पोषण और उसके प्रकार Article on Nutrition and Its Type in Hindi

आज के इस आर्टिकल में हम आपको पोषण और उसके प्रकार के बारे में बताएंगे (Article on Nutrition and Its Type in Hindi)

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पोषण और उसके प्रकार Article on Nutrition and Its Type in Hindi

पोषण क्या है? What is Nutrition?

सभी जीवों को, चाहे वो पेड़ हो या, जंतु या मनुष्य हों, सभी को अपने दैनिक जीवन में विभिन्न क्रियाओं को करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है| दरअसल यदि आप जीवों को एक मशीन की तरह भी देखें तो यह पाएंगे कि एक मशीन भी बिना ऊर्जा के कार्य नहीं कर सकती, उसी प्रकार जीव भी बिना ऊर्जा के दैनिक कार्य नहीं कर सकते|

जीवों को उत्सर्जन, स्वासन और संतति जैसी क्रियाएं करनी होती हैं, जिन्हे करने में वे तभी सक्षम हो पाते हैं, जब वे पोषित होते हैं| जीवों को आवश्यक ऊर्जा पोषण द्वारा प्राप्त होती है|

जिस प्रकार जीवों द्वारा करने वाली क्रियाएं अलग अलग वर्गों से हैं उसी प्रकार उन क्रियाओं के लिए वांछित पोषण भी अलग अलग प्रकार का होता है| जैसे यदि उन्हे तुरन्त ऊर्जा चाहिए तो वे कार्बोहाइड्रेट की ओर जाते हैं, यदि उन्हे रोगों से लड़ना होता है तो विटामिन की ओर रुख करते हैं| इसी आधार पर पोषण के अलग अलग प्रकार होते हैं, एवं उन पोषक तत्वों को संग्रहित करने वाले खाद्य पदार्थ भी अलग अलग होते हैं| 

पोषण के प्रकार Types of Nutrition

जिस प्रकार सजीव ऊर्जा द्वारा अलग अलग क्रियाएं करते हैं, उसी प्रकार सजीवों द्वारा अलग अलग प्रकार के पोषण की भी आवश्यकता होती है| सजीवों की इन्ही आवश्यकता पर, पोषण के निम्न प्रकार हैं :- 

  • प्रोटीन (Protien) 
  • विटामिन ( Vitamin) 
  • मिनरल ( Mineral) 
  • कार्बोहाइड्रेट ( Carbohydrates) 
  • वसा ( Fat) 
  • पानी ( Water) 
  • ज़िंक ( Zinc) 

1) प्रोटीन Protein :-

प्रोटीन जीवों द्वारा सबसे ज्यादा वांछित पोषण होता है| प्रोटीन के अनेकों फायदे एवं नुकसान हैं| प्रोटीन की सहायता से शरीर में हुई क्षति को पूरा किया जा सकता है| इसका मुख्य कार्य ही रोगों से लड़ने का और मरम्मत एवं निर्माण का होता है|

प्रोटीन के स्रोत को यदि एक ग्राम लिया जाए तो यह कुल 1 ग्राम प्रोटीन में 4 कैलोरी देता है| प्रतिदिन सामान्य मनुष्य को 600 प्रोटीन कैलोरी की ज़रूरत होती है| 

प्रोटीन के कई फायदे तो हैं ही लेकिन उसके साथ ही प्रीति के कई नुकसान भी हैं| नीचे उन्हे ही वर्गीकृत किया गया है :- 

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प्रोटीन के फायदे Benefits Of Protein

  • प्रोटीन से भूख नियंत्रित रहती है| भूख का संतुलन निर्धारित होता है| 
  • प्रोटीन के सेवन से मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं| 
  • प्रोटीन वजन कम करने में काफी ज्यादा सहायक है| 
  • प्रोटीन की रोग प्रतिरोधक क्षमता लाजवाब होती है| 
  • प्रोटीन बालों और त्वचा को खोई हुई रंगत लौटा देता है| 
  • प्रोटीन के सेवन से शरीर में रक्तकोशिका, नाखून, त्वचा, बाल और अन्य अंगों का निर्माण एवं मरम्मत होती हैं| 
  • प्रोटीन के सेवन से तनाव को कम किया जा सकता है| 
  • प्रोटीन की मदद से ऊतकों एवं कोशिकाओं की मरम्मत होती है|
  • प्रोटीन शरीर की कार्यप्रणाली को काफी हद तक सुरक्षित रखता है| 

प्रोटीन के नुकसान Disadvantage Of Protein

  • प्रोटीन के अत्यधिक सेवन से किडनी संबंधित रोग हो जाते हैं|
  • प्रोटीन से मूत्र संबंधी रोग होते हैं|
  • प्रोटीन का प्रतिशत दैनिक जीवन की कैलोरी में केवल 30% होना चाहिए| 
  • प्रोटीन के अत्यधिक सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ जाता है और यह हृदय के लिए काफी ज्यादा नुकसान होता है| 

प्रोटीन के स्रोत Sources Of Protein

  • अंडा, मीट, मछली, सोयाबीन, राजमा, मूंग, अरहर, कद्दू के दाने इत्यादि| 

2) विटामिन और मिनरल Vitamin And Minerals

जहां प्रोटीन शरीर में मरम्मत का कार्य करते हैं वहीं विटामिन और मिनरल शरीर में कार्यप्रणाली को देखते हैं, और शरीर को सुचारू ढंग से चलाने में मदद करते हैं| यदि भोजन में विटामिन और मिनरल को न रखा जाए तब वह संतुलित भोजन नहीं कहलाता है|

 विटामिन कई प्रकार के होते हैं :- जैसे विटामिन ए, बी, सी, डी, इ इत्यादि| हर प्रकार के विटामिन का एक अलग कार्य होता है, जैसे विटामिन ए का प्रयोग आँखों के लिए किया जाता है और यह रतौंधी नामक बीमारी को ठीक करने में सहायता करता है|

विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन ई एवं विटामिन के, वसा का निर्माण करते हैं| यानी कि ये मांसपेशियों के निर्माण एवं वृद्धि में काफी सहायक होते हैं| 

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वहीं विटामिन सी, बी, जलीय विटामिन है यानी कि ये रक्त की शुद्धता और निर्माण के लिए सहायक होते हैं| ये जलीय होते हैं इस कारण ये ज्यादा देर तक शरीर मे नही रहते और इन्हे समय समय पर लेते रहना काफी ज्यादा जरूरी है| 

विटामिन और मिनरल के फायदे Benifits Of Vitamins And Minerals 

  • हृदय :- विटामिन और मिनरल का सबसे ज्यादा फायदा हमारे हृदय को होता है| दरअसल विटामिन के कुछ प्रकार :- ए, सी और ई के साथ बीटा केरोटीन में एंटी ऑक्सीडेंट गुण होते हैं| ये हृदय को शुद्ध रखते हैं और रक्त की शुध्दता बनाए रखते हैं| विटामिन बी 3 और नियासीन की मौजूदगी के कारण कोलेस्ट्रोल लेवल भी काफी ज्यादा कम हो जाता है| 
  • मेटाबोलिज्म :– मेटाबॉलिज्म एक प्रकार की प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत, पोषक तत्वों को संग्रहित किया जाता है और उन्हे समय समय पर जलाया जाता है| ऐसे पोषक तत्वों में संग्रहित होने वाले तत्व केवल मिनरल और विटामिन ही होते हैं क्यूंकि इन्ही के अंदर संग्रहित होने की विशेषता होती है| 
  • विटामिन एवं मिनरल हड्डियों की स्वस्थता के लिए काफी ज्यादा आवश्यक तत्व हैं| यदि विटामिन और मिनरल का शरीर में संतुलन न बना रहे तो हड्डियां टूटने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है क्यूंकि हड्डियों के जोड़ की प्रतिरोधी क्षमता खो जाती है| हड्डियों के लिए विशेष रूप से आवश्यक तत्व विटामिन डी और विटामिन के हैं| इन दोनों की मौजूदगी के बिना हड्डियां कैल्शियम ग्रहण नहीं कर सकती हैं| 
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विटामिन और मिनरल के नुकसान Disadvantage of Vitamin and minerals 

  • यदि इन्हे चिकित्सक के परामर्श के बिना नहीं लिया गया तो ये नकारात्मक कार्य करते हैं| 
  • ये फास्फोरस का निर्माण करते हैं जिससे कई सारे ऊतकों को नुकसान पहुंचता है| 
  • विटामिन का यदि ज्यादा सेवन किया जाए तो पेट दर्द, डायरिया जैसी बीमारियां हो सकती है| 
  • यदि प्रतिदिन आप 10 मिलीग्राम से ज्यादा विटामिन बी का सेवन करते हैं तो आपको लकवा मारने की संभावनाएं कई गुणा बढ़ जाती हैं| 
  • ये ज़िंक का भी निर्माण करते हैं जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को क्षति पहुंचाता है| 

विटामिन और मिनरल के स्रोत Sources of vitamins and minerals 

  • विटामिन और मिनरल यूं तो लगभग हर खाद्य पदार्थ में मौजूद होते हैं लेकिन मीट, सूखे मेवे और दालें इनकी मुख्य स्रोत हैं| 

3) कार्बोहाइड्रेट Carbohydrate

कार्बोहाइड्रेट सभी पोषकों मे सबसे विशेष पोषक है क्यूंकि यह शरीर को तुरन्त ऊर्जा प्रदान करता है| कार्बोहाइड्रेट शरीर में पानी की कमी को भी पूर्ण करता है क्यूंकि इनमें पानी जितना ही ऑक्सिजन और हाइड्रोजन मौजूद होता है और आश्चर्यजनक कारक यह है कि मौजूद ऑक्सिजन और हाइड्रोजन का अनुपात भी जल जितना ही होता है| 

कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा के मुख्य स्रोतों में से एक है और यदि भोजन में इसका सेवन न किया जाए तो शरीर कार्य करना लगभग बंद कर सकता है| 

एक सामान्य मनुष्य को 225 से 335 ग्राम कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता हर दिन होती है और यह कैलोरी में गिना जाए तो यह लगभग नौ सौ से तेरह सौ कैलोरी प्रदान करता है| 

कार्बोहाइड्रेट के प्रकार Types of Carbohydrates 

कार्बोहाइड्रेट एक बेहद विस्तृत पोषक है और यह लगभग हर खाद्य पदार्थ में मौजूद होता है| कार्बोहाइड्रेट के विस्तार के कारण, कार्बोहाइड्रेट के कई प्रकार भी खोजे गए हैं| वे प्रकार निम्न हैं :- 

  • स्टार्च :- यह कार्बोहाइड्रेट का मुख्य प्रकार होता है और यह कार्बोहाइड्रेट के अन्य प्रकार शुगर के कारण होता है| 
  • फाइबर :- फाइबर का निर्माण भी शुगर के कारण ही होता है| यह मुख्य तौर पर पाचन तंत्र में सहायता करता है| 
  • चीनी :- वे सभी खाद्य पदार्थ जो मीठे होते हैं उनमें कार्बोहाइड्रेट मौजूद होता है| इस प्रकार के कार्बोहाइड्रेट से दैनिक जीवन के कार्यों के लिए काफी ज्यादा ऊर्जा मिलती है| 

कार्बोहाइड्रेट के लाभ Benifits Of Carbohydrate 

  • कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरन्त ऊर्जा प्रदान करते हैं, एवं चुस्त दुरुस्त करने में सहायक होते हैं| 
  • कार्बोहाइड्रेट शरीर को विभिन्न तरह के रोगों से बचाता है| 
  • यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है| 
  • कार्बोहाइड्रेट की मदद से मोटापे को भी कम किया जा सकता है| 

कार्बोहाइड्रेट के नुकसान Disadvantage of Carbohydrates 

  • कार्बोहाइड्रेट यदि अधिकता से लिया जाए तो यह मोटापे को काफी तेजी से बढ़ाता है| 
  • यदि कार्बोहाइड्रेट का सेवन ज्यादा किया जाए तब यह सीधा घात हृदय पर करता है और इसका प्रभाव हमारे दिमाग पर भी पड़ता है| 
  • यह ग्लूकोज में रक्त की मात्रा बढ़ा देता है| 
  • इसके कारण याददाश्त पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है| 
  • कार्बोहाइड्रेट की अधिकता से बीमारियां जैसे :- डीमेंशिया, एल्जाइमर इत्यादि होती हैं| 

कार्बोहाइड्रेट के स्रोत Sources of Carbohydrates 

  • कार्बोहाइड्रेट काफी ज्यादा विस्तृत पोषण है इस कारण यह काफी सारे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है| इसके प्रकार भी अलग अलग पदार्थों में पाया जाता है| 
  • चीनी :- यह दूध और दूध से बने अन्य तत्वों में पाई जाती है| इसके अन्य स्रोत फल और सब्जियां हैं| 
  • स्टार्च :- स्टार्च, बीन्स मटर और अन्य अनाजों में पाई जाती हैं| 
  • फाइबर :- फाइबर, सब्जियों साबुत अनाजों और अन्य प्रकार के सूखे अनाजों एवं मेवों में पाए जाते हैं| 
  • गौरतलब है कि कार्बोहाइड्रेट अलग अलग प्रकार की हर वह खाद्य वस्तु जिसमें शर्करा होती है, उसमें पाया जाता है| 
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4) वसा Fat

वसा हमारे शरीर में कई सारे मुख्य कार्यों के लिए जरूरी होता है| यह तुरन्त ऊर्जा प्रदान करने से लेकर, ऊर्जा के संग्रहण तक कार्य करता है| 

वसा के स्रोत Sources of Fat 

  • वसा लगभग उन सभी खाद्य पदार्थों मे मौजूद होती है, जिनमें कार्बोहाइड्रेट होते हैं और इसके कार्य भी लगभग कार्बोहाइड्रेट जैसे ही होते हैं| 
  • वसा के मुख्य स्रोत हैं :- दूध से बने पदार्थ, मांस, सूखे मेवे और हरी सब्जियां| 

शरीर के लिए पोषण की आवश्यकता क्या है? What’s the need of Nutrition

किसी भी सजीव को जीवित रहने के लिए जिन क्रियाओं को करना होता और उन क्रियाओं को करने के लिए पोषण की आवश्यकता होती है| पोषण के निम्न कार्य हैं :- 

  • ऊर्जा :- पोषण का कार्य ऊर्जा देने का सबसे अधिक. है| बिना पोषण के ऊर्जा दिए कोई भी सजीव जीवित नहीं रह सकता है| 
  • शारीरिक मरम्मत :- पोषण का दूसरा कार्य शरीर की मरम्मत करना भी होता है| जिस तरह आप देखते हैं मशीन में डाला गया ईंधन केवल उसे चलाता है, वहीं शरीर में ऊर्जा के लिए अवशोषित किया गया ईंधन न केवल ऊर्जा देता है बल्कि शरीर की क्षतिपूर्ति भी करता है| 
  • पाचन नियंत्रण :- पोषण तत्व शरीर की कार्यप्रणाली को सुचारू ढंग से चलाने में काफी ज्यादा सहायक होते हैं| ये पाचन तंत्र से लेकर हृदय प्रणाली तक को स्वस्थ रखते हैं| 

प्रतिदिन कितने पोषण की आवश्यकता होती है? How many Nutritions I need per day

पोषण की जरूरत अलग अलग व्यक्ति पर निर्भर करती है| यदि किसी व्यक्ति का शरीर स्वस्थ है तो उसे अपेक्षाकृत कम पोषण की आवश्यकता होगी वहीं यदि कोई व्यक्ति बीमार है तो वह ज्यादा पोषण तत्व की मांग करेगा| 

वहीं यदि किसी की उम्र युवा है तो वह व्यक्ति संतुलित आहार लेगा, वहीं बचपन में ज्यादा और बुढ़ापे में कम पोषण की आवश्यकता होती है| 

सामान्य तौर पर आपको निम्न मानकों पर अलग अलग पोषण की आवश्यकता होती है| 

  • प्रोटीन :- प्रोटीन की आवश्यकता कुल 64 ग्राम तरल पदार्थो में होती है और इतना ही लगभग ठोस पदार्थों में भी| गौरतलब है कि इतने प्रोटीन से आप कुल 256 कैलोरी प्राप्त करते है और दिन भर में कुल 600 कैलोरी प्रोटीन आवश्यक होता है| 
  • कार्बोहाइड्रेट :– कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता लगभग 900 से लेकर 1300 कैलोरी होती है, यदि आप ज्यादा खाते हैं तो यह आपके कुल भोजन का 45% से लेकर 65% तक होना चाहिए| 
  • मिनरल :- यह भोजन का कुल 50% होना चाहिए| 
  • विटामिन :– विटामिन की आवश्यकता आपकी संरचना पर निर्भर करती है| संपूर्ण खाने का 55% विटामिन होना आवश्यक है| विटामिन बी का सेवन 10 ग्राम से ज्यादा न करें| 
  • वसा :- वसा का निर्धारण कार्बोहाइड्रेट पर निर्भर करता है| यदि कार्बोहाइड्रेट कम हो तो वसा ज्यादा रखें| 
  • ज़िंक :- 10-20 प्रतिशत ज़िंक सेहत के लिए फायदेमंद होता है| यदि इससे ज्यादा ज़िंक का सेवन किया जाए तो वह हानिकारक दिशा में कार्य कर सकता है| 
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