जहाँ पर सभी मेहमानों को खाना बनाकर देते हैं।

होटल के कमरों में मिनी बार, खाना, रूम सर्विस, टीवी, फ्रिज, टेलीफोन जैसी सारी सुविधाएं होती हैं। इसके अलावा होटल में जिम, लॉन्ड्री, स्पा, स्विमिंग पूल, बुटीक, बैंक्विट हॉल जैसी सुविधाएं भी मौजूद होती हैं। होटल के कमरे मोटल के कमरों से अधिक बड़े और आरामदायक होते हैं।

होटलों को आमतौर पर स्टार की श्रेणी में बांटा जाता है जैसे, 1स्टार, 2 स्टार, 3 स्टार, 4 स्टार, 5 स्टार, 7 स्टार। होटल में रुकने वाले यात्रियों का बजट अधिक होता है। ज्यादातर होटल्स में उनके निजी रेस्टोरेंट भी होते हैं, जो मुख्यतः होटल में ठहरने वाले यात्रियों के लिए बने होते हैं।

होटल मुख्य तौर पर शहर के अंदर होते हैं, पर हाईवे पर भी हो सकते हैं। जिस स्थान पर अधिक यात्री आने की संभावना होती है वहां पर होटल बनाए जाते हैं। होटल आमतौर पर व्यवसायिक लोकेशन पर बनाए जाते हैं, जहां पर लोग अधिक मात्रा में आते जाते हैं- जैसे रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड के पास।

इसे भी पढ़ें -  इंटरनेट पर निबंध, इसका महत्त्व, उपयोग Essay on Internet in Hindi

3. रेस्टोरेंट

रेस्टोरेंट में सिर्फ खाना मिलता है। यहां पर ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं होती है। रेस्टोरेंट में लोग उसकी साथ सज्जा, खाने की क्वालिटी और ब्रांड को देख कर जाते हैं। रेस्टोरेंट्स का खाना दूसरी दुकानों की तुलना में महंगा होता है।

रेस्टोरेंट शहर के अंदर और हाईवे पर भी हो सकता है। रेस्टोरेंट में दिन या रात में रुकने के लिए कोई जगह नहीं होती है। यह सिर्फ फूड सर्विस (Food Service) देता है। यानी यहां पर आप सिर्फ खाना खा सकते हैं, साथ ही खाना पैक भी करवा सकते हैं।

4. रिसॉर्ट

रिसॉर्ट आमतौर पर टूरिस्ट लोकेशन (पर्यटक केंद्र) पर बनाए जाते हैं। इनको बनाने के लिए बहुत अधिक जमीन की आवश्यकता होती है। यह महंगे और आलीशान होते हैं। आमतौर पर रिजॉर्ट्स में लोग घूमने, मौज मस्ती करने, हनीमून मनाने जाते हैं।

रिजॉर्ट में बढ़िया क्वालिटी का खाना, मनोरंजन के तमाम साधन जैसे स्विमिंग पूल, जिम, स्पा, बुटीक जैसी सुविधाएं होती हैं। रिजॉर्ट आमतौर पर प्राकृतिक वातावरण में बने होते हैं जैसे गोवा, शिमला, जयपुर, माउंट आबू, गुलमर्ग, ऋषिकेश, नैनीताल पर अनेक रिजॉर्ट बने हुए हैं।

समुद्र के किनारे जो रिजॉर्ट बने होते हैं वहां पर सर्फिंग, डाइविंग, समुद्र में नाव चलाने और दूसरी सुविधाएं भी होती हैं। भारत में गोवा में अनेक रिजॉर्ट बने हुए हैं। पहाड़ों में बने हुए रिजॉर्ट ट्रैकिंग, हाइकिंग, पर्वतारोहण की सुविधाएं भी देते हैं।

लंबी छुट्टियां बिताने के लिए रिसॉर्ट होटल से अधिक उपयुक्त होते हैं। यह मुख्यतः प्राकृतिक वातावरण जैसे समुद्र के किनारे, पहाड़ों पर, या रेगिस्तान में बनाए जाते हैं।

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.