खेल के महत्व पर भाषण Speech on Importance of Sports in Hindi

आज के इस लेख में हमने खेल के महत्व पर भाषण प्रस्तुत किया है Speech on Importance of Sports in Hindi मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरा ये भाषण पसंद आएगा।

खेल के महत्व पर भाषण – स्कूल और कॉलेज विद्यार्थी के लिए

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सम्मानित प्रिंसिपल, शिक्षकों और मेरे प्रिय मित्रों आप सभी मेरा नमस्कार,

मेरा नाम —————- है और मैं कक्षा 10 वी में पढ़ता हूँ / पढ़ती हूँ। आज हम  29 August राष्ट्रीय खेल दिवस ( National Sports Day) मनाने के लिए इकट्ठा हुए है। जो हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन है। आज मैं खेल पर भाषण देने जा रहा हूँ / रही हूँ। दोस्तों, खेल हमारे जीवन में प्रतिदिन शारीरिक गतिविधियों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

हर कोई जानता है कि खेल का हमारे जीवन में एक अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए क्योंकि खेल हमारे दिमाग को शरीर को स्वस्थ और सक्रिय रखने में मदद करता है। खेल गतिविधियों में भाग लेने से बच्चों की स्कूली उपलब्धियों में बढ़ोत्तरी होती है। बच्चों के जीवन में खेल बड़ी उपलब्धियों को प्राप्त करने का रास्ता है लेकिन, ये उनकी गतिशीलता और अनुभव पर अधिक निर्भर करता है। खेल से हम सीख सकते है कि हमें अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों से कैसे लड़ना चाहिए। 

दोस्तों, जो व्यक्ति स्पोर्टस या खेल में सक्रिय रूप से भाग लेता है तो वह शारीरिक और और मानसिक विकास में अन्य व्यक्तियों से ज्यादा अच्छा होगा। जब हम लोग नियमित रूप से खेलते है तो हमारा मष्तिस्क तनाव रहित रहेगा, जिससे हमारे शरीर में सुस्ती नही रहेगी। इससे हमारा शारीरिक व मानसिक संतुलन बना रहता है और हमारे व्यक्तित्व, आत्मविश्वास के विकास में मदद करता है। 

आजकल बहुत से लोग खेल के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति जीवन में खेल के महत्व और लाभों को समझता है। और वो लोग जानते हैं कि, खेलों में किसी भी अन्य क्षेत्र से ज्यादा बेहतर कैरियर, नाम, प्रसिद्धि और पैसा है। आप में से भी बहुत से छात्र ऐसे होंगे जो खिलाड़ी बनना चाहता होगा और आप किसी एक खिलाड़ी को अपना प्रेरणा मानते होंगे, आप में कुछ लोग क्रिकेटर बनना चाहते होंगे और कुछ लोग फुटबाल प्लेयर बनना चाहते होंगे।

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लेकिन क्या आप को पता है कि आप को खिलाड़ी बनने के लिए कितना मेहनत और कितना प्रैक्टिस करना चाहिए। मैं आप सभी से इतना कहना चाहता हूँ कि  यदि आप खिलाड़ी बनना चाहते है तो आप को उसके लिए कोई स्पोर्टस कोचिंग कर लेना चाहिए जिससे आप सही दिशा में मेहनत कर सके और आप अपनी मंज़िल तक पहुंचा सके। 

दोस्तों हमें खेल से हमेशा ही अनुशासन देखने को मिलता है। अगर हम वही अनुशासन को अपनी जिंदगी में में उपयोग करे तो हम अपने लक्ष्य को आसानी से पा सकते है, लेकिन धीरे धीरे समय बदल रहा है लोग खेलना नही चाहते है, वो केवल दिन भर फ़ोन, टी.वी., लैपटॉप जैसे चीजों में लगे रहते है। ये लोग दिन भर इन बेकार के कामों में लगे रहते है और अपना समय ख़राब करने के साथ साथ अपनी शरीर को भी खराब कर रहे है।

क्योंकि जब हम दिन भर बिना किसी शारीरिक गति विधि किये इधर उधर बैठे रहते है तो हमारे शरीर में कई तरह की बीमारियाँ जन्म ले लेती है। जिससे हमारी शरीर की स्थिति बदल जाती है। लेकिन अगर हम जब हम खेल के मध्यम से शारीरिक गतिविधियाँ करते है तो हम तंदरुस्त, आकर्षक और हमेशा अच्छा दिखते है। खेल हमारे कैरियर निर्माण में भी मदद करता है ,क्योंकि जब हम अनुशासित होते है तो हमारी सफलता के संभावनाएं बढ़ जाती है। 

दोस्तों धीरे धीरे समय बदल रह है। आज के समय में लड़के और लड़कियाँ दोनों ही बड़े स्तर पर खेल में भाग ले रहे है। और उनके परिवार वाले भी उनका पूरा साथ दे रहे है। आज के इस दौर में बच्चों का आत्मविश्वास बहुत ही अच्छा है क्योंकि ये नही सोचते कि समाज की कहेगा या परिवार वाले क्या कहेंगे।

आज कल के बच्चे अपने पसंद के अनुसार अपना कैरियर चुनते है चाहे वो खेल हो या पढ़ाई में अपना कैरियर चुनना हो। मेरा मानना है की यदि कोई व्यक्ति अपने रूचि के अनुसार अपना करियर चुनता है तो उसमे उसकी सफलता के ज्यादा चांसेस होती है।  

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दोस्तों, खेल हमारे अंदर आज्ञाकारिता, अनुशासन, धैर्य, ईमानदारी और टीम भावना के गुणों को बढ़ा देता है। किसी भी टीम का कप्तान उस टीम का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी होता है और वो अपने सभी खिलाड़ियों का महत्व अच्छी तरह से जनता है। किसी भी खेल में टीम के सभी सदस्यों को अपने साथी की मदद और अच्छा खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

प्रत्येक खिलाड़ी को सदैव अपने टीम के हित और भले के लिए सोचना चाहिए और अपने टीम के लिए हमेशा अपना अच्छा प्रदर्शन देना चाहिए। जब हम एक खिलाड़ी के रूप में अपनी टीम के बारे में सोचते है,तो इससे ये पता चलता है कि आप अपने खेल के प्रति कितना आत्मसमर्पित है। 

आज के दौर में भी बहुत से ऐसे लोग है जो अपने बच्चों को खेलने से रोकते है और बच्चों को सिर्फ पढने को बोलते है, मैं ऐसे माता – पिता से कहना चाहता हूँ अगर आप अपने बच्चों को थोड़ा खेलने का मौका देंगे तो उनके अंदर का मानसिक तनाव कम रहेगा जिससे वो अपने जीवन में आगे बढ़ सकेंगे। और अगर आप के बच्चों को खेल में ज्यादा रूचि है तो उनको खेल में अपना करियर बनाना चाहिए क्योंकि आजकल खेल में आप अपना एक बहुत अच्छा करियर बना सकते है। जिसमे आप अन्य काम से ज्यादा बेहतर कैरियर, नाम, प्रसिद्धि और पैसा है।

अपने भाषण के अंत में, मैं आप सभी से बस इतना ही कहना चाहता हूँ कि आप लोग अपने बच्चों को खेल में अपने कैरियर चुनने पर उनका पूरा साथ दे और अपने आस पास के लोगो को भी समझाएं कि खेल में आप अपना एक अच्छा कैरियर कैसे बना सकते है। अब भी बहुत से लोग ऐसे है जो अपने बच्चों के खेल में रूचि होने के बाद भी उनको खेल में अपना करियर चुनने का मौका नही देते है। मैं चाहता हूँ आप सब लोग ऐसे लोगो को जागरूक करते रहे और खुश रहे। 

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धन्यवाद 

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