शिर्डी के साईं बाबा का इतिहास व कहानी Shirdi Sai Baba History Story in Hindi

शिर्डी के साईं बाबा का इतिहास व कहानी Shirdi Sai Baba History Story in Hindi

साईं बाबा, जिन्हें हम शिरडी के साईं बाबा के नाम से भी जानते है। वह एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्हें उनके भक्त एक संत, एक फकीर, एक संतगुरु और भगवान शिव के अवतार के रूप में मानते है।

उन्हें अपने हिंदू और मुस्लिम भक्तों के साथ-साथ अपने जीवनकाल के बाद भी सम्मानित और याद किया जाता है। साईबाबा अब श्री दत्तात्रेय के अवतार के रूप में सम्मानित है, उन्हें अपने भक्तों द्वारा इस ब्रह्मांड के निर्माता, संयोजक का श्रेय दिया जाता है। उनको हिंदू वैदिक देवताओं की तरह पूजा जाता हैं क्योंकि वह सर्वोच्च भगवान हैं।

शिर्डी के साईं बाबा का इतिहास व कहानी Shirdi Sai Baba History Story in Hindi

प्रारंभिक जीवन Early Life

साईं बाबा एक जन्म ब्राह्मण जोड़े के यहाँ पथरी गाँव में हुआ था, जो ब्रिटिश भारत के निजाम राज्य में था। जहां उसके माता-पिता ने उन्हें फकीर को सौंप दिया था। ये उनके आखिरी दिनों में बाबा द्वारा बताये गये शब्द थे। लेकिन जन्म की तारीख अभी भी दुनिया के लिए अज्ञात है। बाबा पहली बार 16 साल की उम्र में महाराष्ट्र में शिरडी गांव आये थे।

लोग उसे देखकर आश्चर्यचकित हुये कि एक लड़का बहुत ही कम उम्र में एक नीम के पेड़ के नीचे आसन में बैठकर गहरा ध्यान कर रहा है, बिना भोजन और बिना पानी के। इसके बाद लोग इस युवा बाबा पर बहुत आस्था करने लगे। गांव प्रमुख की पत्नी बयाजाबाई ने बचपन में साई बाबा के कल्याण के बारे में पूछताछ की। धीरे-धीरे वे बाबा के लिये खाना लाने लगी।

शिक्षाएं Teachings

अपने जीवन के अनुसार, उन्होंने स्वयं के अहसास के महत्व का प्रचार किया, और विनाशकारी चीजों के प्रति प्यार की आलोचना की। उनकी शिक्षाएं प्यार, माफी, दूसरों की मदद, दान, संतुष्टि, आंतरिक शांति और भगवान और गुरु की भक्ति के नैतिक संहिता पर ध्यान केंद्रित करती हैं। उन्होंने सच्चे सतगुरु को आत्मसमर्पण करने के महत्व पर जोर दिया, जिन्होंने दिव्य चेतना के मार्ग को पार किया।

साईं बाबा ने धर्म या जाति के आधार पर भेद की निंदा की। उनके शिक्षण में हिंदू धर्म और इस्लाम के संयुक्त तत्व शामिल है, उन्होंने हिन्दू नाम द्वारकामायी उस मस्जिद का नाम दिया जहां वे रहते थे। हिंदू और मुस्लिम दोनों अनुष्ठानों का अभ्यास किया, दोनों परंपराओं से प्रेरित शब्दों और आंकड़ों का उपयोग करके उन्होंने लोगों को ज्ञान दिया वे अक्सर कहा करते थे, अल्लाह मलिक (भगवान राजा है) और सबका मलिक एक

इसे भी पढ़ें -  साईं बाबा पर निबंध Essay on Sai Baba in Hindi

अब वे साईं बाबा के जाने जाते है, जो साईं मुसलमानों द्वारा पिता के लिए एक पवित्र माना जाता है और बाबा, हिन्दुओं के लिये पवित्र शब्द माना जाता है। उनके भक्त अक्सर कहते हैं कि शिरडी साईं बाबा ने उन्हें भगवान राम, कृष्ण इत्यादि के रूप में दर्शन दिये। कई अनुयायियों द्वारा उन्हें शिरडी के साईं बाबा कहा गया। भक्तों का कहना हैं कि साईबाबा सपने में आते है और उन्हें सलाह दे जाते थे कि क्या करना सही है और क्या गलत है।

साईं बाबा पर फ़िल्में Movies on Shirdi Sai Baba

साईं बाबा को लेकर कई फिल्में बनाई गई है। इन फिल्मों के मुख्य उद्देश्य केवल पैसे कमाना नहीं हैं बल्कि लोगों को साईं बाबा के बारे में बताना है, जिससे उनके भक्त शिरडी के साई बाबा की ओर उनके विश्वास और भक्ति को बढ़ाबा मिले। उनमें से कुछ फ़िल्में शिरडी के साईं बाबा के जीवन के इतिहास चित्रित की गई है।

ये फिल्में कई कई भाषाओँ में जैसे – शिरीद चे साईं बाबा (मराठी), शिरडी के साईं बाबा (हिंदी), श्री शिरडी साईं बाबा महाथीम (तेलुगू), भगवान श्री साईं बाबा (कन्नड़), साईं बाबा (मराठी), श्री साईं महिमा (तेलुगू), शिरडी साईं बाबा (हिंदी), ईश्वर्या अवतार साईं बाबा (हिंदी), मलिक एक (हिंदी), शिरडी साई (तेलुगु) आदि। ये फिल्मे साईं बाबा के द्वारा किये गये चमत्कार, साईं बाबा के जीवन, इतिहास को स्पष्ट रूप से समझाती हैं।

साईं बाबा के चमत्कारी कहानी Sai Baba Stories in Hindi

Story 1

साईं बाबा रोज़ मंदिर और मस्जिद में दिया जलाते थे, पर इसके लिये उन्हें बनियों से तेल मांगने की जरुरत होती थी पर एक दिन बनियों ने बाबा से कह दिया बाबा हमारे पास तेल नहीं है। तब बाबा वहां से चुपचाप चले गये और मंदिर जाकर उन्होंने दिये में तेल की जगह पानी डाला और दिया जल पड़ा और यह बात चरों तरफ फ़ैल गई। तब वहां के बनिये उनके सामने आये और उनसे मांफी मांगी तो बाबा ने उन्हें माफ़ कर दिया और उनसे कहा अब कभी झूठ मत बोलना ।

Story 2

एकबार बाबा का भक्त बहुत दूर से अपनी पत्नी को लेकर बाबा के दर्शन के लिये आया और जब वह जाने लगा तो जोरों से बारिश होने लगी तब उनका भक्त परेशान होने लगा तब बाबा ने उनकी परेशानी को देखकर कहा – हे अल्लाह बारिश को रोक दो मेरे बच्चों को घर जाना है और तत्काल ही बारिश रुक गई।

Story 3

एकबार गाँव के एक व्यक्ति की एक बेटी अचानक खेलते हुये वहां के कुएं में गिर गई लोगों को लगा वह डूब रही है सब वहां दौड़कर गये और देखा की वह लटकी है कोई अदृश्य है जो उसे पकडे हुये है। वह और कोई नहीं बाबा ही थे क्योंकि वह बच्ची कहती थी कि मै बाबा की बहन हूँ। अब लोगों को कोई ओर स्पष्टीकरण की ज़रूरत नहीं थी।   

यह आर्टिकल कैसा लगा कमेंट के माध्यम से ज़रूर बताएं !

इसे भी पढ़ें -  एकलव्य और द्रोणाचार्य की कहानी Story of Eklavya and Dronacharya in Hindi

Featured Image By Wikimedia Commons

1 thought on “शिर्डी के साईं बाबा का इतिहास व कहानी Shirdi Sai Baba History Story in Hindi”

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.