शिर्डी के साईं बाबा का इतिहास व कहानी Shirdi Sai Baba History Story in Hindi

शिर्डी के साईं बाबा का इतिहास व कहानी Shirdi Sai Baba History Story in Hindi

एक ऐसे पुण्य आत्मा जिनके श्रद्धालु करोड़ों की संख्या में विश्व स्तर पर फैले हैं तथा जिन्हें लोग ईश्वर का रूप भी मानते हैं वे हैं, शिर्डी के साईं बाबा। 

शिर्डी में साईं बाबा के मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती है। यह स्थान इसलिए भी विशेष है, क्योंकि पूरी दुनिया से लोग यहां आते हैं और अपने काबिलियत के अनुसार दान दक्षिणा करते हैं।

शिर्डी के साईं बाबा बाकी संतो से थोड़े अलग हैं, क्योंकि इन्हें मानने वाले लोगों के धर्म व सम्प्रदाय भी विभिन्न होते हैं। आमतौर पर किसी हिंदू संत के अनुयायी अधिकतम हिंदू ही होते हैं, लेकीन साईं बाबा एक अपवाद है।

क्योंकि इनकी अराधना हिंदू, मुस्लिम और बाकी दूसरे धर्म के लोग भी करते हैं। इसीलिए इन्हें हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक भी माना जाता है।

शिर्डी के साईं बाबा के विषय में विश्वसनीय जानकारी देने वाला एकमात्र स्त्रोत ‘श्री साईं सच्चरित्र’ को माना जाता है, जो मूलतः मराठी भाषा में लिखा गया है। साईं बाबा हमेशा से ही एकेश्वरवाद पर जोर देते थे। 

वे अक्सर ‘सबका मालिक एक!’ कहते रहते थे, जो एकमात्र ईश्वर के संदेश को प्रकट करता है। इसके अलावा साईं बाबा से जुड़े हजारों चमत्कार और कहानियां लोगों के बीच प्रचलित है।

साईं बाबा का जन्म व प्रारंभिक जीवन Sai Baba Birth And Early Life in Hindi

गौरतलब है कि साईं बाबा के जन्म और प्रारंभिक जीवन के विषय में ज्यादा ठोस सबूत नहीं मौजूद है। माना जाता है कि साईं बाबा का जन्म महाराष्ट्र के परभणी जिले के पाथरी गांव में हुआ था। 

बाबा को शिर्डी में पहली बार वर्ष 1854 में देखने का दावा किया जाता है, तब उनकी उम्र 16 वर्ष बताई जाती है। उस हिसाब से देखा जाए तो वर्ष 1938 में साईं बाबा का जन्म हुआ है। किंतु सत्य साईं बाबा जो खुद को साईं बाबा का अवतार मानते थे, उनके अनुसार बाबा का जन्म 27 सितंबर 1830 में हुआ था। 

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शशिकांत शांताराम गडकरी द्वारा लिखी गई किताब ‘सद्‍गुरु सांई दर्शन’ के अनुसार बाबा एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे थे। कोशिक गोत्र तथा ब्राह्मण यजुर्वेदी शाखा से वे ताल्लुक रखते थे, ऐसी मान्यता है। बताया जाता है कि साईं बाबा के पिता का नाम गंगाभाऊ तथा माता का नाम देवकीगिरी था। 

साईं बाबा अपने माता पिता के कुल 5 संतानों में से तीसरे नंबर के संतान बताए जाते हैं, जिनका प्रारंभिक नाम हरिबाबू भूसारी बताया जाता है।

शिर्डी साईं बाबा की शिक्षाएं Teachings of Shirdi Sai Baba in Hindi 

  • ऐसे असहाय लोग जिन्हें समाज अपमानित करके बेदखल कर देता था, इन लोगों के लिए हमेशा साईं बाबा के द्वार खुले रहते थे। अपने जीवन काल में साईं बाबा सदैव ही प्रेम, दान पुण्य, आत्म संतुष्टि, अध्यात्मिक ज्ञान और दया धर्म को जीवन में उतारने पर ज़ोर दिया करते थे।
  • उन्हें समाज में पल रहे भेदभाव से कड़ा एतराज था। बाबा हमेशा जन्म के आधार पर भेदभाव के विरुद्ध रहते थे। साईं बाबा लोगों को अध्यात्म का वास्तविक पाठ पढ़ाने के लिए सभी धर्म के संतो के साथ समय व्यतीत किया करते थे।
  • साईं बाबा एकेश्वरवाद को मानते थे और लोगों को भी इसे स्वीकार करने के लिए प्रेरित करते थे। इसके अलावा बाबा विभिन्न प्रकार के असंगत कर्मकांड के भी विरुद्ध रहते थे। साईं बाबा के अनुसार मानवता ही ब्रह्मांड का सबसे बड़ा धर्म है और इसे मानने वाला कर्मवीर होता है।
  • उनके अनुसार सत्य से बड़ा कोई आभूषण नहीं। उन्होंने सदा ही अपने शिष्यों व श्रद्धालुओं को मानवता में विश्वास रखने की शिक्षा दी है तथा हिंदू मुस्लिम के बीच भाईचारा निर्मित करने के लिए ढेरों शिक्षाएं प्रदान किया है। उनके श्रद्धालुओं द्वारा प्रेम और करुणा की शिक्षा को हर तरफ प्रसारित किया जा रहा है।

शिर्डी साईं बाबा की मृत्यु Death of Sai Baba in Hindi

ईश्वर के अवतार माने जाने वाले साईं बाबा ने 15 अक्टूबर 1918 के दिन समाधि ले ली थी। कहा जाता है कि शिर्डी के साईं बाबा ने अपने दुनिया से विदा लेने के संदेश बहुत पहले ही दे दिए थे। 

15 अक्टूबर हिंदू मान्यताओं के अनुसार दशहरा का पवित्र दिन होता है, जिसे साईं बाबा संसार से विदा लेने के लिए सबसे उचित दिन बताते थे।

क्योंकि साईं बाबा को हिंदू और मुस्लिम यह दोनों ही पक्ष पूजते थे, इस कारण साईं बाबा के निधन के पश्चात दोनों ही पक्षों में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जो कि बाबा के अंतिम संस्कार को लेकर था। 

सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में बाबा के अंतिम संस्कार के लिए मतदान करवाया गया, जिसमें हिंदू पक्ष जीत गया और यह नतीजा निकला कि बाबा का अंतिम संस्कार हिंदू रीती रिवाज से किया जाएगा।

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साईं बाबा के 5 चमत्कारी कहानियां Sai Baba Shirdi Stories in Hindi

साईं बाबा से जुड़े ऐसी कई वास्तविक कहानियां है, जो बाबा के असामान्य शक्तियों को प्रदर्शित करती है। उनके द्वारा किए गए प्रत्येक चमत्कार के पीछे कोई ना कोई संदेश अथवा मर्म जरूर छुपा रहता था। चलिए देखते हैं बाबा की कुछ ऐसी चमत्कारी कहानियां जो आज भी एक पहेली है।

कथा 1 

साईं बाबा की चर्चा हर तरफ सुनकर एक व्यक्ति ने उनके शक्तियों की पड़ताल करनी चाही, जिसके लिए वह उनसे मिलने शिर्डी पहुंचा। वह व्यक्ति यह निश्चित करना चाहता था, कि क्या वाकई में साईं बाबा के पास कोई चमत्कारी शक्तियां है या नहीं। 

वह व्यक्ति अपने मस्तिष्क में ढेरों सवाल लिए जब साईं बाबा के पास पहुंचा तो उसके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसने उसे अंदर से झगझोर दिया। 

साईं बाबा ने बिना किसी परिचय के ही जब व्यक्ति के नाम से उसे पुकारा और उसके द्वारा तैयार किए गए प्रश्नों के विषय में पूछा तो वहां खड़े सभी भक्त आश्चर्यचकित रह गए। अगले ही क्षण उस व्यक्ति को साईं बाबा के शक्तियों के विषय में अंदाजा लग गया और वह नतमस्तक हो गया।

कथा 2 

एक बार बाबा की कुटिया में उनके दर्शन के लिए एक दंपत्ति जोड़ा आया था। साईं बाबा का दर्शन करके और उनके हाथों के स्पर्श से प्रदान किए गए प्रसाद को ग्रहण कर जब वे अपने घर के लिए रवाना होने गए तभी जोरदार बारिश शुरु हो गई। 

अपने भक्तों को यू बारिश के कारण परेशान देखकर साईं बाबा ने खुले आकाश में जैसे ही यह वाक्य कहा कि ‘हे अल्लाह यह बारिश रुकवा दे मेरे बच्चों को घर जाना है!’ तभी न जाने कहां से अचानक ही बारिश रुक गई। बाबा के यूं साक्षात चमत्कार को देखकर दंपत्ति ने अपने आप को भाग्यशाली महसूस किया।

कथा 3 

साईं बाबा हमेशा ही मस्जिद में एक दीपक जलाया करते थे। वे गांव के बनियों से तेल मांग कर दीया जलाते थे। लेकिन एक दिन ईश्या वश गांव के किसी भी बनिए ने साईं बाबा को तेल देने से मना कर दिया। 

लेकिन जब साईं बाबा ने पानी से ही दीपक जला दिए तो यह बात आग की तरह सब जगह फैल गई, अंततः सभी लोगों को अपनी गलतियों का एहसास हुआ और वे तुरंत ही बाबा से माफी मांगने के लिए, अपनी गलतियों का पश्चाताप करने के लिए पहुंच गए। लेकीन अपने सम्राट हृदय को प्रदर्शित करते हुए बाबा ने उन्हें बड़े ही दुलार के साथ माफ कर दिया।

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कथा 4 

कहते हैं कि एक बार शिर्डी में जब पानी का अकाल पड़ा था और कुओं में एक बूंद का नामोनिशान नहीं था, तब साईं बाबा ने अपने चमत्कार से लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया था। 

उन दिनों बाबा शिर्डी पधारे थे, तब उन्हें लोगों के इस परेशानी के बारे में पता चला तो वे फौरन ही वहां पहुंच गए और लोगों से यह कहा कि पानी तो यही हैं फिर तुम लोग क्यों परेशान होते हो। 

मानो जैसे बाबा के यह वाक्य कहने के तुरंत बाद ही न जाने कहां से कुएं के समतल में पानी का प्रभाव होने लगा, यह देखते ही सभी समझ गए की वे कोई साधारण इंसान नहीं है।

कथा 5 

एक बार बाबा से मिलने के लिए एक किसान आया था। उस समय उस व्यक्ति की फसलें बहुत अच्छी हो रही थी। लेकिन जब वह बाबा के समक्ष पहुंचा तो उन्होंने उसे यह कहते हुए फौरन घर लौटने को कहा कि तुम्हारे फसलों में आग लग गई है। 

इतना सुनते ही वह व्यक्ति तुरंत अपने गांव की तरफ लौटा, लेकिन वहां उसकी फसलें एकदम सुरक्षित थी। वह कुछ समझ नहीं पाया और वापस बाबा के पास लौट गया और यह प्रश्न किया कि बाबा मेरे फसलों में तो कोई भी आग नहीं लगी, फिर आपने ऐसा क्यों कहा। 

बाबा ने उसे पुनः फसलों में आग लगने की चेतावनी दी और लौटने को कहा। इस बार जब वह अपने घर लौटा तो उसने देखा कि उसकी  फसलें आग की लपटों में झुलस रही थी। उसने साईं बाबा से दया की भीख मांगी, तब बाबा ने अपने प्रभाव से एक बार में ही सारी आग बुझा दी।

साईं बाबा पर फ़िल्में Movies on Sai Baba of Shirdi

शिर्डी के साईं बाबा के ऊपर कई फिल्में बनाई जा चुकी हैं, जिनमें उनके जीवन चरित्र को दिखाया गया है। इसके अलावा टीवी सीरियल्स पर भी एनीमेटेड स्टोरीज के अलावा साईं बाबा के जीवन चरित्र को प्रसारित किया जाता रहा है। 

साईं बाबा पर बनी फिल्मों का उद्देश्य केवल पैसे कमाना नहीं बल्कि उनकी शिक्षाओं को दुनिया भर में फैलाने का है। यह फिल्में विभिन्न भाषाओं में बनाई गई है, जिनमें सबसे प्रसिद्ध निम्नलिखित फिल्में है-

  • हिन्द भाषा में– शिरडी के साईं बाबा (1977), शिरडी साईं बाबा (2001), मालिक एक, ईश्वरीय अवतार साईं बाबा आदि। 
  • कन्नड़ भाषा में– भगवान श्री साईं बाबा
  • मराठी भाषा में– साईं बाबा, शिरीद चे साईं बाबा
  • तमील भाषा में– सद्गुरु साईं बाबा, माया, शिरडी साईं बाबा (1986) 
  • तेलगु भाषा में– शिरडी साईं, श्री शिरडी साईं बाबा महाथीम, श्री साईं महिमा  

3 thoughts on “शिर्डी के साईं बाबा का इतिहास व कहानी Shirdi Sai Baba History Story in Hindi”

  1. Bahuth acchi lagi aapka article. Lekin 3 stories maatru dhiya gaya hai aur jyada baba stories padna chathi hum. Upload karo na please.

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