राधा कृष्ण की कहानियाँ Radha Krishna Stories in Hindi

क्या आप राधा कृष्ण की कहानियाँ Radha Krishna Stories in Hindi हिन्दी में पढ़ना चाहते हैं? इस लेख में पढ़ें राधा-कृष्णा की प्रेम कथाएं पढ़ें और जानें उनका विवाह क्यों नहीं हो पाया?

विश्व में राधा कृष्ण की जोड़ी को अमर माना जाता है। कहा जाता है, राधा और कृष्ण की कहानी सच्चे प्यार (Radha Krishna love story) का सबसे बाद उदाहरण हैं।

उनकी पत्नी ना होने के बाद भी भगवान कृष्ण का नाम हमेशा राधा के साथ लिए जाता है। है न यह बहुत ही सुंदर बात। ऐसा इसलिए क्योंकि श्रीकृष्ण के प्रति राधा की भक्ति और समर्पण पूर्ण रूप से निष्कपट था।

इस लेख में आप राधा-कृष्ण के कुछ किवदंतियां या कथाओं (Radha Krishna ki kahaniyan) ने एक-दूसरे के लिए उनके प्रेम को चित्रित किया हैं।

राधा कृष्ण की कहानियाँ Radha Krishna Stories in Hindi

यह कहानियाँ श्री कृष्ण राधा के सच्चे प्रेम को दर्शाती हैं। । यहां राधा-कृष्ण के कुछ किवदंतियां या कथाओं (Radha Krishna story) ने एक-दूसरे के लिए उनके प्रेम को चित्रित किया हैं।

1. राधा कृष्ण अपार प्रेम की कहानी Radha Krishna Immense Love Story in Hindi

राधा कृष्ण अपार प्रेम की कहानी Radha Krishna Immense Love Story in Hindi

नारद जी भगवान कृष्ण से बहुत प्रेम करते थे। जब नारद जी ने तीनों लोकों में राधा की स्तुति सुना तो वह बहुत ही चिंतित हो गए। बहुत सोचने लगे कि राधा में ऐसा क्या है कि उसकी स्तुति पूरे जगत में हो रही है? इसका जवाब पाने के लिए नारद जी ने कृष्ण जी के पास जाने का निर्णय लिया।

इस सवाल का उत्तर पाने के लिए वह भगवान श्री कृष्ण के पास पहुंचे। परंतु वहां पहुंचने के बाद उन्होंने देखा कि कृष्ण जी के सर में बहुत ही पीड़ा हो रही थी। जब नारद जी ने उस पीड़ा के लिए उपचार पूछा तो कृष्ण जी ने उत्तर दिया यदि मेरा कोई भक्त अपना चरणोदक (चरणों को धोया हुआ पानी) मुझे पिला दे तो मेरी या पीड़ा कम हो जाएगी।

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नारद चिंता में पड़ गए उन्होंने सोचा अगर कोई भक्त अपने भगवान को अपना चरणोदक दिलाएगा तो वहां तो नर्क में चले जाएगा। उसके बाद नारद जी भगवान श्री कृष्ण जी की पत्नी रुकमणी जी के पास पहुंचे। नारद जी ने रुक्मणी को सारी बात बताई। रुकमणी जी ने अपना चरणोदक देने से मना कर दिया यह कहते हुए की देव ऋषि यह तो पूर्ण पाप है।

उसके बाद नारद जी सीधे राधा के पास पहुंचे। राधा को भी नारद जी ने सारा हाल कह सुनाया। राधा ने सुनते ही एकमात्र में पानी लिया और उसमें अपने पैर दबा दिए। अपने पैरों को थोड़े हुए पानी कोई छोटे पात्र में भरकर राधा नारद जी से बोली इसे तुरंत कृष्ण के पास ले जाओ। और वह बोली मैं जानती हूं यह घोर पाप है मुझे न मिलेगा परंतु अपने प्रिय के जीवन के सुख और स्वस्थ जीवन के लिए मैं इससे भी अधिक दुख भोगने के लिए तैयार हूं।

यह सुनकर नारद जी सब समझ गए। उन्हें ज्ञात हो गया की राधा कृष्ण की प्रेम की स्तुति पूरे ब्रह्मांड में क्यों गाए जा रहे हैं। यह राधा कृष्ण की दिल छू लेने वाली एक कहानी है जिससे साफ पता चलता है राधा का कृष्ण के प्रति अपार प्रेम।

2. एक दूसरे से जुड़े राधा कृष्ण की कहानी Radha Krishna Connection Story in Hindi

एक दूसरे से जुड़े राधा कृष्ण की कहानी Radha Krishna Connection Story in Hindi

राधा श्री कृष्ण से अपार प्रेम करती थी, यह तो सभी जानते थे। परंतु कितना अपार प्रेम हर कोई परीक्षा ले कर जानना चाहता था। राधा और श्री कृष्ण का विवाह तो नहीं हुआ था परंतु उनकी गाथा पूरे जगत में गाय जा रही थी। 

राधा कृष्ण के प्रेम को देखकर दासियों को भी इच्छा होती थी। एक बार राधा को परेशान करने के लिए दासियों ने एक योजना बनाई। उन्होंने दूध का एक गरमा-गरम तपता हुआ कटोरा लिया और राधा के पास जाकर कटोरा देते हुए कहा कि कृष्ण ने यह दूध तुम्हारे लिए भेजा है।

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राधा यह सुनते ही गरमा गरम दूध दसियों के समक्ष ही पी गई। राधा को वह गर्म दूध पीकर कोई कष्ट नहीं हुआ। जब दासियाँ कृष्ण के पास लौटे तो उन्होंने देखा कि कृष्ण के मुंह में अत्यधिक दर्दनाक छाले हो गए हैं। यह देखकर उन्हें अपने गलती का एहसास हुआ।

यह कहानी दर्शाता है कि कृष्ण से राधा कितनी जुड़ी हुई है। इसलिए गर्म दूध से राधा को कुछ नहीं हुआ, लेकिन गर्म दूध से कृष्ण प्रभावित हुए।

3. राधा का विवाह कृष्ण से क्यों नहीं हुआ? – कई तथ्य व कहानियां Why Is Radha Not Married To Krishna? – Facts and Story in Hindi

ब्रज है राधे-राधे की भूमि और मथुरा है श्री कृष्ण जन्मभूमि। मथुरा, वृंदावन और गोकुल श्री कृष्ण के प्रारंभिक जीवन का हिस्सा है। सभी भक्त पूरे विश्व में राधा और कृष्ण का नाम एक सांस में लेटे हैं और कहते हैं राधे-कृष्ण। इससे यह साफ पता चलता है कि दोनों अलग नहीं एक है।

भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर जन्म लिया कंस को मारने के लिए। और साथ ही उन्होंने उसी युग में महाभारत के युद्ध के समय अर्जुन के माध्यम से पूरे धरती के लोगों को भगवत गीता का पाठ पढ़ाया। पृथ्वी लोक में कृष्ण का विवाह राधा से नहीं हुआ बल्कि उनका विवाह रुक्मणी और सत्यभामा के साथ हुआ। इसलिए भक्त हमेशा सोच में रहते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?

राधा का विवाह कृष्ण से क्यों नहीं हुआ? - कई तथ्य व कहानियां Why Is Radha Not Married To Krishna? - Facts and Story in Hindi

इसके पीछे कई तथ्य और कहानियां कही गई है-

कई शास्त्रों में माना गया है कि राधा और कृष्ण कभी अलग थे ही नहीं, वह दोनों एक ही थे। तो एक ही व्यक्ति कैसे विवाह कर सकते थे।

एक दूसरी कथा में माना गया है, राधा तो जीवात्मा थी और कृष्ण तो परमात्मा। राधा का निस्वार्थ प्रेम कृष्ण के प्रति एक परम निष्ठा और प्रेम था। राधा ने अपना सब कुछ कृष्ण पर निछावर कर दिया था यानी वह एक हो गए थे। ऐसे मिलन को विवाह से ऊपर माना गया है।

कई लोगों का मानना है श्रीधामा के अभिशाप के कारण कृष्ण और राधा का विवाह नहीं हो पाया। श्रीधामा श्री कृष्ण का एक भक्त और मित्रता जो भक्ति को प्रेम से अधिक मानता था। इसलिए उसने क्रोध में आकर एक दिन राधा को श्राप दिया कि वह कृष्ण से जुड़े सभी यादों को भुला देगी और पाताल लोक में 100 वर्ष रहेगी। इस कारण ब्रह्मा ने कृष्ण को विष्णु के 9 अवतार के रूप में जाने को कहा और राधा को शाप से मुक्त कराने का निवेदन किया। इसलिए अभी राधा कृष्ण का विवाह नहीं हो पाया।

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एक और कहानी में माना गया है की राधा पृथ्वी पर प्रेम का महत्व और सही अर्थ बताने के लिए जन्म लिया था। जो आप राधा और कृष्ण के प्रेम भावना की शक्ति के माध्यम से देख सकते हैं। साथी राधा कृष्ण ने यह भी धरती में जन्म लेकर बताया कि प्रेम को किसी विवाह रूपी समझौते में बांधकर नहीं रखा जा सकता।

3. राधा कृष्ण की अंतिम कथा (राधा की हुई मृत्यु और कृष्ण ने तोड़ी बांसुरी कहानी) Radha Krishna End Story in Hindi

राधा कृष्ण की अंतिम कथा (राधा की हुई मृत्यु और कृष्ण ने तोड़ी बांसुरी कहानी) Radha Krishna End Story in Hindi

राधा अपने जीवन का अंतिम समय गुजार रही थी। राधा किसी भी तरह कृष्ण को एक बार देखना चाहती थी। कृष्ण भी यह बात जानते थे इसलिए उन्होंने एक बार राधा से भेंट होने का निर्णय लिया।

राधा के याद करते ही कृष्ण राधा के समक्ष प्रकट हो गए। कृष्ण जानते थे कि यह राधा का अंतिम समय है तब भी उन्होंने राधा से कुछ भी मांगने को कहा। परंतु राधा ने मना कर दिया। कृष्ण के बार-बार अनुरोध करने पर राधा ने कृष्ण से अपने मुरली की मन मोह लेने वाली धुन बजाने को कहा।

श्री कृष्ण ने अपनी बांसुरी को निकाला और वह सुंदर मन मोहिनी धुन को बजाने लगे। उस बांसुरी की धुन को सुनते सुनते राधा ने अपना शरीर त्याग दिया। यह देख कर कृष्ण बहुत ही दुखी हुए और उन्होंने अपने बांसुरी का तोड़कर कोसों दूर फेंक दिया। आज राधा जी के मृत्यु स्थल पर महाराष्ट्र में राधा रानी मंदिर स्थित है।

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