पीढ़ी अन्तराल पर भाषण Speech on Generation Gap in Hindi

पीढ़ी अन्तराल पर भाषण Speech on Generation Gap in Hindi

आज के इस लेख में हमने पीढ़ी अन्तराल पर भाषण प्रस्तुत किया है Speech on generation gap in Hindi  मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरा ये भाषण पसंद आएगा।

पीढ़ी अन्तराल पर भाषण Speech on Generation Gap in Hindi

माननीय प्रधानाचार्य, सभी अध्यापक और सभी छात्रगण आप सभी को मेरा नमस्कार,

दोस्तों, मेरा नाम ————- हैं और मैं 11 कक्षा में पढ़ता हूँ। आज मैं generation gap  पर भाषण देने जा रहा हूँ। आप सभी generation gap  शब्द बहुत बार सुना होगा, लेकिन हम में से बहुत से लोग है जो इसका मतलब नही जानते है।

इसलिए मैं अपना भाषण यही से शुरू कर रहा हूँ कि पीढ़ी अन्तराल क्या है ? – पीढ़ी अन्तराल (generation gap) एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। जिसमे युवा माता-पिता द्वारा उत्पन्न किया गया सन्तान वृद्ध हो जाते है और उनके सन्तान युवा हो जाते है।

आप सभी ने अपने आस पास देखा होगा कि वृद्ध माता-पिता और युवा सन्तान की सोच (जैसे –  धार्मिक, राजनीतिक, आर्थिक, नैतिक मूल्य जैसे अनेक विषयों) में बहुत अंतर होता है इसे ही पीढ़ी अंतराल कहते है।

 अगर इसे सीधी भाषा में कहा जायें तो दो अलग-अलग पीढ़ियों से संबंधित लोगो के सोच के अंतर को ही जेनरेशन गैप कहते है। समान्यता ये धार्मिक, राजनीतिक, आर्थिक, नैतिक मूल्य जैसे अनेक विषयों को लेकर आपस में मतभेद होता है।

इसका सीधा कारण है कि समाज निरंतर अपनी गति से बदलता जा रहा है हमारे रहन-सहन, विचारधारा, राय, विश्वास और लोगो के व्यवहार में समय के साथ बदलाव आ रहा है। यही कारण है कि एक नयी प्रकार की सोच का जन्म होता है। इससे समाज पर सकारात्मक प्रभाव तो पड़ता ही है लेकिन कई बार ये दो पीढ़ियों के बीच संघर्ष का एक कारण भी बन जाता है।

आप सभी ने बहुत बार कई सारी ख़बरें सुनी होंगी जैसे बच्चों ने बड़ों के खिलाफ हिंसा भरा कदम उठाया या बड़ों द्वारा बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की ख़बरें, बच्चे ने अपने बूढ़े मा-बाप को वृद्ध आश्रम में छोड़ दिया जैसे बहुत सी ख़बरें जो आप लोगो ने सुना होगा।

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क्या आप ने कभी ये सोचने की कोशिश की ऐसा क्यों हो रहा है। इसका सीधा उत्तर है दो पीढ़ियों के बीच सोच का अंतर। जब बच्चों की सोच अपने माता पिता से नही मिलती तो उनके बीच में एक संघर्ष जन्म ले लेता है।

हम इस संघर्ष को कैसे खत्म कर सकते है? इसका केवल एक उपाय है कि हमें अपनी सोच को बदलना होगा। जब दोनों पीढ़ी को सोच एक जैसी होगी तो सब कुछ ठीक हो जायेगा। लेकिन शायद ये आसान काम नही है इसके लिए हमें सब कुछ अपने बच्चों के नज़रिये से देखना होगा कि वो इस दुनिया को कैसे देखते है।

दोस्तों यूरोप और अमेरिका जैसे विदेशी देशों में पीढ़ी अंतराल इतना बड़ा है कि वहां के युवा और बुजुर्ग लोग एक ही छत के नीचे रहना भी पसंद नही करते है। क्योकिं वहां के अधिकतर युवा स्वतंत्र रूप से रहना पसंद करते है।

विदेशों में ज्यादातर युवा बालिक होते ही या पैसा कमाना शुरू करते ही अपना घर छोड़ देते है और नये घर में रहने लगते है। क्योंकि उनके सोच आपस में बिलकुल भी नही मिलती। इसीलिए संयुक्त परिवार के टूटने का मुख्य कारण पीढ़ी अन्तराल (generation gap) को ही मानते है।

दोस्तों, क्या ने कभी सोचा है कि जनरेशन गैप का हमारी जिंदगी पर क्या प्रभाव पड़ेगा? –  जनरेशन गैप हमारे जीवन में कई सारे प्रभाव डालता है। जैसे –

इसकी वजह से आज के युवा अपने बड़ों का सम्मान नही करते है क्योकिं उनकी सोच एक दूसरे से बहुत अलग है।

जनरेशन गैप के कारण युवाओं और बुजुर्गों  की सोच एक दूसरे से नही मिलती है और ये आपस में झगते रहते है और एक दिन ऐसा आता कि युवा अपने बड़े बुजुर्गों को वृधाश्रम में छोड़ देते है।

आप सभी जानते है कि आज के युवा स्वतंत्र रूप से रहना चाहते है। और वो नही चाहते है कि उनके जीवन में किसी का भी रोकटोक हो।  इसीलिए संयुक्त परिवार टूट जाता है।

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दोस्तों, हम जनरेशन गैप को कैसे कम कर सकते है?  इसके लिए हमें जनरेशन गैप के इस अंतर को बढ़ाने के बजाए इसे कम करने की कोशिश करनी चाहिए, क्योकि ये पहले से ही व्यापक होते जा रहे है।

आजकल के युवा और बुजुर्ग दोनों ही एक घर में रहते हुए भी अलग-अलग दुनिया में रह रहे है।  अगर हम इस जनरेशन गैप (पीढ़ी अंतराल) को खत्म करना चाहत है तो बड़ों को ये समझना होगा कि युवाओं और बच्चों को क्या पसंद और क्या नापसंद है।

इसके साथ साथ युवाओं को भी ये समझना चाहिए कि हमारे पास जीवन का कोई अनुभव नही है। और वो अनुभव हमारे बड़ों बुजुर्गों के पास है। इसलिए उनको ये समझना चाहिए कि हमारे लिए बड़े, बुजुर्ग कितने महत्वपूर्ण है।

युवाओं को अपने बड़े, बुजुर्गों की बात को सुनना, समझना और कोई भी निर्णय लेने से पहले बड़ों से सलाह लेना चाहिए, क्योंकि उनके पास जीवन का इतना अनुभव है की वो आप को सही सलाह दे सकते है।

बहुत से युवा बुजुर्गों की बहुत सी बातों से सहमत नही होते है। अगर आप किसी बात से उनसे सहमत है तो उसको शांति के साथ बैठ कर उनको अपने तरीके से उनको उस बात को समझा सकते है।

आप सभी को पता है माता-पिता और बच्चों का रिश्ता इस दुनिया में सबसे सुंदर रिश्ता है। लेकिन जनरेशन गैप की वजह से ये रिश्ता कमजोर पड जाता है। इस जनरेशन गैप को कम करने के लिए माता-पिता को अपने बच्चों के साथ दोस्त की तरह रहना चाहिए।

माता–पिता को बच्चों को हर चीज में टोकने के बजाए उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। माता-पिता और बच्चों दोनों को हो एक दूसरे की बातों को समझना चाहिए जिससे दोनों तरफ सम्बन्ध मजबूत रहे और जनरेशन गैप को हम कम कर सके।

दोस्तों, मैं अपने भाषण का यही समापन कर रहा हूँ। अंत में इतना ही कहूँगा कि आप सभी लोग अपने बच्चों की सोच को समझे और बच्चे अपने बुजुर्गों की सोच को समझने की कोशिश करे जिससे जनरेशन गैप जैसे मुद्दे खत्म हो सके और हम अपने परिवार के साथ सयुंक्त रूप से रह सके।

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आप लोगो अपने आस पास के लोगो को भी जागरूक करें जिससे आने वाले समय में जनरेशन गैप खत्म हो सके।

धन्यवाद

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