कार्य मुक्ति प्रार्थना पत्र Relieving Letter Format in Hindi

कार्य मुक्ति प्रार्थना पत्र Relieving Letter Format in Hindi

आज के समय में शिक्षा का स्तर निश्चित रूप से अत्यधिक तीव्र गति से बढ़ रहा है। चाहे वे किशोर, युवा अथवा प्रौढ़ ही क्यों ना हो, हर व्यक्ति शिक्षा के महत्व को लेकर जागरूक हुआ है। आसान सी बात है, कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसे साधन के रूप में विकसित हो चुकी है, जो मनुष्य की आजीविका के लिए अत्यंत ही आवश्यक है।

इसी कारण से शिक्षा स्तर में बढ़ोत्तरी तथा नौकरियों की संख्या में कमी आने से देश में शिक्षित बेरोजगारों की बाढ़ सी आई हुई है। परंतु जहाँ आज के दौर में नौकरी पाना तमाम लोगों के लिए टेढ़ी खीर साबित होता है, दूसरी ओर ऐसे भी लोग हैं, जो मनचाही नौकरी के अभाव में या फिर उच्च पद की लालसा में अपनी वर्तमान नौकरी को छोड़ने में ज़रा नही हिचकते।

परंतु ये सभी को पता है कि दूसरी नौकरी मिलने पर, उसे ग्रहण करने से पहले, व्यक्ति को अपनी पूर्व नौकरी से ‘कार्य-मुक्ति पत्र/त्यागपत्र’ अथवा ‘रेसिग्नेशन /रिलीविंग लेटर’ देने की आवश्यकता होती है। त्यागपत्र में व्यक्ति द्वारा उन कारणों का ब्यौरा दिया जाता है, जिनकी वजह से वह नौकरी छोड़ना चाहता है।

कार्य मुक्ति प्रार्थना पत्र Relieving Letter Format in Hindi

कार्य-मुक्ति संबंधी आवेदन पत्रों के कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं:-

1)विश्वविद्यालय में रसायन शास्त्र विभाग में शिक्षक चयनित होने पर, अपने वर्तमान संस्थान को अवगत कराते हुए कार्य-मुक्ति पत्र लिखिए।

552, सोनीपत
हरियाणा।

दिनांक: 17 सितम्बर, 20XX

इसे भी पढ़ें -  विश्व स्वास्थ्य संगठन क्या है? World Health Organisation Details in Hindi

सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य,
आर्य इंटर कॉलेज
सोनीपत,
हरियाणा।

विषय: कार्य- परित्याग संबंधी पत्र।

महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके संस्थान में ‘रसायन शास्त्र’ के मेहमान प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हूँ। किंतु अब मेरा चयन ‘दीनबंधु छोटू राम विश्वविद्यालय’ में स्थायी अध्यापक के तौर पर हो गया है। अतः इस कारण से मैं अब आपके विद्यालय में अपनी सेवाएं देने में असमर्थ हूँ।

मैं आज अपने वर्तमान पद से पूर्ण इस्तीफा देते हुए, आपको अपना कार्य-मुक्ति पत्र सौंप रहा हूँ। कृपया शीघ्रातिशीघ्र इस त्यागपत्र को स्वीकार कर मुझे इस कार्य -भार से मुक्त करने की कृपा करें, ताकि मैं उचित समय में अपना नया पद संभाल सकूँ।

मेरे पूरे अध्ययन काल में आपके निरंतर सहयोग के लिए सादर धन्यवाद।

भवदीय
हस्ताक्षर….
अवधेश कुमार।

2) अपनी कम्पनी के प्रबंध निदेशक को पदोन्नति न होने के कारण इस्तीफे के लिये त्यागपत्र लिखिए।

145, कानपुर नगर,
उत्तर प्रदेश।

दिनांक: 16 अक्टूबर 20XX

सेवा में,
प्रबंध निदेशक
शिवानी पब्लिकेशन्स लिमिटेड,
कानपुर,
उत्तर प्रदेश।

विषय: कार्य की असंतुष्टि के कारण त्यागपत्र।

महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपकी प्रतिष्ठित कम्पनी में तीन वर्ष से कार्यरत हूँ। इन तीन वर्षों के दौरान मेरे द्वारा किये जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोई कमी नही आई है। मैंने अपने सभी प्रोजेक्ट सदैव तय समय सीमा के अंतर्गत, नियमानुसार एवं प्रतिबद्धतापूर्वक पूर्ण किये हैं। कम्पनी को कभी भी मेरे आचरण-व्यवहार के कारण किसी शर्मिंदगी का सामना नही करना पड़ा।

मैं अपने समस्त कार्यकाल में कार्य के प्रति पूर्ण समर्पित थी, परंतु इसके बावजूद कम्पनी ने मेरी पदोन्नति के प्रार्थना पत्र को बार-बार सिरे से नकार दिया। इस वजह से मैं अपनी कार्य कुशलता के अनुरूप कार्य न मिलने की वजह से आपको अपना त्यागपत्र सौंपती हूँ।

अतः आपसे प्रार्थना है कि कृपया मेरा त्याग पत्र स्वीकार करें, जिससे मैं स्वयं के लिए बेहतर अवसर की तलाश कर सकूँ।इस पूरे कार्यकाल में निरंतर मेरा मनोबल बढ़ाये रखने के लिए आपका आभार व्यक्त करती हूँ।

इसे भी पढ़ें -  अनौपचारिक पत्र लेखन उदाहरण Informal Letter Format in hindi

धन्यवाद।

भवदीया
नैना तलवार।

3) अमर आगाज़ में संवाददाता के पद से इस्तीफा देते हुए त्याग पत्र लिखिए।

78, आवास-विकास,
कानपुर
उत्तर प्रदेश।

दिनांक: 11 अप्रैल, 20XX

सेवा में,
श्रीमान संपादक,
अमर आगाज़,
माल रोड, कानपुर।

महोदय,
आपसे सविनय निवेदन है कि मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार ‘अमर आगाज़’ में पिछले 20 माह से संवाददाता के रूप में कार्यरत हूँ। इस छोटे से कार्यकाल में मैंने अपनी पूर्ण लगन, परिश्रम एवं निष्ठा के साथ समाचार पत्र की जनउपयोगिता बढ़ोत्तरी में भागीदारी की है। परंतु आपको यह सूचित करते हुए मुझे अत्यंत दुःख हो रहा है कि कुछ आवश्यक निजी कारणों के चलते मुझे इस समाचार पत्र का साथ छोड़ना पड़ेगा।

आशा करता हूं कि आप मेरी विवशता को समझेंगे एवं शीघ्रातिशीघ्र मेरे त्याग पत्र को स्वीकृति प्रदान करेंगे। आपके इस लोकप्रिय समाचार पत्र में काम करके मुझे बहुत अच्छा अनुभव प्राप्त हुआ, जो आगे चलकर, निश्चित रूप में, मेरे काम आएगा। इस पूरे कार्यकाल में आपके निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता हूं।

सधन्यवाद,

भवदीय,
अखिलेश यादव।

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.