भगवान बुद्ध और गरीब लड़के की कहानी Lord Buddha and Poor Boy Story in Hindi

भगवान बुद्ध और गरीब लड़के की कहानी Lord Buddha and Poor Boy Story in Hindi

आज के इस आर्टिकल में हम एक गरीब बालक और बुद्ध भगवान की प्रेरणादायक कहानी आपको बताएँगे। यह Motivational Story आपको जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करेगा और निडर होने में मदद करेगा। आईये कहानी को शुरू करते हैं।

भगवान बुद्ध और गरीब लड़के की कहानी Lord Buddha and Poor Boy Story in Hindi

 एक प्रदेश में एक गरीब लड़का था। वह लड़का इतना गरीब था, कि वह हर रोज कहीं ना कहीं से खाने के लिए कुछ इकट्ठा करता था। लेकिन हर रोज उसका खाना गायब हो जाता था।

एक दिन उसे पता चला कि एक चूहा उसका खाना चुरा लेता है, तो उसने उस चूहें को पकड़ा और उससे पूछा कि तुझे पता है कि मैं इतना गरीब हूँ फिर भी तू मेरा खाना चुराता है, अगर तुझे चुराना ही है तो किसी अमीर आदमी का चुरा क्योंकि उससे उसको कुछ फर्क नहीं पड़ेगा।

चूहा बोला कि तेरी किस्मत में सिर्फ कुछ ही चीजें लिखी है और तुझे वही मिलेगा भले ही तू कितनी भी कोशिश कर ले, भले ही तू कितना भी इकट्ठा कर ले परन्तु तू उन्हें अपने पास नहीं रख पाएगा। यह सुनकर वह बहुत अचम्भित हुआ कि ऐसा कैसे हो सकता है।

तो चूहें ने कहा कि अगर तुझे जानना ही है कि तेरी किस्मत में क्या है, तो तुझे भगवान बुद्ध के पास जाना पड़ेगा। वही तुम्हें बता सकते हैं कि तेरी किस्मत में क्या है।

वह लड़का भगवान बुद्ध से मिलने के लिए निकल पड़ा, बहुत रात हो चुकी थी इसलिए रास्ते में उसने एक हबेली देखी और उसने घर वालों से एक रात रुकने के लिए इजाज़त माँगी, उसे इजाज़त मिल भी गई। हबेली वालो ने उससे पूछा कि वह इतनी रात को कहाँ जा रहा है? लड़के ने उत्तर देते हुए कहा कि मैं भगवान बुद्ध के पास जा रहा हूँ, अपनी किस्मत के बारे में पूछने के लिए।

तो हबेली वालों ने कहा कि क्या तुम भगवन बुद्ध से हमारा ये सवाल भी पूछोगे? हमारी एक 16 साल की लड़की हैं जो बोल नही सकती हैं, तो क्या करे जिससे उसकी आवाज़ लौट आये। उस लड़के ने कहा कि मैं जरूर पुछुगाँ आपका सवाल और उसने उन्हें धन्यवाद कहा और सुबह वहाँ से निकल पड़ा। आगे रास्ते में बड़े-बडे बर्फ़ के पहाड़ थे। वह मुश्किल से ही एक पहाड़ को पार कर सका।

लड़के को वहाँ एक जादूगर मिला। उसने लड़के से पूछा कि वह कहाँ जा रहा है? लड़के ने उत्तर दिया “मैं बुद्ध के पास जा रहा हूँ अपनी किस्मत के बारे में पूछने के लिए।” तो जादूगर ने कहा कि क्या तुम भगवान बुद्ध से मेरा यह सवाल पूछोगे – मैं हजारों सालों से तपस्या कर रहा हूँ ताकि मैं स्वर्गं जा सकूँ और मेरे अनुभव के हिसाब से अब तक मुझे स्वर्गं चले जाना चाहिए था।

तो मैं स्वर्गं में जाने के लिए ऐसा क्या करूँ? लड़के ने कहा ठीक है मैं आपका सवाल पुछुगाँ। उस जादूगर के पास एक छड़ी थी जिसकी सहायता से उसने उस लड़के को बर्फ के पहाड़ों के उस पार पहुँचा दिया।

जब वह आगे बड़ा तो उसके सामने एक बड़ी चुनौती थी। एक बहुत बड़ी नदी थी जिसे वह खुद पार नही कर सकता था। तभी उसकी मुलाकात एक विशालकाय कछुऐ से हुई जो उसे नदी पार करवाने के लिए तैयार हो गया।

कछुआ भी उससे वही सवाल पूछा कि तुम कहाँ जा रहे हो? तो लड़के ने कहा कि मैं भगवन बुद्ध के पास जा रहा हूँ, अपनी किस्मत के बारे में जाने के लिए। तो कछुऐ ने कहा कि क्या तुम भगवान बुद्ध से मेरा सवाल पूछोगे, मैं 500 सालों से ड्रैगन बनने की कोशिश कर रहा हूँ परन्तु अभी तक बन नहीं पाया। तो मैं ऐसा क्या करूँ जिससे ड्रैगन बन जाऊँ? लड़के ने कहा ठीक है मैं आपका सवाल भी पुछुगाँ। कछुऐ ने लड़के को अपनी पीठ पर बैठाया और नदी के उस पार छोड़ दिया।

अन्ततः लड़का भगवान बुद्ध के पास पहूँच गया। वहाँ और बहुत सारे लोग थे। भगवान बुद्ध ने कहा कि मैं एक व्यक्ति के सिर्फ तीन सवालों के ही जवाब दूँगा। लड़का एकदम अचम्भित हो गया क्योंकि उसे तो 4 सवाल पूछने थे।

वह सोचने लगा कि उसे कौन से तीन सवाल पूछने चाहिए, उसने कछुए के बारे में सोचा कि कछुआ तो 500 सालों से ड्रैगन बनने के कोशिश कर रहा है और वह जादूगर तो 1000 साल से स्वर्गं में जाने की तपस्या कर रहा है और वो लड़की बिना बोले कैसे अपनी ज़िन्दगी गुजर सकती है।

फिर उसने खुद के बारे में सोचा कि मैं तो सिर्फ एक ग़रीब भिखारी हूँ मैं तो भीख माँग कर भी अपनी ज़िन्दगी गुजार सकता हूँ, पर कछुआ, जादूगर और लड़की की समस्या मेरे समस्या से बहुत ज्यादा बड़ी है। इसलिए उसने उनके तीन सवाल भगवान बुद्ध से पूछे।

भगवान बुद्ध ने जवाब दिया कि कछुआ 500 सालों से ड्रैगन बनने की कोशिश कर रहा है परन्तु वह अपने कवच को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है, जब तक वह अपने कवच को नहीं छोड़ेगा तब तक वह ड्रैगन नहीं बन सकता और वह जादूगर 1000 साल से उस छड़ी को अपने पास रखे हुए हैं।

वह छड़ी उसे स्वर्गं में जाने से रोक रही है, अगर उसे स्वर्गं में जाना हैं तो उसको वह छड़ी त्यागना होगा और जब उस लड़की को उसका जीवन साथी मिल जाएगा तो लड़की बोलना शुरु कर देगी।

उस लड़के ने भगवान बुद्ध को बहुत-बहुत धन्यवाद बोला और वहाँ से रवाना हो गया। वह दोबारा कछुआ के पास गया और बोला कि बुद्ध ने कहा है कि अगर तुम ड्रैगन बनना चाहते हो तो तुम्हें कवच को छोड़ना होगा। जैसे ही कछुऐ ने कवच उतारा उसके अन्दर कीमती मोती थे।

कछुऐ ने वह मोती उस लड़के को दे दिए और वह ड्रैगन बन गया। उसके बाद लड़का जादूगर के पास गया और उससे कहा कि अगर तुम्हें स्वर्गं जाना है तो तुम्हें यह छड़ी त्यागनी होगी। उस जादूगर ने भी अपनी छड़ी उस लड़के को दे दी और उसके बाद वह लड़का उसी हवेली में गया जहाँ उसने रात गुजारी थी।

जब वो वहाँ पहुँचा तो वह लड़की उसके सामने आई और बोली “उस रात तुम ही हमारी हबेली में आए थे ना” और उसने उससे विवाह किया। इस तरह उस लड़के को पैसा ताकत और सुन्दर जीवन साथी मिल गयी।

कहानी से शिक्षा Moral

ज़िन्दगी में कुछ पाने के लिए हमें कुछ त्यागना पड़ता है अपनी ज़िन्दगी में कुछ बड़ा करने के लिए हमें कुछ त्यागना होगा तभी हम कुछ हासिल कर पाएँगे। समुद्र का जहाज सबसे ज्यादा सुरक्षित किनारे पर ही होता हैं, पर जहाज किनारे पर रहने के लिए नही बना हैं।

बीच समुद्र में लहरों को चीरते हुए आगे बढ़ने के लिए बना हैं। इसलिए आपको ज़िन्दगी में कुछ बड़ा करना हो तो आपको मुश्किलो का सामना करना ही पडेग़ा।

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