विज्ञान और भविष्य पर भाषण Speech on Science and Future in Hindi

विज्ञान और भविष्य पर भाषण Speech on Science and Future in Hindi

वर्तमान समय में विज्ञान ने इतना विकास कर लिया है कि हमारा भविष्य पूरी तरह बदल गया है। विज्ञान ने हमारा भविष्य बहुत ही उज्जवल बना लिया है। प्राचीन काल में जहां मनुष्य पैदल या बैलगाड़ी से यात्रा करता था, अब वही हम बस, ट्रेन, हवाई जहाज, बुलेट ट्रेन, मेट्रो ट्रेन जैसे अत्याधुनिक साधनों से सफर करते हैं।

प्रागैतिहासिक काल में जहां मनुष्य जानवरों का शिकार करता था और कच्चा मांस खाता था वही आज हम खाना पकाने के लिए ऑटोमैटिक ओवन, एलपीजी गैस चूल्हा का इस्तेमाल करते हैं। पहले जहां हम टेलीफोन का इस्तेमाल करते थे वहीं अब मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, वाईफाई, इंटरनेट, कम्प्यूटर, लैपटॉप जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।

विज्ञान और भविष्य पर भाषण Speech on Science and Future in Hindi

अब हम सभी अपने फोन पर वीडियो कॉलिंग के द्वारा एक दूसरे को देखते हुए बात कर सकते हैं। मनुष्य ने सभी क्षेत्रों में बहुत विकास किया है और यह सब विज्ञान की मदद से संभव हो पाया है। हमारा भविष्य विज्ञान से जुड़ा हुआ है।

विज्ञान की मदद से हमने शिक्षा, वास्तुशिल्प, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात, आधुनिक उपकरण, संचार, हथियार, दवाइयां, मशीनरी, रसायनों जैसे सभी क्षेत्रों में बहुत विकास किया है। अब हर व्यक्ति के पास कार, मोटरसाईकिल होती है। मनुष्य को विज्ञान का इस्तेमाल सकारात्मक कामों में करना चाहिए।

आजकल विश्व के सभी बड़े देश जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, परमाणु हथियार बनाने में जुटे हुए हैं। विज्ञान का नकारात्मक और गलत इस्तेमाल है। परमाणु हथियारों की होड़ से आज हम सभी का भविष्य बड़े खतरे में पड़ गया है।

द्वितीय विश्व युद्ध में जापान पर परमाणु बम का हमला सभी ने देखा। उसके बाद वहां पर लाखों-करोड़ों लोगों की मौत हो गई। इससे हम सभी को विज्ञान का विनाशकारी पहलू भी दिखाई देता है। विज्ञान यदि एक तरफ वरदान है तो दूसरी तरफ अभिशाप भी बन गया है।

यदि मनुष्य विज्ञान का इस्तेमाल विध्वंसक हथियारों को बनाने के लिए करता है तो निश्चित रूप से यह उसकी सबसे बड़ी भूल होगी। हम सभी को विज्ञान का इस्तेमाल अच्छे और सकारात्मक कामों में करना चाहिए। इसी तरह हम अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।

भविष्य में मनुष्य के सामने अनेक चुनौतियां हैं जो विज्ञान की मदद से दूर कर सकते है। दुनिया में करीब 70 करोड़ लोग गरीब हैं। अफ्रीका महाद्वीप के कई देश भयंकर गरीबी से जूझ रहे हैं। भारत में 8 करोड लोग गरीब हैं। गरीबी से दूसरी अन्य समस्याएँ जैसे भ्रष्टाचार, अपराध, लूटपाट, बेरोजगारी, कुपोषण जैसी समस्याएँ पैदा होती है।

विज्ञान की मदद से कृषि उत्पादन में वृद्धि करके गरीबी को दूर किया जा सकता है। हमारे देश में यहां वहां गरीब लोग कूड़ा बीनते हुए दिखाई दे जाते है। इसके अलावा हर बड़े शहर में झुग्गी झोपड़ियां बस गई हैं जहां पर लोग बहुत ही कम जगह में रहने को मजबूर हैं।

2017 के आंकड़ों के हिसाब से विश्व की आबादी 7.6 अरब हो चुकी है। भारत की कुल आबादी 125 करोड़ से भी अधिक है। इतनी बड़ी जनसंख्या के लिए भोजन, कपड़े, निवास और दूसरी आवश्यकताओं की पूर्ति करना आसान बात नहीं है।

बढ़ती जनसंख्या से और भी नुकसान होते हैं जैसे भ्रष्टाचार, चोरी, घोटाले, लूटपाट कालाबाजारी, बेरोजगारी, अपराध भी बढ़ता है। इसलिए हमें विज्ञान की मदद से बढ़ती हुई जनसंख्या को नियंत्रित करना चाहिए। गर्भ निरोधक उपाय जैसे कं-डोम, गोलियां, कॉपर टी, इंजेक्शन, संयम रखकर हम सभी बढ़ती हुई जनसंख्या को नियंत्रित कर सकते हैं। सरकार को छोटे परिवारों को प्रोत्साहित करना चाहे।  

आज विश्व के सभी देश अपराध और आतंकवाद जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। अमेरिका में गन कल्चर हावी हो चुका है। वहां हर व्यक्ति बंदूक लेकर घूमता है और आए दिन किसी न किसी की हत्या बंदूक की गोली से हो जाती है। इसी तरह इराक, ईरान, सीरिया, पाकिस्तान, भारत, इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे देश आतंकवाद से ग्रस्त हैं।

हम विज्ञान की मदद से आतंकवाद को समाप्त कर सकते हैं। आज विज्ञान के मदद से अत्याधुनिक हथियार, ड्रोन विमान, सीसीटीवी कैमरों, सेटेलाइट के जरिए आतंकवादियों पर निगरानी रखी जाती है पर अभी पूर्ण सफलता नही मिली है।   

बढ़ती जनसंख्या के कारण आज विश्व भर के अनेक लोग भुखमरी और कुपोषण से जूझ रहे हैं भारत में चार करोड़ बच्चे कुपोषण के शिकार हैं ऐसे में हमें चाहिए कि विज्ञान की मदद से देश का कृषि उत्पादन बढ़ाया जाए बच्चों को हरी सब्जियां फल पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए और कुपोषण को दूर किया जाए।  

हर साल कोई न कोई बिमारी, महामारी फ़ैल जाती है। एच5एन1 (स्वाइन फ्लू), डेंगू, चिकनगुनिया,  इन्सेफेलाइटिस या जापानी बुखार,  निपाह वायरस, बर्ड फ्लू, मलेरिया से हजारो लोग मारे जाते है। हम विज्ञान की मदद से ऐसी दवायें, इंजेक्शन और एंटीबायोटिक विकसित कर सकते है जिससे इन जानलेवा बीमारियों का उपचार किया जा सके।

कुछ दिनों पहले इंडोनेशिया में भूकंप और सुनामी आया जिसमें 2000 से अधिक लोगों की मौत हो गई। आए दिन किसी न किसी देश में कोई ना कोई प्राकृतिक आपदा आती रहती है। विज्ञान की मदद से हम तूफान, चक्रवात, भूकंप, सुनामी, हिमस्खलन बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व चेतावनी सिस्टम विकसित कर सकते है जिससे मासूम लोगों की मौत ना हो। जानमाल, धन- सम्पदा कम से कम नस्ट हो।   

आज जलवायु परिवर्तन एक बड़ी समस्या बन चुकी है। मौसम बदल रहा है। बारिश के समय सूखा पड़ता है और जब मौसम सूखा होना चाहिये तब बाढ़ आ जाती है। यह समस्या जलवायु परिवर्तन की वजह से है। भारत में 640 में से 302 ज़िलों में सूखे जैसी स्थितियां है। सूखे से फसलें नष्ट हो जाती हैं और किसानों को भारी नुकसान होता है। भारत में हर साल सैकड़ों किसान तंग आकर आत्महत्या कर लेते हैं।  

विश्व की महाशक्तियां जैसे अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, रूस, भारत जैसे देशों को चाहिए कि हथियार बनाने की होड़ न करें। निशस्त्रीकरण पर काम करें जिससे भविष्य में तीसरा महायुद्ध ना हो। इसी वर्ष उत्तर कोरिया से अपना परमाणु अस्त्र कार्यक्रम रद्द किया है।

उसने अब कोई परमाणु हथियार टेस्ट न करने की बात कही है। विज्ञान का सही और सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करके मनुष्य अपनी सभी समस्याओं को हल कर सकता है। यदि विज्ञान का इस्तेमाल शांतिपूर्ण कार्यों में होता है तो यह अभिशाप नही वरदान बन जाएगा। इसमें कोई संदेह नही है।

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