धन्यवाद प्रस्ताव या धन्यवाद भाषण Vote of Thanks or Thank You Speech in Hindi

Contents

धन्यवाद प्रस्ताव या धन्यवाद भाषण Vote of Thanks or Thank You Speech in Hindi

वर्ष के इस सत्र में, बहुत सारे स्कूल और कॉलेज में विभिन्न प्रकार के सेमिनार, घटनाओं, सम्मेलनों और कार्यक्रम आदि कॉलेज के दिनों की व्यवस्था होती हैं।

चाहे वह एक वार्षिक दिन, सांस्कृतिक उत्सव, तकनीकी उत्सव या अंदरूनी सम्मेलन या बैठके हो, मेहमानों, आयोजन टीम, स्वयं सेवकों और ऐसे अन्य सदस्यों के धन्यवाद प्रस्ताव देना बहुत महत्वपूर्ण है, जो इस तरह की घटनाओं में भाग लेते हैं।

धन्यवाद का उचित भाषण या कथन देना महत्वपूर्ण है क्योंकि लोग खुद वहां उपस्थित होते है और इसे सफल बनाने के लिए आयोजन की व्यवस्था करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हैं। । उन्हें स्नेह देते है और इस घटना के अंत में उनका धन्यवाद करने पर उन पर अच्छी छाप छोड़ते है, जिससे उन्हें अगली बार भी आयोजन, व्यवस्था, फंड या उपस्थित होने में मदद मिलती है।

धन्यवाद प्रस्ताव या धन्यवाद भाषण Vote of Thanks or Thank You Speech in Hindi

शिक्षकों के प्रति धन्यवाद भाषण (Thank you speech for teachers)

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, शिक्षक गण, तथा मेरे प्रिय साथियों!

सर्वप्रथम, मैं आप सबकी यहाँ उपस्थिति के लिए आपको धन्यवाद कहना चाहूंगा। आज के कार्यक्रम को संचालित करने का सौभाग्य मुझे दिया गया, मैं इसका शुक्रगुज़ार हूँ। आज यह एक अत्यंत भावुक क्षण है, जहाँ पर एक तरफ तो हम अपनी अपने जीवन के एक नए चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं, वहीँ दूसरी तरफ हमे अपने सबसे प्रिय स्थान, अपने विद्यालय को छोड़कर जाना पड़ रहा है, जहाँ पर हमने अपने जीवन के सबसे अनमोल तथा सुनहरे वर्ष व्यतीत किये हैं। 

इस पल में मैं अपने सभी अध्यापक तथा अध्यापिकाओं को धन्यवाद कहना चाहूंगा, जिन्होंने हमे बाहर की दुनिया में जीने के लिए तैयार किया। हमारे शिक्षक शक्ति के प्रतीक हैं, तथा हम सभी की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे।

हमारे शिक्षक हमारे लिए एक सख्त पिता, एक प्यारी मां, ख्याल रखने वाला कोई दोस्त तथा एक सख्त अनुशासित मार्गदर्शक के रूप में हमेशा हमारे साथ रहे हैं। हमारे सारे शिक्षक स्वयं में बहुत ही अच्छे इंसान भी हैं क्योंकि उन्होंने हमें हमारी सारी कमज़ोरियों के साथ स्वीकार किया, तथा हमारे साथ मिलकर हमे उन कमज़ोरियों को दूर करने में भी मदद की। 

मैं अपने प्रधानाचार्य सर को विशेष रूप से धन्यवाद कहना चाहूंगा। उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे अपने विद्यालय में प्रवेश लेने दिया। बावजूद इसके कि कुछ पारिवारिक कारणों से मैं कक्षा शुरू होने के 2 महीने बाद यहाँ प्रवेश के लिए आया था। यह विद्यालय मेरे दूसरे घर के समान है, जहाँ मैंने अपने जीवन का अधिकांश समय व्यतीत किया।

यहां पर मेरे शिक्षकों ने मेरा ख्याल ठीक वैसे ही रखा जैसे कि घर में माता पिता अपने बच्चे का ख्याल रखते हैं। ख्याल रखने के साथ साथ कई बार उन्होंने मुझे मेरी गलतियों में एक सख्त शिक्षक के रूप में डांटा भी है। उन्होंने हमारे भीतर सिर्फ आत्म विश्वास ही नही भरा, बल्कि हर विपत्ति के समय में मज़बूत रहना भी सिखाया।

आप सभी ने हमारे आगामी जीवन में आने वाली कठिनाइयों से लड़ने के लिए हमे हमेशा तैयार किया है। आप सभी के सान्निध्य में मेरे जीवन तथा मेरे व्यक्तित्व को जितना बेहतर ढंग से आकार दिया जा सकता था, वो सब आपने किया है। मैं अपने पूरे जीवन में इस विद्यालय को, आप सभी को तथा यहाँ बिताए हुए पलों को कभी भी भूल नही पाऊंगा।

मुझे आज भी अच्छे से याद है, जब मैंने इस विद्यालय में पांचवी कक्षा में प्रवेश लिया था, तब मैं एक बहुत ही शांत तथा अंतर्मुखी छात्र हुआ करता था। उस समय मुझे लोगों से बात करने में भी घबराहट महसूस होती थी तथा डर लगता था। और एक आज का समय है कि मैं आप सबके समक्ष यहाँ पर खड़ा होके भाषण दे रहा हूँ।

यह सब मेरे उन महान तथा सहयोगी शिक्षकों की कृपा है,जिनसे मेरा परिचय इस विद्यालय में हुआ था। मेरे व्यक्तित्व तथा व्यवहार को ठीक करने में उन्होंने मुझे पूरा- पूरा सहयोग दिया, तथा मेरे लिए अलग से प्रयास भी किये। उन्हें पता था कि बाहर की दुनिया कैसी है, वहाँ पर मुझे होने वाली तमाम मुश्किलों से बचाने के लिए उन्होंने अपना पूरा प्रयास मेरे व्यक्तित्व के सुधार पर लगाया।

एक विद्यार्थी के लिए उसका शिक्षक एक रोल मॉडल अर्थात आदर्श व्यक्ति होने के साथ ही साथ उसका मार्गदर्शक भी होता है। एक विद्यार्थी अपने शिक्षक तथा उसकी कही हुई हर एक बात पर आँखें मूंद कर विश्वास करता है। सभी शिक्षक विनम्र तथा स्वार्थ रहित होते हैं, क्योंकि वो अपने हर एक छात्र को एक समान दृष्टि से देखते हैं तथा उन्हें अपने पूरे मन से बिना किसी तरह के पक्ष पात अथवा भेद भाव के साथ सहर्ष स्वीकार करते हैं। 

मैं अपने खेल- अध्यापक को भी धन्यवाद कहना चाहूंगा। जो हमारी शारीरिक दृढ़ता के लिए अति चिंतित रहते थे तथा हमे कभी भी कक्षा से गायब नही होने देते थे। सर, आपने हमे शारीरिक स्वास्थ्य तथा खुश- स्वास्थ्यपूर्ण जीवन के बारे में बहुत कुछ सिखाया, परंतु जो सबसे महत्वपूर्ण सीख मैंने आपसे सीखी है, वह है समय- प्रबंधन की। यह समय प्रबंधन की कला आगे की जीवन में बहुत काम आने वाली है, तथा कई तरह की मुश्किलों से भी हमे बचाएगी।

मेरे माता- पिता हमेशा कहा करते हैं कि हर किसी के जीवन का विद्यालय काल उसके जीवन का स्वर्णिम काल होता है। और मुझे इस बात का आभास आज हो रहा है, जब मैं आज यहाँ अपने विदाई- समारोह में अपने सभी प्रिय शिक्षकों तथा मित्र, सहपाठियों के समक्ष खड़ा यहाँ भाषण दे रहा हूँ। यहाँ से अब हमें अपने प्यारे विद्यालय से विदा लेकर के, एक नए संसार में प्रवेश करना है, या यूँ कहूँ की अबसे हमारी दुनिया ही बदलने वाली है। 

अपने इस भाषण में, मैं अपने शिक्षक अमित सर, तथा शिक्षिका शालिनी मैम को विशेष रूप से धन्यवाद कहना चाहूंगा, जिन्होंने हमेशा मेरा मार्गदर्शन किया, तथा मुझे सही रास्ते तथा दिशा का ज्ञान करवाया। जो उन्होंने मेरी योग्यताओं को ध्यान में रखकर किया। आप दोनों ने ही मुझे अपना अतिरिक्त समय दिया, जिससे कि मैं किसी विशेष विषय को अच्छे से समझ सकूँ।

इसे भी पढ़ें -  नशा मुक्ति पर निबंध Essay on De-addiction in Hindi

आप दोनों ने ही मुझे पढाई करने के नए नए तरीके बताए और आपने मुझ पर हमेशा ही अपना स्नेह लुटाया है। मुझे आज भी याद है, जब 11वीं कक्षा में मेरी पढाई का स्तर काफी कम हो गया था, मैं निराश, थका- हारा ये सोच कर बैठ गया था कि मुझसे पढाई नही हो पाएगी। तब वहां आप दोनों ने ही अपने अपने तरीके से मुझे समझाया तथा अलग अलग महान व्यक्तियों के बारे में बताकर मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

आपने मुझे समझाया कि कोई भी काम करते वक़्त असफलताएं हमारे रास्ते में ज़रूर आएँगी, उनसे डर कर अथवा भयभीत होकर हमे रुकना नही है। तथा नज़र हमेशा अपने लक्ष्य पर रखनी चाहिए। ये आप दोनों के प्रोत्साहन का ही कमाल था कि मैंने बहुत अधिक गति से अपना खोया हुआ आत्म विश्वास वापस पा लिया। आपने हमे सिखाया कि अपने सपनो को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रयास करते रहो तथा ऐसी छोटी छोटी बाधाओं से विचलित नही होना है। आपके इसी स्नेह तथा प्रोत्साहन के लिए मैं जितना धन्यवाद आपको कहूँ, वो कम ही होगा। 

यह पूरा विद्यालय ही हमारे लिए ज्ञान के खजाने के रूप में हमेशा खुला था, और मैंने यहाँ बिताए अपने हर एक पल को भरपूर जिया है। भविष्य में, जब भी हम इन बातों को याद करेंगे, तो यह हमें एक साथ हंसाएगी भी और रुलाएगी भी। यूँ तो हम इस विद्यालय और हमारे शिक्षकों से दूर जा रहे हैं, लेकिन अपने मन में हम यहाँ की यादें, वो सारा स्नेह, शिक्षाएं, आशीर्वाद और अपनत्व अपने साथ लेकर जा रहे हैं। 

एक बार फिर मैं अपने सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं को ह्रदय से धन्यवाद कहता हूँ। शुक्रिया गुलमोहर पब्लिक स्कूल।

धन्यवाद प्रस्ताव या भाषण क्या होता है? What is Vote of Thanks in Hindi / What is Thank You Speech?

एक सम्मलेन , पार्टी, कार्यक्रम जहां बहुत से लोग भाग लेते हैं;  उसकी एक व्यक्ति द्वारा व्यवस्था नहीं की जा सकती, इसके पीछे हमेशा एक एक समूह होता है  साथ ही साथ बहुत सारे लोग साथ भाग लेते हैं, संबोधित करते हैं, अपने कार्यक्रम का मार्गदर्शन करते हैं आपको अपने संगठन की ओर से उन सभी का आयोजक या मेजबान के रूप में उन्हें सभी का धन्यवाद करना चाहिए।

धन्यवाद और सराहना का भाषण ट मेहमानों के साथ संबंध बनाने, टीमों का आयोजन, प्रायोजक, और स्वयंसेवकों के लिए होता है। इसे धन्यवाद या आभार अभिव्यक्ति के रूप में भी कहा जाता है।

आज, इस लेख में हम आपको धन्यवाद भाषण का एक नमूना दे रहे हैं, जिसे आप अपनी स्क्रिप्ट तैयार करने के लिए संदर्भित कर सकते हैं। यहां हमने एक विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा परिषद उदाहरण का एक उदाहरण लिया है। आप अपने अनुसार अपनी घटना और आवश्यकता को संशोधित कर सकते हैं। स्क्रिप्ट पर जाने से पहले, आभार, भाषण के प्रस्ताव का एक प्रारूप जानें।

शैक्षिक / राष्ट्रीय स्तर की सम्मलेन, संगोष्ठी कार्यशाला के लिए धन्यवाद स्पीच स्क्रिप्ट का नमूना Thank You speech for Educational / National Level Convention in Hindi

सभी को शुभ संध्या, मुझे इस विशेष दिन पर धन्यवाद का भाषण देने का अवसर प्राप्त करने के लिए सम्मानित और विशेषाधिकार प्राप्त हुआ है।

यह हमारे विश्वविद्यालय के इतिहास में सबसे बड़ा दिन है, आज हमने भारत में सबसे बड़ी शिक्षा सम्मेलन की मेजबानी की है। जिसमें विज्ञान के सभी क्षेत्रों में विज्ञान से लेकर प्रौद्योगिकी तक अनुसंधान में 200 प्रतिनिधियों और 750 भाग लेने वाले कॉलेज और विश्वविद्यालय है।

विश्वविद्यालय शिक्षा परिषद, विश्वविद्यालय की ओर से, और मेरी अपनी ओर से मेरे मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री ___________  के लिए मैं अपना संबंध और हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करता हूं। मैं भी सभी सम्मानित प्रतिनिधियों को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने हमें उनकी उपस्थिति के साथ आशीष दिया है। हम, इस सम्मेलन से ____________ विश्वविद्यालय और अन्य भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को बहुत से नए विचार मिले, मेरे पास शब्द आपको यह बताने के लिए पर्याप्त नहीं हैं कि यह सम्मेलन हमारे पाठ्यक्रम को आगे ले जाने में हमारी कैसे मदद कर रहा है।

मुझे विशेष रूप से श्री साहू जी के भाषण पसंद आये हैं, जहां उन्होंने डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता का उल्लेख किया। जिस तरीके से उन्होंने इस विषय में समझाया वह अनुकरणीय है। मैं उन सभी आयोजन टीम, शिक्षकों और कर्मचारियों के सदस्यों को धन्यवाद देना चाहूंगा।

मुझे स्वयंसेवकों और छात्र टीमों को धन्यवाद देना नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने इस सम्मेलन का आयोजन करने में अपना योगदान सप्ताह के अंतिम दिनों तक दिया। मैं हमारे परिवहन और आवास टीम का भी शुक्रिया अदा करना चाहूंगा; आप लोगों के बिना, यह आयोजन संभव नहीं हो सकता था। आपको एक बार फिर बहुत-बहुत धन्यवाद।

मैं अपने डिजिटल साझीदारों ___________ , रेडियो पार्टनर 91.5, आतिथ्य साथी _______ होटल, न्यूज पार्टनर _____न्यूज का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा।

अंत में, मैं फिर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री, सम्मानित प्रतिनिधियों और सहभागिता महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहता हूं; इस आयोजन को सफल बनाने के लिए फिर से धन्यवाद कहना चाहूँगा ।

कार्यालय या आखिरी दिन कार्यालय में अंतिम दिन या कार्य / सेवानिवृत्ति में आखिरी दिन के लिए धन्यवाद स्पीच स्क्रिप्ट का नमूना Thank You Speech for Last day in Office / Retirement in Hindi

आप सभी को मेरा नमस्कार्,  मुझे बेहद ख़ुशी और आज आप लोगों से अलविदा के लिए बहुत दुःख भी महसूस हो रहा है। अलविदा हमेशा कठिन होता हैं, मेरी _______ कंपनी में 17 साल की सेवा एक बहुत ही यादगार यात्रा रही है। मैंने हमारे मालिक श्री अनिल, मेरे सहयोगियों संजय, श्री सोनू, श्री पटेल इत्यादि जैसे कई महान लोगों से मुलाकात की है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस कंपनी में आखिरी दिन भी मेरे लिए कितने अच्छे होंगे , और आप सभी के लिए इस कार्यालय / कंपनी में मेरे आखिरी कार्य दिवस पर धन्यवाद के लिए खड़ा हूँ , मै आप सभी के प्यार का आभारी हूँ।

मैं अपने मालिक श्री नारायण जी को मेरे हर काम में मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने मुझे  कभी ऐसा महसूस नहीं कराया कि हम उनके कर्मचारी हैं और वह हमारे मालिक हैं। मैं हमेशा मेरे सहयोगियों को एक साहसी और मैत्रीपूर्ण नेता के रूप में याद रखूंगा। मैं, आप सभी से सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं, आप लोगों ने मुझे यहाँ ऐसा महसूस कराया जैसे मैं अपने घर में हूं।

उसके लिए आपका बहुत – बहुत धन्यवाद। मैं अपने कार्यालय में आखिरी दिन एक ईमेल भेज सकता था, लेकिन यह संभवतः इस समारोह की सुंदरता के लिए काफी नहीं हो सकता था। मेरे आखिरी दिन यहां मेरे लिए इस सुंदर विदाई की मेजबानी करने के लिए मेरे सहकर्मियों, मेरे दोस्तों, कर्मचारियों और बॉस के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

इस कंपनी को छोड़ना मेरे लिए बहुत मुश्किल है क्योंकि 17 साल तक यह कंपनी, कार्यालय, सहकर्मियों मेरे जीवन का एक हिस्सा बन चुके थे। मैं आपको यह नहीं बता सकता कि यह लंबी सेवा का पुरस्कार पाने के लिए मैं अभी कितना खुश हूं। मैं इस कार्यालय और कंपनी में यहां की यादों को हमेशा याद रखूंगा। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।

युक्ति: धन्यवाद भाषण, अध्यापक, या कर्मचारी के ऑफिस में अपने अंतिम दिन कुछ प्रासंगिक उद्धरण जोड़ सकते हैं। आप इसे थोड़ा अपनी ध्वनि के हिसाब से भी बना सकते हैं अगर धन्यवाद भाषण इस्तीफा देने या पदोन्नति के बारे में है। आप धन्यवाद भाषण स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें -  एक बेहतर टू डू लिस्ट कैसे बनाएं? How to Make an Effective To Do List in Hindi?

माता- पिता के लिए धन्यवाद भाषण Thank you speech for Parents in Hindi

शुभ संध्या! देवियों तथा सज्जनों,

आज ‘मातृ- पितृ दिवस’ (Parents Day) के शुभ अवसर पर हमारी कम्पनी द्वारा एक समारोह का आयोजन किया गया है, जिसमे आप सब आज यहाँ एकत्रित हुए हैं। एक प्रबंधक के तौर पर यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज के इस शुभ समारोह में अपने माता- पिता के बारे में बताने का अवसर दिया गया है।

मेरे माता पिता ही मेरे जीवन के वे दो शख्सियत हैं जो मेरे अच्छे तथा बुरे आवत में हमेशा मेरे साथ थे। भगवान की तरफ से हमारे लिए भेजा गया, सबसे अनमोल तोहफा हमारे माता- पिता ही हैं। मेरे जीवन के हर छोटे- बड़े पड़ाव में वे मेरे साथ बने रहे, और मुझे हमेशा आगे बढ़ने का म् हौसला देते रहे।

परंतु सच तो यह है कि यहाँ से मैं उनके बारे में जितना कुछ कहूँ, मेरे पास शब्द ख़त्म हो जाएंगे, परंतु उनकी महानता का श्लेष मात्र भी मै आपके समक्ष रख पाने में नाकाम ही होऊंगा। माता- पिता किसी भी बच्चे के लिए भगवान के द्वारा दिया गया सबसे खूबसूरत तोहफा होते हैं, किसी भी दूसरे रिश्ते से इसे बदला नही जा सकता। कोई कितना भी महान क्यों न हो, वह कभी भी अपने माता- पिता द्वारा उसके लिए किये गए कार्यों का भार अपने पर से उतार नही सकता।

जब भी मुझे किसी सहारे की ज़रूरत पड़ी, यह हमेशा उन दोनों के ही हाथ होते थे, जो मेरी मदद के लिए आगे आते थे। हर बच्चे के जीवन में उसके माता पिता की ही सबसे अहम तथा महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आज मैं इस बड़ी कम्पनी के मैनेजर के रूप में यदि आपके समक्ष खड़ा हूँ, तो यह उनके द्वारा मुझ पर जताए गये विश्वास तथा उनके आशीर्वाद का ही परिणाम है। 

मैं अपनी माता को धन्यवाद कहना चाहूंगा। मैं उनका कृतज्ञ हूँ कि उन्होंने मेरा परिचय इस संसार से करवाया। उन्होंने मेरे लिए, मेरी ख़ुशी के लिए, अपनी खुशियों तथा आराम का परित्याग किया। हम हमेशा ये सुनते आये हैं कि हर एक सफल व्यक्ति की कामयाबी में एक नारी की अहम भूमिका होती है, और हाँ यह बात सच है, क्योंकि मेरी कामयाबी का कारण भी मेरी मां ही हैं। हर किसी के जीवन में उसकी मां ही वह इंसान होती हैं, जो उसका सबसे ज़्यादा ख्याल रखती हैं।

एक मां ही वो व्यक्ति हैं, जो अपने बच्चे के आराम तथा ख़ुशी के लिए, खुद हँसते हुए सारे दर्द और मुश्किलें झेल जाती हैं। मेरी माँ भी खुद देर रात तक जागती रहती हैं, जब तक कि मैं रात को ऑफिस से घर नही पहुँच जाता। एक माँ अपने बच्चों के लिए अनगिनत बलिदान करती है। वह एक देवी का रूप होती है, जो हमारे जीवन में एक रीढ़ की हड्डी के जैसे महत्वपूर्ण होती है।

उसकी सहायता और दुआओं के बिना, मेरा आज इस पद तक पहुंचना नामुमकिन था। कई बार मुझे ऐसे दौर से गुज़ारना पड़ता है, जब मैं भावनात्मक रूप से पूरी तरह टूट चुका होता हूँ, या काम के बोझ से परेशान हो जाता हूँ, तब उस मुश्किल के वक़्त में मेरी माँ ही मेरे साथ थी। अपनी सकारात्मक बातों और आशावादी विचारों से उन्होंने मेरे मन में शांति तथा प्रसन्नता भर दी। और मुझे वापस अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने को प्रेरित किया। 

कभी कभी ऐसा भी समय होता है, जब आपको मुश्किल हालातों से बाहर निकलने के लिए किसी के हाथ की अथवा एक सहारे की ज़रूरत पड़ती है। ऐसे वक़्त पर मुझे मेरे मन में सिर्फ मेरे पिता का ख्याल आता है, एक वे ही हैं ज़िन पर मैं आँखें मूंदकर विश्वास करता हूँ। जब भी मुझे उनकी ज़रूरत होती है, वह मेरी मदद करने से कभी भी पीछे नही हटते हैं। वह ज़रूरत के वक़्त पर हमेशा मेरे साथ होते हैं।

उन्होंने मुझे हमेशा जीवन में आने वाले मुश्किल समय और हालातों के लिए तैयार रहना सिखाया है। मेरे जीवन में वे हमेशा एक मजबूत सहारे के रूप में तैनात रहे हैं, जिसे मैं कभी भी नही भूल सकता। मेरे स्कूली दिनों से लेकर मेरी वर्तमान नौकरी तक, उन्होंने मेरे लिए हमेशा एक बेहतरीन मार्गदर्शक की भूमिका अदा की है। उन्होंने मुझे अतिरिक्त सकारात्मकता तथा मजबूती के साथ अपने करियर की ऊंचाई पर पहुँचने को प्रेरित किया।

उन्होंने अपने काम में अतिरिक्त कार्य किया, जिससे कि वे मुझे हर सुख- सुविधा उपलब्ध करा सकें, जिनकी मुझे ज़रूरत है। मेरे माता पिता मेरी परीक्षाओं के समय मेरे साथ रात भर जगा करते थे, और यह मेरे अकेले के कठिन परिश्रम का नतीजा नही, बल्कि उनकी मेरे कॅरियर के प्रति ज़िम्मेदारी भाव का भी परिणाम है कि आज मैं अपने करियर की सबसे ऊंचाई पर हूँ। निश्चय ही उन दोनों को मुझ पर गर्व होता होगा, और मुझे उन पर। 

मैं आज जो कुछ भी हूँ, वो मुझसे ज़्यादा मेरे माता पिता के कठिन परिश्रम तथा लगन का नतीजा है। उनके बिना मैं कुछ भी नही हूँ। मेरे लिए उनके बिना जीवन की कल्पना करना मुमकिन ही नही है। लेकिन कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो माता पिता के स्नेह और प्यार से दुर्भाग्यवश वंचित रह जाते हैं। ऐसे में हमे यह आभास होता है कि हमारे पास इतना स्नेह लुटाने वाले माता पिता के कारण, ये ज़िन्दगी कितनी आसान रही।

मेरा एक लक्ष्य यह भी है कि अपने माता पिता को अच्छे से अच्छे वातावरण में रख सकूँ, जिससे कि उनके चेहरे की मुस्कुराहट हमेशा बनी रहे। उन्होंने मेरे लिए जितने कष्ट झेले हैं तथा दुःख सहन किये हैं, उसके एवज में यह कुछ भी नही होगा। परंतु मैं उनकी खुशी का छोटा सा कारण बन सकूँ, तो भी यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात होगी। 

शादी के रिसेप्शन, धार्मिक समारोह के लिए स्पीच स्क्रिप्ट के लिए धन्यवाद का नमूना Thank You Speech for Marriage Reception or Religious ceremonies in Hindi

आप सभी को नमस्कार, मुझे इस शुभ दिन पर बहुत प्रसन्नता हो रही है और आज आप सभी हमारी खुशी का हिस्सा है- भगवान के आशीर्वाद और उनकी कृपा से खुशी से विवाह / नए घर की स्थापना / पूजा की मेजबानी कर रहे हैं। । मेरी शादी / अपने खुद के घर बनाने के हमारे फैसले में सहायता करने के लिए मै अपने माता-पिता को धन्यवाद देना चाहता हूं।

मैं आपकी सभी सुखों का हिस्सा बनने के लिए और आप को अपनी उपस्थिति, इस पूजा का हिस्सा होने और इस धार्मिक, आध्यात्मिक समारोह में भगवान से आशीषों को इकट्ठा करने के लिए आशीर्वाद देने के लिए आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद, आप सभी को।

फेयरवेल डे पर धन्यवाद के लिए भाषण Thank you speech for farewell day in Hindi

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, प्रबंधक महोदय,मेरे प्यारे शिक्षक गण तथा मेरे प्रिय साथियों, मेरा अभिवादन स्वीकार करें। 

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सब आज यहाँ पर एक बहुत ही विशेष समारोह को मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं, यह समारोह हमारा विदाई समारोह है। मैं प्रबंधन समूह तथा मेरे अन्य साथियों का शुक्रगुज़ार हूँ कि उन्होंने आज इस विदाई समारोह में मुझे बोलने का अवसर प्रदान किया। 

एक तरफ तो हम सभी बहुत उत्साहित हैं, क्योंकि अब हम वैधानिक रूप से स्नातक बन चुके हैं, पर कहीं न कहीं मन में यह टीस भी उठ रही है कि अब यह कॉलेज छोड़कर हमे वापस जाना होगा। यह कॉलेज हमारे एक अन्य घर की तरह है जहाँ हमने अपना बहुत अधिक समय बिताया है। हमारे शिक्षक शुरुआत से ही बहुत दयालु स्वभाव के रहे हैं तथा हमारी सहायता करने को वे सदैव तत्पर रहते थे। 

इसे भी पढ़ें -  क्या है अनुच्छेद 370 तथा 35ए? Special Status of Kashmir: What are Article 370 and 35A In Hindi?

सर्वप्रथम हम अपने प्रधानाचार्य सर को धन्यवाद कहना चाहेंगे, जिन्होंने हमेशा हमे जीवन में अनुशासन तथा नियमित रहने की सीख दी, तथा उनका स्वयं का व्यक्तित्व भी एक अनुशासित शिक्षक के जैसे था। वे बाहर से भले जितने कठोर रहे हो, परंतु अंदर से वह अत्यंत तथा दयालु स्वभाव वाले व्यक्ति हैं। अपने मुखर व्यक्तित्व तथा करिश्माई बातों से उन्होंने हमेशा हमे आगे बढ़ने तथा नामुमकिन को भी मुमकिन कर दिखाने की सीख दी है।

सर, हम यह सहर्ष स्वीकार करते हैं कि जीवन की सबसे महत्वपूर्ण सीख हमे आपसे ही प्राप्त हुई है। वह सीख थी जीवन में सदैव अनुशासित रहने की तथा आत्म संयमित रहने की। इसके साथ ही साथ, आपने हमारे कॉलेज में आने के बाद से, यहाँ पर जो भी नीतियां लागू करवाई हैं, उनसे हमारे कॉलेज की प्रतिष्ठा तथा मान- सम्मान के कई गुना तक इजाफा हुआ है, तथा शिक्षा के इस विशाल संसार में हमारे कॉलेज को एक खास पहचान की प्राप्ति हुई है।

पिछले कुछ वर्षों से कॉलेज में हो रही जूनियर छात्रों की रैगिंग को रोकने के लिए आपकी अपनाई गई ‘नो टॉलरेन्स पालिसी’ (No Tolerance Policy) नीति एक अत्यंत ही सराहनीय कदम था, जिसका प्रभाव भी सबको देखने को मिला, तथा हमारे कॉलेज से रैगिंग जैसी बुराई पूरी तरह से दूर हो गई। इस कदम की सराहना पूरे भारत में कॉलेज के प्रधानाचार्यों द्वारा भी की गई थी, जिससे हमारे कॉलेज की साख में अत्यंत इजाफा हुआ था। 

सर, मैं इस बात से पूरी तरह से आश्वस्त हूँ कि कॉलेज में पढाई करते हुए हमने जितनी भी बातें आपसे सीखी हैं, वे आगे चलकर हमे सफलता की सीढ़ी चढ़ने में बहुत अधिक सहायता करने वाली हैं। 

इसके बाद मैं विशेष रूप से धन्यवाद कहना चाहूंगा हमारे खेल- अध्यापक को । हमारे खेल अध्यापक अमित सर के निरंतर प्रयासों तथा सहायता से मुझे शारीरिक तथा मानसिक रूप से स्वस्थ तथा हष्ट- पुष्ट बनने में अत्यंत मदद मिली। मैंने यह कॉलेज वर्ष 2016 में शुरू किया था। शुरुआत के कुछ महीनो में, मैं कुछ पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहा था, तथा इसी वजह से मैं अपनी पढाई पर ध्यान केंद्रित कर पाने में अक्षम हो रहा था।

उस समय हमारे खेल अध्यापक अमित सर ने मुझे अपना निरंतर सहयोग प्रदान किया तथा मुझ पर अपना विश्वास बनाये रखा। इसका नतीजा यह हुआ कि मैं पूरी तरह से एक व्यवहारिक व्यक्तित्व वाले छात्र में परिवर्तित हो गया। इसके बाद से मैं पूरी तरह अपनी पढाई के प्रति समर्पित हो गया तथा अव्वल नम्बरों से मैंने अपने सेमेस्टर की परीक्षाएं उत्तीर्ण की। वास्तव में, सिर्फ अमित सर ही नही, इस कॉलेज के सभी अध्यापक छात्रों की समस्याओं को हमेशा गंभीरता से लेते हैं तथा उन्हें सुलझाने के लिए पूरे समर्पण के साथ प्रयास रत रहते हैं। 

इसके अलावा मैं अपनी कक्षा अध्यापिका श्रीमती रंजना गुप्ता जी को भी धन्यवाद ज्ञापित करना चाहूंगा। रंजना मैम बहुत ही दयालु ह्रदय वाली शिक्षिका हैं, तथा वे प्रत्यक्ष छात्र- छात्रा की समस्याओं के प्रति सदैव संवेदनशील रही हैं। उन्होंने हमेशा मुझे अलग से समय तथा सहायता प्रदान की है, उन्होंने मुझे हमेशा गृह कार्य सम्बंधित परियोजनाएं बनाने तथा अन्य कार्य करने के लिए उचित सलाह तथा मदद प्रदान की है। मैं उम्मीद करता हूँ कि आने वर्षों में सदैव ही छात्रों को उतनी ही विनम्रता तथा अपनत्व के साथ उनकी सहायता तथा सान्निध्य प्राप्त होता रहेगा। 

वास्तव में, सभी अध्यापक तथा अध्यापिकाएं, स्टाफ के सभी लोग तथा सभी छात्र, भले ही वह सीनियर हो अथवा जूनियर, सभी शुरुआत से ही मित्र स्वभाव वाले, ध्यान रखने वाले तथा सहयोग करने वाले रहे हैं। यहाँ पर बने यार प्यारे रिश्ते तथा लोगो से मन के जुड़ाव कुछ इस कदर बंध गये हैं, जो अब हमेशा के लिए हमारे दिलों में यादों के रूप में सहेजे रहेंगे।

जो दिन हमने यहाँ पर बिताए हैं, वे हम सबके लिए ही बहुत खास थे। उन दिनों को हम कभी भी भूल नही पाएंगे, हमारा कॉलेज हमे हमेशा बहुत याद आएगा। दरअसल मई अपने इस भाषण को विदाई समारोह का भाषण नही कहूंगा, क्योंकि यह कोई विदाई नही है हमारे लिए, यहाँ बिताए हर लम्हे, हर पल को हम अपने जीवन भर याद करेंगे तथा खुश होएंगे। 

आज इस विदाई के मौके पर हम अपनी कुछ शरारती यादों तथा खुराफातों को भी आपके साथ साझा करेंगे। ये वे यादें हैं जिन्हें हमने कॉलेज के हॉस्टल में वक्त बिताते हुए संजोया है। कई बार तो ऐसा होता था, कि वापस हॉस्टल आने में हमे देरी हो जाती थी। हम उस वक्त भूख से बेहाल होते थे, लेकिन फिर जैसे- तैसे हिम्मत करके वार्डेन सर को भूख लगने की बात बताते थे। तब सबसे पहले तो वार्डेन सर की खूब सारी डांट सुननी पड़ती थी, लेकिन फिर उसके बाद गरमा- गरम स्वादिष्ट नूडल्स खाने को मिल जाती थी। 

अब जब आज यहाँ कॉलेज में हमारा आखिरी दिन है, तब समझ आ रहा है कि जो जिंदगी हमने यहाँ पर इन चंद सालों में जी ली है, वो ज़िन्दगी अब कभी भी दोबारा जीने को नही मिलेगी। यहाँ बिताए हुए दिन हम कभी भी नही भूल पाएंगे, हम जहाँ भी जाएंगे, वो साये की तरह हमारे साथ रहेंगे। आगे की ज़िन्दगी में सब कुछ तो होगा, पर जैसी बेफिक्री, दोस्ती- यारी यहाँ कॉलेज में मिली थी वो अब कभी भी कहीं नही मिलेगी। यहाँ रहकर पता ही नही चला ये वक़्त इतनी जल्दी कैसे गुज़र गया। खैर अब वो वक़्त गुज़र गया है और हमारे ज़हन में अपनी मीठी- मीठी हज़ारों यादें छोड़ गया है। अब जीवन भर उन्हें ही याद करके मुस्कुराया करेंगे। 

अंत में, मैं फिर से यहाँ उपस्थित सभी लोगों को दिल से धन्यवाद कहना चाहूंगा, तथा अपने शिक्षकों को यह वचन देता हूँ कि आपकी दी गई शिक्षा, सीख तथा संस्कारों को हम अपनी आने वाली ज़िन्दगी में ज़रूर अपनाएंगे तथा कभी भी ऐसा अवसर नही आने देंगे जिससे कि कभी भी हमारी शिक्षा अथवा शिक्षकों पर सवाल खड़ा किया जाये। आप सबकी बहुत याद आएगी। 

आप सभी का बहुत शुक्रिया तथा आपके भविष्य के लिए मेरी तरफ से शुभकामनाएं स्वीकार करें।

स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, विद्यालय / कॉलेज / कार्यालय / कंपनी के लिए अन्य देशभक्ति दिवस के लिए धन्यवाद स्पीच स्क्रिप्ट का नमूना Thank You Speech for School & Colleges on Independence Day / Republic Day in Hindi

स्वतंत्रता दिवस / गणतंत्र दिवस के इस शुभ दिन पर, मुझे अपने स्कूल / कॉलेज / कार्यालय / कंपनी की ओर से धन्यवाद भाषण / प्रस्ताव देने का अवसर पाने के लिए बेहद गर्व महसूस होता है। मुझे भारत में जन्म लेने के लिए और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में बहुत गर्व महसूस हो रहा है, एक भारतीय होने के नाते यह हमारे कर्तव्य है कि हमें ऐसे गौरवशाली दिन मनाने चाहिए।

मैं आजादी के दिन / गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनने के लिए और दिन की महिमा करने के लिए आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं इस तरह के सुंदर आयोजन के लिए हमारे प्रधानाचार्य / विभाग के प्रमुख / बॉस को धन्यवाद देना चाहता हूं। आयोजन टीम, छात्रों, स्वयंसेवकों के लिए विशेष धन्यवाद, उनके बिना यह समारोह सफल नहीं हो सका। बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहूँगा। जय हिन्द! जय भारत!

शेयर करें

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.