व्हाट्सएप्प की प्रेरणादायक कहानी WhatsApp Success Story in Hindi

व्हाट्सएप्प की प्रेरणादायक कहानी WhatsApp Success Story in Hindi

क्या आप WhatsApp Messenger की कहानी जानते हैं?
क्या आप जानते हैं WhatsApp कैसे बना?
क्या आप जानते हैं WhatApp को किसने बनाया था?

आज आपके इन्हीं सवालों के उत्तर व्हाट्सएप्प की इस प्रेरणादायक कहानी से आप जान पाएंगे। WhatsApp की कहानी हर एक व्यक्ति के जीवन में असफलता से सफलता के रस्ते(Bounce Back) को बताती है।

आपको चाहें जीवन में जितनी भी असफलता मिली हो या फिर आप जीवन में अब हार मान चुकें हों, मैं आपको गारंटी के साथ कह सकता हूँ कि यह कहानी पढने के बाद आपकी ज़िन्दगी बदल जाएगी। यह कहानी हमें सिखाती है कि अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जो लोग बार-बार मेहनत और कोशिश करते हैं उन्हें सफलता ज़रूर मिलती है।

व्हाट्सएप्प की प्रेरणादायक कहानी WhatsApp Success Story in Hindi

आप लोगों को पता तो होगा ही की आज के दिन में WhatsApp सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला Messenger App बन चूका है। आज के दिन में जो कोई भी सबसे पहले कोई Smartphone खरीदता है वह WhatApp को ही शायद अपने सबसे पहले अपने मोबाइल पर Install करता होगा। आज के दिन में शायद कुछ ही लोग जो Smartphone का उपयोग नहीं करते हैं वो WhatsApp का उपयोग नहीं करते हैं।

WhatsApp की शुरुवात साल 2009 में दो दोस्तों ब्रायन ऐक्टन और जेन कौम। ब्रायन ऐक्टन Yahoo! में इंजिनियर के पद पर काम करते थे और जेन कौम Woo Woo नमक हैकर ग्रुप में काम करते थे।

जेन कौम एक मध्यवर्गीय परिवार के थे। इनका जन्म 24 फरवरी, 1976 को यूक्रेन के एक छोटे से गाँव कीव में हुआ था। इनके पिता एक इमारतों के निर्माण कंपनी में काम करते थे। जेन कौम ने San Jose State University, California, अम्रीका से अपनी Computer Science और Maths में अपनी शिक्षा पूरी की थी। 1997 में जेन कौम भी Yahoo! में Infrastructure engineer का काम करने लगे।

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ऐक्टन का जन्म 17 फरवरी, 1972 को Michigan शहर में हुआ था। उनका बचपन Central Florida में गुज़रा। ऐक्टन ने साल 1994 में Stanford University से Computer Science की पढाई पूरी की थी। पढाई पूरी करने के बाद ऐक्टन Apple में Software Engineer का काम करने लगे और Adobe में भी बाद में काम किया। फिर इन्होने 1996 में Yahoo! में काम करना शुरू किया।

वहीँ Yahoo के Office में ब्रायन ऐक्टन और जेन कौम की पहले बार मुलाकात हुई। उन दोनों का अपने टेक्नोलॉजी क्षेत्र में अच्छा ज्ञान होने के कारण दोनों एक दुसरे के अच्छे दोस्त बन गए। करीब 10 साल काम करने के बाद उन दोनों ने Yahoo से नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया और 2007 में दोनों ने Yahoo की नौकरी छोड़ दी और खुद के बल पर कुछ नया करने में लग गए।

WhatsApp बनाने का Idea जेन कौम को पहले आया जब वो टीवी देख रहे थे। वो सोचने लगे की क्यों ना एक ऐसा App बनाया जाए जिसकी मदद से अपने दोस्तों को आसानी से कोई खबर पहुंचाई जा सके। साथ ही उसमें कोई खर्च भी ना हो। यह Idea जब कौम ने ऐक्टन को बताया तो ऐक्टन को कुछ दिनों तक यह Idea उतना अच्छा नहीं लगा पर वो बाद में मान गए।

उसके बाद ऐक्टन औ कौम जी-जान लगा कर App बनाने में लग गए। दोनों को Programming की अच्छी जानकारी थी जिसके कारन आखिरकार उन्होंने के App बना लिया। लेकिन उस App के शुरुवात के समय उन्हें बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। उन्हें इसके लिए शुरुवात में बहुत खर्च करना पड़ा था। पहले WhatsApp को जब को User सबसे पहले Install करने के बाद जो OTP Phones में जाते थे Koum के बैंक अकाउंट से वो पैसे कटते थे।

बहुत सारे प्रोब्लेम्स शुरुवाती WhatsApp के App में मिली जैसे Server या Message ना पहुंचे का प्रॉब्लम। बाद में तंग आकर कौम ने ऐक्टन से यहाँ तक कह दिया था कि क्यों ना WhatsApp के Project को छोड़ कर कोई और Project शुरू करें। तब ऐक्टन से कौम को समझाया की अगर वो इस समय WhatApp को छोड़ देंगे तो यह उनकी सबसे बड़ी गलती होगी। उसके बाद दोनों दोबारा WhatsApp के और Development में लग गए पर एक ऐसा समय आया जब उनके पास WhatsApp को आगे ले जाने के लिए एक भी पैसे नहीं थे।

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उन्होंने WhatsApp को आगे ले जाने के लिए दोबारा नौकरी का निर्णय लिए और सबसे पहले Facebook के Office गए वहां उन्हें Reject कर दिया गया। बाद में उन्होंने twitter और कई बड़ी कंपनियों में कोशिश किया पर उन्हें कहीं भी नौकरी नहीं मिला। साथ ही पैसे ना होने के कारण WhatsApp का काम भी ठीक से नहीं हो पा रहा था।

अंत में उन्होंने अपने दोस्तों से मदद लेने का सोचा और और अपने पुराने दोस्तों से संपर्क किया। उन्होंने अपे दोस्तों से मिलने के बाद WhatsApp के में उन्हें बताया और उनके सभी दोस्त उनकी मदद करने के लिए तैयार हो गए और उन्हें कुछ पैसे दिए। उसके बाद दोनों रात-दिन एक कर WhatsApp को develop करने में लग गए।

साल 2010 से 2014 तक WhatsApp के Users पुरे विश्व भर में फ़ैल गए। 2014 के अंत तक WhatsApp Users की गिनती 60 करोड़ से भी ज्यादा हो चुकी थी। उस समय WhatsApp इतनी तेज़ी से आगे बढ़ रहा था कि हर महीने इससे 2.5 करोड़ Users जुड़ने लगे थे। 2014 में जिस कंपनी Facebook ने उन्हें नौकरी देने के लिए मना कर दिया था उन्होंने ने ही (20 बिलियन अमरीकी डॉलर) यानी की 1 लाख करोड़ से भी ज्यादा में WhatsApp से भी ज्यादा में ख़रीदा।

आज दोनों ब्रायन ऐक्टन और जेन कौम उसी नौकरी के लिए मना कर देने वाली कंपनी के Share Holder हैं। आज भी पुरे विश्व में WhatsApp के ही सबसे ज्यादा Active Users हैं और दुसरे सभी Messenger Apps को यह App पीछे कर चूका है।

हमें यह WhatsApp की Story से सिखने को मिलता है कि चाहें जीवन में जितनी भी मुश्किलें आ जाएँ हमें नहीं रूकना चाहिए क्योंकि अगर आपके रास्ते में मुश्किलें हैं तो समझ जाएँ की आप सही रस्ते पर चल रहे हैं। अगर यह प्रेरणादायक कहानी अच्छी लगी हो तो अपने सोशल मीडिया पर ज़रूर शेयर करें।

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