यदि मैं एक इंजीनियर होता Essay – If I were an Engineer in Hindi

आज के इस आर्टिकल में हमने – यदि मैं एक इंजीनियर होता, पर निबंध प्रस्तुत किया है. Essay – If I were an Engineer in Hindi

यदि मैं एक इंजीनियर होता Essay – If I were an Engineer in Hindi

हर किसी व्यक्ति का अपने जीवन में कोई न कोई उद्देश्य होता है जिसे वह पूरा करना चाहता है। उन्ही उद्देश्यों की पूर्ती हेतु हम सतत प्रयास करते रहते हैं। अपने जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ती के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। इसीलिए हर एक व्यक्ति अपना लक्ष्य इस तरीके से निर्धारित करता है कि उसे धनोपार्जन भी हो सके और वह देश के हित और समाज के हित के लिए कार्य कर सके।

आज के युग में विभिन्न तरह के कॅरिअर ऑप्शन हैं जैसे – आप शिक्षक बन सकते हैं, डॉक्टर बन सकते हैं, खगोलशास्त्री बन सकते हैं, कोई सरकारी अधिकारी बन सकते हैं, डिफेन्स में जा सकते है आदि। लेकिन इन सबके अलावा भी एक कॅरिअर ऑप्शन है इंजीनियरिंग।

इंजीनियर बनने से न केवल आप धन कमा सकते हैं बल्कि नई – नई तकनीकों का आविष्कार करके प्रसिद्धि भी प्राप्त कर सकते हैं और ऐसा करने से आत्म संतुष्टि भी मिलती है। इंजीनियरिंग का क्षेत्र अत्यंत विस्तृत है। लोगों की कुशलताओं और सक्षमताओं के अनुसार इसमें कई सारी ब्रांच हैं।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग, सिविल  इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, केमिकल, सिरेमिक इंजीनियरिंग आदि। इसके अलावा कई सारी ब्रांचों में इंजीनियरिंग हैं जिसे आप अपने लक्ष्य के तौर पर चुन सकते हैं।

ऐसा कहा गया है कि आज के आधुनिक युग के लिए इंजीनियरिंग रीढ़ की हड्डी साबित हुई है। अगर मुझे अपने लक्ष्य के तौर पर इंजीनियर बनना होता तो मैं एक एग्रीकल्चुरल इंजीनियर बनता। क्योंकि मैं बचपन से ही किसानों को संघर्ष करते हुए उनको देख रहा हूँ।

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हमारे इस कृषि प्रधान देश को वाकई आज के युवाओं की जरुरत है। ऐसा देखा भी गया है कि आजकल के युवाओं का रुझान कृषि क्षेत्र में है। मैं अगर इंजीनियर होता तो किसानों को उनके कृषि कार्य में मदद करता।

कुछ इस तरह की तकनीकियों का आविष्कार करता जिससे उन्हें अपने कृषि कार्य में मदद मिल सके। कृषि में नई तकनीकियां लाकर किसानो के जीवन में बड़ा बदलाब लाया जा सकता है। फसल उगाने से लेकर बेचने तक किसानो को तकनीकियों के बीच की प्रक्रियाओं से गुजरना ही पड़ता है।

यदि इन तकनीकियों को इंजीनियर सरल और सस्ता बना दे तो किसानो के आर्थिक न केवल सामाजिक जीवन में सुधर होगा। कुछ ऐसी मशीनों का आविष्कार हुआ है जिसने कृषि की परिभाषा ही बदल दी है। लैंड लेवलर, रोटावेटर, सीडड्रिल मशीन, हार्वेस्टर, ड्राइवर लैस ट्रैक्टर और प्लान्टर आदि। ये सभी मशीन इंजीनियर्स की ही देन है।

मनुष्य का पूरा जीवन किसानों पर निर्भर है। हमारी मूलभूत आवश्यकताओं में से एक आवश्यकता किसान ही पूरा करता है वह है भोजन। इसीलिए अगर मैं  इंजीनियर होता तो कृषि क्षेत्र को ही चुनता। कृषि में अच्छी प्रोडक्टिविटी के लिए ट्रैक्टर्स की अहम भूमिका रही है।

वहीँ दूसरी तरफ कृषि के रासायनिक पदार्थ और उर्वरकों की भी अहम भूमिका रही है। हमारे देश में प्रति वर्ष 32.4 मिलियन टन उर्वरकों का निर्माण होता है। जिसके लिए विभिन्न तरह की तकनीकियों का इस्तेमाल किया जाता है।

रासायनिक पदार्थों के उपयोग में भारत का चौथा स्थान है। भारत 0.6 किलोग्राम प्रति हेक्टेअर की दर पर रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करता है जबकि अमेरिका 5-6 किग्रा, जापान 11 – 12 किग्रा प्रति हेक्टेअर की दर पर उपयोग  करता है। तकनीकियों के माध्यम से फसलों के लिए कीटनाशकों का भी उत्पादन किया जा रहा है। एग्रीकल्चरल इंजीनियर इन कृषि कार्यों को सफल बनाने में सतत लगे हुए हैं।

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सिंचाई की भी कई पद्धतियों का विकास हुआ है। पानी का सही मात्रा में इस्तेमाल हो इस बात को ध्यान में रखते हुए ऐसी तकनीकियों को भारत में लाया गया है। देशी बीजो से कम उत्पादन होता था इसीलिए अब हाइब्रिड बीजों का इस्तेमाल करके फसलों की पैदावार को बढ़ाया जा रहा है। कृषि बाजार को भी ऑनलाइन कर दिया गया है।

इंजीनियरिंग के इस युग में कई तकनीकियों का आविष्कार हुआ है जिससे कृषि क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्र हैं।

जो निम्नलिखित हैं –

  1. कृषि मशीनरी, उपकरण और कृषि संरचनाओं का डिजाइन
  2. फसल और पशु उत्पादन से संबंधित प्रयोगों का डिजाइन
  3. कृषि मशीनरी पर लागू आंतरिक दहन इंजन
  4. बायोरिसोर्स  इंजीनियरिंग – जो पर्यावरण की मदद करने के लिए आणविक स्तर पर मशीनों का उपयोग करता है।
  5. कृषि संसाधन प्रबंधन (भूमि उपयोग और जल उपयोग सहित)
  6. कृषि उत्पादन में प्रयुक्त या उत्पादित सामग्री के भौतिक और रासायनिक गुण
  7. जल प्रबंधन, संरक्षण, और फसल सिंचाई और पशुधन उत्पादन के लिए भंडारण
  8. सर्किट विश्लेषण के बुनियादी सिद्धांत, जैसा कि विद्युत मोटर्स पर लागू होता है
  9. सर्वेक्षण और भूमि रूपरेखा
  10. खाद्य इंजीनियरिंग और कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण
  11. जलवायु विज्ञान और वायुमंडलीय विज्ञान
  12. अपशिष्ट प्रबंधन, जिसमें पशु अपशिष्ट, कृषि अवशेष और उर्वरक शामिल हैं
  13. मृदा प्रबंधन और संरक्षण, कटाव और कटाव नियंत्रण
  14. फसलों की बोआई, जुताई, कटाई और प्रसंस्करण
  15. पोल्ट्री, मछली और डेयरी जानवरों सहित पशु पालन

कृषि इंजीनियर्स का एक बड़ा प्रतिशत संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग जैसे सरकारी एजेंसियों के लिए काम करता है। मूल रूप से कृषि इंजीनियर बिजली की आपूर्ति, मशीनरी की दक्षता, संरचनाओं और सुविधाओं के उपयोग, प्रदूषण और पर्यावरण के मुद्दों और कृषि उत्पादों के भंडारण और प्रसंस्करण से संबंधित कृषि समस्याओं को हल करने का प्रयास करते हैं।

इसके अलावा – उपकरण, सिस्टम या संरचनाओं को डिज़ाइन करने के लिए कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर का उपयोग करना, पर्यावरणीय कारकों को संशोधित करना जो पशु या फसल उत्पादन को प्रभावित करते हैं, ओवरसीज निर्माण और उत्पादन संचालन करना, प्रभावी और वांछनीय परिणामों को सुनिश्चित करने के लिए ग्राहकों, ठेकेदारों, सलाहकारों और अन्य इंजीनियर्स के साथ मिलकर योजना बनाना और काम करना।

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एग्रीकल्चरल इंजीनियर कृषि के लिए काम करने के साथ ही साथ एक्वाकल्चर (समुद्री भोजन की खेती), वानिकी और खाद्य प्रसंस्करण से भी जुड़े हुए हैं। वे विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं पर काम करते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ कृषि इंजीनियर जलवायु नियंत्रण प्रणालियों को विकसित करने के लिए काम करते हैं जो पशु की उत्पादकता को बढ़ाते हैं जबकि अन्य रेफ्रिजरेशन की भंडारण क्षमता और दक्षता को बढ़ाने के लिए काम करते हैं।

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग कौशल वाले लोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भू-स्थानिक प्रणालियों को कृषि में एकीकृत करने के लिए काम करते हैं। उदाहरण के लिए, वे उर्वरक में सुधार या कटाई प्रणालियों को स्वचालित करने के लिए काम करते हैं।

मैं किसानों की भलाई के लिए कार्य करना चाहता हूँ। मैं कृषि के क्षेत्र में अपने ज्ञान और जानकारी का सबसे अच्छा उपयोग करने की कोशिश करना चाहता  हूँ। मैं अपने सभी सैद्धांतिक ज्ञान कृषि के विकास में उपयोग करना चाहता हूँ। अगर मैं एक इंजीनियर होता तो मैं वाकई ये कार्य करता।

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