शिवालिक रेंज Shivalik Range features in Hindi

इस लेख में हम आपको शिवालिक रेंज Shivalik Range features in Hindi के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे

शिवालिक रेंज / पर्वत Shivalik Range features in Hindi

हिमालय पर्वत की 3 श्रृंखलाएं हैं- वृहद हिमालय, लघु हिमालय और शिवालिक श्रेण। शिवालिक रेंज पहाड़ियां भारत के पश्चिम उत्तर दिशा में 1600 किलो मीटर से अधिक दूरी में स्थित है। यह पहाड़ियां सिक्किम, नेपाल के पश्चिम उत्तर दिशा में स्थित है।

शिवालिक पर्वत श्रेणी को बाह्य हिमालय भी कहा जाता है। प्राचीन काल में शिवालिक पर्वत श्रेणियों को “मानक पर्वत” के नाम से जाना जाता था। इसे चूड़ियां पर्वत भी कहते हैं। इन पहाड़ियों की ऊंचाई 900 से 1200 मीटर है और कई स्थानों पर यह 16 किलोमीटर चौड़ी है।

ये प्रमुख हिमालय के समानांतर स्थित है और सिंधु और गंगा नदियों के मैदानों के बीच में स्थित हैं। शिवालिक पहाड़ियों का नाम संस्कृत शब्द से उत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ है शिव से संबंधित। भारत में हरिद्वार में गंगा नदी से पश्चिम उत्तर दिशा में व्यास नदी तक इनका विस्तार पाया जाता है।

शिवालिक पर्वत श्रृंखलाएं हिमालय की नई श्रृंखला है। इसकी सर्वोच्च श्रेणी 3500 मीटर ऊंची है। यह उत्तर प्रदेश के देहरादून सहारनपुर और मसूरी के पर्वतों से निकलती है। मोहन दर्रा इस श्रेणी का प्रधान मार्ग है।

यह पर्वत श्रेणी अनेक नदियों द्वारा विभाजित हैं। इसमें घग्गर नदी सबसे बड़ी है। घग्गर नदी के पश्चिम में शिवालिक पर्वत श्रेणियां दीवार की तरह स्थित है। सिरसा, व्यास जैसी नदियां इस पर्वत श्रेणी को विभाजित करती है।

शिवालिक पर्वत श्रेणी के उत्तरी भाग में चौरस समतल घाटियों को दून कहते हैं। देहरादून इसी तरह की घाटी है। यहां पर काफी आबादी है और कृषि का कार्य किया जाता है।

इसे भी पढ़ें -  भारतीय सभ्यता पर भाषण Indian Culture Speech in Hindi

शिवालिक पर्वत श्रृंखला का संयोजन

यह पर्वत श्रृंखला कान्गलोमरेट और बलुआ पत्थर की बनी हुई है। इसके पत्थर कच्चे हैं। वर्षा होने पर दलदल बन जाता है। शिवालिक पर्वत श्रेणियों में कई जीवाश्म में भी पाए गए हैं। यहां पर अधिक वर्षा होने से मलेरिया बीमारी का प्रकोप रहता है। डीडीटी का प्रयोग अभी तक शुरू नहीं हुआ है। जहां प्रायः भूस्खलन की समस्या रहती है।

आबादी

शिवालिक की मिट्टी में पानी नहीं ठहरता है, इसलिए कृषि के लिए उपयुक्त नहीं है। जहां पर रहने वाले अधिकांश आबादी पशुपालन पर आश्रित है। जंगलों से आवश्यक वस्तुएं प्राप्त करती है। शिवालिक पर्वत श्रेणी की आबादी कम है।

शिवालिक रेंज में पाए जाने वाले जीव जंतु

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क शिवालिक पर्वत श्रेणियों में स्थित है जहां पर हर प्रकार के जीव जंतु पाए जाते हैं। यहां पर ऊंची घास के मैदान हैं और साल के जंगल पाए जाते हैं। इन वनों में हिरण शेर बाघ जैसे जानवर पाए जाते हैं।

शिवालिक पर्वत श्रेणियों की वनस्पति

शिवालिक रेंज में चीड़, पाइन और साल के वन पाए जाते हैं। यहां पर गेहूं, मक्का, बाजरा और सरसों जैसी फसलों की खेती होती है। नदियों के होने से जल आसानी से मिल जाता है। इसलिए चावल की खेती मुख्य रूप से की जाती है।

शिवालिक रेंज में पर्यटन

शिवालिक रेंज के कुछ स्थान जैसे रेणुका झील, शिवालिक जीवाश्म पार्क, हिमाचल प्रदेश में शिमला प्रमुख पर्यटक केंद्र है। इसके साथ ही यहां कई प्रसिद्ध मंदिर हैं जिनको देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। शिवालिक पर्वत श्रेणी अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है। वर्षभर यहां पर देश के विभिन्न भागों से पर्यटक आते रहते हैं।

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.