कृत्रिम परिवेशी निषेचन / टेस्ट ट्यूब बेबी IVF – In Vitro Fertilization Treatment Details Hindi

Contents

2017 कृत्रिम परिवेशी निषेचन / टेस्ट ट्यूब बेबी IVF In Vitro Fertilization Treatment Details Hindi

IVF क्या है?
IVF के फायदे और नुक्सान?
टेस्ट ट्यूब बेबी क्या होता है?

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2017 कृत्रिम परिवेशी निषेचन / टेस्ट ट्यूब बेबी IVF In Vitro Fertilization Treatment Details Hindi

कृत्रिम परिवेशी निषेचन क्या है? What is In Vitro Fertilization Treatment in Hindi?

कृत्रिम परिवेशी निषेचन या इन विट्रो फर्टिलाइजेशन एक ऐसा आधुनिक ट्रीटमेंट है जिसमें पुरुषों के sperm और महिलाओं के eggs को शरीर से बाहर जोड़ा जाता है। बाद में उसे किसी महिला के गर्भाशय (uterus) में जोड़ दिया जाता है जो बाद में एक शिशु का रूप ले लेता है जिसके कारण वह महिला गर्भवती बनती है

कृत्रिम परिवेशी निषेचन किनके लिए मददगार साबित हुआ है? IVF Treatment is for Whom?

  • जिन महिलाओं का गर्भाशय कमज़ोर हो या उनके ovulation या eggs production में कुछ प्रॉब्लम हो तो वह IVF Treatment को अपना सकते हैं।
  • जिन महिलाओं के फैलोपियन ट्यूब में कोई रुकावट हो या रास्ता बंद हो।
  • अगर पुरुष का sperm count कम हो या sperm से जुडी कुछ प्रॉब्लम हो तो।
  • IVF वह सभी लोग अपना सकते हैं जिन्हें बांझपन (infertility) की प्रॉब्लम है।

आई भी एफ कैसे काम करता है? How IVF procedures done?

IVF एक Step by Step procedure है। आपको समझाने के लिए हमने इसको कुछ छोटे पॉइंट्स में बताया है।

  1. मासिक धर्म(Menstrual Cycle) के शुरू होने से 8-14 दिन पहले Gonadotropin दवाई दी जाती है जो एक प्रकार का दवाई है जिसकी मदद से अंडाशय(Ovaries) स्वस्थ और नए अंडे विकसित करता है।
  2. उसके बाद डॉक्टर जाँच करते हैं कि अंडाशय के किस भाग में eggs mature हैं।
  3. उसके बाद जब follicle तैयार हो जाते हैं एक इंजेक्शन लगाया जाता है जो eggs को fertilize होने के काबिल बनाते हैं।
  4. इस इंजेक्शन के 36 घंटों के बाद इन eggs को vagina के रास्ते से एक Ultrsound Probe के द्वारा follicles से निकल लिया जाता है। साधारण रूप से 15-18 eggs निकाले जाते हैं।
  5. एक embryologist इन eggs की जाँच करता है और उसे पुरुष के sperm के साथ मिला कर एक रात के लिए incubate कर के रखा जाता है।
  6. उसके 3 बाद कुछ eggs अच्छे से fertilize हो जाते हैं और 5 दिन में वो blastocysts बन जाते हैं जिनमें fluid भरा रहता है जो बच्चे और placenta के रूप में अलग होने लगता है।
  7. उसके बाद Embryologist उसमें से सबसे बेहतर embryo को चुन कर महिला के गर्भाशय में जोड़ देते हैं।
  8. उम्र और अच्छे से जाँच करने पर डॉक्टर 1-5 embryo महिला के गर्भाशय में रखते हैं।
  9. अगर सब कुछ सही तरीके से होता है तो वह महिला गर्भवती बन जाती है।
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कृत्रिम परिवेशी निषेचन परिक्रिया में कितना समय लगता है? How long will IVF procedure takes?

कृत्रिम परिवेशी निषेचन या आई भी एफ की प्रक्रिया में 4-6 हफ्ते लगते हैं।

कृत्रिम परिवेशी निषेचन में सफलता की कितनी संभावना होती है? What’s the Success chances in IVF treatment?

40% संभावना34 या उसे कम आयु की महिलाएं
31% संभावना35-37 उम्र की महिलाएं
21% संभावना38-40 उम्र की महिलाएं
11% संभावना41-42 उम्र की महिलाएं
5% संभावना43 या उससे ज्यादा उम्र की महिलाएं

कृत्रिम परिवेशी निषेचन के फायदे और नुक्सान? Advantages and Disadvantages of IVF Treatment?

कृत्रिम परिवेशी निषेचन के फायदे Advantages of IVF Treatment

  1. जिन महिलाओं के गर्भाशय में कोई रोक या blockage है, कुछ को hormonal imbalance की problem है और उनके माँ बनने की आशा ना के बराबर है वह इस IVF तकनीक के माध्यम से अपने eggs और पुरुष के sperm की मदद से बच्चा पा सकते हैं।
  2. जिन माता-पिता को अधिक वर्ष हो चूका है और उन्हें बच्चे होने का संभावना ना दिख रहा हो वह भी IVF Treatment की मदद से अपने बच्चे पा सकते हैं।
  3. कुछ पुरुषों के sperm में problem होने के कारण couples infertility की मुश्किल से couples को भुगतना पड़ता है। ऐसे में IVF बहुत मददगार साबित हो चूका है।

कृत्रिम परिवेशी निषेचन के नुक्सान Disadvantages of IVF Treatment

  1. यह जरूरी नहीं है की IVF हमेशा सफल हो इसके Failure होने के भी 50-50% संभावना होते हैं।
  2. कभी-कभी इसमें साइड-इफ़ेक्ट जैसे ovarian hyper-stimulation syndrome (OHSS) होने की भी संभावना होती है।
  3. लगभग 20-30% IVF treatment में 2 या उससे ज्यादा बच्चे होते हैं।
  4. सबसे मुख्य बात IVF Treatment में बहुत ज्यादा पैसा खर्चा होता है। इसलिए IVF के लिए जाने से पहले इसके खर्चे के विषय में जानना बहुत जरूरी है।
  5. लोग उल्टा सीधा कहते हैं क्योंकि लोग अभी तक इस तकनीक को समझ नहीं पाए हैं।
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भारत में कृत्रिम परिवेशी निषेचन में कितना खर्चा आता है? How Much IVF Treatment Cost in India?

IVF Treatment के खर्चे के बारे में बताने से पहले मैं आपको बताना चाहता हूँ की भारत में अन्य देशों के मुकाबले इसमें का खर्चा होता है। इसलिए धीरे-धीर कई देशों से लोग प्रति वर्ष लोग यहाँ आ रहे हैं।

भारत में अमरीका या अन्य पश्चिमी देशों के मुकाबले बहुत कम खर्च में IVF Treatment होता है जो एक अच्छी बात है। वैसे तो इसमें खर्च

अलग-अलग हॉस्पिटल में अलग-अलग प्रकार से है अगर साधारण रूप से सोचें तो खर्चा कुछ इस प्रकार से होता है  –

Basic IVF Treatment के Rates हैं –

एक IVF session के लिए लगभग 2,50,000 या इससे ज्यादा 5,00,000 तक भी जा सकता है।

Advanced IVF Treatment के Rates हैं –

IVF session के price के साथ-साथ ICSI के लिए 1,00,000-1,50,000 तक खर्चा हो सकता है। और FET (Frozen Embryo Transfer) procedure के लिए 1,20,000 तक खर्चा हो सकता है।

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