प्रॉब्लम सॉल्वर कैसे बने? How to be a problem solver in Hindi?

प्रॉब्लम सॉल्वर कैसे बने How to be a problem solver in hindi?

हम सभी जानते है कि समस्याएं सभी के जीवन में होता सकता है। न केवल व्यापार में, बल्कि हमारे व्यक्तिगत जीवन में भी। लेकिन हम से अधिकतर अपनी समस्याओं से दूर भागते और उसका सही समाधान नही करते है। अगर अपनी समस्या से दूर भागते है, तो ये एक बुरी बात है।

आप चाहें तो आप अपनी समस्याओं को दूर करने में खुद ही एक अच्छे प्रॉब्लम सॉल्वर बन सकते है। आज के इस लेख में हम आपको यही बताने वाले है कि आप कैसे एक अच्छे प्रॉब्लम सॉल्वर बन सकते है। इसके बारे में जानने के लिए लेख को पूरा पढ़े।

जीवन की समस्याएं Problems in Life

समस्याएँ हमारे जीवन का एक हिस्सा है। हर व्यक्ति अपनी समस्याओं से ही सीखता है। क्या आपको पता है कि समस्या ही आविष्कार की जननी है। आज हम जो अपने आस पास की चीजें देख रहे है उनका आविष्कार समस्याओं से ही हुआ है। इसका सीधा अर्थ है कि जो लोग अपनी समस्याओं से भागते है वो अपने जीवन मे कभी भी सफल नही हो सकते है।

लेकिन जो लोग अपनी समस्याओं का सामना किया और अपनी समस्याओं को समझने की कोशिश की उसने अपनी जीवन में बहुत कुछ हासिल किया। किसी भी तरह की समस्या को हल करने के लिए कुछ ऐसे तरीके होते है। जिनके उपयोग से आप अपने जीवन की बहुत सी समस्याओं का समाधान पा सकते है, जो इस प्रकार है:

इसे भी पढ़ें -  बेरोजगारी पर भाषण Speech on Unemployment in Hindi

समस्या क्या है? What is problem?

किसी भी समस्या को हल करने के लिए सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर समस्या क्या है। अगर हमे यही नही पता होगा कि समस्या क्या है तो हम समाधान किसका करेंगे। इसीलिए सबसे पहले आपको ये समझना बहुत ही जरूरी है की समस्या क्या है। इसके लिए आपको चाहे तो खुद से ये सवाल भी पूछ सकते है कि वास्तव में समस्या क्या है।

समस्या क्यों है? Why is problem?

किसी भी समस्या का समाधान करने से पहले आपको ये जानना जरूरी है कि वो समस्या क्यों उत्पन्न हुई? अगर को पता है कि आपके जीवन में क्या समस्या है? तो हमें ये जानने की कोशिश करनी चाहिए कि आखिर ये समस्या कैसे उत्पन्न हुई? अगर सीधी भाषा में कहा जाए, तो समस्या होने की सही वजह के बारे में जानना चाहिए।

एक अच्छा प्रॉब्लम सॉल्वर हमेशा ये जानने की कोशिश करता है कि ये समस्या कहा से उत्पन्न हुई है। अगर आपको ये पता चल जाए कि आपके जीवन में ये समस्या कैसे आई। तो आप इस समस्या को दोबारा अपने जीवन में आने से रोक सकते है। हम सभी जानते है कि कोई भी समस्या हो वो हमारी ही छोटी छोटी ग़लतियों से उत्पन्न होती है।

उन छोटी ग़लतियों को अनदेखा कर देते है जिसके कारण हमें अपने जीवन में ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। जिसके बारे में हमें कभी अपने जीवन मे भी नही सोचा होता है, इसीलिए हमें अपनी जीवन में उन समस्याओं से बचने के लिए जो हमारे जीवन में पहले भी आ चुके है। उसके लिए आपको समस्या के जड़ तक पहुँचाना बहुत ही जरूरी है।

समस्या का समाधान कैसे करें? How to solve a Problem?

जब आपको समस्या के होने का सही वजह मिल जाए, तो आपको केवल विचार मंथन करना चाहिए। कि किस तरह से आप इस समस्या का समाधान निकाल सकते है। अपनी समस्या का हल ढ़ूँढ़ने में कभी जल्दबाजी न करे, क्योंकि आपकी जल्दबाजी में लिया गया फैसला आपको और भी बड़ी समस्या में डाल सकता है।  इसके लिए आपको उन हर समस्याओं पर विचार करना चाहिए, जो आप अपने समस्या को हल करने के लिए प्रयोग कर सकते है।

इसे भी पढ़ें -  आलसी व्यक्ति की दस पहचान 10 Signs of Lazy Person in Hindi

1. निर्णय लेते समय भावनाओं को दूर रखे Keep emotions away when making decisions

जब आप अपनी समस्या का निर्णय ले रहे हों, तो आपको अपनी भावनाओं को अपने से दूर रखना चाहिए। क्योंकि हो सकता है कि आप एक नेता ही या व्यापारी या आप कोई छात्र भी हो सकते है।

इसीलिए आपको अपनी समस्या का निर्णय लेते समय अपनी भावनाओं को दूर रखना चाहिये क्योंकि हो सकता है आपको कुछ ऐसे निर्णय लेना पड़े, जो लोगो को गलत लग सकता है या आप अपनी भावना में कोई गलत निर्णय भी ले सकते है। यही कारण है कि जब भी आप अपनी समस्या के समाधान के लिए कोई फैसला ले। तो अपनी भावना को अलग करके फैसला ले।

2. निर्णय पर कारवाई Action on decision

जब आप अपने समस्या का समाधान निकाल ले। तो आपको तुरंत ही उस समस्या को हल करने के लिए कारवाई करना शुरू कर देना चाहिए। हो सकता है कि आप अपने गलत निर्णय लेने से डरो मत, क्योंकि कोई भी निर्णय, निर्णय न लेने से बेहतर है। जब आप अपने निर्णय पर करवाई करते है, तो आपकी ये समस्या धीरे धीरे दूर होने लगती है।

3. कार्रवाई की जांच करें Check action

अपने निर्णय पर कारवाई करने के कुछ समय पश्चात इसकी जाँच ज़रूर करनी चाहिए। जिससे हमें ये पता चल सके, हमने जो निर्णय लिया है वो काम कर रहा है या नही।

यदि आप इसकी जाँच नही करेंगे तो हो सकता है कि आपने जो निर्णय लिया हो गलत हो और आपकी समस्या और बढ़ जाए। यही कारण है कि किसी भी समस्या के हल के निर्णय को लागू करने के बाद उसकी जांच ज़रूर की जाती है। जिससे उनकी समस्या और न बढे।

हम सभी जानते है कि किसी भी समस्या का समाधान बहुत ज्यादा कठिन नही होता है। लेकिन जब इसके बारे में विचार मंथन करते है। तो हमें इसके हल के बारे में पता चलता है। अगर अपनी समस्या से दूर भागेंगे जैसा बहुत से लोग करते है। तो हमें कभी भी किसी समस्या का हल नही मिल सकता है।

इसे भी पढ़ें -  एक पुस्तक की आत्मकथा Autobiography of a Book in Hindi

अगर आपको किसी भी समस्या को हल करने है, तो आपके ऊपर दिए गए इन बातों का ध्यान रखना होगा। हमने ऊपर किसी भी समस्या को हल करने का तरीका बताया है। जिसे अपने आप पर लागू करके कोई भी एक अच्छा प्रॉब्लम सॉल्वर बन सकता है।

मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको ये लेख पसंद आया होगा। आपको हमारे द्वारा लिखा गया ये लेख कैसा लगा हमें कमेन्ट में ज़रूर बताएं। धन्यवाद  

1 thought on “प्रॉब्लम सॉल्वर कैसे बने? How to be a problem solver in Hindi?”

  1. Sir,
    Mujhe bahut jyada jarurat thi kisi motivated person ki…..
    Because I have problem but I’ll never forget this line…

Comments are closed.