टेंशन फ्री जीवन जीने के बेस्ट टिप्स Tips to Live Tension Free Life in Hindi

नमस्कार! इस लेख में हमने टेंशन फ्री जीवन जीने के बेस्ट टिप्स Tips To Live tension free in Hindi हिन्दी मे बताए हैं। इन टिप्स की मदद से आप तनाव मुक्त होने मे जरूर कामियाब होंगे। अगर आप तनाव में नहीं भी हैं तो इन तरीकों से आप टेंशन से बचे रह सकते हैं तो चलिए शुरू करते हैं।

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तनाव क्या है? What is the Tension in Hindi?

तनाव के बारे में बात करने से पहले इस मनोरोग के बारे में जान लेते हैं जो की बेहद जरुरी है क्योंकि अभी तक ऐसी कोई मशीन नहीं बनी है जो इंसान के तनाव का लेवल माप सके।

भारत जैसे देश में अभी तक इतनी जागरूकता नहीं आई है की लोग इस चीज़ को गंभीरता से ले सकें। अगर बात करें की तनाव क्या है? तनाव दो प्रकार के होते हैं पहला होता है शारीरिक तनाव और दूसरा मानसिक तनाव (पढ़ें: मानसिक रूप से मजबूत कैसे बनें?)

एक हद तक शारीरिक तनाव शरीर तथा मन के लिए फायदेकारक होता है लेकिन मानसिक तनाव यह स्वास्थ्य के विपरीत कार्य करता है मानसिक तनाव के कारण शरीर में रक्त की गति तेज हो जाती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता का नाश होने लगता है। मन पर विचारों के माध्यम से पड़ने वाला अनावश्यक दबाव ही तनाव कहलाता है जो तमाम रोगों को उत्पन्न करता है। तो चलिए जानते हैं की टेंशन को दूर क्यों करें?

टेंशन को रोकना क्यों जरुरी है? Why is it Important to Stop Tension?

एक रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनियाँ में 50 प्रतिशत लोग तनाव में हैं लेकिन वे कभी इसका उपचार नहीं कराते और मात्र अमेरिका में लाखों लोग हर साल आत्महत्या कर लेते हैं मात्र डिप्रेशन के कारण।

डिप्रेशन क्या है? जब मानसिक तनाव ज्यादा दिनों तक रहता है तो वह डिप्रेशन का रूप लेने लगता है और डिप्रेशन किसी भी स्वस्थ इंसान को इतना बीमार कर सकता है जिसकी कोई सीमा नहीं है।

अगर टेंशन के स्त्रोत को ना रोका जाए तो विचार शक्ति एकदम ही निराशावादी होने लगती है और विचार के निराशावादी होते ही व्यवहार निराशावादी हो जाता है, और फिर जैसा विचार और व्यवहार होता है वैसे ही जीवन का निर्माण होता है, इसलिए इस मानसिक रोग को खोजना और बदलना बेहद ही जरुरी है।

निचे तनाव के लक्षण दिए गए हैं अगर आप खुदमें तीन से ज्यादा लक्षण पाते हैं तो आप यह समझ सकते हैं की आप या तो तनाव के चपेट में आ चुकें हैं या बहुत जल्द आनेवाले हैं।

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टेंशन के लक्षण Symptoms of Tension

इस तथ्य के बावजूद कि टेंशन का जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, लोग यह मानने से इनकार करते हैं की यह एक मानसिक विकार हो सकता है। आज के समय में किसी इंसान का टेंशन फ्री रह पाना थोड़ा मुश्किल काम बन चुका है। हर किसी को कोई न कोई चिंता रहती ही है।

किसी को नौकरी का तनाव, तो किसी को रिलेशनशिप का तनाव, किसी को पढाई का तनाव, तो किसी को कैरियर का तनाव। आज हर कोई तनाव से ग्रसित है लेकिन हमें यह समझना होगा की हमारे सारे काम या यूँ कहें तो हमारा पूरा भविष्य ही इस शरीर पर टिका हुआ है।

इसे पूरी तरह से स्वस्थ रखना हमारा पहला कर्तव्य होना चाहिए। क्योंकि अगर शरीर ही अस्वस्थ रहेगा तो आपके बैंक में भले ही अरबो रुपये हों वो आपके किसी काम नहीं आयेंगे।

तनाव के 10 लक्षण 10 Symptoms of the Tension in Hindi

तनाव के 10 लक्षण 10 Symptoms of the Tension in Hindi
  1. अनियंत्रित भावनाएँ
  2. क्रोध या चिड़चिड़ापन
  3. आत्महत्या का विचार
  4. निराशावादिता
  5. काम में एकाग्रता का घटना
  6. पाचनक्रिया का ख़राब होना
  7. नींद का बढ़ना या घटना
  8. यादाश्त का कम होना
  9. खुद को लोगों से अलग कर लेना
  10. वजन बढ़ना या घटना

टेंशन फ्री जीवन जीने के टिप्स Best Tips To Live Tension Free in Life (हिन्दी में)

दोस्तों! ऊपर बताये गएँ लक्षणों में से अगर कम से कम तीन के लक्षण आप खुद के अंदर पाते हैं तो आपको तुरंत ही संभल जाना चाहिए नहीं तो आपको बहुत ही बड़ी हानि उठानी पड़ सकती है।

निचे टेंशन फ्री रहने के टिप्स दिए गए हैं, हर टिप्स प्रैक्टिकल है जो हर किसी को अपनाना चाहिए अगर इन टिप्स को कोई अपनाता है तो वह न सिर्फ टेंशन फ्री महसूस करेगा बल्कि भविष्य में किसी भी बोझ से उसके डिप्रेशन में जाने का खतरा कम हो जाएगा। इन टिप्स को अपने रोज़मर्रा के जीवन में शामिल करें।

1. पहले सामान्य दिनचर्या बनायें Keep a Normal Routine

एक बात याद रखने योग्य है की जब हम डिप्रेशन में होते हैं तो हमारा दिमाग हमारे लिए कड़े टार्गेट सेट करने लगता है परिणामस्वरूप समय पर काम पूरा न कर सकने पर आत्मविश्वास की हानि होती है और काम टालने की आदत पड़ जाती है इसलिए अपने टाइम-टेबल को सरल बनायें और एक बार पटरी पर आ जाने के बाद टाइम टेबल को धीरे-धीरे कड़ा करते जाएँ।

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 2. सुबह टहलना या व्यायाम करना Morning Exercises

टेंशन में सबसे पहला प्रहार हमारे मन पर होता है जिसके कारण शरीर और मन का तादात्म्य टूट जाता है और शरीर किसी भी गतिविधि में भाग लेने में रूचि नहीं दिखाता इसलिए यह जरुरी है की आप सुबह उठे तो कुछ देर खुली हवा में टहलें कोई खेल खेलें,जॉगिंग करें या योग,प्राणायाम करें। डिप्रेशन के लिए अनुलोम-विलोम तथा कपालभाती प्राणायाम को सर्वश्रेष्ठ बताया गया है।

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3. पोषण से भरपूर आहार लें Take Balanced Diet

एक कहावत है “जैसा खाए अन्न वैसा बने मन” अगर आपको अपाचन की समस्या हो तो हल्का और सुपाच्य भोजन लें। हरी सब्जियां तथा सलाद को अपने भोजन में जरुर शामिल करें। जंकफूड से दूर रहें खाने को इंटरेस्ट के साथ खाएं अर्थात जल्दीबाजी न करें एक वक़्त पर सिर्फ एक ही कार्य करें। 

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4. मैडिटेशन करें Do Meditation

वैज्ञानिक कहते हैं की 15 मिनट का ध्यान 2 घंटों की नींद के बराबर होता है, साथ ही ध्यान करने के कई फायदे हैं जैसे की ध्यान आपके विचारों पर काबू रखते हैं। अवसाद से निकलने के लिए मैडिटेशन एक सबसे बेहतरीन दवा है। जो व्यक्ति रोजाना ध्यान करता है उसे डिप्रेशन की बिमारी होने का खतरा 90 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

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5. अपनी रचनात्मकता खोजें Find your Creativity

अगर आप टेंशन की समस्या से ग्रसित हैं तो आपके लिए यह टिप्स सबसे असरकारक साबित होगी। कहा गया है की खाली दिमाग शैतान का घर होता है और खाली दिमाग में ही उल-जुलूल विचार आते रहते हैं, तो बेहतर यह होगा की आप थोड़ा समय रचनातमक कार्यों को करने में लगायें वह काम ढूंढें जिसमे आपको मज़ा आता है वो कुछ भी हो सकता है जैसे कोई खेल, जिम, ड्राइंग, सिंगिंग

6. सुबह उठने के बाद हल्का गर्म पानी पीना Drink Warm Water in Morning

यह थोड़ा अटपटा लग सकता है लेकिन आयुर्वेद में हल्का गर्म पानी पिने का बड़ा महत्व बताया गया है। किसी भी रोग का पहला प्रहार पाचनक्रिया पर होता है।

पाचनक्रिया के बिगड़ने से तमाम रोग शुरू होता है इसलिए सुबह उठने के बाद हल्का गर्म पानी पिने का अभ्यास जरुर डालें इससे नलियों और आतों की सफाई अच्छे से हो जाती है आत के साफ़ होने से भूख भी कड़ी लगती है तथा पाचनक्रिया अच्छी रहती है।

7. नशे से दूर रहें Stay away from Drug Addiction

सच कहूँ तो डिप्रेशन के समय में लोग सबसे ज्यादा नशा करते पाए जाते हैं इसका एक कारण है की नशे से कुछ देर के लिए टेम्परेरी प्लेज़र मिलता है और कुछ पल के लिए ध्यान हट भी जाता है लेकिन इसकी एक बड़ी कीमत शरीर को चुकानी पड़ती है इसलिए बेहतर यही होगा की टेंशन फ्री होने से पहले एडिक्शन फ्री जरुर हो लें।

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8. लोगों से जुड़ें Connect with Peoples

डिप्रेशन के समय हम अपना ज्यादा समय अकेले और बंद कमरे में बिताना पसंद करते हैं लेकिन यह आदत टेंशन के लेवल को और बढ़ाता है। इसलिए बेहतर ये होगा की अकेले गुमसुम बैठने के बजाय अपने अच्छे दोस्तों तथा अपने परिवार के साथ समय बिताएँ।

एक उदहारण से आप इसकी गहराई को समझ जायेंगे की आपने देखा होगा की वकील हमेशा वकीलों के ग्रुप में पाए जाते हैं डॉक्टर हमेशा डॉक्टर्स के बिच रहना पसंद करते हैं उसी प्रकार कभी भी नकारात्मक लोगों से न मिले।

9. अच्छी किताब पढ़ें Read Good Books

ऊपर की सारी बाते दिमाग को खाली करने के लिए हो गई लेकिन वाहन के सफाई के बाद उसमे पेट्रोल, डीजल तथा इंजन आयल तो डालना ही पड़ता है, अच्छी किताबें मष्तिष्क का भोजन है जो आपके चेतन-अवचेतन को विकास करने लायक सामग्री देती हैं इसलिए रोजाना सोने से पहले अच्छी किताब के थोड़े अंश जरुर पढ़ें।

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10. अपनी परिस्थितियों को स्वीकार करें Accept your Conditions

अधिकतर टेंशन का कारण कोई ऐसी घटना या व्यक्ति होता है जिसके साथ हमारा कोई गहरा संबंध रहा होता है। ऐसे में जो बातें टेंशन दे रही हों उन्हें एक कागज़ पर लिखें और स्वीकार करें, की हाँ ! ये घटना हमारे साथ घटी है, इसमें किसकी गलती थी?

अगर आपकी गलती हो तो अपनी गलती स्वीकार करें और भविष्य में वैसी गलती न दोहराने का प्रण लें और अगर सामने वाले की गलती हो तो माफ़ कर दें और दुबारा किसी पर भी सोच समझ कर विश्वास करने की आदत डाल लें।

11. खुद की नज़रों में ऊँचा उठें Respect yourself

अवसाद का एक कारण आत्मविश्वास की कमी भी होती है। यह जरुरी नहीं की लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं बल्कि यह जरुरी है की आप खुद के बारे में क्या सोचते हैं।

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रोज़ कुछ समय निकालकर शीशे के सामने खड़े होकर खुद के आँखों में देखिये और खुद से कहिये की मै विशेष हूँ, मैं वो जरुर प्राप्त करूँगा जो मैं चाहता हूँ। शुरुवात में थोड़ा अटपटा लगे पर ये स्वयं संकेत फार्मूला आपको सचमुच विशेष बना देगी।

12. ‘नेवर गिव अप’ एटीट्यूड को अपनाएँ Never Give Up

निराशाएँ हर इंसान के आसपास मंडराती हैं लेकिन जा सिर्फ उसके पास सकती हैं जो निराशा को स्वीकार करता है।

आप निराशा को अपने द्वार पर से ही भगा दीजिये और अपने जीवन के लिए अपने माता-पिता और भगवान को धन्यवाद दीजिये क्योंकि कितने लोग है जो जीना चाहते हैं लेकिन प्रकृति के आगे मजबूर हैं। आपको जानकार हैरानी होगी की सफलता के लिए लगने वाले हिम्मत से से 200 गुना अधिक हिम्मत आत्महत्या करने में लगती है।

13. सोने और जागने का समय निश्चित करें Set the Time to Sleep and Wake Up

अपने टाइम टेबल में सबसे ज्यादा वरीयता सोने तथा जागने के समय को बनाने में दें। अपने सोने और जागने का समय निश्चित कर लें। लेकिन यह भी जरुरी नही की आप सुबह 4 बजे उठने के लिए अपने दिमाग पर अतिरिक्त जोर भी डाले। जैसा की उपर बताया गया है की एक सामान्य टाइम टेबल बनायें और फिर धीरे-धीरे उसमें बदलाव करते रहें।

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14. अपनी पर्सनालिटी डेवलप करें Develop your Personality

हमारे चलने का तरीका, बात-चित करने का तरीका तथा पहनावे से हमारा व्यक्तित्व झलकता है इसलिए अपने आदत व्यवहार में से त्रुटियों को खोजें तथा दूर करें और उसके स्थान पर एक आकर्षक और पॉजिटिव एटीट्यूड का निर्माण करें।

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15. टेंशन के कारण को खोजें Find the reason for tension

ऐसी चीज़ों से दूर रहें जो आपको टेंशन देती हैं हो सकता है, वह अपनी फाइनेंसियल हालत के वजह से हो या किसी सैड सोंग के वजह से, इन चीजों को इग्नोर करिए। कारण जो भी हो खुद को यकीन दिलाइये की आपके पास दो विकल्प है पहला या तो सोचकर परेशान होते रहिये , दूसरा यह है की उसी परिस्थितियों में छोटे-छोटे कदम उठाकर खुद को उस स्थिति से बाहर निकालिए।

16. नियमित डायरी लिखें Write Diary Regularly

डायरी लिखने के अनेक फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा की आप अपनी तुलना हर रोज खुद से कर सकते हैं और यकीन करिए खुद का पुराना वर्ज़न देखकर जो ख़ुशी मिलती हैं ना वह शब्दों में बयाँ करना थोड़ा मुश्किल है, इसलिए डायरी लिखना एक अच्छी आदत है जो आपके अच्छाइयों और बुराइयों के दर्शन कराती है।

निष्कर्ष Conclusion

आशा है ये लेख आपके लिए लाभदायक साबित हो और आपके जीवन में से तमाम टेंशन दूर हो। इस लेख टेंशन फ्री जीवन जीने के बेस्ट टिप्स Tips to Live Tension Free in Hindi में टेंशन फ्री होने के वैज्ञानिक और प्रैक्टिकल टिप्स दिए गए हैं इन टिप्स को कारगर बनाने के लिए इन्हें किसी नोट में लिख लें या pdf format में download कर लें और हर रोज़ एक टिप्स फॉलो करें।

कुछ ही दिनों में आप पाएंगे की आपका टेंशन फ्री जीवन हो चूका है और साथ ही एक नयापन और उर्जा आ गई है। एक बात ख़ास करके आपसे आग्रह है की कुछ भी हो एक भी दिन का अंतर न आने पाए हर रोज़ अपने अन्दर कुछ न कुछ सुधार जरुर करें और जितना हो सके उन चीज़ों से दूर रहें जो आपको व्यर्थ में तनाव दे सकती हैं।

दोस्तों! अगर यह लेख आपको जानकारी से भरा और उपयोगी लगा हो तो इसे अपने हर उस जानने वाले के साथ शेयर करिए जो टेंशन, डिप्रेशन से जूझ रहा है।

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