Loading...

महाराणा प्रताप का इतिहास Maharana Pratap History in Hindi with PDF and Video

26
महाराणा प्रताप का इतिहास Maharana Pratap History in Hindi with PDF and Video

महाराणा प्रताप का इतिहास Maharana Pratap History in Hindi with PDF and Video

क्या आपने वीर महाराणा प्रताप की कहानी सुनी हैं?

क्या आप जानते हैं राजा महाराणा प्रताप नें कई बार मुगल सम्राट अकबर को हराया था?

महाराणा प्रताप का इतिहास Maharana Pratap History in Hindi with PDF and Video

उनका पूरा नाम महाराणा प्रताप सिंह है। उनका जन्म स्थान कुम्भलगढ़ दुर्ग में 9 मई 1540 को पिता राणा उदय सिंह और माता महाराणी जयवंता कँवर के घर में हुआ। उन्होंने अपने जीवन काल में कुल 11 शादियाँ की थी।

महाराणा प्रताप के सभी 11 पत्नियों के नाम (Maharana Pratap’s all 11 Wife Names in Hindi)-

महारानी अज्बदे पुनवर, अमर्बाई राठौर, रत्नावातिबाई परमार, जसोबाई चौहान, फूल बाई राठौर, शाहमतिबाई हाडा, चम्पाबाई झाती, खीचर आशा बाई, अलाम्देबाई चौहान, लखाबाई, सोलान्खिनिपुर बाई।

महाराणा प्रताप के  सभी 17 पुत्र के नाम (Maharana Pratap’s all 17 Son Names)

[sociallocker]

 

Loading...

अमर सिंह, भगवन दास, शेख सिंह, कुंवर दुर्जन सिंह, कुंवर राम सिंह, कुंवर रैभाना सिंह, चंदा सिंह, कुंवर हाथी सिंह, कुंवर नाथा सिंह, कुंवर कचरा सिंह, कुंवर कल्यान दास, सहस मॉल, कुंवर जसवंत सिंह, कुंवर पूरन मॉल, कुंवर गोपाल, कुंवर सनवाल दास सिंह, कुंवर माल सिंह।

महाराणा प्रताप की कहानी (Maharana Pratap Story in Hindi)

महाराणा प्रताप उदयपुर, मेवाड में शिशोदिया राजवंश के राजा थे। उनकी वीरता और दृढ़ संकल्प के कारण उनका नाम  इतिहास के पन्नों में अमर है। उन्होंने कई वर्षों तक मुग़ल सम्राट अकबर के साथ संगर्ष किया और उन्हें कई बार युद्ध मैं भी हराया। वे बचपन से ही शूरवीर, निडर, स्वाभिमानी और स्वतंत्रता प्रिय थे।

यह भी पढ़े -   सद्गुरु जग्गी वासुदेव जीवनी Jaggi Vasudev Biography in Hindi

स्वतंत्रता प्रेमी होने के कारण उन्होंने अकबर के अधीनता को पूरी तरीके से अस्वीकार कर दिया। यह देखते हुए अकबर नें कुल 4 बार अपने शांति दूतों को महाराणा प्रताप के पास भेजा। राजा अकबर के शांति दूतों के नाम थे जलाल खान कोरची, मानसिंह, भगवान दास और टोडरमल।

मवाड में हुआ हल्दीघटी का युद्ध (Battle of Haldighati Story in hindi)

हल्दीघाटी का युद्ध भारत के इतिहास की एक मुख्य कड़ी है। यह युद्ध 18 जून 1576 को लगभग 4 घंटों के लिए हुआ जिसमे मेवाड और मुगलों में घमासान युद्ध हुआ था। महाराणा प्रताप की सेना का नेतृत्व एक मात्र मुस्लिम सरदार हाकिम खान सूरी ने किया और मुग़ल सेना का नेतृत्व मानसिंह तथा आसफ खाँ ने किया था। इस युद्ध में कुल 20000 महारण प्रताप के राजपूतों का सामना अकबर की कुल 80000 मुग़ल सेना के साथ हुआ था जो की एक अद्वितीय बात है।

कई मुश्किलों/संकटों का सामना करने के बाद भी महारण प्रताप ने हार नहीं माना और अपने पराक्रम को दर्शाया इसी कारण वश आज उनका नाम इतहास के पन्नो पर चमक रहा है।

कुछ इतिहासकार कुछ ऐसा मानते हैं कि हल्दीघाटी के युद्ध में कोई विजय नहीं हुआ परन्तु अगर देखें तो महाराणा प्रताप की ही विजय हुए है। अपनी छोटी सेना को छोटा ना समझ कर अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से महाराणा प्रताप की सेना नें अकबर की विशाल सेना के छक्के छुटा दिए और उनको पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया।

महाराणा प्रताप के प्रिय बहादुर घोड़े चेतक की मृत्यु भी इस युद्ध के दौरान हुई।

महाराणा प्रताप और चेतक के विषय में कुछ बातें Maharana Pratap and Chetak in Hindi

Maharana Pratap and Chetak, महाराणा प्रताप का इतिहास Maharana Pratap History in Hindi with PDF and Video
महाराणा प्रताप फोटो : चेतक के साथ

चेतक महाराणा प्रताप का सबसे प्यारा और प्रसिद्ध घोडा था। उसने हल्धि घटी के युद्ध के दौरान अपने प्राणों को खो कर बुद्धिमानी, निडरता, स्वामिभक्ति और वीरता का परिचय दिया। चेतक की वह बात भी बहुत यादगार है जिसमे उसने मुगलों को पीछे आते देख महाराणा प्रताप की रक्षा करने के लिए बरसाती नाले को लांघते समय वीरगति की प्राप्ति हुई।

यह भी पढ़े -   स्वामी विवेकानंद सुविचार Swami Vivekananda Quotes in Hindi with PDF

हल्दीघाटी युद्ध कविता [Haldighati Yudh Poem] : चेतक की वीरता ( Chetak Ki Veerta) – श्यामनारायण पाण्डेय (Shyamnarayan Pandey) PDF Download BUTTON हमने ऊपर PUT किया है !

महाराणा प्रताप के जीवन की कुछ अन्य मुख्य घटनाएँ (Some other Incident in Maharana Pratap’s Life in Hindi)

महाराणा प्रताप और अकबर

सन 1579-1585 तक पूर्व उत्तर प्रदेश, बंगाल, बिहार और गुजरात के मुग़ल अधिकृत प्रदेशो में विद्रोह होने लगे थे और दूसरी तरफ वीर महाराणा प्रताप भी एक के पश्चात एक गढ़ जीतते जा रहे थे और राजा अकबर भी इसके कारण पीछे हटते जा रहे थे और धीरे-धीरे मेवाडों पर मुगलों का दवाव हल्का पड़ता चले गया।

मुगलों को दबते देख सन 1585 में महाराणा प्रताप नें अपने प्रयत्नों को और भी सफल बनाया जब उन्होंने तुरंत ही आक्रमण कर उदयपूर के साथ-साथ 36 महत्वपूर्ण स्थान पर फिर से अपना अधिकार स्थापित कर लिया

महाराणा प्रताप की मृत्यु कैसे हुई

उसके बाद महाराणा प्रताप अपने राज्य के सुविधाओं में जुट गए परन्तु 11 वर्ष के पश्चात 29 जनवरी 1597 में अपनी नई राजधानी चावंड, राजस्थान मे उनकी मृत्यु हो गई।

एक सच्चे राजपूत, पराक्रमी, देशभक्त, योद्धा, मातृभूमि की रक्षा और उसके लिए मर मिटने वाले के रूप में महाराणा प्रताप दुनिया में सदा के लिए अमर हो गए किन्तु अपनी वीरता का गान सबके मुख और दिल में छोड़ कर गए।

Note: अगर आपके पास महाराणा प्रताप(Maharana Pratap ) से जुडी जानकारियां (Information) है तो हमें जरूर कमेंट के माध्यम से अपने सुझाव भेजें। Maharana Pratap History in Hindi with PDF and Video डाउनलोड करें और अपने मोबाइल फ़ोन या PC में Save करें।

[/sociallocker]
Print Friendly, PDF & Email
Loading...
Load More Related Articles

26 Comments

  1. gowthami

    November 29, 2016 at 4:44 pm

    Its a Great history

    Reply

  2. Max

    November 29, 2016 at 4:44 pm

    Liked it.

    Reply

  3. Mohd Arshad

    November 29, 2016 at 4:52 pm

    India is blessed with many great peoples, Maha Rana Pratap was one of them.
    I am proud to be India. Very good and informative article, Thanks.

    Reply

  4. mini

    November 29, 2016 at 5:04 pm

    great history

    Reply

  5. praveenchandra

    November 29, 2016 at 5:19 pm

    good article for great man

    Reply

  6. Newtechportals

    November 29, 2016 at 5:49 pm

    I love it

    Reply

  7. 92Geneva

    November 29, 2016 at 9:24 pm

    Hello blogger ! I read your articles everyday
    and i must say you have very interesting articles here. Your page deserves to go viral.

    Reply

    • kavishregil

      December 2, 2016 at 12:16 pm

      you read article everyday–not read what is maharana birth date—which is indicate above line

      Reply

  8. Giash

    November 29, 2016 at 10:27 pm

    Great History 🙂

    Reply

  9. asifaoshin

    November 29, 2016 at 10:33 pm

    just loved it

    Reply

  10. Drona shrestha

    November 30, 2016 at 5:08 pm

    Great post Sir

    Reply

  11. nabidnihal

    November 30, 2016 at 5:59 pm

    great post sir

    Reply

  12. Partha

    November 30, 2016 at 6:21 pm

    really Nice,great …

    Reply

  13. Sanjida Islam

    November 30, 2016 at 6:51 pm

    Great History! 🙂 🙂

    Reply

  14. ayula

    November 30, 2016 at 7:03 pm

    great history in mankind

    Reply

  15. Sadham

    November 30, 2016 at 7:16 pm

    Great history

    Reply

  16. rohit

    December 1, 2016 at 6:16 pm

    thank you vijay kumar for sharing this post..i love to read indian histroy and i feel
    pround that i m an indian..i love to see that indian builded by many great kings..and maharana
    pratap is one of them…

    Reply

  17. Rupesh Singh Thakur

    January 21, 2017 at 3:24 pm

    Maharana pratap had died on 29 Jan 1597 you mention Wrong

    Reply

  18. Nitesh kumar choudhary

    February 19, 2017 at 10:48 pm

    great history.. in India is blessed with many great peoples, Maha Rana Pratap was one of them..I am proud to be India. Very good and informative person..i proud that i am an indain.. so very lovely person..so i love maharana pratap ..yes…pratap is one of them…

    Reply

  19. Dinesh Shukla

    March 11, 2017 at 1:59 pm

    Great personality of maharana pratap best artical
    Please explain details of evey topic that to good.
    JAI MAHARANA PRATAP
    Jai rana punja and Hakim khan soor

    Reply

  20. Pramod

    March 21, 2017 at 9:31 pm

    Mharana pratap ne kumbhalgarh fort me rhekar hi haldi ghati ka yudh lada

    Reply

    • Rupendra pal

      March 22, 2017 at 10:51 pm

      Yes your right

      Reply

  21. Shailesh

    March 26, 2017 at 10:55 pm

    बहुत ही अद्भुत और गर्वपूर्ण चरित्र था महाराणा प्रताप जी का परंतु कृपया बताये की उनकी मृत्यु कैसे हुई?

    Reply

  22. Amol Pawar

    May 4, 2017 at 3:28 pm

    Nice history

    Reply

  23. Gajender Singh

    May 17, 2017 at 11:35 am

    Jai maharna partap…

    Reply

  24. JAY PRATAP SINGH RAJPOOT RAGOLI

    May 28, 2017 at 1:00 pm

    JAY MAHARANA PRATAP JAY RAJPUTANA SANGH PANNA

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

डॉ भीम राव आंबेडकर का जीवन परिचय Dr Bhimrao Ambedkar Life History in Hindi

डॉ भीम राव आंबेडकर का जीवन परिचय Dr Bhimrao Ambedkar Life History Hindi क्या आप डॉ बी आर अ…