एक छोटे बंदर की कहानी Small Monkey Story in Hindi

एक छोटे बंदर की कहानी Stay away from negative thoughts – Small Monkey Story in Hindi

नकारात्मक चीजें जीवन को बर्बाद कर देती हैं। आज हम आपको एक छोटे बंदर के कहानी के माध्यम से बताएँगे की कैसे नकारात्मक आदतें मनुष्य को असफलता और बर्बादी की ओर लेते जा रहा है।

एक छोटे बंदर की कहानी Small Monkey Story in Hindi – Stay Away from Negative thoughts

लेखक : प्रभात कुमार साहू (In Kosali Language – ଗୁଟେ ମାକ୍ଡ଼ ଛୁଆର କଥା ) गुटे मांकड़ छुआर कथा

रास्ते के कोने में एक पेड़ के निचे एक बंदर का बच्चा पड़ा हुआ था । जैसे ही मैंने उसके तरफ देखा वह मुझे बहुत ही दुःख भरे नज़रों से देखने लगा। उसके शरीर में कई जगह चोट लगने के कारण खून निकल रहा था । यह देख कर मुझे बहुत दुख लगा। मैं उसे उस पेड़ के निचे से उठा कर अपने घर ले आया । जल्द इलाज के कारण वह बन्दर का बच्चा जल्द ही ठीक हो गया ।

ठीक होने के बाद वह अच्छे से खेलने कूदने लगा तो मैंने सोचा अब उसे छोड़ने का समय आ गया है । दुसरे ही दिन मैं उसे उसी पेड़ के निचे छोड़ आया जिस जगह से उसे उठा के लाया था । पर वह बंदर जंगल की तरफ न जा कर दुबारा पीछे-पीछे मेरे घर आगया ।

हो सकता है ! उसके प्रति मेरे सेवा और मदद को वह भूल नहीं पा रहा था । मेरे प्रति उसके प्रेम को देखकर मैंने उसे अपने घर में रख लिया । वह छोटा बन्दर दिन भर इधर-उधर घूमता रहता था कभी इस गाँव तो कभी उस गाँव और रात को हमारे घर में सोता था ।

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सब कुछ ठीक-ठाक से चल रहा था । लेकिन मैंने देखा की धीरे-धीरे उस बन्दर का स्वाभाव बदल गया था । एक दिन मैंने देखा वह बन्दर एक शराब की बोतल को उठा कर घर में ले आया है । दुसरे दिन मैंने देखा कि वह एक जले हुए सिगरेट (cigarette) के टुकड़े को मुह में लेकर आया है । मैं यह देखकर सहता रहा कि बन्दर अपने आप सुधर जायेगा ।

पर मेरा यह सोचना एक दम गलत था कि वह सुधर जायेगा क्योंकि दिन ब दिन उसका स्वभाव् बिगड़ते ही चला जारहा था । जब मेरे सहने की सीमा समाप्त हो गयी तो मैंने उसपे हाँथ उठा दिया । पर उस छोटे बन्दर ने मेरे बात को मानाने के बजाये मुझपर झपट्टा मारकर खून निकाल दिया और शहर की तरफ भाग गया ।

बन्दर के इस नीच स्वभाव को देख कर कुछ लोग हक्का बक्का रह गए । लेकिन उसके इस दुर्व्यभार से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि अब वह बन्दर हो कर नहीं रह गया था , वह तो पूरी तरीके से मनुष्य या इंसान बन चूका था ।

कहानी से शिक्षा Moral

हमें इस बन्दर की कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि मनुष्य को हमेशा बुरी संगती से दूर रहना चाहिए, अच्छे विचार तथा सकारात्मक सोच(positive thoughts) को अपने भीतर उत्पन्न करना चाहिए क्योंकि मनुष्य के आस पास बहुत सारे नकारात्मक चीजें हैं और कभी भी इन्सान के ऊपर हावी हो सकतीं हैं ।

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