वाचिक संचार, अवाचिक संचार Verbal and Non Verbal Communication in Hindi

इस लेख में हम आपको वाचिक संचार, अवाचिक संचार Verbal and Non Verbal Communication in Hindi के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

वाचिक संचार, अवाचिक संचार Verbal and Non Verbal Communication in Hindi

दो या दो से अधिक लोगों के बीच मौखिक, लिखित, सांकेतिक या प्रतीकात्मक विचारों का लेनदेन ही संचार कहलाता है। इसे आम भाषा में बातचीत कहते हैं। इसमें पहला पक्ष प्रेषक (संदेश भेजने वाला sender) और दूसरा प्रेषकी (संदेश प्राप्त करने वाला, Receiver) होता है। संचार तक सफल होता है जब प्रेषकी संदेश समझ लेता है या उसका जवाब देता है।

संचार के प्रकार Types of Communication in Hindi

वाचिक संचार Verbal communication

वाचिक संचार में केवल ध्वनि और इशारे पर ही संचार नहीं होता बल्कि भाषा और शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। सभी प्राणियों में सिर्फ मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जो बोल सकता है, इसलिए उसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। भाषा संचार करने का सशक्त माध्यम है। वंचित संचार निम्न प्रकार का होता है

  1. मौखिक संचार Oral Communication
  2. लिखित संचार Written Communication

मौखिक संचार Oral Communication

मौखिक संचार में बोलकर मन के भावों को व्यक्त किया जाता है। इसमें संचार मुख्य रूप से बोल कर किया जाता है। बोलकर संचार करने को मौखिक संचार कहते हैं। किसी सूचना या संवाद का मौखिक उच्चारण किया जाता है।

घर ऑफिस या घर के बाहर हम सभी मुख्य रूप से मौखिक संचार करके ही बात करते हैं। इसके अंतर्गत निम्न चीजें शामिल हैं- आमने सामने वार्तालाप करना, घोषणाएं करना, विचार गोष्ठी, सभा, भाषण, सम्मेलन, साक्षात्कार, रेडियो प्रसारण, सामूहिक संवाद टेलीफोन पर वार्तालाप।

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लिखित संचार Written Communication

इस प्रकार के संचार में लिखकर संदेश का आदान-प्रदान किया जाता है। इसके अंतर्गत सोशल मीडिया पर लिखकर संचार करना, जीमेल पर लिखना, पत्र लेखन, ईमेल, प्रश्नावली, फैक्स, सूचना नोट, समाचार पत्र, चित्र, डायग्राम जैसी लिखित सामग्री आती है।

संदेशों को निश्चित अर्थ प्रदान करने के लिए लिखित संचार किया जाता है। सभी सरकारी आदेशों को लिखित रूप में दिया और स्वीकार किया जाता है। इसका महत्व बहुत अधिक है। कोर्ट कचहरी में भी लिखित संचार स्वीकार किया जाता है।

अवाचिक संचार Non Verbal Communication

इस प्रकार के संचार में शब्दों का इस्तेमाल नहीं होता है, भावनाओं, अभिव्यक्ति को व्यक्त करने के लिए चिन्ह, भाव भंगिमा, संकेतों इशारो का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक प्राकृतिक संचार का साधन है। अवाचिक संचार निम्न प्रकार के होते हैं- हंसना, मुस्कुराना, चीखना, आंखों से इशारे करना आदि।

दृश्य संकेत Visual Sign

इस तरह के संकेत हमें हर जगह देखने को मिल जाते हैं। रेलवे स्टेशन, ट्रैफिक सिग्नल पर लगी लाल हरी बत्ती, पेंटिंग, फोटो चार्ट जैसी चीजें इसके अंतर्गत आती हैं।

ध्वनी संकेत Audio Sign

ध्वनि संकेतों के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की ध्वनियाँ आती हैं। जैसे एंबुलेंस की ध्वनि को सुनकर हम जान जाते हैं कि किसी मरीज को लेकर जा रहे हैं, युद्ध के समय ब्लैकआउट की ध्वनि होती है जिससे युद्ध शुरू होने की जानकारी मिलती है।

इसी तरह स्कूल कॉलेज में घंटी बजने पर दूसरे पीरियड की और इंटरवल की जानकारी मिलती है। विवाह के वक्त शहनाई की ध्वनि बताती है कि किसी का विवाह हो रहा है।

दैहिक भाषा  Body Language

इसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार की भाव भंगिमायें और संकेत आते हैं जो हम अपने शरीर के विभिन्न अंगों से करते हैं। जैसे आंखों से इशारा करना, हाथ से इशारा करना, सिर हिलाकर हां या ना कहना, चेहरे की भाव भंगीमाएं।  

पार्श्व भाषा Para language

यह अवाचिक संचार का माध्यम है। यह मौखिक संचार को और अधिक प्रभावशाली बनाता है।

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स्पर्श भाषा Touch language

इस प्रकार के संचार में छूकर ही व्यक्ति को वस्तु का ज्ञान हो जाता है। जैसे गर्म ठंडा पानी का गिलास छूने पर मालूम पड़ जाता है कि पानी ठंडा है या गरम। इसी तरह नेत्रहीन व्यक्ति भी ब्रेल लिपि को स्पर्श करके पढ़ लेता है और जान जाता है कि क्या लिखा है।

संचार के कुछ अन्य प्रकार

समूह संचार Group Communication

इसके अंतर्गत समूह में अभिव्यक्ति की जाती है। मीटिंग, विचार, गोष्ठी में अपने विचार रखना, समूह संचार कहलाता है। जब एक व्यक्ति 2 से अधिक लोगों की सभा को सम्बोधित करता है तो उसे समूह संचार कहते हैं। भीड़ या मेले में होने वाले संचार को समूह संचार में सम्मिलित नहीं किया जा सकता क्योंकि इस प्रकार के संचार का कोई उद्देश्य नहीं होता है।

समूह संचार के अंतर्गत वही चीज आती हैं जिनमें किसी खास मकसद को लेकर वार्तालाप हो। धर्म सभा, थिएटर, नाटक, फिल्म जैसे समूहों में होने वाले संचार समूह संचार के अंतर्गत आता है।

मास कम्युनिकेशन Mass communication

इस प्रकार के संचार के अंतर्गत भेजा जाने वाला संदेश बड़े पैमाने पर लोगों के पास पहुंचती हैं, जैसे वीडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, समाचार पत्र जो कि हजारों लोगों तक अपना संदेश पहुंचाने का काम करते हैं। यह सभी साधन बहुत ही सशक्त हैं और किसी खास संदेश को लोगों तक पहुंचाते हैं। इस प्रकार के द्वारा बहुत कम समय में हजारों लाखों करोड़ों लोगों तक कोई भी संदेश पहुंचाया जा सकता है।

लोक संचार Public communication

इस प्रकार के संचार में लोगों को किसी खास चीज के बारे में जानकारी दी जाती है जैसे पंपलेट, पोस्टर, विज्ञापन, होर्डिंग जैसे माध्यम लोग संचार के माध्यम कहलाए जाते जाते हैं।

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