कुमार विश्वास जी के बेस्ट शायरी व विचार Best Kumar Vishwas Quotes in Hindi

इस लेख में आप कुमार विश्वास जी के बेस्ट शायरी व विचार Kumar vishwas quotes in hindi पढेंगे। अगर आप शायरियों और कविताओं से प्रेम करते हैं तो Kumar vishwas के Quotes और shayries से अनभिज्ञ न होंगे। यह लेख बहुत ही आकर्षक ढंग से तैयार किया गया है और कुमार विश्वास के कोट्स के साथ आप उनके बारे में कुछ रोचक जानकारियाँ प्राप्त करेंगे। तो चलिए दोस्तों शुरू करते है।

कुमार विश्वास जी के बेस्ट सुविचार Kumar Vishwas quotes in Hindi

1. कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है,
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है.
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है,
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है। – Kumar Vishwas Quotes in Hindi

क्या आप जानते हैं? – यह कुमार विश्वास की सबसे पुरानी शायरी है जिसे उन्होंने अपने शादी से पहले की प्रेमिका के लिए लिखा था। इस बात का ज़िक्र अभी हाल में ही इंदौर के एक कार्यक्रम में किया।

2. जब सारे घर का समझाना हमको फनकारी लगता है,
तब एक पगली लड़की के बिन जीना गद्दारी लगता है,
और उस पगली लड़की के बिन मरना भी भारी लगता है !

3. स्वंय से दूर हो तुम भी स्वंय से दूर है हम भी
बहुत मशहूर हो तुम भी बहुत मशहूर है हम भी
बड़े मगरूर हो तुम भी बड़े मगरूर है हम भी
अतः मजबूर हो तुम भी अतः मजबूर है हम भी। – Kumar Vishwas Quotes in Hindi

4. भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा
अभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मुहब्बत का
मैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामा

5. मेरे जीने मरने में,
तुम्हारा नाम आएगा.
मैं सांस रोक लू फिर भी,
यही इलज़ाम आएगा.
हर एक धड़कन में जब तुम हो,
तो फिर अपराध क्या मेरा,
अगर राधा पुकारेंगी,
तो घनश्याम आएगा। – Kumar Vishwas Quotes in Hindi

6. ये दिल बर्बाद करके सो में क्यों आबाद रहते हो
कोई कल कह रहा था तुम अल्लाहाबाद रहते हो
ये कैसी शोहरतें मुझको अता कर दी मेरे मौला
मैं सभ कुछ भूल जाता हूँ मगर तुम याद रहते हो

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7. कोई मंजिल नहीं जंचती, सफर अच्छा नहीं लगता
अगर घर लौट भी आऊ तो घर अच्छा नहीं लगता
करूं कुछ भी मैं अब दुनिया को सब अच्छा ही लगता है
मुझे कुछ भी तुम्हारे बिन मगर अच्छा नहीं लगता।

8. तुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी है,
तीर पार कान्हा से दूर राधिका सी है

9. गिरेबां चाक करना क्या है,
सीना और मुश्किल है.
हर एक पल मुस्कुरा के,
अश्क पीना और मुश्किल है.
हमारी बदनसीबी ने,
हमें इतना सीखाया है.
किसी के इश्क में मरने से,
जीना और मुश्किल है। – Kumar Vishwas Quotes in Hindi

10. वो पगली लड़की नौ दिन मेरे लिए भूखी रहती है,
छुप-छुप सारे व्रत करती है, पर मुझसे कभी ना कहती है,
जो पगली लड़की कहती है, मैं प्यार तुम्ही से करती हूँ,
लेकिन मै हूँ मजबूर बहुत, अम्मा -बाबा से डरती हूँ

कुमार विश्वास के बेस्ट शायरी Best Kumar Vishwas Shayari in Hindi

कुमार विश्वास के पिता उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे लेकिन उन्हें तो हिन्दी साहित्य में विशेष रूचि थी इसलिए उन्होंने इंजीनियरिंग की पढाई बीच में ही छोड़ दी और बढ़ चले हिन्दी साहित्य की ओर,कुमार विश्वास कहते हैं की इस कारण से उन्हें बहुत जलील होना पड़ता था और पैसे न होने के कारण वे ट्रकों में लटककर गोष्ठियों से लौटा करते थे।

11. बात ऊँची थी मगर बात जरा कम आंकी,
उसने जज्बात की औकात जरा कम आंकी,
वो फरिश्ता कह कर मुझे जलील करता रहा,
मै इंसान हूँ, मेरी जात जरा कम आंकी। – Kumar Vishwas Quotes in Hindi

12. पनाहों में जो आया हो, तो उस पर वार क्या करना,
जो दिल हारा हुआ हो उस पे फिर अधिकार क्या करना,
मुहब्बत का मजा तो डूबने की कशमकश में है,
हो ग़र मालूम गहराई तो दरिया पार क्या करना।

13. सदा तो धूप के हाथों में ही परचम नहीं होता,
खुशी के घर में भी बोलों कभी क्या गम नहीं होता,
फ़क़त इक आदमी के वास्तें जग छोड़ने वालो,
फ़क़त उस आदमी से ये ज़माना कम नहीं होता।
-Dr Kumar Vishwas

14. नज़र में शोखिया लब पर मुहब्बत का तराना है,
मेरी उम्मीद की जद़ में अभी सारा जमाना है,
कई जीते है दिल के देश पर मालूम है,
मैं तो सिकन्दर हूँ मुझे इक रोज खाली हाथ जाना है।

15. वो जो खुद में से कम निकलतें हैं,
उनके ज़हनों में बम निकलतें हैं,
आप में कौन-कौन रहता है,
हम में तो सिर्फ हम निकलते हैं। – Kumar Vishwas Quotes in Hindi

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16. क़लम को खून में खुद के डुबोता हूँ,
तो हंगामा, गिरेबां अपना आँसू में भिगोता हूँ,
तो हंगामा, नहीं मुझ पर भी जो खुद की ख़बर वो है ज़माने पर,
मैं हँसता हूँ तो हंगामा, मैं रोता हूँ तो हंगामा…

17. हमारे शेर सुन कर भी जो खामोश इतना है
खुदा जाने गुरूर-ए-हुस्न में मदहोश कितना है
किसी प्याले से पुछा है सुराही मैं सबब में का
जो खुद बेहोश हो वो क्या बताये के होश कितना है

18. घर से निकला हूँ तो निकला है घर भी साथ मेरे,
देखना ये है कि मंज़िल पे कौन पहुँचेगा,
मेरी कश्ती में भँवर बाँध के दुनिया ख़ुश है,
दुनिया देखेगी कि साहिल पे कौन पहुँचेगा।

19. उसी की तरहा मुझे सारा ज़माना चाहे,
वो मेरा होने से ज्यादा मुझे पाना चाहे,
मेरी पलकों से फिसल जाता है चेहरा तेरा,
ये मुसाफिर तो कोई ठिकाना चाहे।

20. फ़लक पे भोर की दुल्हन यूँ सज के आई है,
ये दिन उगा है या सूरज के घर सगाई है,
अभी भी आते हैं आँसू मेरी कहानी में,
कलम में शुक्र-ए-खुदा है कि रौशनाई है

21. कोई कब तक महज सोचे,
कोई कब तक महज गाए.
ईलाही क्या ये मुमकिन है कि
कुछ ऐसा भी हो जाऐ.
मेरा मेहताब उसकी रात के
आगोश मे पिघले
मैँ उसकी नीँद मेँ जागूँ
वो मुझमे घुल के सो जाऐ। – कुमार विश्वास जी के बेस्ट विचार

22. सखियों संग रंगने की धमकी सुनकर क्या डर जाऊँगा?
तेरी गली में क्या होगा ये मालूम है पर आऊँगा,
भींग रही है काया सारी खजुराहो की मूरत सी,
इस दर्शन का और प्रदर्शन मत करना, मर जाऊँगा!

23. तुझ को गुरुर ए हुस्न है
मुझ को सुरूर ए फ़न.
दोनों को खुद पसंदगी की
लत बुरी भी है.
तुझ में छुपा के खुद को
मैं रख दूँ मग़र मुझे.
कुछ रख के भूल जाने की
आदत बुरी भी है.

कुमार विश्वास के पोपुलर शायरी Best Shayaris of Kumar Vishwas in Hindi

एक बार कुमार विश्वास गोष्ठियों से देर रात लौटें और उनकी माताजी ने उन्हें खाना परोसा लेकिन उनके पिताजी ने उन्हें ताना देते हुए कहा की “हाँ ! हलवा खिलाओं महाशय को, जंग लड़ के आ रहें है” ये बात कुमार के ह्रदय में चुभ गयी उन्होंने एक बात कही की देखना एक दिन इन्ही कविताओं और शायरियों की कीमत दस लाख होगी।

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24. दिलों से दिलों का सफर आसान नहीं होता,
ठहरे हुए दरिया में तुफान नहीं होता,
मोहब्बत तो रूह में समा जाती है,
इसमें शब्दों का कोई काम नहीं होता,
मैं कवि हूं प्रेम का बांट रहा हूं प्रेम,
इससे बड़ा कोई काम नहीं होता !! — कुमार विश्वास जी के बेस्ट विचार

25. जिस्म का आखिरी मेहमान बना बैठा हूँ
एक उम्मीद का उन्वान बना बैठा हूँ
वो कहाँ है ये हवाओं को भी मालूम है मगर
एक बस मैं हूँ जो अनजान बना बैठा हूँ

26. कितनी दुनिया है मुझे ज़िन्दगी देने वाली
और एक ख्वाब है तेरा की जो मर जाता है
खुद को तरतीब से जोड़ूँ तो कहा से जोड़ूँ
मेरी मिट्टी में जो तू है की बिखर जाता है

27. मेरा अपना तजुर्बा है तुम्हे बतला रहा हूँ मैं
कोई लब छू गया था तब के अब तक गा रहा हूँ मैं
बिछुड़ के तुम से अब कैसे जिया जाए बिना तड़पे
जो मैं खुद नहीं समझा वही समझा रहा हूँ मैं

28. बदलने को तो इन आखों के मंजर कम नहीं बदले,
तुम्हारी याद के मौसम हमारे ग़म नहीं बदले,
तुम अगले जन्म में हम से मिलोगी तब तो मानोगी,
ज़माने और सदी की इस बदल में हम नहीं बदले। – – कुमार विश्वास जी के बेस्ट विचार

29. उसी की तरह मुझे सारा ज़माना चाहे,
वो मिरा होने से ज़्यादा मुझे पाना चाहे,
दिल के तमाम ज़ख़्म तेरी हाँ से भर गए,
जितने कठिन थे रास्ते वो सब गुज़र गए।

30. दिल तो करता है ख़ैर करता है आप का ज़िक्र ग़ैर करता है,
क्यूँ न मैं दिल से दूँ दुआ उस को जबकि वो मुझ से बैर करता है,
आप तो हू-ब-हू वही हैं जो मेरे सपनों में सैर करता है,
इश्क़ क्यूँ आप से ये दिल मेरा मुझ से पूछे बग़ैर करता है,
एक ज़र्रा दुआएँ माँ की ले आसमानों की सैर करता है।

31. हिम्मत ए रौशनी बढ़ जाती है,
हम चिरागों की इन हवाओं से,
कोई तो जा के बता दे उस को,
चैन बढता है बद्दुवाओं से. – कुमार विश्वास जी के बेस्ट विचार

32. तुम्ही पे मरता है ये दिल अदावत क्यों नहीं करता,
कई जन्मो से बंदी है बगावत क्यों नहीं करता,
कभी तुमसे थी जो वो ही शिकायत है ज़माने से,
मेरी तारीफ़ करता है मोहब्बत क्यों नहीं करता।

Featured Image – Wikimedia (CC)

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