बिना कष्ट किए फल नहीं मिलता Essay on No Pain No Gain in Hindi

निबंध “बिना कष्ट किए फल नहीं मिलता / श्रम नही तो लाभ नही” Essay on No Pain, No Gain in hindi

आप लोगों ने वह कहावत तो सुनी होगी “No Pain, No Gain” इसे कई बार “No Gain without Pain” कहकर भी पुकारा जाता है। इसका अर्थ है बिना कष्ट किए फल नहीं मिलता।

जीवन में कुछ भी पाने के लिए परिश्रम करना पड़ता है, मेहनत करनी पड़ती है। बिना मेहनत के किसी तरह का लाभ नहीं मिलता है। जीवन का यही नियम है। यहां पर अनवरत श्रम करना पड़ता है।

इस पंक्ति में Pain का अर्थ

इस मुहावरे में Pain का अर्थ श्रम, संघर्ष और जोख़िम से है। बालक के जन्म लेने के बाद मृत्यु होने तक उसे विभिन्न प्रकार के परिश्रम और संघर्ष करना पड़ता है। पृथ्वी पर वही जीवित रहता है, जो सबसे बेहतर होता है।

हर जीव को जीने के लिए संघर्ष करना होता है। भोजन की तलाश में यहां से वहां भटकना पड़ता है। पृथ्वी पर खुद-ब-खुद कुछ नहीं मिलता है। प्रकृति हमें श्रम करने की शिक्षा देती है।

जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में श्रम, संघर्ष और जोख़िम का महत्व

किसान का जीवन

किसान का जीवन हमें संदेश देता है कि बिना श्रम किए भोजन भी प्राप्त नहीं हो सकता है। भोजन प्राप्त करने के लिए किसान कड़ी धूप में खेतों में काम करता है। सर्दी, गर्मी, बरसात का सामना करता है, खेतों में मेहनत करके फसल उगाता है।

सके बाद ही उसे भोजन प्राप्त होता है। बिना श्रम के कुछ भी नहीं मिलता। फसल बोने में किसान को पैसा भी लगाना पड़ता है। इस तरह उसकी मेहनत और धन भी दांव पर लगा होता है। यह दोनों जोखिम उठाकर ही उसे लाभ मिल पाता है

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खिलाड़ी का जीवन

खिलाड़ी का जीवन भी श्रम करने का संदेश देता है। एक खिलाड़ी वर्षभर कठिन परिश्रम करता है। प्रेक्टिस करने में वह अपना खून पसीना एक करता है। उसके बाद ही वह किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई पुरस्कार जीत पाता है। यदि खिलाड़ी आलसी होकर सुस्त बैठ जाए तो क्या वह किसी खेल में अच्छा प्रदर्शन कर पाएगा? आप ही बताइए।

व्यापारी का जीवन

व्यापारी के लिए Pain का अर्थ Risk से है। व्यापारी अपनी पूंजी व्यापार में लगाता है। कई बार उसे नुकसान होता है और कई बार उसे फायदा होता है। कोई भी व्यापारी अपने व्यापार में नुकसान नहीं उठाना चाहता, पर यह तो जीवन की सच्चाई है

कुछ पाने के लिए कुछ खतरा (Risk) भी उठाना पड़ता है। आपने “Higher the risk, Higher the profit” कहावत तो सुनी होगी। खतरा जितना बड़ा होता है मुनाफ़ा भी उतना अधिक होता है। व्यापार इसी सिद्धांत पर चलता है।

मां का जीवन

आप लोग सोच रहे होंगे कि मां कौन सा मेहनत, संघर्ष और जोखिम उठाती है। पर दोस्तों बच्चे को जन्म देने के लिए मां को अपना जीवन जोखिम में डालना पड़ता है। हमारे देश में बहुत सी गर्भवती महिलाएं बच्चे को जन्म देते हुए मर जाती हैं। जो स्त्रियां पहली बार गर्भवती होती हैं उन्हें यह बात अच्छी तरह पता होती है। फिर भी वह संतान पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालती है। इससे हमें यह संदेश मिलता है कि जीवन के हर क्षेत्र में जोखिम उठाना ही पड़ता है।

विद्यार्थी का जीवन

विद्यार्थी का जीवन भी कठिन परिश्रम करने की शिक्षा देता है। एक विद्यार्थी परीक्षा में पास होने के लिए दिन-रात पढ़ता रहता है। कई विद्यार्थी तो रात में सोते ही नहीं है। रात भर पढ़ते रहते हैं। यदि सभी विद्यार्थी आराम से बैठ जाए और सोचे कि बिना मेहनत किए ही उनके परीक्षा में अच्छे नंबर आ जाए तो क्या ऐसा संभव है? स्पष्ट है, नही।

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पर्वतारोही का जीवन

यह बात तो आप लोगों को पता होगी की एक पर्वतारोही कितना जोखिम उठाता है। वह ऊंचे ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ता है। हर समय पहाड़ से गिरकर मरने का खतरा रहता है। इसके बावजूद भी वह पहाड़ पर चढ़ता है। परंतु जब एक बार वह पहाड़ की चोटी पर पहुंच जाता है तो उसे बहुत प्रसन्नता होती है। पर्वतारोही के जीवन से भी हमें शिक्षा मिलती है कि कुछ पाने के लिए कुछ जोखिम भी उठाना पड़ता है।

पशु पक्षी भी करते है श्रम

पशु पक्षी का जीवन भी श्रम करने की शिक्षा देता है। मनुष्य ही नहीं पृथ्वी पर सभी जीव मेहनत और श्रम करते हैं। वह भी अनेक जोखिम उठाते हैं। जंगल में शेर अपने भोजन के लिए हिरण का पीछा मिलो तक करता है।

बहुत श्रम करने के बाद शेर किसी हिरण का शिकार कर पाता है। तब जाकर उसे भोजन प्राप्त होता है। कई बार शेरों को चोट भी लग जाती है। इस तरह हमें यह शिक्षा मिलती है कि कुछ पाने के लिए बहुत सारा श्रम और जोखिम भी उठाना पड़ता है।

पृथ्वी पर पायी जाने वाली सभी चिड़िया भोजन की तलाश में दूर-दूर तक उड़ती रहती हैं। वे छोटे कीड़े मकोड़ों, अनाज और दूसरी चीजों की तलाश करती रहती हैं। इस तरह उन्हें भी भोजन पाने के लिए श्रम करना पड़ता है। पशु पक्षियों के जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि बिना श्रम के कुछ भी नहीं मिलता। श्रम करना ही जीवन का दूसरा नाम है।

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं

कई लोग सफल होने के लिए शॉर्टकट ढूंढते रहते हैं। वे सोचते हैं कि कम से कम मेहनत करनी पड़े और उन्हें कामयाबी मिल जाए। पर दोस्तों सच्चाई तो यह है कि सफलता का कोई छोटा रास्ता / शॉर्टकट नहीं होता है।

जितने भी लोग आज सफल हुए हैं उन्होंने कभी ना कभी कड़ी मेहनत की है। सफल लोगों की सूची में हम बिल गेट्स, धीरूभाई अंबानी, मुकेश अंबानी, विजय शेखर शर्मा, स्टीव जॉब्स जैसे लोगों से प्रेरणा ले सकते हैं।

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छोड़िए आलस भरा जीवन

आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। जो लोग आलसी होते हैं वह जीवन में कभी भी कुछ नहीं पा सकते हैं। मनुष्य ने आज जो भी विकास किया है अपने श्रम और संघर्ष के बल पर किया है जितनी भी चीजें हम अपने चारों तरफ देखते हैं वह मनुष्य ने अपने संघर्ष से प्राप्त की हैं श्रम करके ही मनुष्य ने शहर के साए सड़के बनाई रेल मोटर गाड़ी हवाई जहाज बनाएं पहाड़ों को काटकर रास्ता बनाया समुद्र पर पुल बनाया यहां तक कि अंतरिक्ष में भी अपने उपग्रह छोड़े यदि मनुष्य आलसी हो कर बैठ जाता तो क्या हम आज इतना विकास कर पाते

रामधारी सिंह दिनकर जी की प्रसिद्ध कविता

कवि रामधारी सिंह दिनकर ने अपने प्रसिद्ध खंडकाव्य “रश्मिरथी” में “वीर” शीर्षक से एक कविता लिखी है जो श्रम के महत्व को बताती है-

सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
सूरमा नही विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,

विघ्नों को गले लगाते हैं,
काँटों में राह बनाते हैं

मुँह से न कभी उफ़ कहते हैं,
संकट का चरण न गहते हैं,
जो आ पड़ता सब सहते हैं,
उद्योग-निरत नित रहते हैं,

शूलों का मूल नसाते हैं,
बढ़ खुद विपत्ति पर छाते हैं।

है कौन विघ्न ऐसा जग में,
टिक सके आदमी के मग में?
खम ठोक ठेलता है जब नर,
पर्वत के जाते पाँव उखड़,

मानव जब ज़ोर लगाता है,
पत्थर पानी बन जाता है।

गुण बड़े एक से एक प्रखर,
है छिपे मानवों के भीतर,
मेंहदी में जैसे लाली हो,
वर्तिका-बीच उजियाली हो,

बत्ती जो नही जलाता है,
रोशनी नहीं वह पाता है।

इस कविता ही अंतिम दो पंक्तियाँ “बत्ती जो नही जलाता है, रोशनी नहीं वह पाता है” बिना कष्ट किए फल नहीं मिलता“ No Pain No Gain” की तरफ ही संकेत करती है।

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