डिप्रेशन दूर करने के 15 उपाय Ways to Prevent and Cure Depression in Hindi

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डिप्रेशन दूर करने के 15 उपाय Ways to Prevent and Cure Depression in Hindi, दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम डिप्रेशन को दूर हटाने के तरीकों के बारें में बात करेंगे।

डिप्रेशन दूर करने के 15 उपाय Ways to Prevent and Cure Depression in Hindi

डिप्रेशन होता क्या है? What is depression? 

दोस्तों सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि डिप्रेशन आखिर होता क्या है। डिप्रेशन एक प्रकार की बीमारी है जिसे हिंदी मे अवसाद कहा जाता है। डिप्रेशन के दौरान पीड़ित व्यक्ति बुरी तरह डिप्रेश हो जाता है और उसके सोचने समझने की शक्ति लगभग नकारात्मक रहती है।

दोस्तों इसके बाद वह व्यक्ति अपना मानसिक संतुलन तक खोने की कगार पर पहुंच जाता है। डिप्रेशन के शुरुआती लक्षणों में बेचैनी, घबराहट और बेवजह डरना शामिल है। डिप्रेशन जैसे जैसे आगे बढ़ता है, इसके लक्षण भी बढ़ते जाते हैं और इससे होने वाले नुकसान भी। डिप्रेशन पूरी तरह से एक मानसिक बीमारी है जिसका असर शारीरिक तौर पर भी देखा जा सकता है।

डिप्रेशन क्यों होता है? Why People get depressed?

डिप्रेशन पूरी तरह से एक मानसिक बीमारी होती है। इसी कारण इसका कारण भी मानसिक होता है। डिप्रेशन तब होता है जब कोई व्यक्ति अपने इच्छित कार्यों को करने मे असफल हो जाए या उसे बहुत बड़ा सदमा लगे। 

उदाहरण के तौर पर यह मान लीजिए कि कोई व्यक्ति A किसी परीक्षा की ताबड़तोड़ तैयारी करता है, यानी कि वह इस परीक्षा को किसी भी तरह बाद पास करना चाहता है। लेकिन किसी भी कारण वश वह यह परीक्षा नहीं निकाल पाता।

यहीं से डिप्रेशन की शुरुआत होती है। दरअसल वह व्यक्ति अपने लक्ष्य से इतनी बुरी तरह जुड़ चुका है कि वह इसमें असफल होने को मानसिक तौर पर बर्दाश्त नहीं कर पाया। 

डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण? Symptoms of depression? 

डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण निम्न हैं :- 

  • डिप्रेशन के दौरान सर दर्द काफी ज्यादा होता। 
  • ऐसे में नींद बिल्कुल नहीं आती। 
  • हर वक़्त ख्याल नकारात्मक रहते हैं। 
  • एक जगह बैठकर, दुबारा वहां से उठना काफी मुश्किल लगता है। 
  • अचानक से रोने लग जाते हैं। 
  • बेवजह की उदासी रहती है। 
  • खाने का बिल्कुल मन नहीं रहता। 
  • हर वक़्त एक मानसिक बोझ रहता है। 
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डिप्रेशन को दूर कैसे हटाएं? How to Prevent depression? 

डिप्रेशन को दूर हटाना काफी ज्यादा मुश्किल होता है। यदि एक बार यह आपसे जुड़ जाए तो इससे बचना काफी ज्यादा मुश्किल होता है। हालांकि यह एक मानसिक बीमारी है इस कारण इसे हटाने के लिए मानसिक तौर पर इलाज कराने की आवश्यकता होती है।

डिप्रेशन के बारे में आज के समय में ज्यादा जागरूकता नहीं है, इसलिए यदि डिप्रेश व्यक्ति चाहे तो वह खुद से ही अपना इलाज कर सकता है। इसके लिए उसे केवल कुछ मानसिक टेक्निक से गुजरना पड़ेगा। 

डिप्रेशन को हटाने के 15 तरीके नीचे बताएं गए हैं। इनमें से कुछ खुद किए जा सकते हैं, कुछ को करने के लिए अन्य व्यक्तियों की सहायता लेनी पड़ेगी। 

  1. तनाव से दूर रहें (Avoid stress) 
  2. गानें सुनें (Listen Songs) 
  3. कसरत करें (Exercise) 
  4. खान पान का ध्यान रखें (Diet) 
  5. देर तक सोएं (Sleep) 
  6. शराब और ड्रग्स से दूरी बनाएं (Avoid alcohol and drugs) 
  7. खुद को दोष देना बंद करें (Stop blaming yourself) 
  8. उकसावे में आएं (Avoid common triggers) 
  9. सकारात्मक रूप से कार्य करें (Work on positive attitude) 
  10. दुनिया से दुबारा जुड़ें (Reconnect) 
  11. अपने विश्वसनीय लोगों से बात करें (Talk to people you trust) 
  12. सहायता के लिए समूह से जुड़े (Join a support group) 
  13. बात करने की कोशिश करें (Try talking therapy) 
  14. अपनी अचीवमेंट याद रखें (Remember Your achievements) 
  15. डिप्रेशन को लौटकर आने दें (Stop Depression from a come back) 

आई जानते हैं डिप्रेशन को कैसे दूर करें ? – 15 बेहतरीन टिप्स 15 Best Tips to Prevent and Cure Depression in Hindi

तनाव से दूर रहें Avoid Stress

तनाव से दूर रहें। यह केवल डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति ही नहीं बल्कि लगभग हर व्यक्ति को करना चाहिए। दरअसल डिप्रेशन के शिकार हो रहे लोगों ने शुरुआती दौर में बहुत ज्यादा तनाव लिया था जिस कारण ऐसा हुआ। डिप्रेशन मानसिक बीमारी है जो सीधा मस्तिष्क से जुड़ी है।

यदि कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा तनाव से ग्रस्त रहता है तो वह डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। तनाव डिप्रेशन का शुरुआती लक्षण है और अगर शुरुआत में ही इससे बच लिया जाए तो डिप्रेशन वहीं रुक सकता है। 

गाने सुनें Listen Songs

डिप्रेशन या तनाव की अधिकता के दौरान गाने सुनना काफी ज्यादा कारगर साबित हो सकता है। एक स्टडी के दौरान यह पाया गया था कि यदि कोई व्यक्ति दिन में केवल एक घंटे भी गाने सुनता है तो उसे डिप्रेशन नहीं हो सकता। डिप्रेशन को रोकने के लिए एवं इससे बचने के लिए प्रेरणादायक गाने सुनें। 

कसरत करें Exercises

कसरत करना भी डिप्रेशन से बचने के लिए काफी ज्यादा सहायक होता है। कई बार डिप्रेशन की वजह खाद्य पदार्थों से शुरू होती है। आप लगातार अपने शरीर में असंतुलित वसा जमा करते रहेंगे, तो आपका तंत्रिका तंत्र सुस्त पड़ सकता है, जो सीधा आपके मस्तिष्क पर असर करता है। कसरत करने से शरीर में फुर्ती स्फूर्ति बनी रहती है और कसरत करने से आप असंतुलित वसा से भी निजात पा सकते हैं। 

खाने का ध्यान रखें Diet

डिप्रेशन के दौरान खाने पीने का ध्यान रखना काफी ज्यादा जरूरी है। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि विटामिन डी की कमी से ही डिप्रेशन को बढ़ावा मिलता है। यदि आप संतुलित आहार लेते हैं तो यह डिप्रेशन को रोकने में 80% तक सहायक होता है। संतुलित आहार मे भी यदि विटामिन डी की मात्रा अधिक रहे तो बेहतर है। 

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देर तक सोएं Sleep

डिप्रेशन बढ़ाने वाले कारकों में से एक नींद भी है। यदि आप पूरी नींद नहीं लेते हैं तो यह डिप्रेशन का कारण बन सकता है। डिप्रेशन से बचने के लिए कुल 6-8 घंटे तक की नींद रोज लें। सोने के दौरान यह ध्यान रखें कि आपका सोने का रूटीन रोज का एक जैसा ही रहना चाहिए।

गौरतलब है कि यदि आप किसी दिन जल्दी सोते हैं और किसी दिन देर से तो यह आपकी दो नींदों के बीच में एक अंतर बना सकता है। यह अंतर तनाव ही धीरे धीरे तनाव का कारण बन जाता है।

शराब और ड्रग्स से दूर रहें Avoid drugs and alcohol

शराब और ड्रग्स बुरे व्यसन है। सामान्य जीवन में उनसे जितनी हो सके उतनी दूरी बनाकर रखनी चाहिए, लेकिन यदि आप डिप्रेशन में हैं तो सख्ती से इनकी ओर देखें तक नहीं। गौरतलब है कि ये दोनों ऐसी वस्तुएं हैं जो आपको मानसिक तौर पर कमजोर कर देती हैं एवं इनका सीधा असर मस्तिष्क पर होता है।

यह आपकी तंत्रिका को कमजोर कर देती हैं और आपके मस्तिष्क को कुछ देर के लिए निष्क्रिय कर देती हैं। डिप्रेशन जैसी हालत में, जब आप पहले ही मानसिक तौर पर जूझ रहें हैं, ऐसे में ड्रग्स और शराब लेना आपको बहुत बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

खुद को दोष न दें Stop blaming yourself

दोस्तों कई बार ऐसा होता है कि कुछ चीजों से हम मानसिक तौर पर जूड़ जाते हैं। जैसे कुछ लोग अपने लक्ष्यों से मानसिक तौर पर जुड़ जाते हैं एवं उसके बाद उनके लिए ताबड़तोड़ मेहनत करते हैं

लेकिन कई बार ऐसा होता है कि भाग्य एवं अन्य कुछ परिस्थियों के कारण उन लक्ष्यों तक हम पहुंच नहीं पाते। ऐसी परिस्थिति में खुद को दोषी बिल्कुल भी मत ठहराएँ। ज़िन्दगी में मौकों की कभी कमी नहीं रहती एवं ऐसी कोई परिस्थिति नहीं होती जिससे उबरा नहीं जा सकता। किसी भी लक्ष्य को खुद से बड़ा न माने। 

उकसावे में न आएं Ignore triggers

दोस्तों कई बार आसपास के लोग भी डिप्रेशन को बढ़ाने में काफी सहायक होते हैं। वे आपको उकसाते हैं और चिढ़ातें हैं, ताकि आप मानसिक तौर पर कमजोर हो जाएं। ऐसा किसी भी स्तर पर हो सकता है और ये लोग कोई भी हो सकते हैं।

ऐसे लोगों से निबटने का एकमात्र तरीका यह है कि आप इनकी ओर ध्यान न दें। यदि आप उनके उकसावे में आते हैं तो आप वही कर रहे हैं जो वे लोग चाहते हैं। ऐसे लोग आपको उकसाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, लेकिन आपको यह समझना होगा कि आपकी मानसिक सेहत किसी भी उकसावे से ज्यादा महत्वपूर्ण है। 

सकारात्मक दिशा में कार्य करें Work on positive attitude

सकारात्मकता डिप्रेशन से लड़ने की सबसे बड़ी चाभी है। डिप्रेशन के दौरान सबसे पहले व्यक्ति अपनी आशाओं को खो देता है जिस कारण वह डिप्रेशन से घिरने लगता है। यदि डिप्रेशन के शुरुआती दौर में सकारात्मक रहा जाए तो डिप्रेशन का शिकार होने से बचा जा सकता है। डिप्रेशन से बचने के लिए हमेशा सकारात्मक दिशा में कार्य करें और जितना हो सकें सकारात्मक विचारों को सोचें। 

दुनिया से दुबारा जुड़ें Reconnect

डिप्रेशन से शिकार व्यक्ति अक्सर अकेले हो जाते हैं। वे दुनिया के लोगों से डरने लग जाते हैं। उन्हे सार्वजानिक जगहों पर जाने में घबराहट होती है, लेकिन यदि वे घबराएं न तो डिप्रेशन से खुद को बचा सकते हैं।

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यदि डिप्रेशन से निकलना है तो एकान्त से बचिए, जितना अधिक आप सार्वजानिक स्थलों पर उतना ही ज्यादा आप डिप्रेशन से दूर रहेंगे। वहां होने वाली गतिविधियों पर नज़र रखें, ऐसा करने से आपका मन बहलेगा जो कि काफी ज्यादा सहायक होगा। 

अपने विश्वसनीय लोगों से बात करें Talk to people you trust

डिप्रेशन के दौरान बात करने से डिप्रेशन से बचा जा सकता है। गौरतलब है कि यदि आप डिप्रेशन से जूझ रहे हैं तो कोशिश किजिए की अधिक से अधिक आप अपने विश्वसनीय लोगों के साथ समय बिता सकें।

ऐसा करने से आप अपनी समस्याएं साझा करने मे सफल हो जाएंगे, और उसके बाद आप मानसिक तौर पर काफी ज्यादा हल्के महसूस करेंगे। डिप्रेशन के दौरान अपने विश्वसनीय लोगों से किसी भी कीमत पर दूर जाना आपके जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव डाल सकता है। 

सहायक समूह से जुड़ें Join a support group

डिप्रेशन आज के समय में एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। युवा पीढ़ी इससे काफी ज्यादा ग्रसित है। ऐसे में लोगों को ठीक करने के लिए, अलग अलग जगहों पर सहायक समूह बनाए जाते हैं।

ऐसे सहायक समूह कई सारी गतिविधियों की मदद से लोगों की डिप्रेशन से उबरने में सहायता करते हैं। इन सहायक समूहों से जुड़कर, अपनी समस्या बताकर आप बहुत जल्दी डिप्रेशन से बच सकते हैं। 

बात करने की कोशिश करें Try talking therapy

डिप्रेशन के दौरान किसी से भी बात करने की इच्छा खत्म हो जाती है। लेकिन आपने यह देखा होगा कि सार्वजानिक स्थल पर या वह व्यक्ति जो बातचीत करता है व बातचीत करने में तेज़ होता है, वह कभी डिप्रेशन का शिकार नहीं होता।

दरअसल एक शोध के दौरान यह पाया गया है कि यदि आप सार्वजानिक क्षेत्र में अनजान लोगों से बातचीत करते हैं तो आप कभी भी डिप्रेशन का शिकार नहीं हो सकते। 

अपनी अचीवमेंट याद रखें Remember Your achievements

दोस्तों कई बार ऐसी परिस्थिति आती है, जब हम बिल्कुल निराश हो जाते हैं और हमें कोई भी रास्ता नज़र नहीं आ रहा होता है। ऐसे में हम खुद को अनुपयोगी और व्यर्थ समझने लग जाते हैं। हम मानसिक तौर पर अपनी छवि एक हारे हुए इंसान के रूप में बना लेते हैं। हिन्दी की एक प्रसिद्ध कहावत है-

“मन के हारे, हार है, मन के जीते, जीत”। 

यदि आप डिप्रेशन से बचना चाहते हैं तो याद रखिए कि आप अपनी ज़िन्दगी में क्या क्या हासिल किया है। उन्हे याद रखकर आपको हमेशा आत्मविश्वास प्राप्त होगा और आप कभी तनाव में नहीं आएंगे। आपको यह याद रखना है कि-

“मैंने किया है, मैं ही करूंगा”

डिप्रेशन को दुबारा आने से रोकें Stop Depression From Coming Back

डिप्रेशन को हटाने के पश्चात उसे दुबारा आने से रोकना काफी ज्यादा मुश्किल कार्य है। यदि आप एक बार डिप्रेशन के शिकार हो चुके हैं, तो आपके दूसरी बार डिप्रेश होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।

ऐसे मे डिप्रेशन से खुद को बचाए रखना बहुत ही ज्यादा कठिन है। लेकिन यदि आप डिप्रेशन से उबरने के बाद भी उपरोक्त सभी कदमों को दोहराते रहते हैं तो आप कभी भी डिप्रेशन के शिकार नहीं हो सकते। 

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