स्वच्छता ही सेवा – विश्व स्वच्छता दिवस पर भाषण Speech on World Cleanup Day in Hindi

इस लेख मे स्वच्छता ही सेवा – विश्व स्वच्छता दिवस पर भाषण Speech on World Cleanup Day in Hindi हिन्दी मे पढ़ें। यह ज्ञानवर्धक भाषण 1000 शब्दों मे स्कूल और कॉलेज के बच्चों के लिए लिखा गया है।

आईए विश्व स्वच्छता दिवस पर भाषण शुरू करते हैं..

विश्व स्वच्छता दिवस पर भाषण पर विडिओ Speech on World Cleanup Day Video in Hindi

स्वच्छता ही सेवा – विश्व स्वच्छता दिवस पर भाषण Speech on World Cleanup Day in Hindi

स्वच्छता ही सेवा – विश्व स्वच्छता दिवस पर भाषण Speech on World Cleanup Day in Hindi

प्यारे बच्चों आज मैं आपको “विश्व स्वच्छता दिवस” पर भाषण देने जा रहा हूं। यह भाषण आप अपने स्कूल कॉलेज में इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको स्वच्छता पर यह स्पीच ज़रूर पसंद आएगा। आदरणीय प्रिंसिपल सर, सभी शिक्षक गण, सहपाठियों और अभीभावकों को मेरा नमस्कार। मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ।

मेरा नाम…..है. मैं कक्षा… में अध्ययन करता हूं। आज हम सभी “विश्व स्वच्छता दिवस” मनाने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। पुरे विश्व भर में यह 15 सितंबर के दिन मनाया जाता है। इस अवसर पर मैं एक भाषण प्रस्तुत कर रहा हूँ।

स्वच्छता हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। 15 सितंबर को “विश्व स्वच्छता दिवस” पूरे दुनिया में मनाया जाता है। विश्व स्वच्छता के स्तर में भारत काफी पीछे चल रहा है। बच्चों के लिए तो स्वच्छता और भी महत्वपूर्ण है।

जो बच्चे खुद को स्वच्छ साफ नहीं रखते वह अक्सर बीमार रहते हैं और इसलिए पढ़ाई और खेलकूद में पीछे रह जाते हैं। स्वच्छता के महत्व को देखते हुए हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया है।

उन्होंने “स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत” का नारा दिया है। स्वच्छता सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं होती अपितु महिलाओं और बड़ों के लिए भी होती है। सभी लोगों को स्वच्छ रहना चाहिए। यह सभी के लिए बहुत जरूरी होती है।

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हम सभी को साफ कपड़े पहनने चाहिए। भोजन करने से पहले और बाद हाथों को अच्छी तरह से धोना चाहिये। हम सभी को प्रतिदिन नहाना चाहिए। इसके अलावा अपने चारों ओर के पर्यावरण, आस पड़ोस को भी स्वच्छ रखना चाहिए। यदि घर साफ होगा और पड़ोस में गंदगी होगी तो भी हम बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए हम सभी का कर्तव्य है कि अपने आस पड़ोस को स्वच्छ रखें।

भारत की 70% जनसंख्या गांव में निवास करती हैं। पूरे विश्व में भारत को एक गरीब और साधनहीन देश माना चाहता है। स्वच्छता के स्तर पर भारत बहुत पीछे चल रहा है। विश्व में हमारी छवि स्वच्छता के स्तर में बहुत पीछे है।

इसलिए हम सभी को प्रयास करना चाहिए कि स्वच्छता में हम और देशों को पीछे छोड़ सकें। बड़ी मात्रा में गांव में निवास के कारण भारत में “खुले में शौच” एक बड़ी समस्या है। इससे अनेक तरह की बीमारियां फैलती हैं। के के साथ अनेक दुष्कर्म, दुर्घटनाये होती हैं।

खुले में शौच करने से डायरिया, टाइफाइड, मलेरिया जैसी घातक बीमारियां फैलती है। संक्रमण वाले कीटाणु हवा में फैल कर अनेक लोगों को भी बीमार बनाते हैं। इसके अतिरिक्त अतिसार, मोतीझरा गैस्ट्रोइन्ट्राइटिस (आंत्र शोध), पेचिश, पीलिया, हैजा, पेट में कीड़े जैसे पेट सम्बन्धी रोग, चमड़ी व आँख के विभिन्न संक्रमण वाले रोग फैलते हैं।

खुले में मल त्याग करने से उस पर मक्खियाँ लगती हैं और फिर वही मक्खियाँ हमारे घरों में वापस आकर कीटाणु और बैक्टीरिया हमारे भोजन में फैलाती हैं। जिससे व्यक्ति अनेक बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। खुले में शौच से हमारा पर्यावरण भी दूषित हो जाता है।

“स्वच्छ भारत अभियान” 2 अक्टूबर 2014 को पूरे देश में शुरू किया गया था। महात्मा गांधी का सपना था कि देश पूरी तरह स्वस्थ हो। उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका था, इसलिए हमारे देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया। सरकार ने 2 अक्टूबर 2019 तक 1.2 करोड़ शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा है और भारत को पूरी तरह “खुले में शौच मुक्त” बनाने का लक्ष्य रखा है।

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हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 सितंबर से 2 अक्टूबर 2018 तक “स्वच्छता ही सेवा अभियान” शुरू किया है। इस अभियान में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और कच्छ से लेकर कोहिमा तक लाखों लोगों को स्वच्छता के अभियान में सहयोगी बनाया जाएगा।  

पीएम मोदी ने स्कूलों के बच्चो, कॉलेज के युवाओं, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू सेवा केन्द्रो, सामाजिक संस्थाओं, सरकारी कर्मचारी, देश की जानी-मानी हस्तियों, मीडिया ग्रुप्स से इस स्वच्छ्ता अभियान से जुड़ने के लिए योजना बनाने का आग्रह किया है। 15 सितम्बर 2018 को सुबह 9:30 बजे सभी लोग अपनी तय जगह पर सफाई करने के लिए एकत्रित होंगे।

शहरी क्षेत्रों में आजकल बड़ी मात्रा में कूड़ा कचरा और प्रदूषण देखने को मिलता है। गांव की तुलना में शहरों में बहुत अधिक मात्रा में कूड़ा-कचरा होता है और हर तरफ गंदगी फैली होती है। आज देश के बड़े-बड़े शहर जैसे दिल्ली, मुंबई, आगरा लखनऊ में बहुत से स्थानों पर गंदगी देखने को मिलती है।

हम सभी का कर्तव्य है कि अपने गांव या शहर को स्वच्छ रखें। हम सभी बच्चों को कूड़ा कूड़ेदान में ही फेकना चाहिये। हम सभी को अपने घरों, ऑफिस, करना चाहिए। कक्षा, प्रयोगशाला, पुस्तकालयों की भी सफाई करनी चाहिए। खेल के मैदान में कहीं भी कूड़ा करकट इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए। स्वच्छता से अनेक लाभ होते हैं।

हम सभी को अपने नाखून नियमित तौर पर काटने चाहिए। अपने लंबे बालों को भी कटवाना चाहिए। जब भी हम बाहर से खेल कर आते हैं तो हमें दोनों हाथों और मुंह को साबुन से अच्छी तरह से धोना चाहिए।

अपने आसपास की नदियों, तालाबों, झीलों, झरनों में दूषित जल नहीं प्रवाहित करना चाहिए। आमतौर पर यह देखने में आता है कि अनेक लोग नदियों में नहाने के लिए जाते हैं पर वहां पर बहुत सारा प्रदूषण कर देते हैं।

लोग अपने मवेशियों को नदियों में नहलाते हैं जिससे नदियों का जल प्रदूषित होता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार का रासायनिक कचरा भी नदियों, तालाबों में प्रवाहित करते हैं जिससे वहां का जल दूषित हो जाता है और मछलियों और अन्य जल जीवों के लिए संकट उत्पन्न हो जाता है।

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स्वच्छता अपनाने के अनेक लाभ है। एक तो हम बीमार कम पड़ते हैं और हमारा स्कूल, कॉलेज और नौकरी में प्रदर्शन भी अच्छा होता है। इसके अतिरिक्त जो लोग स्वच्छता नहीं अपनाते, हमेशा मैले और गंदे रहते हैं बार बार बीमार पड़ते हैं।

उन्हें बार-बार डॉक्टर के पास जा कर दवा लेनी पड़ती है और ढ़ेरों पैसे खर्च करने पड़ते हैं। जो लोग स्वच्छ रहते हैं उन्हें सब लोग पसंद करते हैं। इसलिए मैं आप सभी को एक ही संदेश दूंगा कि  सभी लोगों को स्वच्छता अपनानी चाहिए। आईये स्वच्छता को अपनाएं और देश को उन्नत और विश्व में आगे ले जाएँ।

आशा है आपको यह स्वछता ही सेवा – विश्व स्वच्छता दिवस पर भाषण Speech on World Cleanup Day in Hindi पसंद आया होगा। इन्ही शब्दों के साथ मैं अपना भाषण समाप्त करता हूँ। धन्यवाद!

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