जन लोकपाल बिल क्या है? What is Jan Lokpal Bill in Hindi?

  जन लोकपाल बिल क्या है? What is Jan Lokpal Bill in Hindi?

जन लोकपाल बिल एक ऐसा प्रावधान है जिसमें किसी भ्रष्टाचार और अपराध की जाँच एक साल के अंदर हो और अगले वर्ष इस पर कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाए, जिससे उचित फैसला लिया जा सके तथा इसमें किसी अफसर का दखल ना हो

जन लोकपाल बिल क्या है? What is Jan Lokpal Bill in Hindi?

क्या होता है जन लोकपाल बिल?

जन लोकपाल बिल इसलिए बनाया गया जिससे भ्रष्टाचार को कम किया जा सके और किसी के साथ पक्षपात ना हो तथा जन लोकपाल के अंतर्गत भ्रष्टाचारियों और नौकरशाहों पर बिना किसी की अनुमति से ही अभियोग शुरू करने की पावर होगी।

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण, संतोष हेगड़े और भारत के अन्य सामाजिक संगठनों ने मिलकर जनता के साथ विचार-विमर्श करने के बाद यह जन लोकपाल तैयार किया गया था।

अब बात आती है कि जन लोकपाल बिल पारित कैसे होगा तो उसके लिए सामाजिक कार्यकर्ता और अन्ना हजारे के नेतृत्व में सन् 2011 में आंदोलन शुरू किया गया था। अन्ना हजारे ने जब सन् 2011 में जन लोकपाल बिल को लागू करने की मांग की तो 27 दिसंबर सन् 2011 को कुछ बदलाव के साथ जन लोकपाल बिल पास हो गया लेकिन अन्ना हजारे और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता को स्वीकार नहीं था इसलिए इस मसले को अगले संसदीय बैठक 29 दिसंबर सन् 2011 तक रोक दिया गया।

तब तक जन लोकपाल बिल “आंदोलन 2011” को काफी ज्यादा समर्थन भी मिल चुका था इसलिए मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में संसद में आए सरकारी लोकपाल बिल की जगह एक सशक्त लोकपाल बिल के निर्माण के लिए सहमत होना पड़ा था।

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जन लोकपाल का इतिहास

भारतीय लोकपाल की शुरुआत स्कैंडिनेवियाई देशों में स्थापित ओंबुड्समैन से की गई थी। इसकी स्थापना स्वीडन में सन् 1809 में ही की जा चुकी थी जिससे प्रभावित होकर कई सारे देशों में भ्रष्टाचारी नेता और अफसरों से लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए इसे ही सूत्रधार बना लिया।

ओंबुड्समैन यह एक स्वीडिश शब्द है जिसका अर्थ है कि विधायिका द्वारा नित्य एक ऐसा सरकारी अफसर जो प्रशासकीय और न्यायिक से जुड़े कार्य की शिकायत का निराकरण कर सके।

1960 में पहली बार ओंबुड्समैन संविधान को संसद में पेश किया गया है, 1963 में डॉक्टर सिंघवी ने लोकपाल शब्द का मतलब समझाया था तथा सन् 1968 में शांति भूषण ने पहले लोकपाल बिल को प्रस्तावित किया था और उसे सन् 1969 में पारित भी किया गया था।

लेकिन इसे राज्यसभा ने नामंजूर कर दिया। इसी तरह कोशिशें चलती रही और हर बार एक नए बदलाव के साथ इसे पारित करने की भी कोशिश की गई फिर भी या देश में लागू नहीं हो पाया।

सन् 2011 में अन्ना हजारे ने लोकपाल बिल के लिए जंतर-मंतर, नई दिल्ली में भूख हड़ताल भी शुरू कर दी। जिससे सरकार ने 98 घंटे बाद नोटिस निकाली जिसमें सरकारी मंत्री, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्ना हजारे भी शामिल हुए जिससे एक उचित लोकपाल बिल बनाया जा सके।

8 जून सन् 2011 को अन्ना हजारे ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर 15 अगस्त तक लोकपाल बिल पारित नहीं किया गया तो वह दोबारा से 16 अगस्त सन् 2011 से भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। 16 जून सन् 2011 दो अन्ना हजारे के 72 बातों में से 15 बातों को मान लिया गया जिससे केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ही सहमत थे।

27 दिसंबर सन् 2011 को लोकसभा में लोकपाल बिल पर बैठक बुलाई गयी और उसे पास कर दिया। जिसमें यह भी प्रावधान रखा गया था कि इससे इंडियन नेवी, एयरफोर्स, इंडियन आर्मी और सीबीआई को मुक्त रखा जाएगा।

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जन लोकपाल बिल की मुख्य बातें

जन लोकपाल बिल कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं –

  1. जन लोकपाल बिल जनता के लिए बहुत ही फायदेमंद है इसके अंतर्गत अगर किसी भी व्यक्ति का काम समय रहते पूरा नहीं किया गया तो वह व्यक्ति लोकपाल में इसकी शिकायत दर्ज करा सकता है जिससे लोकपाल उस अफसर या अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठा सके और कार्यवाही कर सके, दोषी पाए जाने पर उसे नुकसान का उचित भरपाई भी करनी होगी।
  2. जन लोकपाल बिल के तहत शिकायत दर्ज करने वाले व्यक्ति को लोकपाल द्वारा उसके सुरक्षा का भी प्रावधान होता है।
  3. लोकपाल बिल के अंतर्गत आने वाले लोकपाल जो केंद्र में तथा लोकायुक्त जो राज्य स्तर में काम करने वाला होगा।
  4. अपराध करने वाले व्यक्ति को उस नुकसान की भरपाई भी करनी होगी।
  5. जन लोकपाल बिल सुप्रीम कोर्ट, इलेक्शन कमिशन और सरकार नौकरशाह से पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए।
  6. लोकपाल बिल के अंतर्गत काम करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अगर कोई शिकायत आती है और वह दोषी पाया जाता है तो उसे 2 महीने के अंदर ही निकाल दिया जाएगा।
  7. इसमें अपराध करने वाले व्यक्ति के खिलाफ जल्दी केस दर्ज किए जाएंगे और जांच पूरी ईमानदारी से किए जाएंगे।
  8. अपराधी व्यक्ति के दोषों की पुष्टि होने के बाद उसे 2 साल की सजा दी जाएगी।
  9. जन लोकपाल बिल के लिए लोकपाल की नियुक्ति किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं की जाएगी बल्कि इसका चुनाव पूरी इमानदारी से न्यायाधीश , सामाजिक कार्यकर्ता और कॉन्सीट्यूशनल अथॉरिटी की मौजूदगी में होगी।
  10. भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने वाले अन्य संगठन सीबीआई, सीएनसी, लोकपाल के साथ मिलकर काम कर सकेंगे।
  11. किसी भ्रष्ट नेता, अफसर या नौकरशाह के खिलाफ लोकपाल को जांच करने और मुकदमा चलाने के लिए पूरी आजादी होगी।
  12. भ्रष्ट नेता अधिकारी या नौकरशाह को 1 साल के अंदर ही सजा सुना कर जेल भेज दिया जाएगा।
  13. जन लोकपाल के अंतर्गत किसी भी केस की जांच 3 महीने के अंदर ही की जाएगी और सुनवाई भी अगले 6 महीने में ही पूरी कर ली जाएगी।
  14. लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति 11 सदस्यों की एक कमेटी करेगी।
  15. सरकारी विधेयक में लोकपाल के पास पुलिस शक्ति नहीं होती है जबकि जन लोकपाल के पास पुलिस शक्ति होगी।
  16. यदि किसी का पासपोर्ट, निर्वाचन कार्ड या राशन कार्ड समय से नहीं बन रहा है और इसकी शिकायत पुलिस दर्ज नहीं कर रही है तो आप उसकी शिकायत जन लोकपाल में कर सकते हैं।
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जन लोकपाल बिल के फायदे

जन लोकपाल से बहुत कुछ फायदे हैं जैसे –

  1. भ्रष्टाचार को कम करने के लिए लोकपाल एक ऐसा हथियार मिल गया है जिससे भ्रष्टाचारियों को पकड़ने और सजा दिलाने में आसानी होती है।
  2. लोकपाल में आधे सदस्य ओबीसी, एससी, एसटी, महिला और अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य को नियुक्त किया जाता है।
  3. लोकपाल जैसे कानून में ईमानदार अफसरों और नौकरशाहों को ही संरक्षण दिया जाएगा।
  4. जन लोकपाल में गलत तरीके से कमाई गई संपत्ति को जप्त करने का भी अधिकार होता है जन लोकपाल को।
  5. जन लोकपाल में गलत शिकायत दर्ज करने पर भी सजा और मानहानि के अर्थ दंड का प्रावधान होता है।
  6. इसके अंतर्गत यह भी प्रावधान है कि विदेश से 1 साल में दस लाख तक दान पाने वाले संस्थाओं को निगरानी के दायरे में रखा जायेगा।
  7. इससे महंगाई को भी संतुलित रखा जा सकता है।
  8. इससे आम लोगों का भी काम आसानी से हो सकता है बिना किसी रूकावट के।
  9. लोकपाल बिल के पारित हो जाने से देश की स्थिति में भी सुधार आएगा और देश-विदेश में निवेश भी बढ़ेगा।

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